Friday, December 5, 2025
21.1 C
Delhi
Friday, December 5, 2025
Home Blog

करेरा का चेतन खबरों की रेस का चेतक, मात्र दस साल में बने इंडिया न्यूज़ के स्टेट ब्यूरो हेड

भोपाल मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के छोटे से कस्बे करेरा के एक छोटे स्कूल में पढ़ने वाला छोटा सा बच्चा चेतन खबरों के रेस का चेतक बनकर ऐसा दौड़ा कि मात्र दस साल के अपने कार्यकाल में ही एक राष्ट्रीय चैनल के मुख्यालय में इनपुट हेड और अब उसी चैनल में मध्य प्रदेश का स्टेट ब्यूरो हेड बनकर यह साबित कर दिया कि सफलता का केबल एक मूलमंत्र है और वह है लगातार काम को करते रहना और खुद को बेहतर बनाते जाना। हम बात कर रहे हैं इंडिया न्यूज़ के हाल ही में बनाए गए स्टेट ब्यूरो हेड चेतन सेठ की जो करेरा में तंगहाली में जीवन संघर्ष के बावजूद हार न मानते हुए आगे बढ़ते गए और आज उन्होंने सफलता की एक गाथा लिख दी है।

चेतन सेठ ने द इंगलेज़ पोस्ट को बताया कि अपने जीवन में वह दो लोगों को अपना गुरु मानते हैं। एक हैं उनके जीजाजी और दूसरे हैं इंडिया न्यूज़ के नेशनल हेड मनोज मनु। चेतन सेठ का कहना है कि अपने संघर्ष के दौरान जब वे दिल्ली पहुंचे तब उन्होंने सबसे पहले भारत न्यूज़ टीवी डिजिटल चैनल ज्वाइन किया था। वही उनकी पत्रकारिता के क्षेत्र में शुरुआत थी लेकिन शुरुआत में ही उन्होंने बहुत कुछ सीखा और इसके बाद सहारा टीवी में इंटरव्यू दिया। सहारा टीवी के कार्यालय में और स्टूडियो में उन्होंने मनोज मनु को रिपोर्टिंग करते हुए बेबाकी से अपनी बात रखते हुए देखा और चेतन सेठ उनसे इतना प्रभावित हुए कि ठान लिया कि अब मुझे इनके जैसा ही बनना है हालांकि उस समय चेतन सेठ को सहारा टीवी ज्वाइन करने का मौका नहीं मिला और वे वहां से निराश लौट आए।

यह भी पढ़ें 2025 के बड़े रेल हादसे; इस बार होंगे सबक या फिर भूली हुई दासतां 

दिल्ली में चेतन सेठ पहुँचे तो पढ़ाई करने थे लेकिन आर्थिक तंगी के चलते वे वहां पढ़ाई न कर सके और मोबाइल के शाॅप पर काम करने लगे जहां पर उन्हें शोषण का शिकार भी होना पड़ा और पूरे महीने काम करने पर मात्र चार हजार रुपए मिले। उनका संघर्ष जारी रहा। घर से पर्याप्त मात्रा में पैसा नहीं आता था तो केवल दिन में एक वक्त एक पराठा खाकर पूरा दिन गुजारते थे और संघर्ष करते रहते थे। लेकिन उन्होंने अपने संघर्ष के सामने कभी घुटने नहीं टेके और लगातार प्रयास करते रहे और अपने संघर्ष से ही सीखते रहे। दिल्ली में संघर्ष के दौरान कभी कभी उन्हें भूखे भी रहना पड़ता था। सिस्टम को सुधारने का एक अलग ही जुनून उनमें स्कूल के समय से था और उसी दिशा में प्रयास करने के लिए वह पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करके देश और समाज के लिए समर्पित भाव से सेवाएं देना चाहते थे। उनके जुनून की भूख ने उनके पेट की भूख को हमेशा परास्त किया और विपरीत परिस्थितियों में भी वह अपने आप को साबित करते रहे। 

स्कूल में जब वे पांचवीं क्लास में पढ़ते थे तब उन्हें मॉनिटर बनाया गया था और मॉनिटर बनने के दौरान ही सबसे पहली बार उन्होंने स्कूल की व्यवस्थाओं को सुधारने का प्रण लिया। वह चेतन सेठ के जीवन में पहला पल था जब चेतन सेठ के मन में सिस्टम को सुधारने की भावना जागृत हुई और इसी भावना के साथ वे आगे बढ़ते गए और जब वह युवा हुए तो उनको एहसास हुआ कि सिस्टम को सुधारने के लिए पत्रकारिता ही एक विकल्प है हालांकि पत्रकार बनने के बाद भी उनके संघर्ष जारी रहे और कई बार तो उन पर जानलेवा हमला तक हुआ। ग्वालियर में किस तरीके से उन्होंने जान जोखिम में डालकर पत्रकारिता की यह बात किसी से छुपी नहीं है। भोपाल में भी मंत्री विश्वास सारंग और उनके गार्ड द्वारा किस तरह चेतन सेठ से बदतीमीजी की गई और उन्हें धमकियां दी गई।यह बात भी उस समय खूब सुर्खियों में रही थी। 

