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हर डॉग बाइट से मौत और चोट पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, बड़े जुर्माने का कर दिया ऐलान

डिजिटल डेस्क नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट: लगातार चल रहे स्टी डॉग्स के विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट लगातार सख्त फैसले दे रहा है।एक बार फिर डॉग बाइट को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त लहजे में अपना फैसला सुनाया है। आवारा कुत्तों के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए राज्य सरकारों को चेतावनी दी है। शीर्ष अदालत ने एनिमल बर्थ कंट्रोल नियमों के खराब क्रियान्वयन पर केंद्र और राज्यों को फटकार लगाई। साथ ही, कुत्तों के हमलों से जीवनभर असर पड़ने की स्थिति में डॉग फीडर्स की भी जिम्मेदारी तय करने की बात कही।

आवारा कुत्तों के मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को राज्य सरकारों को कड़ी चेतावनी दी। शीर्ष अदालत ने कहा कि कुत्ते के काटने की हर घटना और इससे होने वाली हर एक मौत के मामले में संबंधित राज्य पर भारी-भरकम मुआवजा लगाया जा सकता है। इसके साथ ही अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन मामलों में कुत्तों के हमले से किसी व्यक्ति पर ‘जीवनभर का असर’ पड़ता है, ऐसे मामलो में डॉग फीडर्स जो सड़क पर घूमते कुत्तों को खाना खिलाते हैं उनकी भी जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।

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सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को चेतावनी देते हुए कड़े शब्दों में कहा है कि हर डॉग बाइट और हर मौत के लिए हम राज्यों पर भारी मुआवजा तय करेंगे, क्योंकि उन्होंने जरूरी इंतजाम नहीं किए। साथ ही डॉग फीडर्स की भी जिम्मेदारी होगी। अगर आप उन्हें खाना खिला रहे हैं, तो उन्हें अपने घर रखें। उन्हें खुले में घूमकर लोगों को काटने और उन पर हमला करने की इजाजत क्यों दी जाए? कुत्ते के काटने का असर जीवनभर रहता है। सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्य सरकारों को फटकार लगाते हुए कहा कि उन्होंने एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) नियमों को लागू करने में पूरी तरह नाकामी दिखाई है। पीठ ने कहा कि यह समस्या दशकों से चली आ रही है और केंद्र व राज्यों की विफलता के कारण यह कई गुना बढ़ चुकी है। सुप्रीम कोर्ट ने चेताया कि हर उस पुरुष, महिला और बच्चे की मौत के लिए, जिसकी जान कुत्ते के काटने से गई है, जिम्मेदार सरकार पर भारी मुआवजा लगाया जाएगा।

तीन जजों की विशेष पीठ- जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एन. वी. अंजारिया ने कहा कि आवारा कुत्तों के बच्चों और बुजुर्गों पर हमलों के कई वीडियो मौजूद हैं। सुप्रीम कोर्ट ने डॉग लवर्स और डॉग फीडर्स से तीखा सवाल किया, ‘क्या आपकी भावनाएं सिर्फ कुत्तों के लिए हैं, इंसानों के लिए नहीं?’ शीर्ष अदालत विभिन्न याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है, जिनमें डॉग लवर्स द्वारा पहले के आदेशों में संशोधन और सख्त अनुपालन की मांग की गई है। 

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टाइगर टूरिज्म कॉरिडोर, 5 हजार करोड़ की लागत से होगा तैयार

भोपाल मध्य प्रदेश: अगर आप टाइगर लवर्स हैं तो यह खबर जरा ध्यान से सुन लीजिए। मध्य प्रदेश में करीब पांच हजार करोड़ रुपये की लागत से 625 किलोमीटर लंबा टाइगर टूरिज्म कारिडोर विकसित करने की तैयारी है। यह कारिडोर पेंच टाइगर रिजर्व से कान्हा, कान्हा से बांधवगढ़ और बांधवगढ़ से पन्ना टाइगर रिजर्व को आधुनिक सड़कों के माध्यम से जोड़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को जारी संदेश में इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह परियोजना न सिर्फ पर्यटन, बल्कि प्रदेश की समग्र आर्थिक और औद्योगिक गतिविधियों को भी गति देगी।

