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भोपाल RGPV कैंटीन के खाने में निकली छिपकली, मामला छिपाने स्टाफ खा भी गया!

भोपाल मध्य प्रदेश: भोपाल में स्थित राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV University) एक बार फिर सुर्खियों में है, जहां कैंपस की मुख्य कैंटीन को लेकर छात्रों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। दावा किया जा रहा है कि परोसे गए खाने में एक मरी हुई छिपकली मिली। छात्र मरी हुई छिपकली वाला खाना लेकर कैंटीन संचालक के पास तक पहुंचे थे, लेकिन कैंटीन संचालक यह मानने को तैयार ही नहीं कि यह छिपकली है और संचालक ने अपनी बात को साबित करने के लिए वह टुकड़ा शिमला मिर्च कहते हुए निगल लिया। जिसके बाद पूरे परिसर में हड़कंप मच गया। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

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बताया जा रहा है कि 18 मार्च की रात कुछ छात्र कैंटीन में डिनर कर रहे थे। उन्हें दाल, रोटी, चावल और शिमला मिर्च की सब्जी दी गई थी। खाना खाते समय एक छात्र को सब्जी का स्वाद असामान्य लगा। जब उसने ध्यान से देखा, तो उसमें एक संदिग्ध वस्तु दिखाई दी, जिसे छात्र छिपकली बता रहे हैं। यह देखते ही अन्य छात्र भी सतर्क हो गए और तुरंत कैंटीन स्टाफ को इसकी सूचना दी।

मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब कैंटीन कर्मचारी ने उस टुकड़े को छिपकली मानने से इनकार कर दिया। छात्रों के मुताबिक, कर्मचारी ने उसे शिमला मिर्च बताते हुए खुद खाकर दिखाया। इस पूरी घटना को वहां मौजूद छात्रों ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

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इस घटना के बाद छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई और कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि कैंटीन की गुणवत्ता और साफ-सफाई को लेकर पहले भी कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन सुधार के ठोस कदम नहीं उठाए गए। छात्रों ने वाइस चांसलर को ज्ञापन सौंपकर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

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इंस्टाग्राम पर हाईटेक सेक्स रैकेट, हैरान करने वाला खुलासा

मुरादाबाद उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में पुलिस ने एक बड़े सेक्स रैकेट का खुलासा करते हुए सनसनी फैला दी। शहर के व्यस्त बुधबाजार इलाके में स्थित एक होटल में देर रात छापेमारी कर पुलिस ने तीन युवतियों सहित कुल 14 लोगों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस पूछताछ में जानकारी मिली कि यह पूरा सेक्स रैकेट इंस्टाग्राम पर लड़कियों से संपर्क कर और वहीं पर ग्राहकों को बुक कर चलाया जा रहा था।

होटल के कमरों में आपत्तिजनक हालत में मिले युवक-युवतियां
पुलिस को मिली गुप्त सूचना के आधार पर जब टीम ने होटल में दबिश दी, तो कमरा नंबर 102, 104 और 105 में युवक-युवतियां आपत्तिजनक स्थिति में पाए गए। मौके पर ही पुलिस ने सभी को हिरासत में ले लिया। इस दौरान होटल के अन्य कमरों की भी जांच की गई, जिसमें कई संदिग्ध गतिविधियों के संकेत मिले।

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दिल्ली और गोरखपुर से बुलाई गई थीं युवतियां
पुलिस जांच में सामने आया कि पकड़ी गई युवतियां दिल्ली और गोरखपुर से लाई गई थीं। पूछताछ में उन्होंने बताया कि होटल के मैनेजर ने उन्हें संपर्क कर मुरादाबाद बुलाया था। युवतियों ने यह भी खुलासा किया कि उन्हें लालच देकर बुलाया गया और उनकी इच्छा के विरुद्ध कई ग्राहकों के साथ संबंध बनाने के लिए मजबूर किया जाता था। ग्राहकों को जुटाने के लिए यह सेक्स रैकेट इंस्टाग्राम का प्रयोग कर रहा था।