चेतन सेठ के अंदर एक सबसे अच्छा गुण यह है कि वे अपने वरिष्ठ जनों का सम्मान करते हैं। जिस मनोज मनु को देखकर उन्हें एक अच्छा पत्रकार बनने की प्रेरणा मिली थी। उन्हीं का जब फ़ोन ग्वालियर में चेतन सेठ के पास आता है। तब उन्हीं के मार्गदर्शन में चेतन सेठ सहारा टीवी ज्वाइन करते हैं। इसके बाद तो मनोज मनु का अनुसरण करते हुए वे पत्रकारिता के क्षेत्र में आगे बढ़ते हुए नित्य नए इतिहास लिखने की राह पर आगे बढ़ते चले जाते हैं। जब मनोज मनु सहारा टीवी छोड़कर इंडिया न्यूज़ में आते हैं तो चेतन भी इंडिया न्यूज़ में आ जाते हैं। वे इंडिया न्यूज़ में ग्वालियर ब्यूरो के रूप में कार्य करते हैं। इसके बाद वे भोपाल ब्यूरो के रूप में कार्य करते हैं। अपने गुरु मनोज मनु के मार्गदर्शन में उन्हें इंडिया न्यूज़ में नेशनल इनपुट हेड के रूप में दिल्ली में कार्य करने का एक बार फिर मौका मिलता है। इसके बाद वे अपने कार्यक्षेत्र मध्य प्रदेश में आना चाहते हैं और पुनः भोपाल आ जाते हैं और तब से लगातार भोपाल में इंडिया न्यूज़ में ही मनोज मनु के मार्गदर्शन में कार्यरत हैं। 

यह भी पढ़ें जबलपुर के फाइव स्टार होटल हिल्टन में सड़े खाने और अनियमितताओं पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

चेतन सेठ ने द इंगलेज पोस्ट को बताया कि दो हजार सोलह में पहली बार उन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखा था। और 2025 खत्म होते होते वे एक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय चैनल इंडिया न्यूज में स्टेट ब्यूरो हेड बनाए गए हैं। इस उपलब्धि का श्रेय वह दो लोगों को देते हैं। प्रथम उनके जीजाजी जिन्होंने चेतन को आगे बढ़ने में हमेशा मदद की आर्थिक रूप से भी जो सहयोग हो सका चेतन को किया। और दूसरा मनोज मनु जो हमेशा चेतन को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते रहे। चेतन सेठ अपने गुरु मनोज मनु का सम्मान करते हुए कहते हैं कि जैसे जैसे मनोज मनु सर आगे बढ़ेंगे वैसे ही मै उनका अनुसरण करूंगा यदि वे पत्रकारिता में रहेंगे तो मैं भी रहूंगा और जिस दिन वे कहेंगे तो मैं पत्रकारिता छोड़ भी दूंगा। यह उनका गुरु के प्रति समर्पण का भाव है जो आज के युवाओं में बहुत कम देखने को मिलता है। इस भावना के साथ चेतन सेठ आने वाले युवा पत्रकारों के लिए एक प्रेरणा स्रोत बन गए हैं। 

यू तो ग्वालियर चंबल क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर तमाम प्रतिष्ठित पत्रकार दिए हैं लेकिन पिछले कुछ समय में जिस तरह से युवा पीढ़ी पत्रकारिता के क्षेत्र में आकर यहीं पर सिमटकर रह गई थी वह एक चिंता का विषय बन रही थी। इसी बीच मात्र 10 सालों की अल्प अवधि में चेतन सेठ ने इंडिया न्यूज़ के स्टेट ब्यूरो हेड के पद को प्राप्त करके पूरे अंचल का नाम रोशन किया है। और पूरे देश में यह लोहा मनवा दिया है कि ग्वालियर में युवा पत्रकारों में भी प्रतिभा की कमी नहीं है। चेतन सेठ की इस उपलब्धि पर आज पूरा अंचल गौरवान्वित महसूस कर रहा है। 

यह भी पढ़ें यह है एमपी का मिनी ब्राजील, जर्मन कोच दे रहे युवाओं को फुटबॉल का प्रशिक्षण

स्कूल की तीसरी मंजिल से छात्र के कूदने का मामला गरमाया, सीसीटीवी से हुआ चौंकाने वाला खुलासा

रतलाम मध्यप्रदेश:  रतलाम में बोधी इंटरनेशनल स्कूल में आठवीं कक्षा के छात्र द्वारा तीसरी मंजिल से छलांग लगाने की घटना ने पूरे प्रदेश को झंझकोर कर रख दिया है और यह सोचने पर भी मजबूर कर दिया कि क्या स्कूल में अनुशासन के नाम पर क्रूरता बरती जा रही है? रतलाम के स्कूल का यह मामला तूल पकड़ चुका है, शुक्रवार को आदिवासी छात्र संगठनों ने स्कूल का घेराव करते हुए जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया, संगठन के कार्यकर्ता स्कूल के मुख्य गेट पर धरने पर बैठे और प्रिंसिपल डॉली चौहान के खिलाफ नारेबाजी करते रहे, उनकी प्रमुख माँग है, स्कूल की मान्यता तत्काल रद्द की जाए और प्रिंसिपल के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो।

घटना 28 नवंबर की है, जब कक्षा आठवीं का छात्र स्कूल की तीसरी मंजिल से अचानक कूद गया। गंभीर रूप से घायल छात्र को तुरंत अस्पताल ले जाया गया। घटना के बाद स्कूल प्रबंधन ने मामले में लीपापोती करने की कोशिश की सच छिपाने की कोशिश की लेकिन इस पूरे घटनाक्रम का एक और  CCTV वीडियो भी सामने आया है, जिसने विवाद को और बढ़ा दिया है। वीडियो में दिख रहा है कि छात्र को प्रिंसिपल के कक्ष में बुलाया गया जहाँ उस छात्र को जमकर डांटा फटकारा गया। उसकी बेइज्जती की गई। वह बार बार सॉरी बोलता रहा उसने लगभग पैंतालीस बार सॉरी बोला लेकिन उसकी एक न चली और अनुशासन के नाम पर प्रिंसिपल उससे क्रूरता करती रही।

