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सिटी बस के लिए तड़पते ग्वालियर को मेट्रो ट्रेन के सपने दिखाए गए प्रभारी मंत्री

ग्वालियर मध्य प्रदेश: अभी हाल ही में मध्यप्रदेश की डॉ मोहन यादव सरकार ने दो वर्ष पूर्ण किए हैं और दो वर्ष पूर्ण करने पर जगह जगह जाकर सरकार की उपलब्धियां भुनाने जी हां गिनाने नहीं भुनाने की जिम्मेदारी अलग अलग मंत्रियों को सौंपी गई है और ग्वालियर में यह जिम्मेदारी यहां के प्रभारी मंत्री तुलसी सिलावट को दी गई जो सिंधिया समर्थक हैं और ज्यादातर ज्योतिरादित्य सिंधिया के ग्वालियर आगमन पर ही नजर आते हैं। लेकिन इस बार उन पर दोहरी जिम्मेदारी थी ज्योतिरादि सिंधिया के नेतृत्व में समीक्षा बैठक की भी व्यवस्था देखनी थी और अगले ही दिन प्रदेश की डॉ मोहन यादव सरकार की उपलब्धियां भी पत्रकारों को गिनानी थी। और उपलब्धियां गिनाने के साथ साथ सपने दिखाने का काम भी तुलसी सिलावट ने कर दिया।

जब वह प्रदेश सरकार की उपलब्धियां गिना रहे थे तो कुछ पत्रकारों ने ग्वालियर के विकास के बारे में पूछ लिया। पत्रकारों का कहना था कि इंदौर भोपाल में तो मेट्रो तक चलने लगी लेकिन ग्वालियर में सड़कों के बदहाल हालत किसी से छुपी नहीं है। इस पर तुलसी सिलावट मंच से यह कहते हुए नजर आए कि इंदौर भोपाल के बाद ग्वालियर में भी मेट्रो चलेगी लेकिन कब चलेगी कैसे चलेगी?सरकार की इसकी क्या योजना है? क्या कोई डीपीआर तैयार हुई है इस पर उन्होंने कोई ज्यादा बात नहीं की। साफ नजर आ रहा था कि सरकार की उपलब्धियां गिनाते गिनाते उपलब्धियों में मंत्री जीत न खो गए कि वह डे ड्रीमिंग करने लगे और डे ड्रीमिंग ही पत्रकारों को बताने लगे। 

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ग्वालियर के वर्तमान हालात देखकर मेट्रो की सुविधा यहां एक दूर की कौड़ी नजर आती है क्योंकि हालात यह है कि यहां की सड़कें बद से बदतर हैं जहां लोग अपने निजी वाहन भी बड़ी मुश्किल से चला पाते हैं और दूसरा ग्वालियर के तमाम बड़े शहरों में ग्वालियर ही एकमात्र ऐसा शहर है जो सालों से सिटी बस के लिए तरस रहा है। यहाँ समय समय पर सिटी बस के संचालन की तमाम कवायद की गई हैं लेकिन एक भी हकीकत में यहां के नागरिकों को सिटी ट्रांसपोर्टेशन के नाम पर सिटी बस मुहैया नहीं करा पाई। हालात ये हैं कि शहर में हर दो सौ पाँच सौ मीटर की दूरी पर आपको सिटी बस स्टॉप नजर आता है लेकिन दूर दूर तक कहीं सिटी बसें नजर नहीं आती और यदि कुछ नजर आता है तो केवल फाइलों में सिटी बस की धूल फांकती योजनाएं और मंच से नेताओं की बड़ी बड़ी बातें। 

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केवी में शिक्षक ने छात्रा से की छेड़छाड़, छात्रा ने किए चौंकाने वाले खुलासे

