ग्वालियर मध्य प्रदेश: देश की प्रमुख निर्माण कंपनियों में शामिल दिलीप बिल्डकॉन ग्रुप के भोपाल स्थित दफ्तर और अन्य ठिकानों पर सोमवार को आयकर विभाग ने छापेमारी की थी। अमृतसर से आई विशेष टीम ने दो ठिकानों पर दस्तावेज खंगाले और वित्तीय रिकॉर्ड्स की जांच शुरू कर दी। दिलीप बिल्डकॉन भोपाल मेट्रो समेत देश में हजारों करोड़ रुपयों के अधोसंरचना विकास प्रोजेक्टों में निर्माण कार्य कर रही है। कंपनी के प्रमुख दिलीप सूर्यवंशी के सत्तारूढ़ दल के कई नेताओं से भी नजदीकी संबंध हैं। बुधवार को ग्वालियर के डीडी नगर स्थित एक मकान पर भी कोई जांच टीम पहुंची। यहां से जुड़े अहम दस्तावेज जब्त किए जाने की सूचना है। अब इस कार्रवाई को लेकर मीडिया में तरह तरह की खबरें बन गई। किसी ने आईटी की रेड बतलाया तो किसी ने ईडी की रेड। लेकिन हकीकत को लेकर ज्यादातर पत्रकारों के बीच संशय बना रहा।
हालांकि ईडी की कार्रवाई डीडी नगर के हाउस नंबर बीएम 203 में बुधवार को हुई थी लेकिन इसकी खबर कई मीडिया हाउस को गुरुवार को चली और गुरुवार को ही आनन फानन में जिसको जो जानकारी मिली वह प्रसारित हो गई। कुछ मीडिया हाउस ने इसे ईडी की कार्रवाई बताया तो कुछ मीडिया हाउस ने इसे आईटी की कार्रवाई बताया। आईटी या ईडी की टीम कहां से आई? उसमें कितने सदस्य थे? इसको लेकर भी अलग अलग प्लेटफॉर्म पर अलग अलग तरह की खबरें प्रसारित हुई। इस पूरे मामले में चौंकाने वाली बात यह रही कि ज्यादातर मीडिया हाउस के द्वारा डेस्क रिपोर्टिंग की गई स्पोर्ट पर जाकर किसी ने भी आंकड़े जुटाने की जहमत नहीं उठाई।
कोचिंग कल्चर होगा खत्म, पीएम मोदी ने कर ली पीएम ई विद्या की तैयारी
सबसे पहले हम आपको कार्यवाही का वर्णन दे देते हैं। बुधवार को सुबह से ही एक जांच टीम डीडी नगर के हाउस नंबर बीएम 203 में पहुंची थी। यह मकान किसी दिलीप सिंह राजावत के नाम पर है। बीस बाई पचास के प्लॉट एरिया पर एक नवीन किया गया है और मकान आम आधुनिक सुविधाओं युक्त प्रतीत होता है। सुबह 5 बजे के लगभग पहुंची जांच टीम में लगभग 10 सदस्य थे। सदस्य सीधे मकान में घुसे और मकान का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। इसके बाद दिन भर इस घर में जांच दल तमाम दस्तावेजों की जांच और पूछताछ करता रहा। जांच दल इतने गुप्त तरीके से आया था कि उसने लोकल मीडिया और लोकल पुलिस को भी इसकी जानकारी नहीं होने दी।
डीडी नगर के हाउस नंबर बीएम 203 में किस बात की जांच हुई और कौन सी टीम जांच करने आई थी। इसको लेकर आस-पास के रहवासियों में भी संशय था। सबको यह जानकारी थी कि कुछ न कुछ मामला तो है लेकिन कुछ लोग इसे लोकायुक्त की तो कुछ लोग इनकम टैक्स की कार्यवाही बता रहे थे। इस पूरे मामले में द इंगलेज पोस्ट की टीम ने मौके पर जाकर जानकारी जुटाई, तब कई तथ्य सामने आए। इस मकान पर रेड पड़ी थी।घंटों तक कार्यवाही भी चली पूछताछ भी की गई और अहम दस्तावेज एकत्र करके टीम ले गई। अब हकीकत यही थी कि कार्यवाही तो हुई है और पूछताछ में जानकारी मिली कि यह कार्यवाही लोकायुक्त या आईटी की नहीं बल्कि ईडी की टीम द्वारा की गई है।
यह भी पढ़ें देर रात बाहर नहीं निकले लड़कियां; मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने क्यों कहा ऐसा!
सोमवार से भोपाल में दिलीप बिल्डकॉन के तमाम ठिकानों पर आईटी की रेड पड़ी थी और उनकी कार्यवाही को देखते हुए ही यह अंदेशा लगाया जा रहा था कि ग्वालियर में भी जिस स्पाॅट पर यह रेड पड़ी है उस मकान का या उस मकान में रहने वालों का संबंध दिलीप बिल्ड से हो सकता है। और केवल यही कनेक्शन जोड़ते हुए यह खबर प्रसारित हो गई कि जिस तरह भोपाल में आईटी की टीम ने दिलीप बिल्डकॉन के ठिकानों पर छापेमारी कार्रवाई की है उसी में से एक टीम ने उन्हीं के ग्वालियर ठिकाने पर भी कार्रवाई की है। लेकिन स्पॉट पर जाकर जानकारी लेने पर पता चला कि इस मकान में रहने वाले किसी भी व्यक्ति का दिलीप बिल्डकॉन से कोई संबंध नहीं है।
डीडी नगर के हाउस नंबर बीएम दो सौ तीन में रहने वाले दिलीप सिंह राजावत का संबंध बीपी फूड प्रोडक्ट्स से है। ईडी की टीम ने बुधवार को बीपी फूड प्रोडक्ट्स के तमाम ठिकानों पर छापा मारा था और यह मकान भी उसी छापे की कार्रवाई का एक हिस्सा है। बीपी फूड प्रॉडक्ट्स में करोड़ों के घपले और फर्जी दस्तावेजों से कार्य करने की शिकायत ईडी के पास पहुंची थी। इसी कार्रवाई के लिए बुधवार को सुबह पांच बजे ईडी की टीम ग्वालियर के डीडी नगर स्थित दिलीप सिंह राजावत के घर पहुंची थी। जहां से ईडी की टीम ने तमाम अहम दस्तावेज एकत्र किए। अंत में यही हकीकत निकलकर आ रही है कि छापा तो पड़ा उसी मकान में पड़ा लेकिन आईटी का नहीं ईडी का पड़ा और दिलीप बिल्ड कौन से संबंधित व्यक्ति क्या नहीं बल्कि बीपी फ्रूट प्रोडक्ट्स के संबंधित व्यक्ति के यहां पड़ा है।