पूछताछ के दौरान होटल मैनेजर ने कबूल किया कि वह यह पूरा धंधा होटल मालिक के निर्देश पर चला रहा था। इस अवैध कारोबार से होने वाली कमाई दोनों के बीच बराबर बांटी जाती थी। पुलिस ने होटल मालिक को भी इस मामले में नामजद किया है, जो फिलहाल फरार बताया जा रहा है और उसकी तलाश जारी है।

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कलयुगी पुत्र की दरिंदगी: जिस माँ ने जन्म दिया, उसी के गले में कस दी मौत की डोरी

डबरा: मध्यप्रदेश: पिछोर की यह घटना इंसानियत को अंदर तक झकझोर देने वाली है, जहां एक बेटे ने ही अपनी मां के जीवन की डोर को बेरहमी से तोड़ दिया। जिस मां ने अपने बच्चे को जन्म दिया, उसे पाल-पोसकर बड़ा किया, उसी मां की जिंदगी उसके ही बेटे के हाथों इस कदर खत्म हो जाएगी, शायद किसी ने सोचा भी नहीं होगा। यह सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि रिश्तों, संस्कारों और मानवता की एक साथ हुई निर्मम हत्या है।

20 मार्च की रात पिछोर कस्बे के बड़ा बाजार, हिंगलाज माता मंदिर के पास रहने वाली वृद्ध महिला लक्ष्मी रजक अपने ही घर में मृत अवस्था में मिलीं। शुरुआत में यह एक सामान्य संदिग्ध मौत लग रही थी, लेकिन जैसे-जैसे परतें खुलती गईं, एक भयावह सच्चाई सामने आती गई। घर के अंदर दुकान में फर्श पर पड़ी मां के गले में कसकर बंधा स्टोल इस बात की गवाही दे रहा था कि यह मौत सामान्य नहीं थी।

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सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, घटनास्थल को सुरक्षित किया गया और हर पहलू से जांच शुरू की गई। “लास्ट सीन” थ्योरी, आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच और चश्मदीद गवाहों के बयान इस मामले की कड़ी दर कड़ी जोड़ते चले गए। पुलिस को जल्द ही शक घर के ही सदस्य, बेटे संजय रजक पर गया, जो घटना के समय आसपास मौजूद था और शराब के नशे में पाया गया।
जांच में सामने आया कि संजय रजक लंबे समय से शराब का आदी था और आए दिन अपनी मां से झगड़ा करता था। संपत्ति को लेकर विवाद, घर के अंदर तनाव और पारिवारिक कलह ने धीरे-धीरे इस रिश्ते को जहर से भर दिया था। घटना वाली रात भी विवाद ने उग्र रूप ले लिया। गुस्से में अंधा होकर बेटे ने पहले अपनी मां को जोर से जमीन पर पटक दिया, जिससे वह घायल हो गईं। इसके बाद भी उसका गुस्सा शांत नहीं हुआ और उसने अपनी ही मां के गले में उनके पहने हुए स्टोल को कस दिया, जब तक कि उनकी सांसें थम नहीं गईं।

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इस दौरान मौजूद चश्मदीद गवाह ने जब बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो आरोपी ने उसे भी जान से मारने की धमकी दी। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी ने मामले को छिपाने और पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन सच ज्यादा देर तक छिप नहीं सका।
पुलिस ने जब वैज्ञानिक साक्ष्यों, गवाहों के बयान और परिस्थितियों के आधार पर आरोपी से सख्ती से पूछताछ की, तो वह टूट गया और अपना गुनाह कबूल कर लिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी यह साफ हो गया कि महिला की मौत गला घोंटने से हुई है, जिससे हत्या की पुष्टि हो गई।
इस पूरे मामले के खुलासे में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (देहात) जयराज कुबेर की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिन्होंने शुरुआत से ही इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए। वहीं पिछोर थाना प्रभारी शिवम राजावत की सक्रियता, सतर्कता और लगातार मेहनत के चलते पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर इस अंधे कत्ल का पर्दाफाश कर दिया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

यह घटना सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं है, बल्कि पूरे समाज के लिए एक चेतावनी है कि जब रिश्तों में संवाद खत्म हो जाता है और नशा, क्रोध व स्वार्थ हावी हो जाते हैं, तो परिणाम कितने भयावह हो सकते हैं। आज हर व्यक्ति के मन में यही सवाल उठ रहा है कि आखिर एक बेटा इतना निर्दयी कैसे हो सकता है।
ईश्वर से यही प्रार्थना है कि दिवंगत मां की आत्मा को शांति प्रदान करें और समाज को ऐसे कृत्यों से दूर रहने की सद्बुद्धि दें। साथ ही यह भी आवश्यक है कि ऐसे अपराध करने वालों को कठोरतम सजा मिले, ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह रिश्तों को कलंकित करने की हिम्मत न कर सके।

भरत रावत, संवाददाता, डबरा का विशेष आलेख

मधुमक्खी के जानलेवा हमले में 24 भेड़ों की मौत

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शाजापुर: मध्यप्रदेश: मधुमक्खी के काटने से भेड़ों की मौत का यह मामला आपको हैरान कर सकता है। यह हकीकत सामने आ रही है अवंतिपुर बड़ोदिया थाना क्षेत्र के तिलावद मैना पुलिस चौकी क्षेत्र से जहां ग्राम सलकनखेड़ी में मधुमक्खियों के हमले से 24 भेड़ों की मौत हो गई। घटना में राजस्थान का एक चरवाहा भी घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए सीहोर रेफर किया गया है। मृत भेड़ें मौके पर ही पड़ी हुई हैं। घायल चरवाहे की पहचान हरतीगा राम पिता रूपा जी देवासी के रूप में हुई है, जो मूल रूप से ग्राम काम्बा, तहसील आहोर, जिला जालौन का निवासी है। वह अपने तीन अन्य साथियों के साथ मध्य प्रदेश में 350 भेड़ें लेकर आया था। उसके एक साथी नाथा जी को भी चोटें आई हैं।

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तिलावद पुलिस चौकी की सूचना पर पशु चिकित्सक मौके पर पहुंचे और मृत भेड़ों का पोस्टमार्टम किया। चौकी प्रभारी घनश्याम बैरागी ने बताया कि सूचना मिलते ही मौका मुआयना कर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की गई। चरवाहा हरतीगा राम ने बताया कि वे तीन महीने से अपनी भेड़ों के साथ मध्य प्रदेश में हैं। यह उनके लिए दूसरी बड़ी त्रासदी है। इससे पहले 25 फरवरी को मैना के साप्ताहिक बाजार से खरीदी गई मिलावटी हल्दी खिलाने के बाद उनके समूह की 220 भेड़ों की मौत हो गई थी। घटना ने चरवाहा समूह को भारी नुकसान पहुंचाया है। हरतीगा राम ने प्रशासन से मुआवजे की गुहार लगाई है।

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1cr हवाला रुपयों में डील पुलिस को पड़ी भारी, चार पुलिसकर्मी के बाद एसपी की भी छुट्टी!

गुना मध्यप्रदेश: गुना में हुए हवाला नोट कांड में cm डॉ मोहन यादव ने सख्त रुख अपनाते हुए गुना sp अंकित सोनी को हटाने के निर्देश दिए हैं cm ने x पर पोस्ट कर जानकारी दी है और एक स्पष्ट संदेश दिया है cm ने पोस्ट पर सख्त संदेश देते हुए कहा है कि किसी भी स्तर पर प्रशासनिक लापरवाही अनियमितता स्वीकार नहीं होगी दोषियों पर कठोर कार्यवाही आगे भी जारी रहेगी।

गुना की रूठियाई चौकी पर यह पूरा मामला घटित हुआ था जहां 20 मार्च रात गुजरात पासिंग एक स्कार्पियो गाड़ी एक करोड़ करीब नगदी की बड़ी रकम लेकर जा रही थी जिसे रूठियाई चौकी पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने रोका गाड़ी ओर नगदी गुजरात के जीरा व्यापारी की बताई जा रही है नगदी के बारे में स्पष्ट जवाब नहीं देने पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने 20 लाख लेकर गाड़ी को छोड़ा गया था।