ग्वालियर। मध्य प्रदेश: देश में अपनी शिक्षा सुरक्षा और अनुशासन के लिए पहचान रखने वाले केन्द्रीय विद्यालय आपकी बच्चियों के लिए कितने सुरक्षित हैं और क्या वहां पर भी आपकी मासूम बच्चियों पर गंदी नजर रखे हुए हैवान बैठे हुए हैं।इस सवाल पर शायद ज्यादा से ज्यादा लोग यही जवाब देंगे कि केंद्रीय विद्यालय सुरक्षित भी हैं और संस्कारित भी हैं। लेकिन ग्वालियर में केंद्रीय विद्यालय मैं छात्रा के साथ छेड़छाड़ की हैरान करने वाली घटना हुई है। छात्रा ने अपनी शिकायत में केंद्रीय विद्यालय के एक शिक्षक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है लेकिन स्कूल प्रबंधन ने शिक्षक पर कार्रवाई क्यों नहीं की यह एक बड़ा सवाल है?

ग्वालियर में आकाशवाणी रोड पर केंद्रीय विद्यालय क्रमांक एक स्थित है और यहां कक्षा 11वीं में पढ़ने वाली एक छात्रा ने भूगोल के शिक्षक आर के मीणा पर छेड़छाड़ के गंभीर आरोप लगाए हैं। यहां यह बात भी निकलकर सामने आ रही है कि छात्रा और उसके परिवार के लोगों ने प्राचार्य से भी इस मामले में शिकायत की थी लेकिन स्कूल प्रबंधन ने छात्रा से छेड़छाड़ के इतने गंभीर मामले में भी लापरवाही बरती और दोषी शिक्षक पर कोई कार्रवाई नहीं की बल्कि परिजनों को इधर-उधर की बात करके वापस लौटा दिया। तब जाकर आखिर में छात्रा ने परिजनों के साथ पड़ाव थाने में पहुंचकर शिक्षक के खिलाफ शिकायत दर्ज की और मामले की गंभीरता को देखते हुए पड़ाव थाना पुलिस ने आरोपी शिक्षक पर एफआईआर दर्ज कर ली है।

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छात्रा का कहना है कि आर के मीणा केन्द्रीय विद्यालय में कक्षा 11वीं और 12वीं को भूगोल पढ़ाते हैं। शुरू से ही उसका व्यवहार छात्राओं के प्रति सही नहीं लगता था। यह शिक्षक छात्राओं को कक्षा में गंदे चुटकुले सुनाता। यह चुटकुले सुनकर छात्राएं असहज हो जाती थीं। 20 अगस्त को आरके मीणा ने पीड़ित छात्रा को गंदी नजर से देखा और हरकतें करने लगा। छात्रा ने लंबे समय तक इस शिक्षक की हरकतों को नजरअंदाज किया।छात्रा का आरोप है कि इस शिक्षक ने उससे बात करने की कोशिश की और जब उसने मना कर दिया तो शिक्षक ने छात्रा को बदनाम करने के लिए तरह तरह की बातें शुरू कर दी।

छात्रा का आगे कहना है कि उसने इस शिक्षक की हरकतों के बारे में अपने माता पिता को जानकारी दी और जब माता पिता उसके साथ प्राचार्य के पास शिकायत करने पहुंचे तो प्राचार्य ने कोई एक्शन नहीं लिया बल्कि प्राचार्य अपने ही शिक्षक का पक्ष लेते नजर आए। इस पूरे मामले में छात्रा का कहना है कि वह शिक्षक उसे बदनाम करते थे।गंदी नियत से देखते थे।पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है और अब पुलिस स्कूल पहुंचकर अन्य छात्राओं की भी बयान दर्ज करेगी।हो सकता है कि स्कूल में लंबे समय से छात्राओं से छेड़छाड़ का कारनामा चल रहा हो और स्कूल प्रबंधन इसे दबाने का प्रयास कर रहा हो!

