Friday, April 17, 2026
34.1 C
Delhi
Friday, April 17, 2026
HomeBig Newsदेर रात बाहर नहीं निकले लड़कियां; मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने क्यों कहा...

देर रात बाहर नहीं निकले लड़कियां; मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने क्यों कहा ऐसा!

ममता बनर्जी का यह भी कहना है कि जिस मेडिकल कॉलेज में छात्रा पड़ रही थी उस कॉलेज की ही जिम्मेदारी थी कि उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए क्योंकि पुलिस हर व्यक्ति की आवाजाही पर नजर नहीं रह सकती। घर के बाहर पहरा नहीं दे सकती

डिजिटल डेस्क नई दिल्ली/ कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दुर्गापुर के निजी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस के छात्रा से हुए दुष्कर्म की घटना के बाद एक अजीबोगरीब बयान दिया है। उन्होंने इस दुष्कर्म के बाद दुष्कर्म पीड़िता को ही कटघरे में खड़ा किया है। एक सार्वजनिक बयान में उन्होंने कहा है कि देर रात बेवजह छात्राओं को छात्रावास से बाहर नहीं निकलना चाहिए।किसी के रात में घूमने फिरने पर कोई प्रतिबंध नहीं है यह केवल मेरी अपील है। ममता बनर्जी उत्तरी बंगाल के दौरे पर थीं जहां पत्रकारों के सवाल के जवाब में उन्होंने भी सवाल कर दिया कि रात को साढ़े बारह बजे छात्रा कॉलेज परिसर से बाहर क्यों निकली?

हालांकि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसे एक अपील बताया लेकिन एक मुख्यमंत्री होने के नाते उनके इस बयान को गैर जिम्मेदाराना माना जा रहा है। क्योंकि यदि एक छात्रा का एक निश्चित समय के बाद कॉलेज परिसर से बाहर होना गलत मान भी लिया जाए तो यह इस बात की इजाजत नहीं देता कि किसी प्रदेश में किसी शहर में महिला सुरक्षा इतनी लचर हो कि उसके साथ इस तरह की घटना हो जाए। छात्रा का रात में बारह बजे के बाद कॉलेज परिसर के बाहर होना कॉलेज के नियम के विरुद्ध हो सकता है लेकिन दिन हो या रात हो महिला सुरक्षा के साथ इस तरह खिलवाड़ होना कहीं ना कहीं पश्चिम बंगाल में महिला सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े करता है।

यह भी पढ़ें DA hike; केन्द्रीय कर्मचारियों की हैप्पी दिवाली, 3% बढ़ गया महंगाई भत्ता 

ममता बनर्जी का यह भी कहना है कि जिस मेडिकल कॉलेज में छात्रा पड़ रही थी उस कॉलेज की ही जिम्मेदारी थी कि उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए क्योंकि पुलिस हर व्यक्ति की आवाजाही पर नजर नहीं रह सकती। घर के बाहर पहरा नहीं दे सकती हालांकि उन्होंने इस घटना को स्तब्ध करने वाली बताया और और कहा कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। लेकिन उनके छात्रा के देर रात बाहर निकलने से पाबंदी वाले बयान पर जमकर चर्चा हो रही है और ममता बनर्जी को ही खटगड़े में खड़ा किया जा रहा है। क्योंकि एक प्रदेश की मुख्यमंत्री होने के नाते उनकी जवाबदेही बनती है ही एक महिला दिन होक्षित रहे। और एक महिला को सुरक्षा देने में उनकी प्रदेश की पुलिस पूरी तरह असफल रही है।

मीडिया में चल रही खबरों के बाद ममता बनर्जी ने सफाई देते हुए कहा है कि उनके शब्दों को तोड़ मरोड़कर पेश किया गया है।उनसे पत्रकार वार्ता में सवाल पूछा गया था जिसका जिसका जवाब उन्होंने दिया। अब ममता बनर्जी कितनी भी सफाई देते रहे लेकिन उनके इस जवाब पर जिसमें वह पीड़ित को ही दोषी ठहरा रही हैं और उसका रात ने बाहर जाना गलत बता रही हैं उस पर जमकर बहस हो रही है। भाजपा ने ममता बनर्जी के इस बयान की आलोचना करते हुए कहा है कि उन्होंने बार बार अपराधियों के बजाय पीड़िता को ही दोषी ठहराया है। उन्होंने छात्रा को ही घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया है। केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने कहा है कि ममता बनर्जी ने बंगाल को दुष्कर्मियों और अपराधियों के लिए सुरक्षित पनाहगाह बना दिया है।

यह भी पढ़ें स्मार्ट मीटर है स्पाई मीटर; दुबई की कंपनी पाकिस्तानी अधिकारी, भारतीय नागरिकों की सुरक्षा खतरे में!

Gajendra Ingle
Gajendra Inglehttp://theinglespost.com
The author is founder Editor of this news portal. He has long experience of journalism. He has deep expertise on political and social issues.
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular