भोपाल मध्य प्रदेश: तकनीक के बढ़ने के साथ साथ तकनीक का दुरुपयोग भी बढ़ता जाता है और कई शातिर दिमाग के लोग इस तकनीक का उपयोग दूसरों को परेशान करने में करते हैं। आजकल डी फेक और आई के जरिए फर्जी फोटो और वीडियो बनाए जाते हैं।कई युवतियां जो सोशल मीडिया अकाउंट हैंडल करती हैं उनके फोटो और वीडियो निकालकर उन्हें तकनीक के माध्यम से एडल्ट कंटेंट में बदल दिया जाता है और इस तरह उन्हें परेशान किया जाता है। इस तरह की कई घटनाएं पिछले लंबे समय से देखने को मिल रही हैं। एआई का इस्तेमाल करके कई अश्लील फोटो बनाए गए और सोशल मीडिया पर प्रसारित किए गए जिनकी शिकायत साइबर हेल्पलाइन पोर्टल पर की गई और पीड़ितों को इस परेशानी से निजात भी मिली।
हर व्यक्ति जो आज सोशल मीडिया का प्रयोग कर रहा है वहां अपने वीडियो और फोटो पोस्ट कर रहा है।वह इस तरह के डीप फेक और एआई जनरेटेड कंटेंट का शिकार हो सकता है।इससे बचने के लिए आपको यह जानकारी होना चाहिए कि कहां शिकायत करना है और कैसे शिकायत करना है। इस तरह के कंटेंट की शिकायत के लिए आपको तमाम सावधानियों की जरूरत है जिस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आपका ऐसा कंटेंट डला हो उसकी लिंक उसका स्क्रीनशॉट आपको लेना चाहिए और पोस्ट किए गए कंटेंट का टाइम और तारीख भी नोट कर लेना चाहिए और इन सबको सुरक्षित रखकर आपको साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी साइबर सेल में शिकायत करनी चाहिए।
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यदि आपको इस तरह के कंटेंट किसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दिखाई देते हैं तो आप उसी प्लेटफॉर्म पर भी रिपोर्ट कर सकते हैं। फेसबुक हो या इंस्टाग्राम या यूट्यूब? वह हर एक यूजर को रिपोर्ट या अब यूज करने का विकल्प भी देता है। इस तरह के किसी अश्लील कंटेंट को देखने पर आप उसकी रिपोर्ट कर सकते हैं या उसे अब यूज कर सकते हैं और यह शिकायत बता सकते हैं कि यह डीफाई से बनाए गए फोटो वीडियो हैं और यह प्लेटफॉर्म अपनी जिम्मेदारी हटाते हुए भी इन कंटेंट को हटा देते हैं। कुछ अन्य माध्यम भी हैं जहां शिकायत करके आप इस तरह के कंटेंट को हटवा सकते हैं।
लेकिन यदि इस तरह के डीपफेक कंटेंट सोशल मीडिया पर वायरल करके आपको ब्लैकमेल किया जा रहा है तो आपके पास सबसे बेहतर विकल्प यही है कि आप देश के कानून का सहारा लें और देश के कानून द्वारा साइबर सिक्योरिटी की जो व्यवस्था दी गई है उसका उपयोग करें नजदीकी साइबर सेल में जाकर शिकायत दर्ज करें या आप यह शिकायत ऑनलाइन भी राष्ट्रीय साइबर अपराध के पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर कर सकते हैं। इस शिकायत में भी आपको स्क्रीनशॉट और लिंक बताना होता है। आपकी शिकायत की तथ्यों की जांच कर साइबर सेल संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफार्म को रिपोर्ट करता है और जल्द से जल्द इस तरह के कंटेंट हटाने का प्रयास करता है।
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हालांकि कई मामलों में यह सलाह दी जाती है कि आप अपने निजी फोटो और वीडियो सीमित लोगों तक ही रखें।उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल न करें लेकिन आज के सोशल मीडिया के युग में जहां हर व्यक्ति सोशल मीडिया पर वायरल होने की होड़ में लगा है वहां यह संभव नहीं है और हर व्यक्ति अपने ज्यादा से ज्यादा वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर शेयर कर रहा है।ऐसी स्थिति में इन फोटो का दुरुपयोग होने और ब्लैक मेलिंग किए जाने की संभावना ज्यादा बढ़ जाती है। लेकिन यदि आप एक जागरूक सोशल मीडिया उपयोग करता हैं तो सोशल मीडिया पर किस तरह से शिकायत करनी है यह भी आपको जानकारी होनी चाहिए और बहुत गंभीर परिस्थिति में साइबर सेल में किस तरह शिकायत करनी चाहिए यह भी प्रक्रिया आपको मालूम होनी चाहिए। जब भी आप इस तरह का कंटेंट देखें तो घबराने की बजाय सूझबूझ से काम लें और हर संभव प्लेटफॉर्म पर शिकायत करें।