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लैंड पूलिंग मामले में मोहन सरकार के विरोध में उतरे भाजपा विधायक अनिल जैन

भोपाल मध्य प्रदेश: मध्यप्रदेश में भाजपा भले ही लंबे समय से सत्ता में हो लेकिन इसके बावजूद कहीं न कहीं अंदरूनी गुटबाजी किसी न किसी मुद्दे पर सामने आ ही जाती है।भाजपा में ऐसे कई कद्दावर नेता हैं या विधायक हैं जो कई बार प्रदेश सरकार की नीतियों का विरोध कर देते हैं और अब ऐसा ही मामला निकल कर आ रहा है।उज्जैन से जहां सिंहस्थ से पहले लैंड पूलिंग को लेकर चल रहे विवाद में एक नया मोड़ आ गया है। उज्जैन।उत्तर से भाजपा विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा अब खुलकर अपनी ही सरकार के विरोध में उतर आए हैं। और उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में सरकार के विरोध की घोषणा तक कर दी है।

उज्जैन। उत्तर विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा लैंड पूलिंग के समर्थन में नहीं हैं। वह किसानों के हितों को देखते हुए लैंड पूलिंग का विरोध कर रहे हैं। उनका साफ कहना है कि यदि लैंड पूलिंग वापस नहीं हुआ तो वह किसानों के साथ आंदोलन के लिए सड़कों पर भी उतरेंगे। उन्होंने साफ कहा है कि इस मामले में उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और संगठन मंत्री हितानन्द शर्मा को पत्र लिखकर वस्तुस्थिति से अवगत करा दिया है। प्रदेश में भाजपा सरकार है और भाजपा के ही विधायक अनिल जैन द्वारा अपने सरकार की नीति का ही इस तरह खुलकर विरोध करने से मध्यप्रदेश में राजनीति गर्म।भाजपा में अंदर ही अंदर खलबली मची हुई है।

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आपको बता दें कि इस मामले में अनिल जैन भी पलटी मारते हुए दिखाई दे रहे हैं क्योंकि इसी वर्ष मार्च के महीने में उन्होंने लैंड पूलिंग का समर्थन किया था। उन्होंने इसे विधानसभा का विकास बताया था और पूरी तरह से लैंड पूलिंग के समर्थन में बयान दिए थे। और अब अचानक उन्हें लैंड पूलिंग में इतनी खामियां नजर आ गई हैं कि अब उनका साफ कहना है कि यदि लैंड पूलिंग एक्ट खत्म नहीं हुआ तो किसानों के आंदोलन में शामिल होने के लिए वह विवश हैं। लेकिन इस बात की जानकारी नहीं मिली है कि नौ महीने में अचानक ऐसा क्या बदल गया कि भाजपा विधायक अनिल जैन के सुर भी बदल गए।

वरिष्ठ भाजपा नेतृत्व को लिखे पत्र में अनिल जैन ने लिखा है कि 17 नवंबर को शासन किसान संघ और जनप्रतिनिधियों की बैठक में लैंड पूलिंग एक्ट खत्म करने को लेकर निर्णय लिया गया था लेकिन उस पर अभी तक अमल नहीं हुआ है। उन्होंने साफ किया कि यदि फैसला लागू किया गया तो छब्बीस दिसंबर को भारतीय किसान संघ के घेरा डालो डेरा डालो आंदोलन में वे भी शामिल होंगे। आलैंड पूलिंग एक्ट के मामले में अनिल जैन के विरोध के चलते पूरे प्रदेश की भाजपा में इस बात को लेकर खलबिली मची हुई है और इस खलबली की बड़ी वजह यह भी है कि अनिल जैन प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के करीबी भी माने जाते हैं।अब मुख्यमंत्री के करीब होने के बावजूद भी ऐसी क्या उनकी मजबूरी रही होगी कि उन्हें अपनी सरकार का विरोध करना पड़ रहा है?

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ग्वालियर में 25 दिसम्बर को आयोजित होगी “एमपी ग्रोथ समिट” गृह मंत्री अमित शाह आएंगे 

ग्वालियर, मध्य प्रदेश:  पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिवस पर ऐतिहासिक नगरी ग्वालियर में 25 दिसम्बर को “अभ्युदय एमपी ग्रोथ समिट 2025” का आयोजन होने जा रहा है। मेला मैदान में केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मुख्य आतिथ्य में यह आयोजन होगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी मौजूद रहेंगे। कलेक्टर रुचिका चौहान ने विभागीय अधिकारियो को निर्देशित किया है कि शासन के इस महत्वपूर्ण आयोजन के संबंध में जो जवाबदेही सौंपी गई है, उसका निर्वहन समय-सीमा में करें। 

कलेक्टर रुचिका चौहान ने सोमवार को अंतरविभागीय समन्वय समिति की बैठक में 25 दिसम्बर को ग्वालियर में आयोजित होने वाली “अभ्युदय एमपी ग्रोथ समिट 2025” की तैयारियों के संबंध में विस्तार से समीक्षा की और विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सोजान सिंह रावत, अपर कलेक्टर कुमार सत्यम, मध्यप्रदेश आईआईडीसी की प्रबंध निदेशक सुश्री ईशा श्रीवास्तव, एडीएम सी बी प्रसाद सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। 

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कलेक्टर रुचिका चौहान  ने सीएम हैल्पलाइन में लंबित प्रकरणों के निराकरण की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सभी विभाग यह सुनिश्चित करें कि सीएम हैल्पलाइन में दर्ज प्रकरणों का निराकरण समय-सीमा में संतुष्टिपूर्वक किया जाए। सीएम हैल्पलाइन की कोई भी शिकायत एल-1 स्तर पर नॉन अटेंडेंट नहीं रहना चाहिए, ऐसा पाया गया तो संबंधित अधिकारी के विरूद्ध दण्डात्मक कार्रवाई की जायेगी।

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भोपाल मध्य प्रदेश: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से शनिवार को ब्लाइंड विमेंस टी-20 क्रिकेट वर्ल्ड कप 2025 का फाइनल जीतने वाली भारतीय टीम में शामिल मध्यप्रदेश की तीन महिला खिलाड़ियों ने मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में भेंट की। खिलाड़ियों में सुश्री सुनीता सराठे, सुश्री सुषमा पटेल और सुश्री दुर्गा येवले शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस उपलब्धि के लिए तीनों खिलाड़ियों को प्रोत्साहन स्वरूप 25-25 लाख रूपए प्रदान किए जाएंगे, जिसमें से 10-10 लाख रूपए नगद और 15-15 लाख रूपए फिक्स्ड डिपॉजिट के रूप में होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तीनों खिलाड़ियों और तीनों कोच का ट्राफी और अंगवस्त्रम भेंट कर सम्मान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश का नाम रौशन करने वाली तीनों खिलाड़ियों की आगामी पढ़ाई और कोचिंग आदि की व्यवस्था भी राज्य सरकार द्वारा की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महिला खिलाड़ियों के कोच सर्वश्री सोनु गोलकर, ओमप्रकाश पाल और दीपक पाहड़े को एक-एक लाख रूपए की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की।

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उल्लेखनीय है कि भारतीय महिला ब्लाइंड क्रिकेट टीम ने महिला टी-20 वर्ल्ड कप क्रिकेट 2025 के फाइनल मैच में नेपाल को हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। महिला ब्लाइंड क्रिकेट टीम में मध्यप्रदेश की उपरोक्त तीन प्रतिभावान खिलाड़ी शामिल थीं। इनमें ऑलराउंडर केटेगरी में खेलने वाली सुश्री सुनीता सराठे नर्मदापुरम, सुश्री सुषमा पटेल दमोह और बेट्समेन तथा विकेटकीपर के रूप में खेलने वाली सुश्री दुर्गा येवले बैतूल से हैं।

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शिखर सुपर30 बैच की तारीख का हो गया ऐलान,ऐसे करें आवेदन

ग्वालियर मध्य प्रदेश: ग्वालियर शहर की प्रतिष्ठित संस्था शिखर क्लासेस ने पहली बार कक्षा 11वीं से 12वीं में जाने वाले विद्यार्थियों के लिए अपनी प्रवेश परीक्षा की घोषणा की है। यह अपने आप में अनूठा एक वर्षीय अध्ययन कार्यक्रम केवल उन छात्रों के लिए है जिनका एकमात्र लक्ष्य JEE Advanced 2027 है और जिन्होंने कक्षा 11वीं में इसके लिए निरंतर एवं गंभीर तैयारी की है।

यह परीक्षा चयन की कई चरणों वाली प्रक्रिया के माध्यम से आयोजित की जाएगी, जिसमें से केवल 30 छात्रों का चयन कक्षा 12वीं में प्रवेश के लिए किया जाएगा। परीक्षा 4 जनवरी, 2026 को शिखर क्लासेस के मुख्य परिसर में आयोजित की जाएगी। इच्छुक छात्र परीक्षा पंजीकरण, टेस्ट पैटर्न एवं सिलेबस से संबंधित जानकारी के लिए शिखर क्लासेस की आधिकारिक वेबसाइट www.shikharclasses.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

आपको बता दें कि शिखर आईटी जेईई और नीट की तैयारी के लिए मध्यप्रदेश की अग्रणी संस्थानों में से एक है।यह संस्थान प्रति वर्ष अपने बेहतर रिजल्ट देने के लिए पूरे देश में जानी जाती है और अब अपने परिणाम को और बेहतर बनाने के लिए इस एक विशेष बैच की शुरुआत की जा रही है। इस बैच के निर्माण के बाद यह संस्थान आईआईटी के क्षेत्र में और भी बेहतर रिजल्ट देगी।ऐसी उम्मीद की जा रही है।

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ब्लैक डॉग और रिश्वत की प्यास बुझने से पहले ही लोकायुक्त ने पकड़ा 

भोपाल मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश इसलिए भी गजब है क्योंकि यहाँ पर भ्रष्टाचार के मामले इतने अजब हैं कि मामूली बात को लेकर भी हजारों लाखों में रिश्वत वसूली जा रही है और हजारों में से ही एक ना एक मामला शिकायतकर्ता की संवेदनशीलता से लोकायुक्त या ईओडब्ल्यू तक पहुँच भी जाता है जिस पर कार्रवाई होती नर्मदापुरम से। जहां एक ऐसा रिश्वतखोर लोकायुक्त के हत्थे चढ़ा है जो सोशल मीडिया पर वायरल एक बीज की दुकान के वीडियो की जांच दबाने के नाम पर रिश्वत की मोटी रकम मांग रहा था। लेकिन इसकी किस्मत ऐसी खोटी रही कि न मोटी रकम मिली न इसकी इज्जत बची और यह लोकायुक्त के हाथों रिश्वत लेते पकड़ लिया गया।

रिश्वतखोरी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। आए दिन कोई न कोई अफसर या अधिकारी रिश्वत लेते लोकायुक्त के हत्थे चढ़ता है। ऐसे ही नर्मदापुरम में कृषि विभाग के उप संचालक को लोकायुक्त ने रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है। आवेदक राजनारायण गुप्ता निवासी बाबई रोड कैंपियन स्कूल नर्मदापुरम ने बताया कि वह अपने भाई की खाद बीज की दुकान का काम देखते हैं। उनकी दुकान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। जिसकी जांच के नाम पर जयराम हेड़ाऊ उप संचालक कृषि नर्मदापुरम ने उनकी दुकान का लाइसेंस निलंबित कर दिया था। आवेदक लाइसेंस की बहाली हेतु जयराम हेड़ाऊ से मिला तो उन्होंने आवेदक से 1 लाख रुपयों की रिश्वत मांगी थी। 

