ग्वालियर मध्य प्रदेश: जीवाजी विश्वविद्यालय के एक कर्मचारी ने सेंट्रल लाइब्रेरी की बिल्डिंग से कूदकर आत्महत्या कर ली है। यह कर्मचारी अंगज जाटव माली के रूप में काम करता था।लाइब्रेरी के कर्मचारियों ने बताया कि अंगद पिछले कुछ दिनों से तनाव में चल रहा था। हालांकि तनाव को लेकर कई वजह सामने आ रही हैं लेकिन एक कारण यह भी निकल कर आ रहा है कि उसका स्थानांतरण सेंट्रल लाइब्रेरी से दूसरे विभाग में कर दिया गया था लेकिन उस विभाग में उसे ज्वाइनिंग नहीं मिल रही थी। हालांकि कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है लेकिन जीवाजी विश्वविद्यालय प्रबंधन इस बारे में कोई भी जानकारी देने से बच रहा है।
आपको बता दें कि अभी हाल ही में जीवाजी विश्वविद्यालय प्रबंधन ने कर्मचारियों के स्थानांतरण कर उनके विभाग बदले थे। अंगद जाटव भी इसी स्थानान्तरण वाली सूची में शामिल था। अंगद को लाइब्रेरी से हटा कर अन्य विभाग में स्थानांतरित कर दिया गया था लेकिन उसे दूसरे विभाग में ज्वाइन भी नहीं करवाया गया था। इससे परेशान होकर शाम 4 बजे वह सेंट्रल लाइब्रेरी के भवन से कूद गया। अन्य साथी कर्मचारियों ने जब उसे नीचे घायल अवस्था में देखा तो तुरंत नजदीकी आरोग्यधाम अस्पताल पहुँचाया। उसकी गंभीर हालत देखकर उसे ट्रॉमा सेंटर भेज दिया गया जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
यह भी पढ़ें सड़क के गड्ढों ने रोकी शहर की रफ्तार क्योंकि भ्रष्टाचार है सुपरफास्ट

पुलिस ने आत्महत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस पूछताछ में भी अंगद के तनाव में रहने की जानकारी सामने आई है। लेकिन इस पूरे मामले में जीवाजी विश्वविद्यालय प्रबंधन खामोश है।एक कर्मचारी के मौत के बाद प्रबंधन किसी भी तरह का जवाब नहीं दे रहा है। प्रबंधन की तरफ से न तो मौत की पुष्टि की गई है ना ही संवेदना व्यक्त की गई है। विश्वविद्यालय प्रबंधन का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में विश्वविद्यालय का पक्ष नहीं रख रहा है। स्थानांतरण के बाद जॉइनिंग न देना कहीं न कहीं विश्वविद्यालय प्रबंधन की लापरवाही भी उजागर कर रहा है।
यह भी पढ़ें जाँच की चादर का ताना बाना ऐसे बुनो कि भ्रष्टाचार के गड्ढों को पूरी तरह ढक दे!