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मध्यप्रदेश के गुना जिले में बहुचर्चित ‘नोटकांड’ मामले में पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। गुना एसपी अंकित सोनी ने धरनावदा थाना प्रभारी एसआई (SI) प्रभात कटारे सहित चार पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
निलंबित होने वाले पुलिसकर्मियों में साजिद हुसैन (ASI), देवेंद्र सिंह सिकरवार (प्रधान आरक्षक), सुंदर रमन (आरक्षक) शामिल हैं। प्रारंभिक जांच के दौरान इन चारों पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई थी, जिसके बाद एसपी ने यह कड़ा निर्णय लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी (DIG) अमित सांघी स्वयं इस पूरे घटनाक्रम की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि डीआईजी अमित सांघी ने देर रात तक संबंधित पुलिसकर्मियों से कड़ी पूछताछ की है।

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डीआईजी अमित सांघी ने स्पष्ट किया था कि इस मामले में केवल निलंबन ही काफी नहीं है, बल्कि एक विस्तृत और गहन जांच (Detailed Investigation) के आदेश भी दे दिए गए हैं। उन्होंने कहा, “इस मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच की जरूरत है ताकि सच्चाई सामने आ सके।” नोट कांड की जानकारी जैसी ग्वालियर रेंज के वरिष्ठ अधिकारियों को लगते ही dig अमित सांघी ने मामले की जांच का मोर्चा संभाला ओर नोट कांड में शामिल 1 थाना प्रभारी सहित 4 अन्य पुलिस कर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया था मामले के बाद से पुलिस की छवि काफी धूमिल हुई कही न कही पुलिस की साख बचाने अब सख्त कार्यवाही करते हुए गुना sp अंकित सोनी को हटाने के निर्देश दिए गए हैं।

यूके से एमबीए पास जिला पंचायत अध्यक्षा की अनूठी पहल, नवरात्र के नौ दिन नौ बेटियों को दी अध्यक्ष की कुर्सी

भिंड मध्यप्रदेश: इस समय पूरे देश में चैत्र नवरात्र चल रहे हैं। यह भी हकीकत है कि चाहे नवरात्र हो लेकिन कन्या भ्रूण हत्या एक कलंक की तरह इन दिनों में भी चलता है। यदि मध्यप्रदेश में लिंगानुपात की बात करें तो भिंड की हालत बहुत बदतर है और यहां पर कन्या भ्रूण हत्या के मामले बहुत अधिक हैं। भिंड पर लगे इस कलंक को मिटाने के लिए भिंड जिला पंचायत अध्यक्ष कामना सिंह भदौरिया ने एक अनूठी पहल शुरू की है। नवरात्र में नौ दिन उन्होंने कक्षा 7 से 11वीं तक की छात्राओं का चयन किया है और हर दिन एक बेटी को अपनी जिला पंचायत की कुर्सी संभालने का मौका दिया है। उनका मानना है कि उनकी इस अनूठी पहल से भिंड के लिंगानुपात का जो बड़ा अंतर है, उसमें कमी आएगी।

भिंड में लिंगानुपात का अंतर बहुत ज्यादा है। और शासन के तमाम प्रयास अभी तक बहुत ज्यादा अंतर नहीं ला पाए हैं। वर्तमान में कामना सिंह भदौरिया भिंड जिला पंचायत की अध्यक्षता हैं। उन्होंने यूके से एमबीए किया है और यह बात साबित कर दी है कि एक महिला चाहे तो सफलता की कहानियाँ लिख सकती हैं, कामना सिंह भदौरिया ने नवरात्र के 9 दिन अपनी कुर्सी क्षेत्र की बेटियों को सौंप दी है। उनका कहना है कि प्रशासनिक और राजनीतिक क्षेत्र में लड़कियों की सक्रिय भागीदारी का रुझान बढ़ा है। और उनके इस प्रयास से पूरे क्षेत्र में यह संदेश जाएगा और एक सकारात्मक बदलाव की दिशा में उनका यह प्रयास एक मिसाल बनेगा।

