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10th 12th परीक्षा में विषय संशोधन की डेडलाइन 10 जनवरी

हाईस्कूल एवं हायर सेकंडरी परीक्षा में विषय संशोधन की तिथि 10 जनवरी तक बढ़ी। माध्यमिक शिक्षा मण्डल, म.प्र. के संभागीय कार्यालय, जबलपुर द्वारा छात्र हित में हाईस्कूल एवं हायर सेकण्डरी परीक्षा (सत्र 2025-26) के आवेदनों में विषय सुधार की तिथि बढ़ा दी गई है।
छात्र-छात्राओं या संस्था प्राचार्य द्वारा विषयों में हुई त्रुटि के ऑनलाइन सुधार हेतु अब 10 जनवरी 2026 तक का समय दिया गया है। पूर्व में निर्धारित शेष नियम एवं निर्देश यथावत रहेंगे।

सड़क पर नहीं दौड़ेंगी खटारा बसें, 15 साल से पुरानी बसों के नहीं होंगे परमिट

ग्वालियर मध्य प्रदेश: मध्यप्रदेश राज्य परिवहन विभाग द्वारा जारी परिपत्र के अनुसार यात्री बसें 15 वर्ष से अधिक अवधि में अब नहीं चल सकेंगीं। 15 वर्ष पुरानी बसों के परमिटों का नवीनीकरण नहीं किया जायेगा। ऐसी बसें चलती पाई गईं तो उनके विरूद्ध नियमानुसार कार्रवाई होगी। संभागीय आयुक्त मनोज खत्री ने बुधवार को बस ऑपरेटरों एवं उनके अधिकृत अभिभाषकों की बैठक में स्पष्ट किया कि राज्य शासन द्वारा लिए गए निर्णय का पालन सुनिश्चित कराया जायेगा। संभागीय आयुक्त कार्यालय में परिवहन विभाग की समीक्षा बैठक में संभागीय आयुक्त श्री मनोज खत्री ने स्पष्ट किया कि मध्यप्रदेश शासन के परिवहन विभाग द्वारा जारी परिपत्र में स्पष्ट किया गया है कि 15 वर्ष से पुरानी यात्री बसों का अब परमिट नवीनीकरण नहीं किया जायेगा। ऐसी बसों के संचालकों को नई बसें क्रय कर ही संचालित करनी होंगीं। इस संबंध में बस संचालकों को परिवहन विभाग द्वारा नोटिस भी जारी किए जा चुके हैं।

संभागीय आयुक्त खत्री ने बस संचालकों एवं उनके अभिभाषकों से चर्चा करते हुए शासन के निर्णय से उन्हें अवगत कराया। उन्होंने कहा कि 15 वर्ष से पुरानी कोई भी बस अब संचालित नहीं होगी। ऐसी बसों का परमिट भी नवीनीकरण नहीं किया जायेगा। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि शासन के नियमों का पालन करते हुए पुरानी बसों के स्थान पर नई बसें लेकर संचालित करें। शासन के निर्णय का पालन न पाए जाने पर संबंधित बस संचालकों के विरूद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी।

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बैठक में परिवहन अधिकारी विक्रमजीत सिंह कंग ने बताया कि ग्वालियर से 73 बसों को संभाग स्तर पर संचालित करने हेतु परमिट जारी किया गया है। इनमें से 59 बसें अभी भी शेष बची हैं। बाकी बस संचालकों द्वारा नई बसें लेकर संचालन का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। शेष बची बसों के संचालकों को भी नोटिस जारी कर यथाशीघ्र पुरानी बसों के स्थान पर नई बसें लेने का आग्रह किया गया है। 15 वर्ष से पुरानी किसी भी बस के परमिट का परिवहन विभाग से नवीनीकरण नहीं किया जायेगा। बैठक में बस संचालकों एवं उनके अभिभावकों ने भी अपने-अपने विचार रखे। संभागीय आयुक्त ने सभी से चर्चा कर शासन के निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया।