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आपको बता दें कि मध्य प्रदेश देश का सबसे अधिक बाघों वाला राज्य है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश के प्रमुख वन्यजीव पर्यटन स्थलों को एक सुव्यवस्थित कारिडोर से जोड़ने का निर्णय लिया गया है, जिसे “टाइगर टूरिज्म कारिडोर” नाम दिया गया है। इस कारिडोर के विकसित होने से पर्यटकों को पेंच, कान्हा, बांधवगढ़ और पन्ना जैसे प्रमुख टाइगर रिजर्व तक सुगम, सुरक्षित और तेज यात्रा सुविधा मिलेगी। प्रदेश की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए यह कारिडोर पड़ोसी राज्यों के लिए भी उपयोगी सिद्ध होगा।

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ग्वालियर के खिलाड़ियों के लिए खुशखबरी, स्पोर्ट कांप्लेक्स में मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

ग्वालियर मध्य प्रदेश: ग्वालियर से राष्ट्रीय एवं अंतरर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार हो सकें इसके लिए कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने खेल की सुविधाओं को बढ़ाने के निर्देश नगर निगम को दिए हैं। यह निर्देश कलेक्टर श्रीमती रूचिका चौहान ने गत रात्रि एकलव्य खेल परिसर स्पोटर्स कॉम्प्लेक्स का अवलोकन करते हुए दिए। निरीक्षण के दौरान नगर निगम आयुक्त श्री संघ प्रिय मौजूद थे। अवलोकन में कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने निर्देश दिए कि ग्वालियर में बेहतर खिलाड़ी तैयार हो सकें इसके लिए जिन सुविधाओं की अवश्यकता हो उनके प्रस्ताव बनाकर तैयार करें। इन प्रस्ताव को केंद्र एवं प्रदेश सरकार को भेजा जाएंगा ताकि वहां से खेल को प्रोत्साहित करने वाले योजनाओं से ग्वालियर में बेहतर संसाधन तैयार किए जा सकें।

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शहर में खेल सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण एवं खिलाडियों को बेहतर आधारभूत ढांचा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान ने नगर निगम द्वारा संचालित स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने उपलब्ध खेल सुविधाओं, मैदानों, प्रशिक्षण व्यवस्थाओं तथा आवश्यक सुधार कार्यों की विस्तृत जानकारी ली। कलेक्टर रुचिका चौहान ने नगर निगम अधिकारियों को निर्देश दिए कि नगर में खेल सुविधाओं के विस्तार के लिए ठोस और व्यावहारिक प्रस्ताव तैयार किए जाएं। उन्होंने कहा कि ग्वालियर के युवाओं और उभरते खिलाडियों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता है तो उन्हें आधुनिक एवं समुचित खेल संसाधन उपलब्ध कराने की ।

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कलेक्टर ने नगर निगम को निर्देशित किया कि शहर में नए स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स के निर्माण, बैडमिंटन कोर्ट, स्विमिंग पूल, इंडोर एवं आउटडोर खेल सुविधाओं के विकास तथा विभिन्न खेल विधाओं के विस्तार के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए। इस कार्ययोजना में खेल परिसरों का उन्नयन, नई सुविधाओं की स्थापना, प्रशिक्षण एवं कोचिंग व्यवस्था, तथा दीर्घकालीन रखरखाव की रूपरेखा को भी शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि तैयार किए गए प्रस्तावों को मध्य प्रदेश शासन एवं भारत सरकार को भेजा जाएगा, ताकि राज्य एवं केंद्र की खेल प्रोत्साहन योजनाओं के तहत आवश्यक संसाधन की पूर्ति की जा सकें। उन्होंने कहाकि खेल न केवल शारीरिक एवं मानसिक विकास का माध्यम हैं, बल्कि युवाओं को अनुशासन, टीम भावना और नेतृत्व के गुण भी सिखाते हैं। अवलोकन के अवसर पर नगर निगम के वरिष्ठ आधकारी एवं खेल विभाग से संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय ने कलेक्टर रुचिका चौहान को बताया कि निगम के माध्यम से खेलों के प्रोत्साहन के लिये कई आयोजन किए जाते हैं। इसके साथ ही स्विमिंग पूल एवं अन्य खेलों की सुविधायें भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। निगम के सहयोग से अन्य सुविधाओं के लिये प्रस्ताव तैयार किए जायेंगे।

