श्योपुर मध्य प्रदेश: सरकार की मंशा होती है कि यदि हर जिले का एक प्रभारी मंत्री होगा तो उस जिले में सरकार की योजनाओं और अन्य जनकार्यों पर ठीक से निगरानी रखी जा सकेगी और उनका क्रियान्वयन समय पर होगा। लेकिन यदि ऐसा नहीं हो रहा है और प्रभारी मंत्री यदि जिले से गायब रहे तो कोई क्या कर सकता है लेकिन श्योपुर में प्रभारी मंत्री के न पहुंचने पर अब शोपुर विधायक और वहां के अन्य जनप्रतिनिधियों ने प्रभारी मंत्री को जगाने का एक अनोखा तरीका निकाला है।
आपको बता दें के अभी हाल ही में मध्यप्रदेश के कई क्षेत्रों में बेमौसम बारिश हुई है। यही हाल श्योपुर। का हुआ है पहले से ही एक पिछड़ा हुआ जिला है जहां आमजन दो वक्त की रोटी के लिए जद्दोजहद करते हैं। अभी हाल ही में हुई बेमौसम बारिश के चलते सैकड़ों हेक्टेयर फसल चौपट हो चुकी है। किसान पूरी तरह से बर्बाद हो चुके और ये किसान फसलों के सही मुआवजे की बात कर रहे हैं लेकिन ना तो उनका ठीक से सर्वे हुआ है और ना ही मुआवजे की कोई उम्मीद नजर आ रही है। किसानों की समस्याओं को लेकर किसान कांग्रेस ने श्योपुर जिला मुख्यालय के पटेल चौक पर धरना दे दिया और इस धरने में वहां के विधायक ने एक अनोखा इनाम ही घोषित कर दिया।

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विधायक बाबूलाल जंडेल का कहना है कि आपदा के समय सरकार को किसानों के बीच रहना चाहिए था लेकिन प्रभारी मंत्री राकेश शुक्ला अब तक श्योपुर पहुंचे ही नहीं हैं जबकि किसानों की यह स्थिति देखने के लिए उनका आना जरूरी था और इस तरह प्रभारी मंत्री के श्योपुर न पहुंचने पर विधायक ने घोषणा कर दी कि जो भी व्यक्ति प्रभारी मंत्री राकेश शुक्ला को श्योपुर लेकर आएगा वे उसे स्वयं ग्यारह हजार रुपये इनाम देंगे। विधायक द्वारा प्रभारी मंत्री को जिले में लाए जाने पर इनाम घोषित करने की यह घटना पूरे श्योपुर जिले में चर्चाओं में है और जानकारी मिली है कि यह खबर भोपाल तक पहुंच चुकी है।
विधायक बाबूलाल जंडेल का कहना है कि कांग्रेस किसानों के साथ खड़ी है और जब तक मुआवजे की प्रक्रिया पूरी नहीं होती धरना जारी रहेगा। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि फसलों के नुकसान का सर्वे जल्दी पूरा किया जाए और प्रभावित किसानों को राहत राशि प्रदान की जाए। धरने में बड़ी संख्या में पीड़ित किसान और किसान कांग्रेस के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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