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तुर्कमान गेट बना छावनी; जानिए अतिक्रमण तोड़ने की हकीकत

नई दिल्ली डिजिटल डेस्क: देश की राजधानी दिल्ली के तुर्कमान गेट स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण पर एमसीडी की बुलडोजर कार्रवाई की। MCD ने दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों पर अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया। देर रात हुई कार्रवाई का स्थानीय लोगों ने विरोध किया। देखते ही देखते भीड़ आक्रोशित हो गई। भीड़ ने पुलिस और कार्रवाई कर रही टीम पर पथराव कर दिया। पथराव के बाद इलाके में तनाव का माहौल हो गया। हालांकि पुलिस ने स्थिति को संभाल लिया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि अतिक्रमण हटाने के कार्रवाई के दौरान कुछ उपद्रवियों ने पत्थराव कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर हालात काबू किए। पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी छोड़े। फिलहाल स्थिति सामान्य है।

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दिल्ली के रामलीला मैदान इलाके में सैयद फैज इलाही मस्जिद और पास के कब्रिस्तान से सटी ज़मीन पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई हिंसक रूप ले ली। दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों के बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) के अधिकारी जब तोड़फोड़ करने पहुंचे, तो स्थानीय लोगों के एक समूह ने कथित तौर पर पत्थरबाजी की, जिसमें कम से कम पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे।

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हकीकत में मस्जिद के आस-पास अतिक्रमण कर रखा था जिसे हटाने एमसीडी की टीम पहुंची थी लेकिन लोगों ने मस्जिद तोड़े जाने की अफवाह उड़ा दी जिससे भीड़ भड़क गई और यह हिंसा भड़की। इस पूरे मामले में मस्जिद को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाया गया है ना ही मस्जिद के किसी हिस्से को तोड़े जाने का कोई आदेश था। मस्जिद के आस-पास के अवैध अतिक्रमण को हटाने का ही आदेश था और उसी के तहत कार्य किया गया है लेकिन कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा फैलाई गई अफवाह के चलते यह हिंसा भड़क गई। अब इस मामले में कुछ युवकों को चिन्ना चयनित करके गिरफ्तार किया गया है।

ग्वालियर में चली गोली; पुरानी रंजिश में युवकों में विवाद, मारी गोली

ग्वालियर मध्य प्रदेश: ग्वालियर में अपराध थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। कहीं ना कहीं से आ रही गोलीबारी की खबरों के बीच में आज फिर गोलीबारी की एक खबर डीडी नगर से सामने आई है।महाराजपुरा थाना क्षेत्र के दीनदयाल नगर स्थित महाराजा कांपलेक्स के बाहर बुधवार दोपहर 12:30 बजे उस समय सनसनी फैल गई जब एक नाश्ते की दुकान पर अपने भाई के साथ खड़े कृष्णा शर्मा पर कुछ लोगों ने घात लगाकर हमला कर दिया।

हालांकि घटना के बाद पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच गई और मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश भी शुरू कर दी है। कृष्णा शर्मा अपने भाई ईशु शर्मा के साथ नाश्ता करने के लिए श्री राम मिष्ठान भंडार की दुकान पर आया था जहां उसकी विश्वास गुर्जर सुमित गुर्जर कृष्णा तोमर और वैभव सहित आधा दर्जन युवकों ने बुरी तरह मारपीट कर दी। आरोप है कि सुमित गुर्जर ने कृष्णा शर्मा के पैर में गोली मार दी जो उसकी पिंडली में लगी है। कृष्णा शर्मा को अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उसकी हालत खतरे से बाहर है।

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आरोपी और फरियादी सभी नवयुवक है सभी की उम्र 20 साल से कम है। इन लोगों का 2 साल पहले स्कूल में पढ़ने के दौरान किसी बात को लेकर विवाद हुआ था इसी के चलते यह हमला किया गया है. महाराजपुरा पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। वही घायल की हालत खतरे से बाहर बताई गई है इस घटना का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है जिसमें कुछ लड़के दो युवकों की मारपीट करते हुए दिखाई दे रहे हैं।

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बीजेपी कांग्रेस का गठबंधन, चुनाव में यह देख पूरा देश हैरान

महाराष्ट्र की राजनीति डिजिटल डेस्क: महाराष्ट्र की राजनीतिक उठापटक और गठबंधन पिछले लंबे समय से पूरे देश को चौंका रहे हैं और अब नगरीय निकाय चुनाव में दो गजब के ही उलटफेर देखने को मिल रहे हैं। महाराष्ट्र के स्थानीय नगर निगम चुनाव लगातार दिलचस्प मोड़ ले रहे हैं। पूरे देश में कांग्रेस के खिलाफ बिगुल फूंकने वाली बीजेपी ने ठाणे में उसी से हाथ मिला लिया है। हैरानी की बात तो ये है कि कांग्रेस और बीजेपी का गठबंधन एकनाथ शिंदे की शिवसेना के खिलाफ किया गया है। मुंबई से महज 70 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ठाणे की अंबरनाथ नगर परिषद में कांग्रेस और बीजेपी एक-साथ आ गए हैं। इसके बाद राज्य का सियासी पारा भी आसमान छूने लगा है।

आपको बता दें कि यह गठबंधन कोई आम गठबंधन नहीं है क्योंकि कांग्रेस और भाजपा एक दूसरे के चिर प्रतिद्वंद्वी रहे हैं और देश की बड़ी पार्टी होने के नाते आज तक इतिहास में कभी ऐसा नहीं हुआ कि दोनों ने किसी चुनाव को जीतने के लिए एक दूसरे के साथ गठबंधन किया हो। यहां हैरानी की बात यह भी है कि कांग्रेस की और यह गठबंधन का हाथ भाजपा ने बढ़ाया है। यह देश की राजनीति है और पार्टियों का कुर्सी का प्रेम है जो न जाने क्या क्या करा ले और उसी का परिणाम यहां देखने को मिल रहा है कि कांग्रेस और भाजपा ने अपने तमाम खींचतान को दरकिनार करते हुए एक दूसरे के साथ हाथ मिलाने का फैसला किया है ताकि वे अंबरनाथ में चुनाव जीत सके। 

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अंबरनाथ नगर परिषद को शिंदे की शिवसेना का गढ़ माना जाता है। डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के बेटे श्रीकांत शिंदे यहीं से ही सांसद हैं। अंबरनाथ सीट पर एक बार फिर शिवसेना सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, लेकिन बहुतम से चूक गई। ऐसे में शिवसेना ने बीजेपी के साथ गठबंधन की योजना बनाई, मगर बीजेपी ने शिवसेना की बजाए कांग्रेस का हाथ थाम लिया। कांग्रेस और बीजेपी ने मिलकर यहां सरकार बनाई और बीजेपी पार्षद यहां से नगर अध्यक्ष चुने गए।

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हर माल 10 रुपये; मेले की जान गरीबों की शान

ग्वालियर, मध्य प्रदेश: आकर्षक रोशनी में नहाए भव्य शोरूम और आधुनिक दुकानों के बीच ग्वालियर व्यापार मेला की असली आत्मा उन छोटी-छोटी दुकानों में बसती है, जहाँ कम कीमत में जरूरत और खुशी दोनों मिल जाती हैं। यही कारण है कि श्रीमंत माधवराव सिंधिया ग्वालियर व्यापार मेला केवल वैभव का प्रदर्शन नहीं, बल्कि आमजन के जीवन से जुड़ा एक जीवंत उत्सव बनकर उभरता है।
लगभग 121 वर्षों की परंपरा को समेटे श्रीमंत माधवराव सिंधिया ग्वालियर व्यापार मेला समय के साथ बदला जरूर है। अब मेले में बड़े इलेक्ट्रॉनिक, फर्नीचर और वाहनों के शोरूम सजते हैं। लेकिन “हर माल 10 रुपये” से लेकर “हर माल 150 रुपये” वाली दुकानों की चमक आज भी उतनी ही कायम है। इन दुकानों पर उमड़ती सैलानियों की भीड़ इस बात का प्रमाण है कि मेला आर्थिक रूप से सम्पन्न वर्ग के साथ-साथ सामान्य और कमजोर आय वर्ग की जरूरतों को भी समान सम्मान देता है।