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इस मामले की शिकायत आवेदक ने पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त भोपाल को की। शिकायत के सत्यापन के बाद सही पाए जाने पर आरोपी उप संचालक जयराम हेडाऊ को 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन)2018 की धारा-7 के अंतर्गत कार्रवाई की जा रही है। जिस तरह से लगातार रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़े जाने के भ्रष्टाचारियों के मामले मध्यप्रदेश में इस समय जोरों पर हैं वह साफ बता रहे हैं कि प्रदेश में पूरे सिस्टम को भ्रष्टाचारी दीमक की तरह उतर रहे हैं।अंदर ही अंदर यदि कितनी गहरी है इस बात का अंदाजा लगा पाना भी मुश्किल है। 

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सीवर समस्या के आगे लाचार सिस्टम और सीएम हेल्पलाइन पर समस्याओं का अंबार

ग्वालियर मध्य प्रदेश: पूरे शहर में सीवर की समस्या दिन प्रतिदिन विकराल रूप लेती जा रही है।ऐसा शायद कोई क्षेत्र होगा जहाँ सीवर उफान पर न हो और इस क्षेत्र के रहवासी सीवर की गंदगी और बदबू से परेशान न हो। जिस तरह से लगातार सीवर चौक होने की समस्याएं बढ़ रही हैं वह साफ बताती हैं कि या तो शहर का सीवर सिस्टम फेल हो चुका है या आने वाले समय में पूरी तरह फेल हो जाएगा। सीवर की समस्या कितना विकराल रूप ले चुकी है इस बात का प्रमाण है सीवर से संबंधित शिकायतें जो आमजन हर रोज करते हैं। रोज लगभग 90 शिकायतें सीवर से संबंधित ही पहुँच रही है। जिनका निदान करने के लिए जिम्मेदारों के पसीने छूट रहे हैं।

ग्वालियर नगर निगम सीमा में 66 वार्ड आते हैं। इन 66 वार्ड में एक भी वार्ड ऐसा नहीं है जो सीवर समस्या से मुक्त हो। सीवर की समस्या इतना विकराल रूप ले चुकी है कि जब जिम्मेदार इसका समाधान नहीं करते तो लोग सीएम हेल्पलाइन की मदद ले रहे हैं। सीएम हेल्पलाइन पर प्रतिदिन 90 के आस-पास शिकायतें सीवर से संबंधित प्राप्त हो रही हैं। इस समय लगभग बारह सौ से अधिक शिकायतें सीवर से संबंधित ही सीएम हेल्पलाइन पर पेंडिंग हैं। शिकायतों का यह अंबार शाह बता रहा है के शहर में सीवर बहुत बदतर हालात में हैं और कई क्षेत्रों के आमजन सीवर की समस्या से जूझ रहे हैं हालांकि जिन जगह पर सीवर संधारण का कार्य हुआ है उन्हें गिनाकर जिम्मेदार कार्य होने का दावा भी कर रहे हैं।

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अभी हाल ही में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा ली गई समीक्षा बैठक में सीवर लाइन डैमेज की जो रिपोर्ट पेश की गई है वह चौंकाने वाली है और सा बता रही है कि शहर का सीवर सिस्टम ध्वस्त होने की कगार पर है।इस रिपोर्ट में दो सौ बहत्तर जगह पर सीवर लाइन डैमेज होना बताया गया है जिसमें चौहत्तर जगह पर तो इसे पूरी तरह से क्षतिग्रस्त बताया गया है। जब समीक्षा बैठक में पेश की गई रिपोर्ट में यह आंकड़े हैं तो जमीनी हकीकत क्या होगी इसका अंदाजा आप लगा सकते हैं। इस मामले में पीएचई के कार्यपालन यंत्री संजीव गुप्ता का कहना है कि हर महीने सीवर की एक हजार के लगभग शिकायतें आती हैं जिनके निराकरण का हर प्रयास विभाग द्वारा किया जाता है।

सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज इन शिकायतों का अंबार साफ गवाही दे रहा है कि ग्वालियर शहर के लोग सीवर सिस्टम की खस्ताहाल से परेशान हैं। सीवर की समस्या इतनी गंभीर है कि हर समीक्षा बैठक में इसको शामिल किया जाता है।इसी महीने भारत सिंह कुशवाह द्वारा ली गई बैठक में भी सीवर की समस्या को गंभीरता से लिया गया था लेकिन इसके बावजूद जमीनी स्तर पर इस समस्या में बहुत ज्यादा सुधार नहीं हुआ है। सीवर समस्या ने विभाग भी एक तकनीकी खामी बताता है क्योंकि शहर के एक बड़े क्षेत्र में मौजूद सीवर नेटवर्क को विभाग अंडरसाइज मानता है।मतलब यहां आबादी बहुत ज्यादा है और उसके अनुसार सीवर की माप बहुत कम है। अब यदि यह हकीकत है तो आप समझ सकते हैं कि आने वाले समय में आबादी और बढ़ेगी और उसका बोझ शायद वर्तमान सीवर सिस्टम न झेल पाए और पूरी तरह ध्वस्त हो जाए। 

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देश की पहली स्लीपर वंदे भारत अब दौड़ने को तैयार, जानें इसमें कौन-कौन सी है खास सुविधाएं

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डिजिटल डेस्क: वंदे भारत स्लीपर; भारतीय रेलवे अपने यात्रियों के लिए लग्जरियस ट्रेन से जुड़ी एक बड़ी खुशखबरी लेकर आ रही है। रेलवे ने लंबे समय से चर्चित वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को तैयार कर लिया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में जानकारी दी कि इस अत्याधुनिक स्लीपर ट्रेन के दो रैक बनकर तैयार हो चुके हैं और वर्तमान में ट्रायल व कमीशनिंग प्रक्रिया से गुजर रहे हैं। इस ट्रेन में ऐसी तमाम खूबियां होंगी जिसका ट्रेन यात्री न केवल लुत्फ उठाएंगे बल्कि आरामदायक यात्रा का आनंद भी लेंगे। 

कोरोना महामारी से पहले जहां देश में रोजाना लगभग 11,283 ट्रेनें चलती थीं, वहीं नवंबर 2025 तक यह संख्या बढ़कर 11,740 पहुंच गई है। मेल और एक्सप्रेस सेवाओं में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो अब प्रतिदिन 2,238 ट्रेनों के साथ संचालित हो रही हैं। इसी विस्तार के बीच वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को रेलवे अपने भविष्य के प्रीमियम सफर का अहम हिस्सा मान रहा है। अभी भारतीय रेल नेटवर्क पर 164 वंदे भारत चेयर कार सेवाएं पहले से ही चल रही हैं, जो इस परियोजना की सफलता को दिखाती हैं।

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वंदे भारत स्लीपर ट्रेन मैं केवल बाहरी शो ऑफ ही नहीं है बल्कि इसको सुरक्षा और तकनीक के स्तर पर और भी उन्नत बनाया गया है। इस ट्रेन में भारतीय रेलवे की प्रतिष्ठित कवच सुरक्षा प्रणाली शामिल होगी, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना काफी कम हो जाती है। ट्रेन को 180 किमी प्रति घंटा की डिजाइन स्पीड पर तैयार किया गया है, जबकि संचालन गति 160 किमी प्रति घंटा रखी गई है। इसकी कारबॉडी क्रैश-वर्दी तकनीक पर आधारित है और ट्रेन EN मानकों का पालन करती है। आग से सुरक्षा के लिए EN-45545 HL3 जैसे उच्च मानक अपनाए गए हैं, साथ ही हर कोच में फायर बैरियर दरवाजे और उन्नत डिटेक्शन एवं सप्रेशन सिस्टम लगाए गए हैं। रीजेनरेटिव ब्रेकिंग तकनीक ट्रेन को ऊर्जा दक्ष भी बनाती है।