यह भी पढ़ें जबलपुर के फाइव स्टार होटल हिल्टन में सड़े खाने और अनियमितताओं पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

आदिवासी छात्र संगठनों का आरोप है कि इसी मानसिक दबाव के कारण बच्चे ने इतना बड़ा और खौफनाक कदम उठाया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह सिर्फ एक बच्चे का मामला नहीं, बल्कि पूरी शिक्षा व्यवस्था के भीतर मौजूद समस्याओं का संकेत है, अगर स्कूल और प्रिंसिपल पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और बड़ा रूप दिया जाएगा। आपको बता दें कि प्रदेश के कई स्कूलों में छात्रों के साथ ज्यादती और क्रूरता के मामले समय समय पर सामने आते रहते हैं लेकिन रतलाम से सामने आया यह मामला एक दुर्लभ मामला प्रतीत होता है। 

रतलाम के इस स्कूल में बच्चे के साथ अनुशासन के नाम पर की गई यह क्रूरता पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े करती है। क्या स्कूलों में बच्चों के साथ व्यवहार की निगरानी पर्याप्त है? क्या अनुशासन के नाम पर मानसिक दबाव की सीमा तय होनी चाहिए? फिलहाल, मामला गरम है और पूरे जिले की नज़र इस पर टिकी हुई है। क्या किसी शिक्षक को इतना निर्दय भी होना चाहिए कि बच्चा बार बार सौरी बोल रहा है लेकिन उसके सॉरी को न सुनते हुए उसको अनदेखा करते हुए उसको लगातार धमकाया जा रहा है और 1 8 साल के मासूम बालक पर उस धमकी का यह प्रभाव पड़ता है कि डर के मारे वह अपनी जान देने के लिए छत से ही कूद पड़ता है। यह घटना यह सवाल भी खड़े कर रही है कि मोटी फीस वसूलने वाले यह निजी स्कूल क्या आपके बच्चे के लिए सुरक्षित हैं? 

यह भी पढ़ें 2025 के बड़े रेल हादसे; इस बार होंगे सबक या फिर भूली हुई दासतां 

Play

कौशल हर रोजगार एवं स्वरोजगार की पहली शर्त: डॉ. अलकेश चतुर्वेदी 

जबलपुर मध्य प्रदेश: स्वामी विवेकानंद कॅरियर मार्गदर्शन योजना, प्रधानमंत्री कॉलेज आफ़ एक्सीलेंस, शासकीय महाकोशल स्वशासी अग्रणी महाविद्यालय जबलपुर में 30 दिवसीय “सॉफ्ट स्किल प्रशिक्षण” प्रारंभ किया गया। इस अवसर पर प्रो. अरुण शुक्ल, संभागीय नोडल अधिकारी, स्वामी विवेकानंद कॅरियर मार्गदर्शन योजना, जबलपुर संभाग, जबलपुर ने बताया कि उच्च शिक्षा विभाग एवं एसजीबीएस उन्नति फांउडेशन, बैंगलोर के मध्य हुये एमओयू के अंतर्गत महाविद्यालय के स्नातक तृतीय वर्ष एवं स्नातकोत्तर के विद्यार्थियों हेतु प्रशिक्षण प्रारंभ किया गया। जिसका उददेश्य विद्यार्थियों के कौशल विकास उन्नयन में योगदान देना है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में महाविद्यालय के भाव छात्र उपस्थित रहे। 

सॉफ्ट स्किल आज के समय में शैक्षणिक सफलता, व्यक्तित्व विकास और कॅरियर निर्माण के स्तंभ है। लगातार सभी विधाओं का प्रशिक्षण देकर महाकौशल महाविद्यालय छात्रों को कार्पोरेट में रोजगार करने के लिए सभी तरह के स्किल्स डिवेलप करा रहा है। निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर लगातार बढ़ रहे हैं लेकिन वहाँ रोजगार पाने के लिए इंटरव्यू के दौरान सॉफ्ट स्किल्स और अच्छा कम्युनिकेशन होना बहुत आवश्यक है। मेंटर गजेंद्र इंगले ने बताया कि अच्छा कम्युनिकेशन स्किल्स और प्रेजेंटेबिलिटी कॉरपोरेट फील्ड में सक्सेसफुल होने का सबसे बड़ा आधार है। 

यह भी पढ़ें यह है एमपी का मिनी ब्राजील, जर्मन कोच दे रहे युवाओं को फुटबॉल का प्रशिक्षण

प्रशिक्षक अतिया फातिमा खान ने बताया कि विद्यार्थियो को सॉफ्ट स्किल प्रशिक्षण के अंतर्गत इंग्लिश कम्यूनिकेशन, लाईफ स्किल, इंटरव्यू की तैयारी, समय प्रबंधन के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की जायेगी। महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. अलकेश चतुर्वेदी ने कहा कि कौशल हर रोजगार एवं स्वरोजगार की पहली शर्त बन चुका है। इस अवसर पर श्री गजेन्द्र इंगले, डॉ. रविश तमन्ना ताजिर, डॉ. बुशरा खान, डॉ. नीलिमा, डॉ. नज्मुननिशा आदि उपस्थित रहे। 

यह भी पढ़ें 2025 के बड़े रेल हादसे; इस बार होंगे सबक या फिर भूली हुई दासतां 

Play

जबलपुर के फाइव स्टार होटल हिल्टन में सड़े खाने और अनियमितताओं पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

जबलपुर मध्य प्रदेश : जिला प्रशासन के गुरूड़ दल द्वारा आज शुक्रवार को डुमना रोड स्थित हिल्‍टन गार्डन इन होटल का आकस्मिक निरीक्षण की कार्यवाही की गई। कार्यवाही में इस होटल के किचन में वेजिटेरियन फ्रिज में चिकन रखा पाया गया, वहीं पैक्‍ड खाद पदार्थों में एक्‍सपाइरी डेट अंकित नहीं पाई गई। होटल के किचन से तीन दिन पहले बनी ग्रेवी और बिना एक्‍सपाइरी डेट अंकित लोकल ब्रांड के दाल के पैकेट भी पाये गये।

कार्यपालिक दंडाधिकारी रांझी मौसमी केवट के नेतृत्‍व में की गई इस आकस्मिक निरीक्षण की कार्यवाही के दौरान हिल्‍टन गार्डन इन होटल के किचन में एक दिन पहले से गुथा हुआ आंटा एवं कटा हुआ प्‍याज तथा डीप फ्रीजर में बिना यूज बाई डेट अंकित आइस्‍क्रीम भी पाई गई। निरीक्षण की इस कार्यवाही में खाद्य सुरक्षा अधिकारी अमित गुप्‍ता, आबकारी निरीक्षण आशीष जैन, पुलिस उप निरीक्षक नितिन पांडे भी शामिल थे।

यह भी पढ़ें एसआईआर में महा गड़बड़झाला; कांग्रेस विधायक का नाम ही सूची से हटाया! 

कार्यवाही के दौरान एक्‍सपाइरी डेट अंकित न होने के कारण आईस्‍क्रीम, दाल, शक्‍कर और मसाले का विनिष्टिकरण भी कराया गया तथा तीन दिन पहले से बनी ग्रेवी तथा पनीर और कटी हुई प्‍याज के नमूने परीक्षण हेतु लिए गये। निरीक्षण की कार्यवाही में होटल के फूड स्‍टोर में सूखे हुए कच्‍चे आम भी रखे हुए थे, जिनमें घुन लग गया था। होटल के कैमिकल भंडार में रखे हुए फ्यूल जेल पर कोई लेवल अंकित नहीं था, होटल में अगनिश्‍मन यंत्र भी नहीं पाये गये, फायर फाइटिंग पैनल ऑटो मोड में नहीं पाया गया। सॉलिट वेस्‍ट मैनेजमेंट निर्धारित मानको के अनुसार नहीं पाया गया। होटल के ट्रीटमेंट प्‍लांट में कार्यरत कर्मचारी अप्रशिक्षित थे और उनकी शैक्षणिक यो‍ग्‍यता भी निर्धारित मापदंडो के अनुसार नहीं थी। निरीक्षण के दौरान होटल में कार्यरत कर्मचारियों को श्रम कानूनों के अनुसार ईएसआईसी की एवं अन्‍य सुविधाएं भी नहीं दी जा रही थी। कार्यपालिक दंडाधिकारी रांझी मौसमी केवट ने बताया कि हिल्‍टन गार्डन इन होटल में पाई गई इन अनियमित्‍ताओं पर प्रकरण तैयार कर वैधानिक कार्यवाही की जायेगी।

यह भी पढ़ें यह है एमपी का मिनी ब्राजील, जर्मन कोच दे रहे युवाओं को फुटबॉल का प्रशिक्षण

एसआईआर में महा गड़बड़झाला; कांग्रेस विधायक का नाम ही सूची से हटाया! 

ग्वालियर, मध्यपदेश: देश में इस समय एसआईआर का काम चल रहा है और इससे संबंधित तमाम विसंगतियाँ भी कहीं न कहीं से खबरों की सुर्खियाँ बन रही हैं। लेकिन अब ग्वालियर में तो एक ऐसा गड़बड़झाला एसआइआर में सामने आया है जिसमें किसी आम जन का नहीं बल्कि एक विधायक का नाम ही लिस्ट से हटा दिया गया। कांग्रेस विधायक डॉ सतीश सिकरवार ने SIR को लेकर फर्जीवाड़े के आरोप लगाते हुए खुलासा किया है कि फर्जी सॉफ्टवेयर के माध्यम से  विधानसभाओं और मतदाताओं तक के नामों को बदला जा रहा है। ताजा उदाहरण वे खुद हैं क्योंकि मतदाता सूची से उनका नाम मैपिंग में कट गया है। 

वर्तमान में देश के 12 राज्यों में SIR का कार्य चल रहा है..ऐसे में SIR को लेकर कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं..ग्वालियर पूर्व विधानसभा से कांग्रेस विधायक डॉ सतीश सिंह सिकरवार का आरोप है मतदाता सूची में उनका नाम मैंपिग में BLO कुनाल पवार द्वारा “15 ग्वालियर विधानसभा” में “भाग संख्या 227” चार शहर का नाका में “मतदाता क्रमांक 460 “(EPIC No.UYE4892253) पर दर्ज कर दिया गया है। “मतदाता केन्द्र क्रमांक 272” के BLO द्वारा यह भी बताया गया कि आपके 2003 के रिकार्ड से मैंपिग कर दी गई है। 

यह भी पढ़ें सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले हो जाएं सावधान, सुप्रीम कोर्ट ने दे दिया बड़ा आदेश