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मेले में सजी “हर माल 10 रुपये” की दुकानों से सैलानी रूमाल, हेयर बैंड, रबर क्लिप, कंघे, चाय की छन्नी और बच्चों के खिलौने खरीदते नजर आते हैं। वहीं “हर माल 20 रुपये” की दुकानों पर पर्स, की-रिंग, प्लास्टिक टब, डलिया, गमले और डस्टबिन लोगों की पहली पसंद बने हुए हैं। इसी तरह “हर माल 50 रुपये” वाली दुकानों पर पूजा की थाली, गैस चूल्हा स्टैंड, चमचे, छलनी, टॉर्च, पानी की बोतल, टिफिन, किसनी और फ्राई पैन की खूब बिक्री हो रही है। इसके अतिरिक्त 100, 150 और 200 रुपये की दुकानों पर लोअर, गरम स्वेटर और जैकेट खरीदने वालों की भीड़ सर्दी की जरूरत और मेले की उपयोगिता दोनों को दर्शाती है।
कहना गलत नहीं होगा कि ग्वालियर व्यापार मेला केवल खरीद-बिक्री का स्थान ही नहीं, बल्कि जनजीवन की जरूरतों, लोककला की सादगी और बाजार की आत्मा का सुंदर संगम है। यहाँ हर वर्ग के लिए कुछ न कुछ है और शायद यही वजह है कि यह मेला पीढ़ियों से लोगों के दिलों में अपनी जगह बनाए हुए है।

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सीएम हेल्पलाइन शिकायतों में लापरवाही की सजा, 19 अधिकारियों का कटेगा 3-3 दिन का वेतन

ग्वालियर मध्य प्रदेश: सीएम हैल्पलाइन पोर्टल पर दर्ज शिकायतें अटेंड न करना 19 अधिकारियों को भारी पड़ा है। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने इन सभी अधिकारियों का तीन-तीन दिन का वेतन काटने के लिये अलग-अलग आदेश जारी किए हैं। यह कार्रवाई गत अक्टूबर माह में प्राप्त हुईं सीएम हैल्पलाइन की शिकायतों के आधार पर एल-1 स्तर के अधिकारियों के खिलाफ विधिवत नोटिस जारी कर की गई है। आपको बता दें कि जब तमाम विभागों में शिकायत का निराकरण नहीं होता है तब मजबूरन शिकायतकर्ता को सीएम हेल्पलाइन का सहारा लेना पड़ता है लेकिन सीएम हेल्पलाइन पर की गई शिकायतें भी वापस इन्हीं अधिकारियों के पास जाती हैं। जिसके चलते यह इनके निराकरण में लापरवाही बरतते हैं।

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जिन 19 अधिकारियों का 3 – 3 दिन का वेतन काटने के आदेश दिए गए हैं, उनमें रीजनल मैनेजर संस्थागत वित्त प्रियंका बंसल, रवि रंजन, अफाक मंसूरी, प्रत्यूष श्रीवास्तव, अजय सिंह, देवेन्द्र पाल सिंह व शंकरानंद झा, नगर निगम के सीवर सेल के सहायक यंत्री के. सी. अग्रवाल, उप प्रबंधक विद्युत वितरण कंपनी आशीष कुमार रोशन, सहायक यंत्री विद्युत तानसेन नगर महेन्द्र सिंह कौशल, उप प्रबंधक विद्युत करहिया विपिन कुमार उइके, सहायक महाप्रबंधक संस्थागत वित्त नितेश कुमार सिन्हा, नोडल अधिकारी विक्रांत विश्वविद्यालय धीरज सेन, सहायक संपत्ति अधिकारी नगर निगम अजय जैन, मुख्य नगर पालिका अधिकारी पिछोर पियूष श्रीवास्तव, रीजनल मैनजर इण्डसंड बैंक संस्थागत वित्त सचिन गुजराती, पशु चिकित्सा अधिकारी मुरार डॉ. कृष्ण कुमार शर्मा, आंचलिक प्रबंधक संस्थागत वित्त विकास रंजन व भवन निरीक्षक स्थायी अतिक्रमण नगर निगम छाया यादव शामिल हैं।

