Thursday, July 30, 2026
30.2 C
Delhi
Thursday, July 30, 2026
Home Blog Page 169

रिटायर्ड डीएसपी को साइबर ठगों ने किया कॉल और ठग लिए अस्सी हजार

साइबर ठगों के हौंसले इतने बुलंद हैं या कहें कि हमारे देश की कानून व्यवस्था इतनी लचर है कि क्या खास और क्या आम हर कोई साइबर ठगों के निशाने पर है यदि हम कहें की एक रिटायर्ड डीएसपी को भी साइबर ठगों ने ₹80000 से ठग लिया? तो आपको हैरानी होगी लेकिन जी हां यह हकीकत है और यह घटना हुई है मप्रदेश के ग्वालियर जिले में जहां पर रिटायर्ड करो डीएसपी जीपी शाक्य को उनके भतीजे है को गैंगरेप के मामले में पकड़ने की बात कहकर ठग लिया गया। 

हुआ यूं की ग्वालियर के पिछोर क्षेत्र में पहाड़ सिंह शाक के रहते हैं जो किसान है और पहाड़ सिंह शाक के भाई हैं जी पिशाक के जो मध्यप्रदेश के कई अलग-अलग जिलों में बीएसपी के तौर पर पदस्थ रहे हैं वर्तमान में सेवानिवृत्त है पहाड़ सिंह का बेटा है राजूशाह के जो। सिंगरौली में पावर प्लांट में। सुपरवाइजर के पद पर काम करता है करो पहाड सिंह के मोबाइल पर एक अनजान नंबर से व्हाट्सऐप पर कॉल आता है। कॉल करने वाले ने खुद को सिंगरौली में टीआई बताते हुए राजू शाह के और उनके 3 साथियों को गैंग रेप के मामले में गिरफ्तार करने की बात कही करो है उन्होंने? उसने कहा कि इन चारों ने जिस लडकी का गैंगरेप किया है उसकी हालत गंभीर है और अगर यदि अपने बेटे को बचाना चाहते हो तो 80 हजार दे दो और जब करो बात कराने की बात आई तो टीआई बने ठग ने किसी लड़के से रोते हुए। पहाड़ सिंह और जीपी शाह से बात करा दी रोती हुई आवाज़ सुनकर ये लोग डर गए और तुरंत ही उस ठग के खाते में ₹80000 टाल दिए करो। इसके बाद ठग ने दोबारा से इन्हें फ़ोन किया और कहा कि बेटे को तो छोड़ दिया है लेकिन यदि एफआईआर से नाम हटवाना है। तो उसके ₹3 लाख लगेंगे। जब पहाड़ सिंह ने ज्यादा पूछताछ की तो ठग ने गुस्से में जवाब दिया के कराना है तो बोलो जब पहाड़ सिंह जीपी शाह के को करो शक हुआ। दोनों ने अपने बेटे से फ़ोन पर बात की तो बेटे ने कहा कि वह तो कंपनी में। काम कर रहा है। उसे किसी ने गिरफ्तार नहीं किया में यह सुनकर यह लोग तुरन्त को फ़ोन करो एसपी ऑफिस पहुंचे और ठगी का मामला दर्ज कराया।

यह घटना बताती है कि ठग इतने शातिर होते हैं और वो किसी पढ़े लिखे और अधिकारी वर्ग के व्यक्ति को भी बातों में ले लेते हैं। यदि आपको साइबर ठगी के इस तरह के मामलों से बचना है तो आपको केवल एक बात का ध्यान रखना होगा कि इन साइबर ठकों के पास जो सबसे बडा हथियार है जिसके माध्यम से यह आपको ठगते हैं वह है आपका डर। है। तो जैसे ही आपके पास इस तरह का कोई फ़ोन कॉल आता है तो आपको डरना नहीं है बल्कि समझदारी से क्वेश्चन करते हुए गहराई तक जाना है। इस मामले में भी यदि यह परिवार साइबर ठगों के फैलाए गए डर के जाल में न फंसते हुए पहले ही अपने बेटे को फ़ोन। कर लेते तो है हकीकत सामने आ जाती और यह परिवार ठगी से बच जाता। 

बेटी के जन्म पर माँ को मिली क्रूरता, पहले दिया जहर फिर साड़ी से लगा दी फांसी 

एक महिला के पति और उसके ससुराल वालों ने इस महिला पर क्रूरता की सारी हदें पार कर दी। पहले तो महिला को जहर देकर मारने का प्रयास किया और जब जहर से भी महिला नहीं मरी तो फिर साड़ी से उसके गले में फांसी का फंदा बनाकर उसे फांसी दे दी और कुछ समय से यह महिला अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रही है। इस महिला पर इतना जुल्म क्यों किया गया? क्या था इसका अपराध इस महिला का अपराध था। एक बिटिया को जन्म देना जी हाँ आज भी हमारे समाज में बिटिया को जन्म देना एक अपराध है और अपराध के लिए एक माँ को इस क्रूरता की हद तक सजा दी जाती है। 