मैपिंग से हुए खुलासे के बाद कांग्रेस विधायक का कहना है कि सवाल यह उठता है कि विधायक रहते हुए वे “16 ग्वालियर पूर्व विधानसभा” के मतदाता है तो उनका नाम “15 ग्वालियर विधानसभा” में कैसे मैपिंग कर दिया गया! जब मेरे साथ ऐसा हो रहा है तो आम मतदाता के साथ क्या हो रहा होगा ? कांग्रेस विधायक ने यह भी सवाल खड़ा किया कि BLO…SIR फार्मो का डिजिटिलाईजेंशन मतदाताओं के सामने नहीं कर रहे है..ऐसे में ये कैसे सुनिश्चित होगा कि फार्मों का ईमानदारी डिजिटिलाईजेंशन हो रहा हैं ? मैंने जब अपने फार्म का अपने ही सामने डिजिटिलाईजेंशन करवाया तब BLO के मोबाईल स्क्रीन पर नोटिफिकेशन आया और मुझे पता चला कि मेरा मैंपिग पहले ही हो चुकी है.. यह इस बात का प्रतीक है कि SIR के कार्य में फर्जीवाडा चल रहा है।

कांग्रेस विधायक की मांग है कि SIR कार्य में जुटे लापरवाह कर्मचारी अधिकारियों के खिलाफ तत्काल एक्शन लिया जाए नहीं तो लाखों लोगों के नाम मतदाता सूची से कट जाएंगे। कांग्रेस विधायक के आरोपी को लेकर उप जिला निर्वाचन अधिकारी का कहना है कि जैसे ही मामला संज्ञान में आया तत्काल सुधार कर दिया गया है और BLO को नोटिस भी जारी किया गया है। हालांकि प्रशासन अब तमाम तरह की सफाईयां दे रहा है लेकिन एसआइआर से संबंधित काम क्या पूरी तरीके से पारदर्शिता से हो रहा है और क्या एक त्रुटिपूर्ण मतदाता सूची बनाने की तैयारी में यह सफल होगा? कांग्रेस विधायक डॉ सतीश करवार के साथ हुई घटना ने ऐसे तमाम सवाल खड़े कर दिए हैं! 

यह भी पढ़ें आतंकियों और तस्करों की राजधानी बना भोपाल! हैरान करने वाले मामले आने वाले खतरे का संकेत!

Play

गौतम ने टीम को किया गंभीर, लगातार हार, क्या गंभीर कोच बने रहेंगे!

डिजिटल डेस्क नई दिल्ली : भारतीय क्रिकेट टीम को लगातार मिल रही हार के बाद गौतम गंभीर के ऊपर सवाल खड़े होने लगे थे लेकिन इन सब सवालों पर विराम लग चुका है। गौतम गंभीर के हेड कोच पोजिशन पर मंडरा रहे ‘संकट के बादल’ साफ हो चुके हैं. टीम इंडिया की टेस्ट क्रिकेट में लगातार हार के बावजूद इतना तो तय है कि गंभीर कहीं नहीं जा रहे. 2027 तक वह अपना कार्यकाल पूरा करेंगे, उसके बाद ही उनके भविष्य पर कुछ फैसला लिया जाएगा. गंभीर की कोचिंग में भारत न्यूजीलैंड के बाद साउथ अफ्रीका से भी अपने घर पर हार चुका है और अब क्रिकेट फैंस गौतम गंभीर के इस्तीफे की डिमांड कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें 2025 के बड़े रेल हादसे; इस बार होंगे सबक या फिर भूली हुई दासतां 

एक इंटरव्यू के दौरान गौतम गंभीर ने अपने इरादे बता दिए और यह भी बता दिया कि वह अभी कहीं नहीं जाने वाले। अपने टेस्ट इतिहास की सबसे बड़ी हार झेलने के बाद जब गौतम गंभीर प्रेस कॉन्फ्रेंस में पहुंचे तो उनके चेहरे पर किसी तरह का कोई अफसोस नहीं था. किसी बात की कोई शिकन नहीं थी. गंभीर तो ऐसे तेवर दिखा रहे थे जैसे साउथ अफ्रीका ने हमारा नहीं बल्कि हमने साउथ अफ्रीका का सूपड़ा साफ किया हो। इसके बावजूद गौतम गंभीर के चेहरे पर कोई शिकन नहीं थी। जो सा बता रहा है कि उनकी कुर्सी सेफ है। इसके साथ ही बीसीसीआई के तरफ से भी उनको हटाये जाने या अल्टीमेटम देने जैसा कोई जिक्र सामने नहीं आया है।

जब से गौतम कोच बने हैं। भारतीय टेस्ट टीम की हालत ‘गंभीर’ हो चुकी है. गौतम के कार्यकाल में भारत 19 में 10 टेस्ट हार चुका है. दो मुकाबले ड्रॉ रहे हैं. 12 महीनों के भीतर पहले न्यूजीलैंड ने हमें घर पर हराया और फिर साउथ अफ्रीका ने इज्जत उतारी. ऑस्ट्रेलिया जाकर भी हम बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी हारे. इसके बावजूद वे कोच बने रहेंगे इसलिए अब यह सवाल उठ रहे हैं कि उनके ऊपर किसका हाथ है।

यह भी पढ़ें आतंकियों और तस्करों की राजधानी बना भोपाल! हैरान करने वाले मामले आने वाले खतरे का संकेत!