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कलेक्टर रुचिका चौहान ने इन गैर जिम्मेदार अधिकारियों का वेतन काटने के आदेश जारी करने के साथ-साथ इन सभी को स्पष्ट रूप से आगाह किया है कि भविष्य में सीएम हैल्पलाइन से संबंधित शिकायतों के निराकरण में पूरी सतर्कता बरतें व उत्तरदायित्व का निर्वहन करें। साथ ही शासन के द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का अक्षरश: पालन करते हुए निराकरण सुनिश्चित करें। आपको बता दें कि तमाम विभागों के अधिकारी सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण में लापरवाही करते हैं। अब ऐसी उम्मीद की जा रही है कि कलेक्टर रुचिका चौहान की इस सख्ती के बाद इन उन्नीस अधिकारियों के साथ साथ अन्य तमाम अधिकारी भी सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों को गंभीरता से लेंगे।

सुरेश कलमाड़ी का 81 की उम्र में निधन, राजनीति और खेल जगत में शोक की लहर

नई दिल्ली: पूर्व केंद्रीय मंत्री, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और भारतीय ओलंपिक संघ के पूर्व अध्यक्ष सुरेश कलमाड़ी का 81 वर्ष की उम्र में निधन हो गया. कलमाड़ी काफी समय से बीमार थे. उनके निधन की खबर मिलते ही राजनीतिक, सामाजिक और खेल जगत में शोक की लहर दौड़ गई. पुणे और कांग्रेस ने अपने एक ऐसे नेता को खो दिया, जिनका प्रभाव दशकों तक शहर की राजनीति और विकास पर साफ तौर पर दिखाई देता रहा. 

जानकारी के अनुसार, सुरेश कलमाड़ी का पार्थिव शरीर मंगलवार दोपहर 2 बजे तक पुणे स्थित उनके निवास पर अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा. इसके बाद शाम 3:30 बजे वैकुंठ श्मशानभूमि में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। 

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आंगनवाड़ी में निकली बंपर भर्ती, ऐसे करें आवेदन

ग्वालियर मध्य प्रदेश: जिले की विभिन्न बाल विकास परियोजनाओं में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं आंगनवाड़ी सहायिका के रिक्त पदों की पूर्ति के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरु होने जा रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जिले में रिक्त पदों के आधार पर यह भर्ती प्रक्रिया शुरू की जा रही है। जो महिलाएं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका के रूप में काम करना चाहती हैं और अपने क्षेत्र के लोगों को विभाग द्वारा प्रदान की जाने वाली सुविधाएँ समाज हित की भावना से पहुंचाना चाहती हैं उनके लिए यह रोजगार का एक सुनहरा अवसर है। 

कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास उपासना राय से प्राप्त जानकारी के अनुसार भर्ती की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ की जाएगी।जिले की विभिन्न आंगनवाड़ियों में कई पद रिक्त हैं। उनकी भर्ती के लिए यह आवेदन प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसमें कुल 105 पदों पर भर्ती की जायेगी। इनमें आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के 40 व आंगनवाड़ी सहायिकाओं के 65 पद शामिल हैं। यह भर्ती प्रक्रिया एमपी ऑनलाईन द्वारा निर्मित चयन पोर्टल के माध्यम से पूरी की जाएगी। इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थी पोर्टल पर ऑनलाईन आवेदन कर सकते हैं। चयन पोर्टल के माध्यम से ऑनलाईन आवेदन पत्र 10 जनवरी 2026 तक भरे जा सकते हैं। आवेदन पत्र में त्रुटि सुधार की अंतिम तिथि 12 जनवरी 2026 निर्धारित की गई है। 

