भोपाल मध्य प्रदेश: एक और जहां मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार अपने दो वर्ष पूरे होने का गुणगान कर रही है और कई उपलब्धियाँ गिना रही हैं तो वहीं नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने एक मीडिया हाउस से चर्चा करते हुए भाजपा के दो साल के कार्यकाल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि भाजपा ने घोषणापत्र में जो वादे किए थे उन्हें दो वर्ष में भी पूरा नहीं कर पाई है। अगर प्रदेश आत्मनिर्भर और सक्षम हो रहा है तो कर्ज की आवश्यकता ही नहीं है। प्रदेश की जनता को वर्ष दो हजार सैंतालीस के सपने दिखाने की जगह आज सरकार क्या कर रही है?क्या सरकार ने रियायतें दी? ऐसे तमाम सवालों के साथ उमंग सिंघार ने भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा है।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आगे आरोपों की झड़ी लगाते हुए कहा कि कागजों में योजना बना ली जाती हैं पर उनके लिए बजट रखा ही नहीं जाता। जब बजट ही नहीं रहेगा तो क्या होगा जिसकी जितनी हिस्सेदारी उसकी उतनी भागीदारी इस आधार पर सरकार बजट रखेगी तो धरातल पर योजनाएं दिखेंगी। वर्तमान सरकार पूरी तरह विफल है लेकिन उनकी विफलताएं गिनाने पर वह कांग्रेस से पूछती हैं कि पन्द्रह महीने में कांग्रेस ने क्या बदल दिया। कांग्रेस की सरकार आई थी तो किसानों की कर्जमाफी का वादा तुरंत पूरा किया था।

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जनता के मुद्दे उठाने के मामले में उमंग सिंघार ने कहा कि सदन में कम बैठकों की वजह से विपक्ष को जनता की आवाज़ उठाने का पर्याप्त अवसर नहीं मिल पा रहा है। हमारी पहली कोशिश यही है कि बैठकों की संख्या बढ़ाई जाए।सरकार महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा से बचना चाहती है। विपक्ष की बात सुनने का सरकार के पास समय नहीं है वह सिर्फ अपना बिजनेस करना चाहती है।सरकार महत्वपूर्ण मुद्दों पर समय देना नहीं चाहती ध्यान आकर्षण और लोक महत्व के विषय विधायकों ने लगाए पर उन पर जवाब नहीं देना चाहती।
अभी हाल ही में जिस तरह से विधानसभा में अब मर्यादित शब्दों का प्रयोग हुआ उस पर उमंग सिंघार ने कहा कि लोकतंत्र के मंदिर में ऐसा बिल्कुल भी नहीं होना चाहिए सरकार चर्चा नहीं करना चाहती और वह भी डराकर।वह विपक्ष को नहीं देश की जनता को डराना चाहती है उसकी आवाज बंद करना चाहती है।यह प्रदेश की जनता का अपमान है।
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