Play

यह है एमपी का मिनी ब्राजील, जर्मन कोच दे रहे युवाओं को फुटबॉल का प्रशिक्षण

फुटबॉल की दुनिया में तेजी से पहचान बना रहा शहडोल का ग्राम विचारपुर, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर में मिनी ब्राज़ील का नाम देकर सम्मानित किया था, अब एक और ऐतिहासिक क्षण का गवाह बनने जा रहा है।  जर्मनी के प्रतिष्ठित फुटबॉल क्लब FC Ingolstadt 4 के प्रसिद्ध कोच डाइटमार बीयर्सडॉर्फ आज  विचारपुर का विशेष भ्रमण कर युवा खिलाड़ियों से मिलकर  विश्व स्तर का मार्गदर्शन  दिया। कोच डाइटमार बीयर्सडॉर्फ आज  विचारपुर का विशेष भ्रमण किया और  युवा खिलाड़ियों से मिलकर  विश्व स्तर का मार्गदर्शन  देकर  खिलाड़ियों से सीधे संवाद कर, अपने अनुभव, प्रशिक्षण तकनीक और आधुनिक फुटबॉल शैली के बारे में विचारपुर के युवाओं को दिशा दी , ग्राम विचारपुर की फुटबॉल टीम ने अपनी मेहनत, ग्रामीण परिवेश में सीमित संसाधनों के बावजूद अद्भुत प्रदर्शन कर देशभर का ध्यान खींचा है। इसी जुनून और प्रतिभा को देखकर प्रधानमंत्री मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में विचारपुर का नाम लेते हुए इसे मिनी ब्राजील कहा था…

 शहडोल का ग्राम विचारपुर, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर में मिनी ब्राज़ील का नाम देकर सम्मानित किया था, उनके उल्लेख के बाद विचारपुर के खिलाड़ियों का भाग्य बदला और जर्मनी के FC Ingolstadt क्लब ने यहां के खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को 4 से 12 अक्टूबर  तक जर्मनी में प्रशिक्षण देने का निर्णय लिया, इस प्रशिक्षण के लिए विचारपुर से 5 खिलाड़ी और एक महिला कोच का चयन हुआ, कोच,लक्ष्मी सहीस खिलाड़ी, सानिया कुंडे, सुहानी कोल, प्रीतम कुमार, वीरेंद्र बैगा, मनीष घसिया, इन खिलाड़ियों ने जर्मनी में विश्व स्तरीय फुटबॉल प्रशिक्षण प्राप्त कर गांव का नाम रोशन किया है। ग्रामीणों और खिलाड़ियों में उत्साह का माहौल है। सभी की नज़रें 24 नवंबर को होने वाली इस ऐतिहासिक मुलाकात पर टिकी हैं, जो निश्चित रूप से शहडोल के फुटबॉल भविष्य के लिए मील का पत्थर साबित होगा…

यह भी पढ़ें 2025 के बड़े रेल हादसे; इस बार होंगे सबक या फिर भूली हुई दासतां 

अब जब जर्मन कोच डाइटमार बीयर्सडॉर्फ स्वयं विचारपुर के मैदान पर आकर खिलाड़ियों को मार्गदर्शन दे रहे  , तो यह अवसर गांव के युवा फुटबॉलरों के लिए प्रेरणा और नई ऊंचाइयों की शुरुआत साबित हो सकता है। मिनी ब्राज़ील के नाम से मशहूर ग्राम विचारपुर की, जो एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया है। वो भी तब… जब जर्मनी के प्रसिद्ध फुटबॉल क्लब FC Ingolstadt 04 के दिग्गज कोच डाइटमार बीयर्सडॉर्फ ने खुद गांव पहुंचकर खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय मार्गदर्शन दिया।

यह भी पढ़ें ग्वालियर अपराध में जल रहा है और ‘जीरो’ ‘भोंपू’ बजा रहा है!

Play

व्यापारियों के अल्टीमेटम से पुलिस पर बना दबाव और गोलीबारी के बदमाश पुलिस हिरासत में

ग्वालियर मध्य प्रदेश: ग्वालियर में सदर बाज़ार फायरिंग कांड का ग्वालियर पुलिस ने 48 घंटे में पूरी तरह पर्दाफाश कर दिया है। शहर के थाना मुरार क्षेत्र में 24 नवंबर को उदय ज्वैलर्स और विवाह साड़ी की दुकान पर चार हथियारबंद नकाबपोश बदमाशों ने जानलेवा फायरिंग की थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने तुरंत मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कराई और बदमाशों के खिलाफ मामला पंजीबद्ध किया।फॉरेंसिक टीम ने मौके से अहम साक्ष्य जुटाए और पुलिस ने तकनीकी सहायता तथा मुखबिर तंत्र के आधार पर 24 घंटे के भीतर सभी आरोपियों की पहचान कर ली। 

व्यापारी पर दिनदहाड़े हुई गोलीबारी की घटना से पूरा व्यापारी वर्ग आक्रोशित था।चेंबर ऑफ कॉमर्स और तमाम अन्य व्यापारी संगठनों ने पुलिस को चौबीस घंटे का अल्टीमेटम दिया था। व्यापारियों ने साफ शब्दों में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए थे।इन सबके चलते अपनी किरकिरी होते देख पुलिस एक्शन मोड में आई और तमाम दवाओं के बाद पुलिस ने अपना पूरा सामर्थ्य। इन गोलीबारी कांड के आरोपियों को पकड़ने में लगा दिया। उसका नतीजा यह हुआ कि अल्टीमेटम के समय सीमा के भीतर ही पुलिस ने तीन आरोपियों को पकड़ लिया। 

यह भी पढ़ें ब्राह्मण की बेटी से आरक्षण का कनेक्शन बताने वाले बिगडेल आईएएस के बयान पर घमासान

एसएसपी ने सभी पर दस-दस हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया। उनकी निर्देशिका में एएसपी विदिता डागर, एएसपी अनु बेनीवाल, एएसपी सुमन गुर्जर और एएसपी ग्रामीण जयराज कुबेर के मार्गदर्शन में कुल 8 विशेष टीमें गठित की गईं। सीसीटीवी फुटेज, चश्मदीदों के बयान और मुखबिरों की सूचना के आधार पर आरोपियों की धरपकड़ शुरू की गई।ग्वालियर पुलिस ने तेजी दिखाते हुए 24 घंटे से भी कम समय में घटना के षड्यंत्रकारी अरविंद यादव और मुख्य शूटर हिमांशु यादव उर्फ छोटू को जौरासी के जंगलों से गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने 48 घंटे के भीतर कुल 5 आरोपियों को हिरासत में ले लिया। इनमें पहले से पकड़े गए कपिल यादव और अमन यादव भी शामिल हैं। 

कपिल यादव को 24 नवंबर को बंधौली जंगलों में दबिश के दौरान पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई कर घायल अवस्था में पकड़ा था, जबकि अमन यादव को 23 नवंबर को मेला ग्राउंड रोड से हथियार सहित गिरफ्तार किया गया था। इसके अलावा, अपहरण और फायरिंग से जुड़े मामले में फरार चल रहे आरोपी अमित यादव को भी 26 नवंबर को बड़ागांव से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने सभी आरोपियों से फायरिंग में प्रयुक्त हथियार, कारतूस और लाठी जब्त की हैं।गिरफ्तार आरोपियों पर हत्या का प्रयास, आर्म्स एक्ट, रंगदारी, मारपीट समेत कई गंभीर अपराध पहले से दर्ज हैं। कपिल यादव पर कुल 12 प्रकरण हैं और वर्ष 2024 में उस पर एनएसए के तहत कार्रवाई भी की जा चुकी है। अरविंद यादव पर 4, हिमांशु यादव पर 3 और अमन यादव पर 6 प्रकरण पंजीबद्ध हैं।

यह भी पढ़ें ग्वालियर अपराध में जल रहा है और ‘जीरो’ ‘भोंपू’ बजा रहा है!

ब्राह्मण की बेटी से आरक्षण का कनेक्शन बताने वाले बिगडेल आईएएस के बयान पर घमासान

भोपाल मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश के एक सीनियर आईएएस का एक वीडियो वायरल। इस समय हो रहा है जिसमें वह ब्राह्मण समाज की बेटियों पर टिप्पणी करते नजर आ रहा है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही जब उसके इस बयान के खिलाफ सवर्णों में आक्रोश बढ़ा विरोध होने लगा तो हालांकि यह आईएएस बैकफुट पर भी नजर आया और सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली। लेकिन तब तक पूरे देश में ही इस आईएएस के विरोध में माहौल गरमा चुका था और अभी हालात यह है कि कई जगह पर इस आईएएस के खिलाफ एफआईआर की मांग हो रही है तो कई जगह पर इसके विरोध में प्रदर्शन की तैयारी भी हो रही है। कांग्रेस ने भी एसआईएएस पर कार्रवाई की मांग की है।

यह बिगड़े बोलवाला आईएएस है। संतोष वर्मा मध्य प्रदेश अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिकारी एवं कर्मचारी संघ का कार्यक्रम चल रहा था। इस आईएएस को संघ का अध्यक्ष बनाया गया था और यह रविवार को संगठन के प्रांतीय अभिवेदन को संबोधित कर रहे थे। परिवार में पीढ़ी दर पीढ़ी मिल रहे आरक्षण के लाभ पर बोलते हुए संतोष वर्मा ने कहा कि तब तक नहीं मानूंगा कि एक परिवार में एक ही व्यक्ति को आरक्षण मिलना चाहिए जब तक मेरे बेटे को कोई ब्राह्मण अपनी बेटी दान न कर दे। या उससे संबंध नहीं बनाए केवल आर्थिक आधार की बात है तो जब तक रोटी बेटी का व्यवहार नहीं होता तब तक हमको सामाजिक पिछड़ेपन के आधार पर आरक्षण की पात्रता मिलती रहना चाहिए।

आईएएस संतोष वर्मा कृषि विभाग में उप सचिव स्तर का आईएएस अधिकारी है। आरक्षण के पक्ष में उसने यह विवादित बयान दिया है। आरक्षण का पक्ष लेने तक तो ठीक है लेकिन उसने ब्राह्मणों की बेटियों को भी इसमें घसीटा है और महिलाओं का अपमान किया है। एक सीनियर स्तर के आईएएस अधिकारी की इस भाषा से पूरे मध्यप्रदेश में उबाल आ गया है। सामाजिक संगठन के साथ-साथ राजनीतिक पार्टियां भी इस पर चर्चा कर रही हैं। कांग्रेस खुलकर इस आईएएस संतोष वर्मा के विरोध में उतर आई है। कांग्रेस की ओर से विधानसभा में उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारी कांग्रेस के प्रदेश मीडिया विभागाध्यक्ष मुकेश नायक संगीता शर्मा ने आईएएस संतोष वर्मा पर कार्रवाई की मांग की है।

यह भी पढ़ें ग्वालियर अपराध में जल रहा है और ‘जीरो’ ‘भोंपू’ बजा रहा है!

ब्राह्मणों की बेटी पर दिए गए बयान के विरोध में इस आईएएस का जमकर विरोध हो रहा है। केवल ब्राह्मण समाज ही नहीं। कई अन्य सवर्ण संगठन भी इस आईएएस के विरोध में आक्रोशित हैं। राष्ट्रीय सनातन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगवती प्रसाद शुक्ल ने तो आइए संतोष वर्मा का मुंह काला करने पर ₹51000 की इनाम तक की घोषणा कर दी है। अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज ने भोपाल के एमपी नगर में आईएएस संतोष वर्मा के इस बयान पर शिकायती पत्र दिया है और एफआईआर की मांग की है। ग्वालियर में भी अधिवक्ता आशिष प्रताप सिंह ने क्राइम ब्रांच को और अधिवक्ता अमित दुबे ने मुरार थाना प्रभारी को शिकायती आवेदन दिया है। वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल मिश्रा का कहना है कि कल से वीडियो चल रहा है और पुलिस का कहना है कि उन्होंने वीडियो देखा ही नहीं वीडियो देखने पर कार्रवाई करेंगे। उन्होंने इस मामले में पुलिस को नपुंसक कहते हुए बड़े आंदोलन की चेतावनी भी दे डाली। सवर्ण समाज के अधिवक्ताओं का कहना है कि इस प्रकार की टिप्पणी करने से शिव ब्राह्मण समाज ही नहीं बल्कि पूरे समाज को अपमानित किया गया है और इस अधिकारी के खिलाफ एफआईआर कर कार्रवाई की जानी चाहिए।

यह भी पढ़ें आधार अपडेट हुआ आसान, अब घर बैठे ऐसे करें यह अपडेट

पूरे मध्यप्रदेश में आईएएस संतोष वर्मा के बयान के बाद आक्रोश बढ़ रहा है और इस आक्रोश को देखते हुए मंगलवार को संतोष वर्मा ने पत्रकारों के सामने सफाई देते हुए बयान दिया है कि उनकी बात को गलत रूप से प्रस्तुत किया गया। यदि उनकी किसी बात से किसी व्यक्ति या वर्ग की भावना आहत हुई है तो वह खेद व्यक्त करते हैं। उनका कहना है कि उनतीस मिनट के भाषण का यह संदर्भ सामाजिक समरसता को लेकर था।उनके बयान को तोड़ मरोड़कर पेश किया गया है। इस पूरे मामले में जैसे जैसे सवर्ण संगठनों का विरोध बढ़ रहा है उसके साथ ही इस आईएएस की मुश्किलें भी बढ़ती जा रही हैं। यह पहला मामला नहीं है जब यह आईएएस विवादों में घिरा हो आईएएस पदोन्नत होने से पहले भी एक महिला ने इस पर शोषण और धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके साथ ही पदोन्नति के लिए हुई डीपीसी में एक न्यायाधीश के फर्जी हस्ताक्षर के मामले में भी यह जेल जा चुका है। अब देखना होगा कि एक बार फिर विवादों में घिरने के बाद आईएएस संतोष वर्मा पर क्या कार्रवाई होती है?

Play

बर्निंग बस इन ग्वालियर; टायर ब्लास्ट से निकली चिंगारी से वीडियो कोच धूँ धूॅ कर जल उठी

ग्वालियर मध्य प्रदेश: ग्वालियर के रायरू क्षेत्र में सोमवार रात को बस में आग लगने का एक ऐसा हादसा हुआ जिसको देखने वाले और सुनने वाले इस घटना के बाद हैरान हैं। हाईवे पर जा रही बस के टायरों से चिरंगारी निकलती है टायर बष्ट होते हैं और तुरंत ही आग की लपटें पूरे बस में फैलने लगती हैं। जिस समय यह घटना होती है बस में 45 यात्री सवार थे जिसमें से कुछ सो भी रहे थे लेकिन चालक और परिचालक की सूझबूझ से इतने भयावह हादसे के बावजूद भी कोई जनहानि नहीं हुई और सभी को समय रहते बस से बाहर निकाल लिया गया लेकिन उसके बाद पूरी बस धू धूकर जल उठी। और आग का गोला बन गई और अंत में जलकर खाक हो गई।

सोमवार की शाम को हरियाणा गुरुग्राम से मध्य प्रदेश के पन्ना के लिए निकली स्लीपर कोच बस यूपी 93 सीटी 6746 ग्वालियर से गुजर रही थी। बस में कहीं कोई कमी नहीं थी। बस ठीक से चल रही थी। रात को लगभग डेढ़ बजे यह बस रायरू स्थित हाईवे से गुजर रही थी। उसी समय ड्राइवर ने देखा कि बस के टायर से चिंगारी निकल रही है ड्राइवर ने तुरंत ही बस को हाईवे के किनारे पर रोक दिया और कंडक्टर को सूचना दी। दोनों ने जल्द ही चिल्लाकर आवाज़ लगाकर सभी यात्रियों को उठाया और 1 1 करके बस से बाहर निकाला। इसी बीच बस में आग भी बढ़ती जा रही थी। समय रहते सभी यात्री बस से बाहर आ गए और कोई जनहानि नहीं हुई।हालांकि बीच सड़क पर जब बस धू धू कर जल रही थी तब हाईवे पर आवागमन प्रभावित हुआ। 

यह भी पढ़ें सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले हो जाएं सावधान, सुप्रीम कोर्ट ने दे दिया बड़ा आदेश

अचानक बस में इस तरह से लगी आग को देखकर बस के स्टाफ के साथ यात्री भी हैरान थे। यात्रियों में डर का माहौल था लेकिन साथ ही सभी सुरक्षित बाहर निकल गए थे। इस पर भगवान को शुक्रिया भी कह रहे थे जब आग धूँ धू कर जल रही थी। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड भी मौके पर पहुंच गई थी। दो गाड़ी फायर ब्रिगेड ने पानी फेंक कर जलती हुई बस की आग बुझाई। लेकिन उस समय तक बस पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी। इसमें कई यात्रियों का सामान भी जल गया था। 

यह भी पढ़ें बेटी लौटाएगी पिता का गौरव; क्रान्ति को मिलेगी नौकरी तो पिता का निलंबन होगा खत्म