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नियुक्ति से संबंधित नियम, निर्देश, शर्ते, आवेदन का प्रारूप, शैक्षणिक योग्यता एवं अन्य आवश्यक अर्हताओं की विस्तृत जानकारी चयन पोर्टल पर उपलब्ध कराई गई है। विभाग द्वारा अभ्यथियों से अपील की गई है कि आवेदन करने से पूर्व सभी दिशा- निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़ लें। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा यह यह भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी एवं ऑनलाईन माध्यम से की जा रही है, जिससे पात्र महिलाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा सकें। विस्तृत जानकारी के संबंध में कलेक्ट्रेट स्थित जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला-बाल विकास के कार्यालय में भी संपर्क किया जा सकता है। 

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कागजों में अमृत हकीकत में जहर, शुद्ध जल न मिलने से हर साल 4 लाख मौतें

डिजिटल डेस्क; शुद्ध जल अभियान; इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौत ने पूरे देश को झंझोर के रख दिया है और अब यह सवाल खड़ा हो रहा जो पानी हमें सप्लाई में दिया जा रहा है क्या वह शुद्ध है? कहीं ऐसा तो नहीं कि आप भी अपने शहर में अशुद्ध और खतरनाक पानी पी रहे हों। यदि आप भी पेयजल से संबंधित हकीकत जानना चाहते हैं तो यह खबर अंत तक जरूर पढ़ लें। कड़वी हकीकत यह है कि आज तक कई राज्यों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति उनके कार्यों की प्राथमिकता में नहीं है। इसी के चलते लापरवाही से पेयजल आपूर्ति की जाती है और कोई भी कमी पेशी होने पर उसे हल्के में लिया जाता है।

शुद्ध जल प्रदान करने के लिए जो बजट दिया जाता है उसके आंकड़े अब आपको चौंका देंगे। आंकड़े आपको इसलिए नहीं चौंकाएंगे कि बजट कम है बल्कि इसलिए चौंकाएंगे कि बजट होते हुए भी सरकारों ने काम ही नहीं किया। शुद्ध पेयजल की आपूर्ति व सीवर लाइन के लिए स्वीकृत 1.93 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं में से केवल 44 हजार करोड़ के काम पूरे हो पाए हैं जबकि अमृत (अटल नवीनीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन) की अवधि इसी साल मार्च में खत्म हो रही है।

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सीवर और पेयजल लाइन की खराब प्लानिंग व डिजायन, जल संचयन के अपर्याप्त प्रबंधन और शुद्धीकरण के लिए इंतजाम व निगरानी के अभाव ने ऐसी स्थिति खड़ी कर दी है कि कोई भी शहर ऐसा नहीं जहां कुछ आबादी तक अशुद्ध जल न पहुंचता हो। शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के कान में घंटी तब बजती है, जब मौतें होती हैं। इंदौर में भी यही हुआ है। अब डेढ़ दर्जन मौतों के बाद जिम्मेदार लकीर पीट रहे हैं और सबसे दुखद पहलू यह है कि इतने गंभीर मुद्दे पर भी जमीनी स्तर पर मजबूत योजना न बनते हुए राजनीति शुरू हो गई है। यह हालात उस इंदौर के रहे जिसे कागजों पर नंबर वन स्मार्ट सिटी बना दिया गया और वहां भी पेयजल सप्लाई के हालात जब इतने बदतर हैं तो आपके शहर में हालात क्या होंगे आप अंदाजा लगा सकते हैं। 

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