सुविधाओं के मामले में वंदे भारत स्लीपर यात्रियों को एक बिल्कुल नया अनुभव देने वाली है। ट्रेन में UV-C लैम्प पर आधारित डिसइन्फेक्शन सिस्टम लगाया गया है, जिससे कोचों को लगातार सुरक्षित और स्वच्छ रखा जा सके। पूरी ट्रेन में आधुनिक एयर कंडीशनिंग, सेंटरली कंट्रोल्ड ऑटोमैटिक प्लग डोर्स और चौड़े सील्ड गैंगवे जैसी खूबियां शामिल हैं। हर कोच में CCTV की निगरानी होगी, जबकि इमरजेंसी टॉक-बैक यूनिट यात्रियों को जरूरत पड़ने पर तुरंत सहायता लेने में मदद करेगी। कोचों में एक सेंट्रलाइज्ड मॉनिटरिंग सिस्टम भी होगा, जो यात्रा के दौरान सभी सुविधाओं को नियंत्रण में रखेगा। ऊपरी बर्थ तक चढ़ने के लिए एर्गोनॉमिक सीढ़ियां जोड़ी गई हैं और दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए शौचालय उपलब्ध होंगे।

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शादी से दो घंटे पहले लड़की ने प्रेमी संग फांसी लगाई, परिजन कुछ छुपा रहे हैं!

मुरैना मध्य प्रदेश: मुरैना जिले से एक सनसनीखेज खबर सामने आ रही है जहां देवगढ़ थाने के तिलऊंआ गांव के बाहर नीम के पेड़ से गुरुवार को प्रेमी-प्रेमिका ने एक ही दुपट्टे से फांसी लगा ली, जिससे दोनों की मौत हो गई। लड़की की आज ही शादी होनी थी, लेकिन दुल्हन बनने से पहले ही उसने प्रेमी के साथ फांसी लगा ली। दोनों मृतक एक ही परिवार के होने के कारण रिश्ते में भाई-बहन लगते थे। पुलिस ने मौके से दोनों शवों को जौरा मर्चुरी भिजवाया है, जहां पीएम किया जाएगा। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

जौरा विकासखंड का तिलऊंआ गांव के रहने वाले कुशवाह परिवार की 19 वर्षीय बेटी और उनके रिश्तेदार का 22 वर्षीय बेटा आपस में प्रेम करते थे। दोनों एक ही परिवार से आते थे तो रिश्ते में चचेरे भाई-बहन लगते थे। इस कारण परिजनों ने इनका प्रेम प्रसंग को मंजूरी नहीं दी। दोनों के मिलने पर रोक लगा दी थी। परिजनों ने बेटी की शादी तय कर दी थी। 11 दिसम्बर गुरुवार को उसकी शादी थी। इससे प्रेमी युगल नाराज था। दोनों ने गांव के पीछे नीम के पेड़ से फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली।

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एसडीओपी जौरा नितिन बघेल के अनुसार एक ही दुपट्टे के दोनों छोर से दोनों ने फांसी लगाई है। मृतिका की आज शादी थी। शगुन का कंगन हाथ में बंधा हुआ है। प्रथम दृष्टया प्रेम प्रसंग का मामला है। परिजन कुछ बोलने से कतरा रहे हैं। लेकिन जानकारी मिल रही है के चचेरे भाई बहन होने के कारण परिवारजनों को दोनों का प्रेम संबंध मंजूर नहीं था। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और शव को मर्चुरी पहुंचाया है। परिजनों का बयान के बाद ही मामले के सही कारण का खुलासा हो सकेगा। 

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