हालिया मामला मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले के हजीरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत न्यू कांच मिल में रहने वाले एक परिवार का है। जिसमें बहू पिंकी शर्मा की 2020 में राहुल शर्मा से शादी हुई थी। शादी के बाद की ने बेटी को जन्म दिया और इस बिटिया की जन्म के बाद ही। राहुल शर्मा सास सरला शर्मा रीना शर्मा अपनी बहू को परेशान करने लगे बात बात पर पिंकी को ताने मारे जाते थे। है। उसने बेटी को जन्म दिया है और पिंकी को तमाम तरह की प्रताड़ना का सामना करना पड़ता था। कई बार पिंकी को बिना खाना खाए रहना पडता था। रोज उसको क्रूरता सहन करनी पड़ती थी और पिंकी का बेटी जन्म देना ससुराल को इतना नागवार गुजरा की सारी हदें पार करते हुए फिर पिंकी को जहर खिला दिया। जब ज़हर खाने के बाद भी पिंकी नहीं मरी है तो साड़ी से उसको फांसी लगा दी।इसके बाद भी पिंकी नहीं मरी। तो सारे ससुराल वाले उसे छोड़कर भाग गए। पुलिस को जब इसकी सूचना मिली तो पुलिस ने पिंकी को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया। अभी भी तीन दिन से पिंकी अचेत है और ससुराल वाले फरार हैं हालांकि पुलिस ने ससुराल पक्ष पति राहुल शर्मा सास चलरा शर्मा और आनंद रीना शर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। 

इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खडा कर दिया है ही है हमारे समाज में है। आज भी बेटी को जन्म देना एक अपराध से कम नहीं है। है। आज भी तमाम ऐसे परिवार हैं जो बेटी को जन्म देने में माँ का दोष मानते हैं जबकि साइन्स साफ कहता है के पुरुष के शुक्राणों में में उपलब्ध डी एन ए ही यह निर्धारित करता है की जन्म लेने के लिए वाला बेटा होगा या बेटी। आज बेटी हर के में सफलता हासिल कर रही है। इसके बाद भी में हमारे समाज के तमाम शिक्षित परिवार भी है। इस तरह की की उसी परंपरा ने विश्वास रखते हुए बेटी को को जन्म देना माँ का ही अपराध मानते हैं। इस घटना ने सरकार के उस अभियान पर भी सवाल खड़ा किया है जिसमें सरकार तमाम दावे करती है कि उन्होंने बेटी के जन्म पर बहुत सारी सुविधाएं और जागरूकता का प्रयास किया है लेकिन ऐसी घटना करो यह साबित करती है की सरकार के सभी दावे और प्रयास शून्य है।

ITR फाइल करें 31 जुलाई तक, बाद में लगेगा 5000 रुपये तक जुर्माना

0

जो लोग इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करते हैं उनके लिए यह खबर बहुत जरूरी है।इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख इकतीस जुलाई है और जिसे बढ़ाया नहीं जाएगा और दूसरी बात यह है कि यदि आप इस तारीख को भी चूक जाते हैं तो आगे आपको रिटर्न फाइल करने पर जुर्माना भी देना होगा। तो अगर आपने अब तक आयकर रिटर्न (आईटीआर) फाइल नहीं किया है, तो जल्द ही रिटर्न फाइल कर दें, क्योंकि 31 जुलाई 2024 इसकी आखिरी तारीख है।

आयकर विभाग ने करदाताओं को समय पर आईटीआर फाइल करने की सलाह दी है ताकि जुर्माने से बचा जा सके और किसी भी असुविधा से बचा जा सके। विभाग ने रिटर्न फाइल करने की प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश और सुविधाएं भी प्रदान की हैं।

आखिरी तारीख: 31 जुलाई 2024

जुर्माना: 5000 रुपये तक

आयकर विभाग ने करदाताओं से अपील की है कि वे समय रहते अपने आईटीआर फाइल कर लें ताकि किसी भी संभावित जुर्माने से बचा जा सके। अंतिम तारीख नजदीक आते ही बड़ी संख्या में लोग रिटर्न भर रहे हैं। आयकर विभाग के मुताबिक, वर्तमान में हर दिन करीब 13 लाख रिटर्न फाइल किए जा रहे हैं।

