ग्वालियर, मध्यपदेश: देश में इस समय एसआईआर का काम चल रहा है और इससे संबंधित तमाम विसंगतियाँ भी कहीं न कहीं से खबरों की सुर्खियाँ बन रही हैं। लेकिन अब ग्वालियर में तो एक ऐसा गड़बड़झाला एसआइआर में सामने आया है जिसमें किसी आम जन का नहीं बल्कि एक विधायक का नाम ही लिस्ट से हटा दिया गया। कांग्रेस विधायक डॉ सतीश सिकरवार ने SIR को लेकर फर्जीवाड़े के आरोप लगाते हुए खुलासा किया है कि फर्जी सॉफ्टवेयर के माध्यम से विधानसभाओं और मतदाताओं तक के नामों को बदला जा रहा है। ताजा उदाहरण वे खुद हैं क्योंकि मतदाता सूची से उनका नाम मैपिंग में कट गया है।
वर्तमान में देश के 12 राज्यों में SIR का कार्य चल रहा है..ऐसे में SIR को लेकर कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं..ग्वालियर पूर्व विधानसभा से कांग्रेस विधायक डॉ सतीश सिंह सिकरवार का आरोप है मतदाता सूची में उनका नाम मैंपिग में BLO कुनाल पवार द्वारा “15 ग्वालियर विधानसभा” में “भाग संख्या 227” चार शहर का नाका में “मतदाता क्रमांक 460 “(EPIC No.UYE4892253) पर दर्ज कर दिया गया है। “मतदाता केन्द्र क्रमांक 272” के BLO द्वारा यह भी बताया गया कि आपके 2003 के रिकार्ड से मैंपिग कर दी गई है।
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मैपिंग से हुए खुलासे के बाद कांग्रेस विधायक का कहना है कि सवाल यह उठता है कि विधायक रहते हुए वे “16 ग्वालियर पूर्व विधानसभा” के मतदाता है तो उनका नाम “15 ग्वालियर विधानसभा” में कैसे मैपिंग कर दिया गया! जब मेरे साथ ऐसा हो रहा है तो आम मतदाता के साथ क्या हो रहा होगा ? कांग्रेस विधायक ने यह भी सवाल खड़ा किया कि BLO…SIR फार्मो का डिजिटिलाईजेंशन मतदाताओं के सामने नहीं कर रहे है..ऐसे में ये कैसे सुनिश्चित होगा कि फार्मों का ईमानदारी डिजिटिलाईजेंशन हो रहा हैं ? मैंने जब अपने फार्म का अपने ही सामने डिजिटिलाईजेंशन करवाया तब BLO के मोबाईल स्क्रीन पर नोटिफिकेशन आया और मुझे पता चला कि मेरा मैंपिग पहले ही हो चुकी है.. यह इस बात का प्रतीक है कि SIR के कार्य में फर्जीवाडा चल रहा है।
कांग्रेस विधायक की मांग है कि SIR कार्य में जुटे लापरवाह कर्मचारी अधिकारियों के खिलाफ तत्काल एक्शन लिया जाए नहीं तो लाखों लोगों के नाम मतदाता सूची से कट जाएंगे। कांग्रेस विधायक के आरोपी को लेकर उप जिला निर्वाचन अधिकारी का कहना है कि जैसे ही मामला संज्ञान में आया तत्काल सुधार कर दिया गया है और BLO को नोटिस भी जारी किया गया है। हालांकि प्रशासन अब तमाम तरह की सफाईयां दे रहा है लेकिन एसआइआर से संबंधित काम क्या पूरी तरीके से पारदर्शिता से हो रहा है और क्या एक त्रुटिपूर्ण मतदाता सूची बनाने की तैयारी में यह सफल होगा? कांग्रेस विधायक डॉ सतीश करवार के साथ हुई घटना ने ऐसे तमाम सवाल खड़े कर दिए हैं!
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