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NCPE 2025 केवल एक कॉन्फ़्रेंस नहीं, बल्कि शिक्षा, सहयोग और संवेदना का उत्सव

एनसीपीई का यह बारह वां संस्करण मध्यप्रदेश के किसी शहर में हुआ था। सम्मेलन की व्यवस्थाओं और मेहमान नवाजी से आए हुए मेहमान चिकित्सक काफी पसंद नजर आए। सम्मेलन का समापन भावनाओं, ऊर्जा और आत्मीयता से भरे क्षणों के साथ हुआ।

ग्वालियर मध्य प्रदेश: राष्ट्रीय चिकित्सा शिक्षा सम्मेलन (NCPE 2025) का ग्वालियर में ऐतिहासिक आयोजन हुआ। 7 से  9 नवम्बर 2025 तक कैंसर हॉस्पिटल एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट, ग्वालियर पर यह आयोजन हुआ। गजरा राजा मेडिकल कॉलेज, बाल रोग विभाग एवं ग्वालियर एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (GAP) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 12वाँ नेशनल कॉन्फ़्रेंस ऑन पीडियाट्रिक एजुकेशन (NCPE 2025) का आज भावपूर्ण समापन हुआ।

यह सम्मेलन भारतीय बाल चिकित्सा अकादमी (IAP) के मेडिकल एजुकेशन चैप्टर एवं IAP मध्यप्रदेश राज्य शाखा के सहयोग से आयोजित किया गया था। इस वर्ष की थीम थी।  “Advancing Excellence in Medical Education – Innovate, Inspire, Impact.” तीन दिवसीय इस सम्मेलन में देशभर से आए लगभग 200 प्रतिभागियों, 50 राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त शिक्षकों और मध्यप्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

वैज्ञानिक सत्रों की प्रमुख झलकियाँ

सम्मेलन के अंतिम दिन विभिन्न पैनल चर्चाएँ, आमंत्रित व्याख्यान और वाद-विवाद आयोजित हुए —

• “Professionalism in the Real World – Navigating Reputation, Responsibility and Revenue” सत्र में चिकित्सा व्यवसाय में नैतिकता, आत्मनियंत्रण और समाज के प्रति उत्तरदायित्व पर चर्चा हुई।

• “Resilience in Residency” पैनल ने चिकित्सक प्रशिक्षण के दौरान तनाव, टीमवर्क और आत्मबल के महत्व को रेखांकित किया।

• “Linking Pedagogy with Neuroscience”, “Competency-Based Assessment”, और “Social Media, Ethics and Law in Pediatric Practice” जैसे सत्रों ने आधुनिक चिकित्सा शिक्षण की दिशा पर नई दृष्टि प्रदान की।

• वाद-विवाद सत्र “NEET vs MBBS – What Should Define a Doctor?” में विद्यार्थियों ने अपनी तार्किक और प्रभावशाली प्रस्तुति से सभी को प्रभावित किया।

• ओरल पेपर और पोस्टर प्रेजेंटेशन सत्रों में युवा शोधकर्ताओं ने अपनी मौलिक सोच और प्रस्तुतिकरण से गहरी छाप छोड़ी।

समापन समारोह में विशिष्ट अतिथि थे डॉ. राजेश तिक्कस प्राध्यापक गांधी मेडिकल कॉलेज रहे। समारोह में डॉ सी. पी. बंसल, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष, IAP ; प्रो. (डॉ.) अजय गौड़, आयोजन अध्यक्ष, डॉ. घनश्याम दास, अध्यक्ष GAP, तथा डॉ. करुणेश जोली पिपरिया, सचिव GAP,  डॉ दीपक अग्रवाल , वरिष्ठ बल रोग चिकित्सक, एवं डॉ अधिक बांगा मंचासीन रहे। डॉ. सात्विक सी. बंसल, आयोजन सचिव, ने सम्मेलन का सार प्रस्तुत करते हुए कहा “NCPE 2025 हमारे कॉलेज शिक्षकों, विद्यार्थियों और निजी चिकित्सकों के सामूहिक प्रयास की जीवंत मिसाल है। इस आयोजन ने ग्वालियर को राष्ट्रीय अकादमिक मानचित्र पर प्रतिष्ठित किया है।” आयोजन अध्यक्ष डॉ. अजय गौड़ ने कहा “यह सम्मेलन शिक्षा, अनुभव और आत्मीयता का संगम रहा। यह ग्वालियर के लिए गौरव और प्रेरणा दोनों है।”

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फेलिसिटेशन और आभार ज्ञापन

• मुख्य अतिथियों एवं सभी संरक्षकों — डॉक्टर राजेश टिक्कस, डॉक्टर सी  पी बंसल, डॉक्टर अजय गौड़, डॉक्टर घनश्य दास, डॉक्टर करुणेश पिपरिया — को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।

• इसके बाद सभी उप-समितियों (Hospitality, Travel, Finance, Media, Academics, Cultural) के प्रतिनिधियों को मंच पर आमंत्रित कर पुष्प-गुच्छ से अभिनंदन किया गया।

• विशेष रूप से पोस्टग्रेजुएट विद्यार्थियों और सीनियर रेज़िडेंट्स को उनकी निष्ठा, अनुशासन और ऊर्जा के लिए खड़े होकर तालियों से सम्मानित किया गया।

• फार्मा कंपनियों के प्रतिनिधियों एवं कैंसर हॉस्पिटल स्टाफ को भी धन्यवाद स्वरूप पुष्प भेंट किए गए।

विशेष आभार

धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सात्विक सी. बंसल द्वारा किया गया, 

उन्होंने विशेष रूप से ग्वालियर अकादमी ऑफ पीडियाट्रिक्स, IAP MEC Chapter तथा IAP मध्यप्रदेश शाखा का धन्यवाद किया।

मीडिया के प्रभावशाली कवरेज के लिए डॉ. विनीेत चतुर्वेदी और पूरी ग्वालियर टीम का विशेष आभार व्यक्त किया गया।

निष्कर्ष

आपको बता दें कि एनसीपीई का यह बारह वां संस्करण था और पहली बार मध्यप्रदेश के किसी शहर में हुआ था। सम्मेलन की व्यवस्थाओं और मेहमान नवाजी से आए हुए मेहमान चिकित्सक काफी पसंद नजर आए। सम्मेलन का समापन भावनाओं, ऊर्जा और आत्मीयता से भरे क्षणों के साथ हुआ। सभी प्रतिभागियों ने एक स्वर में कहा — “NCPE 2025 केवल एक कॉन्फ़्रेंस नहीं, बल्कि शिक्षा, सहयोग और संवेदना का उत्सव था।”

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Gajendra Ingle
Gajendra Inglehttp://theinglespost.com
The author is founder Editor of this news portal. He has long experience of journalism. He has deep expertise on political and social issues.
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