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एमपी के इस जिले में पेट्रोल डीजल खत्म, स्टॉक खत्म के लगे पोस्टर

दमोह मध्य प्रदेश: दमोह जिले में पेट्रोल और डीजल की कमी से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शहर सहित जिले के 20 से अधिक पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल का स्टॉक लगभग खत्म हो गया है, जिससे वाहन चालकों को इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। पिछले कुछ दिनों से मध्यप्रदेश के कई शहरों में पेट्रोल पंप पर भीड़ देखी जा रही है। ऐसा बताया जा रहा था कि यह भीड़ पेट्रोल, डीजल खत्म हो जाने की अफवाह की वजह से है। लेकिन दमोह में तो हकीकत में पेट्रोल डीजल की किल्लत शुरू हो गई है।

जेल विभाग के पेट्रोल पंप पर भी बड़ी संख्या में लोग अपनी गाड़ियां लेकर पहुंचे थे। सहायक जेल अधीक्ष ने बताया कि उनके पास अभी पर्याप्त स्टॉक है, लेकिन यदि लोग अफवाहों के चलते इसी प्रकार भीड़ में आते रहे तो उनके यहां भी स्टॉक खत्म हो सकता है। वहीं दूसरी ओर पुलिस विभाग का पेट्रोल पंप बुधवार रात से ही बंद है, क्योंकि वहां डीजल और पेट्रोल की आपूर्ति खत्म हो गई है। अधिकारियों के अनुसार, शाम तक टैंकर आने पर आपूर्ति फिर से शुरू होने की उम्मीद है।

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जानकारी के अनुसार दमोह शहर के टंडन पेट्रोल पंप, कन्हैया पेट्रोल पंप, जेल पेट्रोल पंप, पुलिस पेट्रोल पंप सहित नरसिंहगढ़ क्षेत्र के तीन पेट्रोल पंपों पर ईंधन का स्टॉक समाप्त हो गया है। इसके अलावा रामा राम पेट्रोल पंप, नायरा पेट्रोल पंप, मां वैष्णव पेट्रोल पंप (मुक्तिधाम चौराहा), साहू तिगड़ा के आगे स्थित पेट्रोल पंप और सिंगपुर पेट्रोल पंप समेत कई अन्य पेट्रोल पंपों पर भी पेट्रोल-डीजल उपलब्ध नहीं है।

ईंधन की कमी के कारण वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई लोग पेट्रोल पंपों पर पहुंचने के बाद खाली हाथ लौट रहे हैं। वहीं पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि सप्लाई में देरी के कारण यह स्थिति बनी है। नई खेप आने के बाद ही स्थिति सामान्य होने की उम्मीद जताई जा रही है।

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पंजाब का आप विधायक एमपी से गिरफ्तार, रेप के मामले में 7 महीने से था फरार

शिवपुरी मध्यप्रदेश: मध्यप्रदेश से देश की राजनीति की एक बड़ी खबर निकल कर आ रही है। खबर पंजाब के विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा से जुड़ी हुई है, जिन्हें एमपी से गिरफ्तार किया गया है। वे करीब 7 माह से फरार चल रहे थे। एक रेप केस में पुलिस उनकी तलाश में जुटी थी। एक महिला ने उन पर यौन शोषण, धमकाने और अश्लील सामग्री भेजने का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत की थी। इसके बाद से ही आम आदमी पार्टी (AAP) विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा गायब हो गए। बुधवार को उन्हें एमपी के शिवपुरी से पकड़ा गया है। जानकारी के अनुसार पंजाब पुलिस ने विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा को एक कार में पकड़ा। उन्हें गिरफ्तार कर पंजाब ले जाया गया है।

हरमीतसिंह पठानमाजरा सनौर के विधायक हैं। वे आम आदमी पार्टी से पहली बार विधायक बने हैं। पठानमाजरा के खिलाफ पिछले साल 1 सितंबर को पटियाला के सिविल लाइंस पुलिस थाने में दुष्कर्म का केस दर्ज कराया गया था। ज़ीरकपुर की एक महिला ने यह शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस में केस दर्ज होने की भनक लगते ही विधायक हरमीतसिंह पठानमाजरा फरार हो गए। पंजाब पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए हरियाणा के करनाल पहुंची थी तो पुलिसकर्मियों पर पथराव किया गया और गोलियां भी चलाई गईं।

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पटियाला पुलिस को सूचना मिली कि विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा एमपी में हैं। वे अपने कुछ साथियों के साथ कार से कहीं जा रहे हैं। सूचना मिलते ही पटियाला पुलिस सक्रिय हुई और शिवपुरी के पास से विधायक हरमीतसिंह पठानमाजरा को गिरफ्तार कर लिया। 6 महीने से फरार चल रहे विधायक को दो साल पुराने रेप केस में पटियाला पुलिस ने आखिरकार दबोच लिया। विधायक हरमीत पठानमाजरा को ग्वालियर-शिवपुरी बायपास से गिरफ्तार किया गया है। वे अपने समर्थकों के साथ सफेद रंग की स्कॉर्पियो से कहीं जा रहे थे। पुलिस उन्हें लेकर पटियाला चली गई है।

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AC कोच के टॉयलेट में सांप की खबर से मचा हड़कंप, जांच में निकली अफवाह

कटनी मध्य पदेश: कटनी मुड़वारा रेलवे स्टेशन पर मंगलवार देर रात उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक्सप्रेस ट्रेन के एसी कोच के टॉयलेट में सांप होने की खबर फैल गई। सूचना मिलते ही यात्रियों में डर का माहौल बन गया। बताया जा रहा है कि ट्रेन नंबर 12549 दुर्ग-उधमपुर एक्सप्रेस के एसी कोच के टॉयलेट में सांप दिखने की सूचना यात्रियों को मिली। इसके बाद घबराए यात्रियों ने एहतियात के तौर पर टॉयलेट का दरवाजा रस्सी से बांध दिया, ताकि कोई भी यात्री अंदर न जा सके। जैसे ही ट्रेन कटनी मुड़वारा स्टेशन पहुंची, पहले से सतर्क आरपीएफ और जी आर पी सर्प विशेषज्ञों की टीम मौके पर मौजूद थी।

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टीम ने तुरंत एसी कोच के टॉयलेट का दरवाजा खुलवाकर सघन जांच शुरू की। करीब से जांच करने पर टॉयलेट या बोगी में कहीं भी सांप नहीं मिला। पूरी ट्रेन की बारीकी से तलाशी लेने के बाद भी कोई सांप नहीं दिखाई दिया।“सांप की सूचना मिलने पर तुरंत सर्प विशेषज्ञ को बुलाया गया था। बोगी की पूरी तरह जांच की गई, लेकिन कहीं भी सांप नहीं मिला। इसके बाद ट्रेन को सुरक्षित आगे रवाना कर दिया गया। जिसके बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली। हालांकि, इस घटना ने कुछ देर के लिए ट्रेन में दहशत का माहौल जरूर बना दिया।

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पूरी घटना के बाद चर्चा यह भी चल रही है कि शायद शाम था ही नहीं और किसी ने अफवाह फैलाई है। इसी बीच जिस व्यक्ति ने एसी कोच के टॉयलेट में सांप देखा था, वह किसी के सामने नहीं आया है, लेकिन जिस तरह से लोगों में हड़कंप मचा था, उसको देखकर लगता था कि वास्तव में किसी ने सांप नहीं देखा, लेकिन आखिरी में पूरी गहन जांच के बाद जब कहीं साँप नहीं दिखाई दिया तो कुछ लोग यह मानकर चल रहे हैं कि सांप शायद निकल कर पटरियों से बाहर चला गया होगा। या कुछ लोग यह भी चर्चा कर रहे हैं कि शायद किसी व्यक्ति ने अफवाह फैलाई हो।

25 साल की पड़ोसन के लिए डॉक्टर ने की पत्नी की हत्या, माचिस की तीली ने खोला राज!

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सागर मध्य प्रदेश: सागर जिले में डॉक्टर की पत्नी की कार में जलने से मौत हादसा नहीं, हत्या थी। पुलिस जाचं में यह साफ हो गया है। आरोपी पति डॉ. नीलेश पटेल ने 38 वर्षीय पत्नी सीमा कुर्मी को गला दबाकर मारा और फिर इसे हादसा दिखाने के लिए कार में आग लगा दी। आरोपी डॉक्टर के 25 साल की लड़की से अवैध संबध थे, जिसे लेकर ही उसने पत्नी को मौत के घाट उतार दिया। मामले के खुलासे के बाद पुलिस ने डॉ. नीलेश पटेल को मुख्य आरोपी बनाते हुए उसके दो सहयोगियों को भी गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस की पूछताछ में आरोपी पति डॉ. नीलेश पटेल कबूल किया कि उसका पड़ोस में रहने वाली 25 साल की युवती से प्रेम प्रसंग चल रहा था। इस अवैध संबंध की जानकारी उसकी पत्नी सीमा को लग गई थी, जिसके बाद से दोनों के बीच लगातार विवाद हो रहे थे। इससे परेशान होकर उसने पत्नी को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। पुलिस के अनुसार, 20 मार्च शुक्रवार की रात डॉ. नीलेश ने पहले पत्नी सीमा का गला दबाकर हत्या की. जिसे छिपाने के लिए उसने हादसे का रूप देने के लिए सोची-समझी साजिश रची।

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इसके बाद डॉ. नीलेश पटेल ने पुलिस को सचूना दी कि उसकी कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई और सीएनजी किट में विस्फोट होने से उसमें आग लग गई। हादसे में उसकी पत्नी की मौत हो गई। हालांकि, पुलिस को शुरुआत से ही इस कहानी पर संदेह था। मौके का निरीक्षण और फॉरेंसिक जांच के दौरान कई ऐसे तथ्य सामने आए, जिन्होंने पुलिस की शंका को और गहरा कर दिया।

पुलिस की जांच में सामने आया कि कार की अपेक्षा मृतका का शव अधिक बुरी तरह जला था, जो सामान्य दुर्घटना के मामलों से मेल नहीं खाता था। इसके साथ ही पुलिस को बारीकी से जांच करने पर माचिस और तीली भी घटनास्थल पर मिली। और कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए यहीं से पुलिस जब आगे बढ़ी तो यह स्पष्ट हो गया कि कार में आग बाद में लगी है।पहले मृतका के शरीर को जलाया गया है। इसके अलावा आरोपी लगातार अपना बयान बदल रहा था। साथ ही, सीमा के परिजनों ने भी नीलेश पर शक जताया था। उन्होंने भी पुलिस से कहा था कि डॉ. नीलेश का किसी महिला के साथ अवैध संबंध है, जिसके चलते उन्हें बेटी की हत्या का शक है। और पुलिस की जांच के बाद यह शक हकीकत में बदल गया। और पुलिस ने जब सख्ती से पूछताछ की तो आरोपी ने पत्नी की हत्या का राज उगल दिया।

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एसएएफ के पुराने क्वॉर्टर में आरक्षक ही चलवा रहे थे जुए का अड्डा

ग्वालियर मध्य प्रदेश: वर्दी को बदनाम करने वाले तमाम घटनाएं आपने सुनी होंगी, अब ऐसी ही एक हैरान करने वाली घटना ग्वालियर से सामने आ रही है, जहां वर्दी के रोग के आड़ में सरकारी क्वार्टर में ही दो आरक्षक जुए का अड्डा संचालित कर रहे थे। वे इतने बेखौफ थे कि खुलेआम जुए का अड्डा चला रहे थे और इस अड्डे पर आए जुआरियों को रौब के साथ दंभ भरते हुए विश्वास दिलाते थे कि यहां मजे से खेलो यहां कोई नहीं आ सकता, पुलिस भी नहीं आ सकती। और वर्दी की आड़ में वर्दी की गरिमा को तार तार करते हुए, इन दो आरक्षकों ने कानून का तमाशा बना दिया।

मामला ग्वालियर की एसएएफ बटालियन का है। लंबे समय से ग्वालियर एसपी धर्मवीर सिंह यादव को सूचना मिल रही थी कि एसएएफ की चौदहवीं बटालियन के पुरानी सरकारी आवास में जुए का अड्डा चल रहा है। और यहां रोज धड़ल्ले से जुआ चलता है और यह अड्डा कोई और नहीं बल्कि एसएएफ के दो आरक्षक ही संचालित कर रहे हैं। एसपी ग्वालियर ने क्राइम ब्रांच को मामला देकर पूरी तफ्तीश करवाई और पुख्ता सबूत मिलने पर दबिश की तैयारी की।

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एसपी ग्वालियर के निर्देश पर क्राइम ब्रांच की टीम और कम्पू थाना पुलिस ने जब संयुक्त रूप से एसएएफ के पुराने क्वार्टर पर दबिश दी तो वहां भगदड़ मच गई, लेकिन पुलिस ने पीछा कर सभी जुआरियों को पकड़ लिया। केवल एक युवक भागने में कामयाब रहा। यह जुए का अड्डा एसएएफ का आरक्षक धीरेंद्र सिंह चौहान संचालित करवा रहा था और एक और आरक्षक मलखान सिंह इसका साथ दे रहा था। पुलिस ने इन दोनों आरक्षकों के साथ दस जुआरियों को गिरफ्तार किया है।कार्रवाई होने के बाद इन दोनों आरक्षकों को निलंबित कर दिया गया है।

पकड़े गए आरक्षकों के बारे में वहां जुआ खेल रहे लोगों ने पुलिस को बताया की लंबे समय से वहाँ जुआ खेल रहे हैं। धीरेंद्र सिंह चौहान यह अड्डा चलाता है।उसने एक व्हाट्सएप ग्रुप बना रखा है जहां से वह लोगों को जोड़ता है।कमीशन के रूप में वह हर दिन पाँच हज़ार रुपये कमाता है। वहां जुआ खेलने आने वाले लोगों को आरक्षक विश्वास दिलाता था कि यह जगह सुरक्षित है, यहां कोई नहीं आ सकता।पुलिस भी नहीं आ सकती।बेखौफ होकर यहां जुआ खेलो।

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पुलिस कार्रवाई में कुल दस लोगों को पकड़ा गया है। दूसरी बटालियन के आरक्षक धीरेंद्र सिंह चौहान को ₹25000 के साथ 13वीं बटालियन के आरक्षक मलकहन सिंह को ₹35000 के साथ पुरुषोत्तम कुमार घासमंडी को ₹40000 के साथ अशोक कुशवाह, सैनिक कॉलोनी को ₹30000 के साथ सत्येंद्र गुप्ता महलगांव को ₹35000 के साथ राजेश गुप्ता महलगांव को ₹30000 के साथ सुनील तोमर सैनिक कॉलोनी बीस हजार रुपए के साथ राहुल यादव हाथियापौर, अठारह हजार रुपए के साथ भूरा सिंह सागरताल को तीस हजार रुपये के साथ और सचिन बदनापुरा को सैंतीस हजार रुपये के साथ गिरफ्तार किया गया है।

वर्दी की आड़ में कानून से खेलने का शौक इन दोनों आरक्षकों को अब भारी पड़ गया है।दोनों को गिरफ्तार तो किया ही है साथ में दोनों की नौकरी भी चली गई है। दोनों को निलंबित किया गया है और अब दोनों पर विभागीय जांच भी बिठाई गई है।पुलिस ने इस कार्यवाही में दस लोगों से नो मोबाइल फोन बरामद किए हैं और साथ ही लगभग तीन लाख रुपए कैश बरामद किया है।

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भोपाल RGPV कैंटीन के खाने में निकली छिपकली, मामला छिपाने स्टाफ खा भी गया!

भोपाल मध्य प्रदेश: भोपाल में स्थित राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV University) एक बार फिर सुर्खियों में है, जहां कैंपस की मुख्य कैंटीन को लेकर छात्रों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। दावा किया जा रहा है कि परोसे गए खाने में एक मरी हुई छिपकली मिली। छात्र मरी हुई छिपकली वाला खाना लेकर कैंटीन संचालक के पास तक पहुंचे थे, लेकिन कैंटीन संचालक यह मानने को तैयार ही नहीं कि यह छिपकली है और संचालक ने अपनी बात को साबित करने के लिए वह टुकड़ा शिमला मिर्च कहते हुए निगल लिया। जिसके बाद पूरे परिसर में हड़कंप मच गया। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

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बताया जा रहा है कि 18 मार्च की रात कुछ छात्र कैंटीन में डिनर कर रहे थे। उन्हें दाल, रोटी, चावल और शिमला मिर्च की सब्जी दी गई थी। खाना खाते समय एक छात्र को सब्जी का स्वाद असामान्य लगा। जब उसने ध्यान से देखा, तो उसमें एक संदिग्ध वस्तु दिखाई दी, जिसे छात्र छिपकली बता रहे हैं। यह देखते ही अन्य छात्र भी सतर्क हो गए और तुरंत कैंटीन स्टाफ को इसकी सूचना दी।

मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब कैंटीन कर्मचारी ने उस टुकड़े को छिपकली मानने से इनकार कर दिया। छात्रों के मुताबिक, कर्मचारी ने उसे शिमला मिर्च बताते हुए खुद खाकर दिखाया। इस पूरी घटना को वहां मौजूद छात्रों ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

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इस घटना के बाद छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई और कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि कैंटीन की गुणवत्ता और साफ-सफाई को लेकर पहले भी कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन सुधार के ठोस कदम नहीं उठाए गए। छात्रों ने वाइस चांसलर को ज्ञापन सौंपकर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

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इंस्टाग्राम पर हाईटेक सेक्स रैकेट, हैरान करने वाला खुलासा

मुरादाबाद उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में पुलिस ने एक बड़े सेक्स रैकेट का खुलासा करते हुए सनसनी फैला दी। शहर के व्यस्त बुधबाजार इलाके में स्थित एक होटल में देर रात छापेमारी कर पुलिस ने तीन युवतियों सहित कुल 14 लोगों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस पूछताछ में जानकारी मिली कि यह पूरा सेक्स रैकेट इंस्टाग्राम पर लड़कियों से संपर्क कर और वहीं पर ग्राहकों को बुक कर चलाया जा रहा था।

होटल के कमरों में आपत्तिजनक हालत में मिले युवक-युवतियां
पुलिस को मिली गुप्त सूचना के आधार पर जब टीम ने होटल में दबिश दी, तो कमरा नंबर 102, 104 और 105 में युवक-युवतियां आपत्तिजनक स्थिति में पाए गए। मौके पर ही पुलिस ने सभी को हिरासत में ले लिया। इस दौरान होटल के अन्य कमरों की भी जांच की गई, जिसमें कई संदिग्ध गतिविधियों के संकेत मिले।

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दिल्ली और गोरखपुर से बुलाई गई थीं युवतियां
पुलिस जांच में सामने आया कि पकड़ी गई युवतियां दिल्ली और गोरखपुर से लाई गई थीं। पूछताछ में उन्होंने बताया कि होटल के मैनेजर ने उन्हें संपर्क कर मुरादाबाद बुलाया था। युवतियों ने यह भी खुलासा किया कि उन्हें लालच देकर बुलाया गया और उनकी इच्छा के विरुद्ध कई ग्राहकों के साथ संबंध बनाने के लिए मजबूर किया जाता था। ग्राहकों को जुटाने के लिए यह सेक्स रैकेट इंस्टाग्राम का प्रयोग कर रहा था।

पूछताछ के दौरान होटल मैनेजर ने कबूल किया कि वह यह पूरा धंधा होटल मालिक के निर्देश पर चला रहा था। इस अवैध कारोबार से होने वाली कमाई दोनों के बीच बराबर बांटी जाती थी। पुलिस ने होटल मालिक को भी इस मामले में नामजद किया है, जो फिलहाल फरार बताया जा रहा है और उसकी तलाश जारी है।

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कलयुगी पुत्र की दरिंदगी: जिस माँ ने जन्म दिया, उसी के गले में कस दी मौत की डोरी

डबरा: मध्यप्रदेश: पिछोर की यह घटना इंसानियत को अंदर तक झकझोर देने वाली है, जहां एक बेटे ने ही अपनी मां के जीवन की डोर को बेरहमी से तोड़ दिया। जिस मां ने अपने बच्चे को जन्म दिया, उसे पाल-पोसकर बड़ा किया, उसी मां की जिंदगी उसके ही बेटे के हाथों इस कदर खत्म हो जाएगी, शायद किसी ने सोचा भी नहीं होगा। यह सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि रिश्तों, संस्कारों और मानवता की एक साथ हुई निर्मम हत्या है।

20 मार्च की रात पिछोर कस्बे के बड़ा बाजार, हिंगलाज माता मंदिर के पास रहने वाली वृद्ध महिला लक्ष्मी रजक अपने ही घर में मृत अवस्था में मिलीं। शुरुआत में यह एक सामान्य संदिग्ध मौत लग रही थी, लेकिन जैसे-जैसे परतें खुलती गईं, एक भयावह सच्चाई सामने आती गई। घर के अंदर दुकान में फर्श पर पड़ी मां के गले में कसकर बंधा स्टोल इस बात की गवाही दे रहा था कि यह मौत सामान्य नहीं थी।

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सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, घटनास्थल को सुरक्षित किया गया और हर पहलू से जांच शुरू की गई। “लास्ट सीन” थ्योरी, आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच और चश्मदीद गवाहों के बयान इस मामले की कड़ी दर कड़ी जोड़ते चले गए। पुलिस को जल्द ही शक घर के ही सदस्य, बेटे संजय रजक पर गया, जो घटना के समय आसपास मौजूद था और शराब के नशे में पाया गया।
जांच में सामने आया कि संजय रजक लंबे समय से शराब का आदी था और आए दिन अपनी मां से झगड़ा करता था। संपत्ति को लेकर विवाद, घर के अंदर तनाव और पारिवारिक कलह ने धीरे-धीरे इस रिश्ते को जहर से भर दिया था। घटना वाली रात भी विवाद ने उग्र रूप ले लिया। गुस्से में अंधा होकर बेटे ने पहले अपनी मां को जोर से जमीन पर पटक दिया, जिससे वह घायल हो गईं। इसके बाद भी उसका गुस्सा शांत नहीं हुआ और उसने अपनी ही मां के गले में उनके पहने हुए स्टोल को कस दिया, जब तक कि उनकी सांसें थम नहीं गईं।

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इस दौरान मौजूद चश्मदीद गवाह ने जब बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो आरोपी ने उसे भी जान से मारने की धमकी दी। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी ने मामले को छिपाने और पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन सच ज्यादा देर तक छिप नहीं सका।
पुलिस ने जब वैज्ञानिक साक्ष्यों, गवाहों के बयान और परिस्थितियों के आधार पर आरोपी से सख्ती से पूछताछ की, तो वह टूट गया और अपना गुनाह कबूल कर लिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी यह साफ हो गया कि महिला की मौत गला घोंटने से हुई है, जिससे हत्या की पुष्टि हो गई।
इस पूरे मामले के खुलासे में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (देहात) जयराज कुबेर की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिन्होंने शुरुआत से ही इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए। वहीं पिछोर थाना प्रभारी शिवम राजावत की सक्रियता, सतर्कता और लगातार मेहनत के चलते पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर इस अंधे कत्ल का पर्दाफाश कर दिया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

यह घटना सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं है, बल्कि पूरे समाज के लिए एक चेतावनी है कि जब रिश्तों में संवाद खत्म हो जाता है और नशा, क्रोध व स्वार्थ हावी हो जाते हैं, तो परिणाम कितने भयावह हो सकते हैं। आज हर व्यक्ति के मन में यही सवाल उठ रहा है कि आखिर एक बेटा इतना निर्दयी कैसे हो सकता है।
ईश्वर से यही प्रार्थना है कि दिवंगत मां की आत्मा को शांति प्रदान करें और समाज को ऐसे कृत्यों से दूर रहने की सद्बुद्धि दें। साथ ही यह भी आवश्यक है कि ऐसे अपराध करने वालों को कठोरतम सजा मिले, ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह रिश्तों को कलंकित करने की हिम्मत न कर सके।

भरत रावत, संवाददाता, डबरा का विशेष आलेख

मधुमक्खी के जानलेवा हमले में 24 भेड़ों की मौत

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शाजापुर: मध्यप्रदेश: मधुमक्खी के काटने से भेड़ों की मौत का यह मामला आपको हैरान कर सकता है। यह हकीकत सामने आ रही है अवंतिपुर बड़ोदिया थाना क्षेत्र के तिलावद मैना पुलिस चौकी क्षेत्र से जहां ग्राम सलकनखेड़ी में मधुमक्खियों के हमले से 24 भेड़ों की मौत हो गई। घटना में राजस्थान का एक चरवाहा भी घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए सीहोर रेफर किया गया है। मृत भेड़ें मौके पर ही पड़ी हुई हैं। घायल चरवाहे की पहचान हरतीगा राम पिता रूपा जी देवासी के रूप में हुई है, जो मूल रूप से ग्राम काम्बा, तहसील आहोर, जिला जालौन का निवासी है। वह अपने तीन अन्य साथियों के साथ मध्य प्रदेश में 350 भेड़ें लेकर आया था। उसके एक साथी नाथा जी को भी चोटें आई हैं।

