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जयप्रकाश राजोरिया मुश्किल में, भ्रष्टाचार के मामले में लोकायुक्त में हुई शिकायत

शर्मा सर्विस सिक्योरिटी एजेंसी लंबे समय से सुरक्षा गार्ड और मैन पावर देने का काम कर रही है। जिसका कार्यालय मोहनपुर थाटीपुर क्षेत्र में है और इसके संचालक जयप्रकाश राजौरिया लक्ष्मी शर्मा एवं अन्य हैं। पिछले दस साल से इसी एजेंसी को किस तरह से जीवाजी विश्वविद्यालय और भारतीय यात्रा प्रबंधन संस्थान में कार्य मिल रहा है और लोकायुक्त में की गई

ग्वालियर मध्य प्रदेश: ग्वालियर के जीवाजी विश्वविद्यालय और भारतीय यात्रा प्रबंधन संस्थान में सिक्योरिटी गार्ड उपलब्ध कराने वाली संस्था सर्विस सिक्योरिटी एजेंसी द्वारा वित्तीय अनियमितता किए जाने और नियम विरुद्ध दस साल से टेंडर लेने के मामले में जीवाजी विश्वविद्यालय भारतीय यात्रा प्रबंधन संस्थान शर्मा सर्विस सिक्योरिटी एजेंसी के संचालक जयप्रकाश साजोरिया लक्ष्मी शर्मा व अन्य के खिलाफ लोकायुक्त में शिकायत दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि दस साल से नियमों को ताक में रखते हुए शर्मा सर्विस सिक्योरिटी एजेंसी को गलत तरीके से लाभ दिया गया है। सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि 2015 से 2025 तक उक्त संस्थानों में सुरक्षा का ठेका एक ही एजेंसी शर्मा सर्विस सिक्योरिटी एजेंसी को दिया गया है। इस मामले में जीवाजी विश्वविद्यालय के जिम्मेदारों की बड़ी लापरवाही वह अनियमितता भी नजर आ रही है।

छह पन्नों की लिखित शिकायत में शिकायतकर्ता का आरोप है कि 2015 से 2025 तक जीवाजी विश्वविद्यालय के विभिन्न कुलपति और कुलसचिव और भारतीय यात्रा प्रबंधन संस्थान के कुलपति ने शर्मा सर्विस सिक्योरिटी एजेंसी बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया गया है। जीवाजी विश्वविद्यालय में पिछले कई सालों से मैनपावर और सिक्योरिटी व्यवस्था सवालों के घेरे में रहती है। इसमें नियमों का और सुरक्षा अधिनियम एक्ट 2005 का कोई पालन नहीं किया गया है। मनमाने तरीके से राजनीतिक दबाव के चलते जीवाजी विश्वविद्यालय के कुलपति कुलसचिव द्वारा 2015 से 2025 तक उक्त शर्मा एजेंसी को सुरक्षा कार्य दिया गया है। हर वर्ष टेंडर प्रक्रिया होनी चाहिए लेकिन इस मामले में टेंडर प्रक्रिया नहीं निकाली गई और शर्मा सर्विस को लाभ दिया गया। 

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आपको बता दें कि शर्मा सर्विस सिक्योरिटी एजेंसी लंबे समय से सुरक्षा गार्ड और मैन पावर देने का काम कर रही है। जिसका कार्यालय मोहनपुर थाटीपुर क्षेत्र में है और इसके संचालक वर्तमान ग्वालियर जिला भाजपा अध्यक्ष जयप्रकाश राजौरिया लक्ष्मी शर्मा एवं अन्य हैं। पिछले दस साल से इसी एजेंसी को किस तरह से जीवाजी विश्वविद्यालय और भारतीय यात्रा प्रबंधन संस्थान में कार्य मिल रहा है और लोकायुक्त में की गई शिकायत के संबंध में जानकारी लेने के लिए जयप्रकाश राजोरिया का पक्ष जानने के लिए उनके मोबाइल नंबर पर संपर्क किया गया। उन्होंने फोन उठाकर किसी कार्यक्रम में व्यस्त होने की बात कहकर फोन काट दिया। इस मामले में शिकायतकर्ता जयप्रकाश मौर्य से बात की तो उनका साफ कहना है की बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है और यदि लोकायुक्त इसकी सही तरीके से जांच करता है तो काफी बड़े मात्रा में भ्रष्टाचार उजागर होगा।

आपको बता दें कि समय समय पर समाचार पत्रों में भी जीवाजी विश्वविद्यालय में एक ही एजेंसी को सुरक्षा ठेका दिए जाने पर खबरें छपती हैं और सवाल खड़े होते हैं। लेकिन इसके बाद भी कोई बदलाव नहीं होता है। शिकायतकर्ता जयप्रकाश मौर्य ने भी तमाम खबरों को साक्ष्य के रूप में लोकायुक्त में की गई शिकायत के साथ प्रस्तुत किया है। साथ ही अन्य दस्तावेज प्रस्तुत किए हैं। शिकायतकर्ता ने शर्मा सर्विस सिक्योरिटी एजेंसी को बार बार एक्सटेंशन दिए जाने को गंभीर मामला बताया। शिकायतकर्ता का कहना है कि सुरक्षा का ठेका टेंडर प्रक्रिया के द्वारा दिया जाता है और इसमें कई अन्य एजेंसियां भी रुचि दिखाती हैं। किंतु विश्वविद्यालय द्वारा पिछले कई सालों से कोई टेंडर प्रक्रिया या टेंडर संबंधित विज्ञप्ति प्रकाशित नहीं कराई गई है। शर्मा सर्विस सिक्योरिटी एजेंसी को नियम विरुद्ध ठेका दिए जाने से साथ ही शासन को आर्थिक हानि हुई है। 

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शिकायतकर्ता ने अपने आवेदन पत्र में कई गंभीर आरोप शर्मा सर्विस सिक्योरिटी एजेंसी और इनके संचालक वर्तमान भाजपा ग्वालियर जिला अध्यक्ष जयप्रकाश राजौरिया पर लगाए हैं। कई तरह की अनियमितताओं की बात की है। शिकायतकर्ता जयप्रकाश मौर्य शर्मा सुरक्षा एजेंसी के इस मामले को करोड़ों रुपए का घोटाला बता रहे हैं। उनका साफ कहना है कि जिस तरह से दस वर्षों से शर्मा सर्विस सिक्योरिटी। एजेंसी को ही मैनपावर और सिक्योरिटी का काम दिया गया है उसमें कहीं न कहीं राजनीतिक दबाव है। साथ ही शिकायत करने के बाद उनके पास भी कई तरह के फोन आ रहे हैं यह आरोप भी उन्होंने लगाया है। हालांकि जीवाजी विश्वविद्यालय में लगाई गई मैनपावर और सिक्योरिटी एजेंसी की तमाम खबरें लंबे समय से प्रकाशित होती हैं जो कई तरह की अनियमितताओं की ओर इशारा करती हैं लेकिन इसके बावजूद अभी तक न तो जीवाजी विश्वविद्यालय ने और न ही राज्य शासन ने इस मामले में कोई कदम उठाया है। अब देखना होगा कि शिकायतकर्ता की शिकायत को लोकायत कितनी गंभीरता से लेता है। 

Gajendra Ingle
Gajendra Inglehttp://theinglespost.com
The author is founder Editor of this news portal. He has long experience of journalism. He has deep expertise on political and social issues.
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