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उनके इस अनूठे प्रयास के अंतर्गत नवरात्र के पहले दिन कक्षा 7वीं की छात्रा मानवी गुर्जर को जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठने का मौका मिला। दूसरे 9वीं की छात्रा अयाति शर्मा ने यह पद संभाला और तीसरे दिन कक्षा 10वीं की छात्रा विधि भधौरिया ने जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी संभालकर प्रशासनिक कार्यों की जानकारी ली। पूरा कार्य बिलकुल विधिवत तरीके से हुआ। यह छात्राएं। जब कार्यालय पहुंची तो उनका स्वागत किया गया। विधि को जल गंगा संवर्धन अभियान की जानकारी दी गई।विधि ने बिजली कंपनी के इंजीनियर नितिन डोंगरे के साथ विभागीय कार्यों की समीक्षा भी की। इस दौरान स्थानीय विधायक बन्नाबीन एवं नवीनीकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने वीडियो कॉल के माध्यम से विधि से बातचीत कर उन्हें बधाई भी दी।

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आपको बता दें कि कामना सिंह भदौरिया जिला पंचायत भिंड में वर्तमान में अध्यक्ष हैं। उन्होंने इंग्लैंड के लैंकेस्टर यूनिवर्सिटी से एमबीए किया है और वापस अपने शहर में आकर हमेशा महिलाओं के उत्थान के लिए प्रयासरत रही। उनका कहना है कि नवरात्र के अवसर पर कुछ अलग और प्रेरणादायी करने के उद्देश्य से उन्होंने यह पहल शुरू की है। इसका उद्देश्य बेटियों में नेतृत्व क्षमता विकसित करना आत्मविश्वास बढ़ाना, राजनीतिक समझ पैदा करना और प्रशासन में शिक्षित महिलाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करना है। नौ दिन अलग अलग कक्षा की छात्राओं को बुलाने का उद्देश्य अलग अलग आयु वर्ग की बेटियों में प्रशासनिक कार्यप्रणाली की समझ बढ़ाना है। कामना सिंह भदौरिया का यह प्रयास इस समय पूरे प्रदेश में चर्चाओं में है। राकेश शुक्ला के साथ ही भिंड के प्रभारी मंत्री प्रह्लाद पटेल ने भी आयाती शर्मा से वीडियो कॉल पर बात कर उनका उत्साह बढ़ाया है। अब देखना होगा कि कामनस ने भदौरिया का यह प्रयास भिंड में लिंग अनुपात को कम करने में कितना सफल होता है?

भाजपा विधायक अपनी ही सरकार के विरोध में धरने पर, मुद्दा कांग्रेस के पूर्व मंत्री का!

भिंड मध्यप्रदेश: लहार से भाजपा विधायक अम्बरीश शर्मा अपनी ही सरकार के विरोध में धरने पर बैठने को मजबूत है। इसको लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है और चर्चा में भाजपा सरकार पर आरोप लग रहे हैं, वह हैरान करने वाले हैं।  लहार में पूर्व विधायक पूर्व मंत्री कांग्रेस के डॉ गोविंद सिंह का लंबे समय से दबदबा रहा है। अम्बरीश शर्मा ने यहां से डॉक्टर गोविंद सिंह को हराकर इतिहास रचा है। अम्बरीश शर्मा विधायक तो बन गए लेकिन क्षेत्र में डॉक्टर गोविंद सिंह की पकड़ और अकड़ बिल्कुल भी कम नहीं हुई, ऐसा यहां के राजनीतिक विशेषज्ञ बताते हैं। तमाम ऐसे मामले हैं जिसमें प्रदेश सरकार डॉक्टर गोविंद सिंह के विरोध में कार्रवाई करने से बचती नजर आ रही है। ऐसे आरोप भी लग रहे हैं कि भाजपा के ही कुछ कद्दावर क्षत्रिय नेताओं का डॉ॰ गोविंद सिंह को समर्थन है। और यही सब देखते हुए अब लाहार विधायक अंबरीश शर्मा ने अपनी ही सरकार के विरोध में मोर्चा खोल दिया है।