अंबानी परिवार की सुनहरी शादी का काला साया, समाज में लाएगा खतरनाक बदलाव

देश में इस समय जहां देखें वहाँ एक ही चर्चा है वह चर्चा है अनंत और राधिका की शादी की है। यह शादी कोई आम शादी नहीं है क्योंकि अनंत देश के सबसे रईस मुकेश और नीता अंबानी के सुपुत्र हैं और अंबानी परिवार ने शादी इतनी भव्य की कि हर जगह इसकी भव्यता की चर्चा है। इसकी भव्यता की फोटो सोशल मीडिया पर एक सैलाब की तरह वायरल हो रहे है। लाखों रुपये के शादी के आमंत्रण कार्ड से लेकर अनंत के है। दोस्तों में पाटी गई उपहार स्वरूप महंगी घड़ी हर जगह चर्चा का विषय रही। इस शादी की चर्चा उस समय शुरू हो गई थी जब आनंद और राधिका की सगाई होनी थी और तब से ही। में पूरे देश की मीडिया की निगाहें इस शादी के हर छोटे से छोटे करो हिस्से को की बड़ी खबर के रूप में बनाने के प्रयास में किसी न किसी घटना पर गड़ी हुई थीं। आखिरकार बारह जुलाई को यह शादी तो संपन्न हो गई लेकिन पीछे कई सवाल छोड़ गई।

इस शादी में कितना ज्यादा पैसा खर्च किया गया कि अब तक की सभी महंगी शादियों के रिकॉर्ड इसने तोड़ दिए। इस शादी के खर्च क्या अनुमान की बात करें तो ऐसा बताया जा रहा है कि इस शादी में लगभग ₹5 हजार करोड खर्च किया गया है करो और यह रकम अंबानी के कुल संपत्ति की 0.05% मात्र है। मुंबई के जियो कन्वेंशन सेन्टर में आयोजित शादी के के मुख्य कार्यक्रम में देश के सभी नाम चीन व्यापारी सभी नामचीन फिल्मी हस्तियां सभी नामचीन राज्य नीतिज्ञ और करो तमाम साधु संत महात्मा भी करो उपस्थित रहे में वे सभी। इस महंगी है और विलासता से भरी शादी के गवाह बने। देश का हर वह व्यक्ति जो किसी न किसी क्षेत्र में महारत हासिल रखता है या प्रतिष्ठित है हुआ अंबानी परिवार का मेहमान बना। इस पूरे शादी कार्यक्रम में पानी की तरह पैसा बहाया गया और इस शादी को इतना भव्य बनाया गया कि यह अब तक की देश की सबसे महंगी 5 शादियों में शुमार है और करो रकम की दृष्टि से तो अभी पहले पायदान पर है। है।हालांकि पूर्व में सालों पहले हुई शादियों की रकम उस समय के हिसाब से है कम है लेकिन वर्तमान में तो करो अंबानी परिवार की शादी रकम के हिसाब से है सबसे महंगी है।

अंनंत अंबानी के सगाई समारोह में विदेशी गायिका रिहाना को है ₹74 करोड देकर बुलाया गया था और शादी के संगीत कार्यक्रम में जस्टिन बीबर को 83 करोड देकर बुलाया गया था। इसी तरह शादी का कार्ड भी लगभग 8-10 लाख रुपये कीमत का था यदि हम अंबानी के। खास है। दोस्तों की बात करें है तो उन्हें उपहार के रूप में विदेश से विशेष रूप से तैयार करके मंगाई गई हाथ घड़ी दी गई थी। ऐसा बताया गया है कि इनमें से प्रत्येक हाथ घड़ी की कीमत 2 करोड़ रुपए है। स्वयं अंबानी ने अपनी शादी में जो हाथ घड़ी पहनी थी उसकी कीमत अड़सठ करोड़ रुपए बताई जा रही है है जो संभवतः अब तक की दुनिया की सबसे महंगी हाथ घड़ी है। दो करोड़ रुपये की पच्चीस घड़ियाँ में अनंत अंबानी के जिन मित्रों को बाटी गई उनमें ज्यादातर फिल्मी सितारे करो शाहरुख सलमान आदि थे। 

अब सवाल यह उठता है है कि जिस शादी की चर्चा दो महीने तक देश के मीडिया की सुर्खियों में रही हो सोशल मीडिया पर वायरल होने में टॉप ट्रेंडिंग में रही हो और है। आम लोगों के बीच में भी इस शादी को लेकर खूब कहानियां बनी हों। ऐसी शादी का? हमारे समाज पर क्या प्रभाव पड़ने वाला है? आप जानते ही हैं के सामान्यतः भी हमारे देश में एक शादी बडे भव्य रूप में की जाती है एक परिवार की संपत्ति है चाहे कितनी भी हो लेकिन संपत्ति का एक बड़ा हिस्सा और कभी कभी तो संपत्ति से भी। ज्यादा खर्च शादी समारोह में कर दिया जाता है। कई बार तो एक विवाह समारोह को भव्य बनाने के लिए परिवार कर्ज के समुंदर में भी डूब जाते हैं और कुछ परिवार तो कभी इस कर्ज के समंदर से बाहर ही नहीं निकल पाते। कई ