भोपाल मध्यप्रदेश: लड़कियों की शादी की उम्र क्या होनी चाहिए और वर्तमान में किस उम्र में शादी हो रही है इसको लेकर हमेशा चर्चा चलती रहती है। यह इस बात का भी आधार माना जाता है कि हमारे समाज में लड़के और लड़कियों को कितना सम्मान समझा जा रहा है। महिला-पुरुष समानता का सामाजिक दृष्टिकोण किस तरह से बदल रहा है, उसकी झलक जनगणना निदेशालय के सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (एसआरएस)- 2023 की रिपोर्ट में सामने आई है। रिपोर्ट बताती है कि मध्य प्रदेश में 62.5 प्रतिशत लड़कियां 21 वर्ष की आयु के बाद विवाह कर रही हैं। इनके विवाह की औसत आयु 23 वर्ष आठ माह है। इस उम्र सीमा तक वह स्नातक और स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी कर लेती हैं, तो कुछ नौकरी में पहुंच जाती हैं।
एसआरएस-2023 के अनुसार, 18 वर्ष से पहले 2% लड़कियों की शादी हो रही थी, जो 2020 की रिपोर्ट में यह 2.1 प्रतिशत थी। हां, 18 से 20 वर्ष की आयु के बीच लड़कियों की शादी 2020 में 41.7 प्रतिशत थी, जो 2023 की रिपोर्ट में घटकर 35.6 प्रतिशत रह गई। प्रदेश में चार लाख 45 हजार लोगों के सर्वे के आधार पर यह रिपोर्ट तैयार की गई है।
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एक समय था, जब बाल विवाह एक कलंक की तरह था, पर अब लड़कियों की विवाह की उम्र बढ़ रही है। बता दें कि कानूनी तौर पर लड़कियों के विवाह की आयु 18 वर्ष और लड़कों की 21 वर्ष है। मध्य प्रदेश में अभी भी ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में विवाह की उम्र में बड़ा अंतर है। प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में जहां 57.5 प्रतिशत लड़कियां 21 साल की उम्र के बाद शादी करना पसंद करती हैं, वहीं शहरी इलाकों में यह दर 80.2 प्रतिशत है। एक ओर जहां अल्प आयु में लड़कियों की शादी होना एक समस्या है वहीं दूसरी ओर बहुत ज्यादा उम्र तक पहुंचने के बाद शादी करना भी समाज में अनेक विकृतियों को जन्म दे रहा है और इसके आंकड़े अब यह रिपोर्ट सामने ला रही है।
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एसआरएस 2020 की रिपोर्ट के अनुसार, तब 56 प्रतिशत लड़कियां 21 वर्ष की होने के बाद विवाह कर रही थीं, यानी महज तीन वर्ष में आंकड़ा साढ़े छह प्रतिशत बढ़ा है। हालांकि, अन्य बड़े राज्यों की तुलना में मध्य प्रदेश में 21 से अधिक आयु में शादी का प्रतिशत अधिक है। 21 वर्ष की आयु के बाद लड़कियों की शादी का राष्ट्रीय औसत 72.2 प्रतिशत है, यानी मध्य प्रदेश इस मामले में पीछे है। इस सर्वेक्षण में यह बात भी सामने आई है कि 18 वर्ष से कम आयु में विवाह की स्थिति में ज्यादा परिवर्तन नहीं आया है। यह भी एक चिंता का विषय है।