विधायक शर्मा का कहना है कि सरकारी नापतोल में यह स्पष्ट हो चुका है कि संबंधित कोठी आम रास्ते की भूमि पर बनी है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट और स्थानीय न्यायालयों में भी पक्ष रखा जा चुका है, लेकिन कहीं से भी कब्जे के पक्ष में फैसला नहीं आया है और हर स्तर पर रास्ता छोड़ने की बात कही गई है। विधायक ने कहा कि अनुसूचित जाति समाज पिछले दो वर्षों से इस मुद्दे को लेकर आंदोलनरत है और जनप्रतिनिधि होने के नाते उनकी आवाज उठाना उनका दायित्व है। उन्होंने कहा कि, “जनता की समस्याओं के समाधान के लिए धरना देना पड़े तो वह भी करेंगे।”

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धरने के दौरान विधायक शर्मा ने सिंध नदी की रेत खदानों को लेकर भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि जिले की खदानों को तीन हिस्सों में बांटा गया है, जिसमें भिंड और मेहगांव क्षेत्र की खदानें चालू हैं, लेकिन लहार की खदानें बंद होने से यहां रेत की भारी कमी बनी हुई है। इससे लोगों को मकान निर्माण में दिक्कतें आ रही हैं और रॉयल्टी के बावजूद रेत उपलब्ध नहीं हो पा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन इस क्षेत्र की लगातार अनदेखी कर रहा है, जिससे जनता अपने आपको ठगा हुआ महसूस कर रही है।

विधायक ने बिजली विभाग पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि लहार क्षेत्र में पदस्थ उप महाप्रबंधक द्वारा उपभोक्ताओं को परेशान किया जा रहा है और मनमाने बिल दिए जा रहे हैं। शिकायत लेकर जाने वाले लोगों से भी अधिकारियों का व्यवहार ठीक नहीं है। विधायक ने संबंधित महिला अधिकारी को हटाने की मांग उठाई है। विधायक शर्मा ने स्पष्ट किया कि उनका मकसद राजनीति नहीं, बल्कि क्षेत्र की जनता को न्याय दिलाना है। उन्होंने कहा कि, “विधायक रहना या न रहना अलग बात है, लेकिन जनता की समस्याओं को उठाना उनकी प्राथमिकता है।”

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योग केंद्र में चीन से कागज मंगा छप रहे नकली नोट, गुजराती का गजब कारनामा!

डिजिटल डेस्क अहमदाबाद: नोट कमाने के लिए कुछ भी करेगा का एक और कारनामा गुजरात से निकल कर आया है। और वैसे भी गुजराती कारनामों के बारे में तो पूरा देश जानता ही है। जिन हाथों में योग की मुद्राएँ और माला होनी चाहिए थी, उन्हीं हाथों में आज 500-500 रुपये के नकली नोटों के बंडल हैं! सूरत का एक तथाकथित योग गुरु और जमीन दलाल रातोंरात अमीर बनने की ऐसी राह पर चढ़ गया कि घर के एक कोने में ही कलर प्रिंटर लगाकर ‘लक्ष्मीजी’ छापने लगा। अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने जब फॉर्च्यूनर कार रोकी, तो उसके अंदर से इतनी नकदी निकली कि पुलिस गिनते-गिनते थक गई और आखिरकार बैंक से नोट गिनने की मशीन मंगवानी पड़ी। इस हाई-प्रोफाइल रैकेट में 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

नकली नोट के इस कारोबार मेंमुख्य आरोपी के रूप में सूरत के कामरेज के पास ‘श्री सत्यम योग फाउंडेशन’ चलाने वाले प्रदीप जोटंगिया का नाम सामने आया है। जांच में खुलासा हुआ है कि प्रदीप योग कक्षाओं के जरिए लोगों के असाध्य रोग दूर करने का दावा करता था। हालांकि, संस्था चलाने के लिए पर्याप्त धन न मिलने पर उसने रातोंरात अमीर बनने के लिए नकली नोट छापने का रास्ता अपना लिया। सेवा के नाम पर चल रही इस एनजीओ के संचालक ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर पूरा नेटवर्क खड़ा कर लिया था।

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आरोपियों ने अपना अपराध कबूल करते हुए पुलिस को बड़ी अजीबोगरीब कहानी सुनाई है कि वे आर्थिक तंगी से गुजर रहे थे। खास तौर पर प्रदीप जोटंगिया को अपनी संस्था चलाने और मरीजों के लिए सुविधाए खड़ी करने के लिए पैसों की जरूरत थी। दूसरी ओर जमीन दलाल मुकेश ठुम्मर भी आर्थिक संकट में था, इसलिए इस गिरोह ने मिलकर शॉर्टकट अपनाया। असली जैसी दिखने वाली नकली नोटें छापकर बाजार में चलाने का उनका इरादा था, ताकि वे अपनी आर्थिक जरूरतें और लग्जरी लाइफस्टाइल पूरी कर सकें।

पुलिस जांच में सामने आया कि नकली नोटों का यह कारखाना पिछले तीन महीनों से सूरत के सरथाणा इलाके में स्थित कृष्णा रो-हाउस में धड़ल्ले से चल रहा था। आरोपी मुकेश ठुम्मर ने अपने दो मंजिला मकान में ही कलर प्रिंटर, कटर मशीन और खास तरह का कागज लाकर नकली नोट छापने शुरू कर दिए थे। उसने चीन से ऐसे विशेष कागज मंगवाए थे, जो असली नोटों जैसे दिखाई देते थे। इसके बाद उन्हीं कागजों पर प्रिंटिंग कर नकली करेंसी तैयार की जाती थी। हैरानी की बात यह है कि उसके मकान की पहली मंजिल पर किरायेदार रहते थे, फिर भी किसी को भनक न लगे, इस तरह यह गिरोह दिन-रात 500 रुपये के नोट छापने में जुटा रहता था।

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आरोपी सूरत से अपनी लग्जरी फॉर्च्यूनर कार (GJ-05-RS-5252) में करोड़ों रुपये के नकली नोट भरकर ग्राहकों की तलाश में अहमदाबाद आए थे। कार के अंदर काले रंग के बैग और सफेद थैलों में 500 रुपये के नोटों के लगभग 440 बंडल व्यवस्थित तरीके से पैक किए गए थे। हालांकि, क्राइम ब्रांच ने तकनीकी निगरानी और मानव खुफिया सूचना की मदद से इस कार को पकड़ लिया। अंदर तलाशी लेने पर पुलिस अधिकारी भी एक पल के लिए दंग रह गए। इस गिरोह में हर सदस्य को अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी गई थी। कोई कागज की व्यवस्था करता था, तो कोई ग्राहक ढूंढ़ने का काम करता था। महिला आरोपी आरती बेन की भी इस रैकेट में सक्रिय भूमिका होने का खुलासा पुलिस जांच में हुआ है।

मुकेश मल्होत्रा की बची विधायकी, फिर भी कांग्रेस की बढी मुश्किल

ग्वालियर भोपाल मध्य प्रदेश: कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिल गई है. उनको अगली सुनवाई तक स्टे मिल गया है. अब इस मामले में अगली सुनवाई 23 जुलाई को होगी. मुकेश मल्होत्रा की तरफ से विवेक तन्खा ने की पैरवी की. लेकिन सुप्रीम कोर्ट की तरफ से यह भी बताया गया है कि उन्हें विधायक के तौर पर मिलने वाले भत्ते और पेंशन नहीं मिलेंगे. इसके अलावा वह राज्यसभा चुनाव में वोट भी नहीं डाल पाएंगे.

विजयपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनावों के परिणामों को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। इसमें कहा गया था कि मुकेश मल्होत्रा ने कुछ आपराधिक मामलों का उल्लेख नहीं किया था। इस याचिका पर हुई सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए विधायक कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा की विधायकी को शून्य घोषित करते हुए, फैसले में रामनिवास रावत को विधायक घोषित करने का आदेश दिया था। हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद कांग्रेस नेता मुकेश मल्होत्रा ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