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तिलावद पुलिस चौकी की सूचना पर पशु चिकित्सक मौके पर पहुंचे और मृत भेड़ों का पोस्टमार्टम किया। चौकी प्रभारी घनश्याम बैरागी ने बताया कि सूचना मिलते ही मौका मुआयना कर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की गई। चरवाहा हरतीगा राम ने बताया कि वे तीन महीने से अपनी भेड़ों के साथ मध्य प्रदेश में हैं। यह उनके लिए दूसरी बड़ी त्रासदी है। इससे पहले 25 फरवरी को मैना के साप्ताहिक बाजार से खरीदी गई मिलावटी हल्दी खिलाने के बाद उनके समूह की 220 भेड़ों की मौत हो गई थी। घटना ने चरवाहा समूह को भारी नुकसान पहुंचाया है। हरतीगा राम ने प्रशासन से मुआवजे की गुहार लगाई है।

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1cr हवाला रुपयों में डील पुलिस को पड़ी भारी, चार पुलिसकर्मी के बाद एसपी की भी छुट्टी!

गुना मध्यप्रदेश: गुना में हुए हवाला नोट कांड में cm डॉ मोहन यादव ने सख्त रुख अपनाते हुए गुना sp अंकित सोनी को हटाने के निर्देश दिए हैं cm ने x पर पोस्ट कर जानकारी दी है और एक स्पष्ट संदेश दिया है cm ने पोस्ट पर सख्त संदेश देते हुए कहा है कि किसी भी स्तर पर प्रशासनिक लापरवाही अनियमितता स्वीकार नहीं होगी दोषियों पर कठोर कार्यवाही आगे भी जारी रहेगी।

गुना की रूठियाई चौकी पर यह पूरा मामला घटित हुआ था जहां 20 मार्च रात गुजरात पासिंग एक स्कार्पियो गाड़ी एक करोड़ करीब नगदी की बड़ी रकम लेकर जा रही थी जिसे रूठियाई चौकी पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने रोका गाड़ी ओर नगदी गुजरात के जीरा व्यापारी की बताई जा रही है नगदी के बारे में स्पष्ट जवाब नहीं देने पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने 20 लाख लेकर गाड़ी को छोड़ा गया था।

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मध्यप्रदेश के गुना जिले में बहुचर्चित ‘नोटकांड’ मामले में पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। गुना एसपी अंकित सोनी ने धरनावदा थाना प्रभारी एसआई (SI) प्रभात कटारे सहित चार पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
निलंबित होने वाले पुलिसकर्मियों में साजिद हुसैन (ASI), देवेंद्र सिंह सिकरवार (प्रधान आरक्षक), सुंदर रमन (आरक्षक) शामिल हैं। प्रारंभिक जांच के दौरान इन चारों पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई थी, जिसके बाद एसपी ने यह कड़ा निर्णय लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी (DIG) अमित सांघी स्वयं इस पूरे घटनाक्रम की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि डीआईजी अमित सांघी ने देर रात तक संबंधित पुलिसकर्मियों से कड़ी पूछताछ की है।

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डीआईजी अमित सांघी ने स्पष्ट किया था कि इस मामले में केवल निलंबन ही काफी नहीं है, बल्कि एक विस्तृत और गहन जांच (Detailed Investigation) के आदेश भी दे दिए गए हैं। उन्होंने कहा, “इस मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच की जरूरत है ताकि सच्चाई सामने आ सके।” नोट कांड की जानकारी जैसी ग्वालियर रेंज के वरिष्ठ अधिकारियों को लगते ही dig अमित सांघी ने मामले की जांच का मोर्चा संभाला ओर नोट कांड में शामिल 1 थाना प्रभारी सहित 4 अन्य पुलिस कर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया था मामले के बाद से पुलिस की छवि काफी धूमिल हुई कही न कही पुलिस की साख बचाने अब सख्त कार्यवाही करते हुए गुना sp अंकित सोनी को हटाने के निर्देश दिए गए हैं।