कानपुर उत्तर प्रदेश: मध्य प्रदेश में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की मौत के बाद अब मधुमक्खियों के काटने से एक और मौत हो गई है। पिछले कुछ समय में मधुमक्खियों के जानलेवा हमलों की खबरें अचानक से बढ़ गई हैं। कई जगह पर इस तरह के हमलों की घटना देखी गई हैं जिसमें या तो लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं या किसी ना किसी की मौत भी हुई है। अब एक ऐसा ही मामला क्रिकेट के मैदान से निकल कर आया है जहां क्रिकेट चल रहा था। दोनों टीमें खेल रही थीं। इसी बीच अचानक ग्राउंड। पर मधुमक्खियों का बड़ा जत्था हमला कर देता है। मधुमक्खियों से बचने के लिए खिलाड़ी इधर उधर भागते हैं लेकिन इसी बीच कुछ खिलाड़ियों और एक अंपायर को मधुमक्खियाँ बुरी तरह घेर लेती है और इस हादसे में अंपायर की मौत तक हो जाती है।
यह हैरान करने वाली घटना कानपुर में क्रिकेट मैच के दौरान हुई। इस घटना ने खेल जगत को झकझोर कर रख दिया। कानपुर क्रिकेट एसोसिएशन (KCA) के वरिष्ठ अंपायर मानिक गुप्ता की मधुमक्खियों के हमले के बाद मौत हो गई। 65 वर्षीय गुप्ता केडीएमए लीग के मैच में अंपायरिंग कर रहे थे, तभी शुक्लागंज के सप्रू मैदान पर मधुमक्खियों के झुंड ने अचानक हमला कर दिया। इस अप्रत्याशित हादसे में कई खिलाड़ी और अंपायर घायल हुए, जबकि मानिक गुप्ता को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। इस घटना के बाद कानपुर के क्रिकेट जगत में शो की लहर है। हर कोई स्तब्ध है कि अचानक से यह घटना कैसे हो गई।
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यह घटना बुधवार को वाइएमसीसी और पैरामाउंट के बीच खेले जा रहे केडीएमए लीग मुकाबले के दौरान हुई। शुक्लागंज स्थित सप्रू मैदान में खेल जारी था, तभी मधुमक्खियों का एक बड़ा झुंड मैदान में आ गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सफेद कपड़े पहने अंपायर मधुमक्खियों के निशाने पर आ गए। करीब 10 मिनट तक झुंड मैदान में मंडराता रहा और कई खिलाड़ियों व अंपायरों को डंक मारे गए। अफरा-तफरी के बीच खेल रोकना पड़ा और सभी ने किसी तरह खुद को बचाने की कोशिश की। गंभीर रूप से घायल मानिक गुप्ता को पहले शुक्लागंज के दो निजी अस्पतालों में ले जाया गया। वहां से उनकी हालत नाजुक देखते हुए उन्हें एलएलआर अस्पताल रेफर किया गया। बाद में हृदय रोग संस्थान ले जाया गया लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार, मधुमक्खी के डंक से शरीर में तेज एलर्जिक रिएक्शन हुआ जिससे हृदय गति और रक्तचाप अचानक बढ़ गया। यह स्थिति जानलेवा साबित हुई।
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फीलखाना निवासी मानिक गुप्ता पिछले 30 वर्षों से केसीए अंपायरिंग पैनल का हिस्सा थे। उन्होंने स्थानीय और क्षेत्रीय स्तर पर अनेक मुकाबलों में अंपायरिंग की थी। खेल के प्रति उनका समर्पण और निष्पक्षता उन्हें खिलाड़ियों और अधिकारियों के बीच सम्मान दिलाती थी। घटना के बाद केसीए चेयरमैन डॉ. संजय कपूर ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि गुप्ता खेल के लिए समर्पित और अनुभवी अंपायर थे। केसीए परिवार इस कठिन समय में उनके परिवार के साथ खड़ा है और हर संभव सहायता प्रदान करेगा।