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हाईकोर्ट ने मुकेश मल्होत्रा के निर्वाचन को शून्य घोषित कर जहां रामनिवास रावत को विधायक घोषित करने का फैसला सुनाया था। इसके बाद मुकेश मल्होत्रा ने हाईकोर्ट में आवेदन देकर सुप्रीम कोर्ट में अपील के लिए समय मांगा था। इसके बाद हाईकोर्ट ने मल्होत्रा की अपील स्वीकार की और उन्हें सुप्रीम कोर्ट जाने के लिए 15 दिन का समय दिया था। आज 19 मार्च को मुकेश मल्होत्रा की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर स्टे लगा दिया है। जिसके बाद मुकेश मल्होत्रा विधायक बने रहेंगे।

मुकेश मल्होत्रा के केस में ऐसा फैसला आया है, जिसमें उन्हें भी राज्यसभा चुनाव में वोट डालने का मौका नहीं मिल पाएगा. ऐसे में कांग्रेस के पास वोट डालने के लिए सिर्फ 63 विधायक ही बचे हैं. अगर इनमें से 6 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग कर दी, तो कांग्रेस के लिए राज्यसभा की सीट जीत पाना मुश्किल होगा। फैसला अब मोगेश मल्होत्रा के पक्ष में तो है क्योंकि उन्हें विधायिका वापस मिल गई है, लेकिन उन्हें विधायक होने के अधिकार नहीं दिए गए हैं और इसका खामियाजा आने वाले राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस को हो सकता है।

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भाजपा विधायक ने मंच से ही मोहन सरकार के कलेक्टर को बताया नाकारा

गुना मध्यप्रदेश: गुना कलेक्टर किशोर कान्याल एक बार फिर सुर्खियों में हैं। गुना विधायक पन्नालाल शाक्य ने उन पर गंभीर आरोप लगाए हैं और उनको नाकारा तथा कागजों में काम करने वाला तक कह डाला। सबसे बड़ी बात है कि यह बयान उन्होंने किसी केबिन में नहीं बल्कि एक मंच से सार्वजनिक तौर पर दिया है। आपको बता दें कि गुना कलेक्टर किशोर कान्याल इससे पहले भी सुर्खियों में रह चुके हैं। लेकिन अब भाजपा विधायक द्वारा ही उनके ऊपर की गई यह टिप्पणी एसएमएस सुर्खियों में है।

गुना विधायक पन्नालाल शाह के गुना के मानस भवन में आयोजित विक्रमोत्सव कार्यक्रम में शिरकत कर रहे थे। गुना कलेक्टर किशोर कान्याल भी वहीं मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान ही गुनिया नदी के अतिक्रमण को हटाने की योजना पर कलेक्टर की कार्यशैली पर विधायक जी ने तंज कस दिया। मंच से ही आमजन को संबोधित करते हुए विधायक पन्नालाल शाक्य ने किशोर कान्याल को नाकारा और कागजों में काम करने वाला कलेक्टर बता दिया। उन्होंने कहा कि कागजों में काम करने से कुछ नहीं होगा, जमीन पर परिणाम दिखने चाहिए। आगे पन्नालाल ने कहा की गुनिया नदी का काम आसान नहीं है और इस पर बाहरी दबाव भी आएंगे। अगर यह काम पूरा कर पाए तभी गुना के विकास में योगदान माना जाएगा।

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जिस समय विधायक पन्नालाल शाक्य यह बात कह रहे थे गुना कलेक्टर किशोर कान्याल वहीं मौजूद थे और चुपचाप अपने पर लगे आरोप सुनते रहे लेकिन वहां उपस्थित अन्य अधिकारी उस समय असहज नजर आए। विधायक पन्नालाल शाक्य ने मानस भवन का जिक्र करते हुए पूर्व कलेक्टर रमाकांत मिश्रा की तारीफ की और वर्तमान कलेक्टर किशोर कान्याल से तुलना करते हुए तीखी टिप्पणी करते हुए कहा, आप जैसे नाकारा अफसर आते जाते रहेंगे।साथ ही विधायक ने लोगों को नसीहत दी कि कमियों पर सिर्फ हंगामा करने के बजाय सहनशीलता भी जरूरी है। साथ ही विधायक ने प्रशासन को सख्ती बरतने की बात कहते हुए कहा कि बिना तारना के आदमी समझता नहीं है।

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