स्कूलों पर ठंड का लॉकडाउन, प्रशासन का स्कूल बंद का आदेश

ग्वालियर मध्य प्रदेश: अत्यधिक ठंड व शीत लहर को ध्यान में रखकर जिले के सभी शासकीय व अशासकीय स्कूलों में 9 व 10 जनवरी को कक्षा 5 वीं तक के बच्चों के लिये स्थानीय अवकाश घोषित किया गया है। साथ ही 6 से 12 वी कक्षा तक के लिए स्कूल का समय 10.30 से 3 बजे तक निर्धारित किया गया है। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी ने यह आदेश जारी किया है। जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि यह आदेश अत्यधिक ठंड की वजह से बच्चों के स्वास्थ्य, सुविधा, सुरक्षा एवं आवागमन को ध्यान में रखकर जारी किया गया है। यह आदेश ग्वालियर जिले में संचालित एमपी बोर्ड, सीबीएसई व आईसीएसई से संबद्ध सभी शासकीय एवं अशासकीय व शासन से मान्यता प्राप्त स्कूलों पर लागू होगा।

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बांग्लादेश का जलाया झंडा मारे जूते। हिंदू महासभा ने क्यों किया विरोध जानिए

ग्वालियर मध्य प्रदेश: बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार और हिंदुओं की हत्या का विरोध अब भारत में तेज होता जा रहा है। भारत का यह विरोध क्रिकेट में तो देखने को मिला है।अब जगह जगह सड़कों पर भी प्रदर्शन होने लगा।है।अखिल भारतीय हिंदू महासभा ने ग्वालियर में कूट पुल के नजदीक बांग्लादेश के विरोध में प्रदर्शन किया और बांग्लादेश के विरोध में जमकर नारेबाजी भी की।

बांग्लादेश का विरोध करते समय हिंदू महासभा के कार्यकर्ता काफी आक्रोशित नजर आए।उन्होंने बांग्लादेश के नक्शे और झंडे को अपने पैरों से कुचला जूते मारे और इसके बाद उनमें आग लगा दी। इस विरोध प्रदर्शन की अगुवाई करने वाले हिंदू महासभा के अध्यक्ष जयबीर भारद्वाज का कहना है कि हिंदुओं की हत्या को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।वह बांग्लादेश के विरोध में लगातार प्रदर्शन करते रहेंगे और साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार से बांग्लादेश को दुनिया के नक्शे से मिटा देने तक की मांग कर डाली।

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इस विरोध प्रदर्शन के अंत में हिंदू महासभा के कार्यकर्ताओं ने बांग्लादेश में मारे गए हिंदुओं की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। हिन्दू महासभा के अध्यक्ष जयवीर भारद्वाज के साथ अन्य कार्यकर्ता भी इस विरोध प्रदर्शन में मौजूद रहे। आपको बता दें कि बांग्लादेश में लगातार हिंदुओं पर अत्याचार हो रहा है और हिंदुओं की हत्या हो रही है। भारत में रहने वाले हिंदू हमेशा से बांग्लादेशी हिंदुओं के सुरक्षा की मांग उठाते रहे हैं।

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10th 12th परीक्षा में विषय संशोधन की डेडलाइन 10 जनवरी

हाईस्कूल एवं हायर सेकंडरी परीक्षा में विषय संशोधन की तिथि 10 जनवरी तक बढ़ी। माध्यमिक शिक्षा मण्डल, म.प्र. के संभागीय कार्यालय, जबलपुर द्वारा छात्र हित में हाईस्कूल एवं हायर सेकण्डरी परीक्षा (सत्र 2025-26) के आवेदनों में विषय सुधार की तिथि बढ़ा दी गई है।
छात्र-छात्राओं या संस्था प्राचार्य द्वारा विषयों में हुई त्रुटि के ऑनलाइन सुधार हेतु अब 10 जनवरी 2026 तक का समय दिया गया है। पूर्व में निर्धारित शेष नियम एवं निर्देश यथावत रहेंगे।

सड़क पर नहीं दौड़ेंगी खटारा बसें, 15 साल से पुरानी बसों के नहीं होंगे परमिट

ग्वालियर मध्य प्रदेश: मध्यप्रदेश राज्य परिवहन विभाग द्वारा जारी परिपत्र के अनुसार यात्री बसें 15 वर्ष से अधिक अवधि में अब नहीं चल सकेंगीं। 15 वर्ष पुरानी बसों के परमिटों का नवीनीकरण नहीं किया जायेगा। ऐसी बसें चलती पाई गईं तो उनके विरूद्ध नियमानुसार कार्रवाई होगी। संभागीय आयुक्त मनोज खत्री ने बुधवार को बस ऑपरेटरों एवं उनके अधिकृत अभिभाषकों की बैठक में स्पष्ट किया कि राज्य शासन द्वारा लिए गए निर्णय का पालन सुनिश्चित कराया जायेगा। संभागीय आयुक्त कार्यालय में परिवहन विभाग की समीक्षा बैठक में संभागीय आयुक्त श्री मनोज खत्री ने स्पष्ट किया कि मध्यप्रदेश शासन के परिवहन विभाग द्वारा जारी परिपत्र में स्पष्ट किया गया है कि 15 वर्ष से पुरानी यात्री बसों का अब परमिट नवीनीकरण नहीं किया जायेगा। ऐसी बसों के संचालकों को नई बसें क्रय कर ही संचालित करनी होंगीं। इस संबंध में बस संचालकों को परिवहन विभाग द्वारा नोटिस भी जारी किए जा चुके हैं।

संभागीय आयुक्त खत्री ने बस संचालकों एवं उनके अभिभाषकों से चर्चा करते हुए शासन के निर्णय से उन्हें अवगत कराया। उन्होंने कहा कि 15 वर्ष से पुरानी कोई भी बस अब संचालित नहीं होगी। ऐसी बसों का परमिट भी नवीनीकरण नहीं किया जायेगा। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि शासन के नियमों का पालन करते हुए पुरानी बसों के स्थान पर नई बसें लेकर संचालित करें। शासन के निर्णय का पालन न पाए जाने पर संबंधित बस संचालकों के विरूद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी।

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बैठक में परिवहन अधिकारी विक्रमजीत सिंह कंग ने बताया कि ग्वालियर से 73 बसों को संभाग स्तर पर संचालित करने हेतु परमिट जारी किया गया है। इनमें से 59 बसें अभी भी शेष बची हैं। बाकी बस संचालकों द्वारा नई बसें लेकर संचालन का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। शेष बची बसों के संचालकों को भी नोटिस जारी कर यथाशीघ्र पुरानी बसों के स्थान पर नई बसें लेने का आग्रह किया गया है। 15 वर्ष से पुरानी किसी भी बस के परमिट का परिवहन विभाग से नवीनीकरण नहीं किया जायेगा। बैठक में बस संचालकों एवं उनके अभिभावकों ने भी अपने-अपने विचार रखे। संभागीय आयुक्त ने सभी से चर्चा कर शासन के निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया।

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तुर्कमान गेट बना छावनी; जानिए अतिक्रमण तोड़ने की हकीकत

नई दिल्ली डिजिटल डेस्क: देश की राजधानी दिल्ली के तुर्कमान गेट स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण पर एमसीडी की बुलडोजर कार्रवाई की। MCD ने दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों पर अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया। देर रात हुई कार्रवाई का स्थानीय लोगों ने विरोध किया। देखते ही देखते भीड़ आक्रोशित हो गई। भीड़ ने पुलिस और कार्रवाई कर रही टीम पर पथराव कर दिया। पथराव के बाद इलाके में तनाव का माहौल हो गया। हालांकि पुलिस ने स्थिति को संभाल लिया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि अतिक्रमण हटाने के कार्रवाई के दौरान कुछ उपद्रवियों ने पत्थराव कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर हालात काबू किए। पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी छोड़े। फिलहाल स्थिति सामान्य है।

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दिल्ली के रामलीला मैदान इलाके में सैयद फैज इलाही मस्जिद और पास के कब्रिस्तान से सटी ज़मीन पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई हिंसक रूप ले ली। दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों के बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) के अधिकारी जब तोड़फोड़ करने पहुंचे, तो स्थानीय लोगों के एक समूह ने कथित तौर पर पत्थरबाजी की, जिसमें कम से कम पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे।

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हकीकत में मस्जिद के आस-पास अतिक्रमण कर रखा था जिसे हटाने एमसीडी की टीम पहुंची थी लेकिन लोगों ने मस्जिद तोड़े जाने की अफवाह उड़ा दी जिससे भीड़ भड़क गई और यह हिंसा भड़की। इस पूरे मामले में मस्जिद को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाया गया है ना ही मस्जिद के किसी हिस्से को तोड़े जाने का कोई आदेश था। मस्जिद के आस-पास के अवैध अतिक्रमण को हटाने का ही आदेश था और उसी के तहत कार्य किया गया है लेकिन कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा फैलाई गई अफवाह के चलते यह हिंसा भड़क गई। अब इस मामले में कुछ युवकों को चिन्ना चयनित करके गिरफ्तार किया गया है।

ग्वालियर में चली गोली; पुरानी रंजिश में युवकों में विवाद, मारी गोली

ग्वालियर मध्य प्रदेश: ग्वालियर में अपराध थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। कहीं ना कहीं से आ रही गोलीबारी की खबरों के बीच में आज फिर गोलीबारी की एक खबर डीडी नगर से सामने आई है।महाराजपुरा थाना क्षेत्र के दीनदयाल नगर स्थित महाराजा कांपलेक्स के बाहर बुधवार दोपहर 12:30 बजे उस समय सनसनी फैल गई जब एक नाश्ते की दुकान पर अपने भाई के साथ खड़े कृष्णा शर्मा पर कुछ लोगों ने घात लगाकर हमला कर दिया।

हालांकि घटना के बाद पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच गई और मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश भी शुरू कर दी है। कृष्णा शर्मा अपने भाई ईशु शर्मा के साथ नाश्ता करने के लिए श्री राम मिष्ठान भंडार की दुकान पर आया था जहां उसकी विश्वास गुर्जर सुमित गुर्जर कृष्णा तोमर और वैभव सहित आधा दर्जन युवकों ने बुरी तरह मारपीट कर दी। आरोप है कि सुमित गुर्जर ने कृष्णा शर्मा के पैर में गोली मार दी जो उसकी पिंडली में लगी है। कृष्णा शर्मा को अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उसकी हालत खतरे से बाहर है।

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आरोपी और फरियादी सभी नवयुवक है सभी की उम्र 20 साल से कम है। इन लोगों का 2 साल पहले स्कूल में पढ़ने के दौरान किसी बात को लेकर विवाद हुआ था इसी के चलते यह हमला किया गया है. महाराजपुरा पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। वही घायल की हालत खतरे से बाहर बताई गई है इस घटना का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है जिसमें कुछ लड़के दो युवकों की मारपीट करते हुए दिखाई दे रहे हैं।

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बीजेपी कांग्रेस का गठबंधन, चुनाव में यह देख पूरा देश हैरान

महाराष्ट्र की राजनीति डिजिटल डेस्क: महाराष्ट्र की राजनीतिक उठापटक और गठबंधन पिछले लंबे समय से पूरे देश को चौंका रहे हैं और अब नगरीय निकाय चुनाव में दो गजब के ही उलटफेर देखने को मिल रहे हैं। महाराष्ट्र के स्थानीय नगर निगम चुनाव लगातार दिलचस्प मोड़ ले रहे हैं। पूरे देश में कांग्रेस के खिलाफ बिगुल फूंकने वाली बीजेपी ने ठाणे में उसी से हाथ मिला लिया है। हैरानी की बात तो ये है कि कांग्रेस और बीजेपी का गठबंधन एकनाथ शिंदे की शिवसेना के खिलाफ किया गया है। मुंबई से महज 70 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ठाणे की अंबरनाथ नगर परिषद में कांग्रेस और बीजेपी एक-साथ आ गए हैं। इसके बाद राज्य का सियासी पारा भी आसमान छूने लगा है।

आपको बता दें कि यह गठबंधन कोई आम गठबंधन नहीं है क्योंकि कांग्रेस और भाजपा एक दूसरे के चिर प्रतिद्वंद्वी रहे हैं और देश की बड़ी पार्टी होने के नाते आज तक इतिहास में कभी ऐसा नहीं हुआ कि दोनों ने किसी चुनाव को जीतने के लिए एक दूसरे के साथ गठबंधन किया हो। यहां हैरानी की बात यह भी है कि कांग्रेस की और यह गठबंधन का हाथ भाजपा ने बढ़ाया है। यह देश की राजनीति है और पार्टियों का कुर्सी का प्रेम है जो न जाने क्या क्या करा ले और उसी का परिणाम यहां देखने को मिल रहा है कि कांग्रेस और भाजपा ने अपने तमाम खींचतान को दरकिनार करते हुए एक दूसरे के साथ हाथ मिलाने का फैसला किया है ताकि वे अंबरनाथ में चुनाव जीत सके। 

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अंबरनाथ नगर परिषद को शिंदे की शिवसेना का गढ़ माना जाता है। डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के बेटे श्रीकांत शिंदे यहीं से ही सांसद हैं। अंबरनाथ सीट पर एक बार फिर शिवसेना सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, लेकिन बहुतम से चूक गई। ऐसे में शिवसेना ने बीजेपी के साथ गठबंधन की योजना बनाई, मगर बीजेपी ने शिवसेना की बजाए कांग्रेस का हाथ थाम लिया। कांग्रेस और बीजेपी ने मिलकर यहां सरकार बनाई और बीजेपी पार्षद यहां से नगर अध्यक्ष चुने गए।

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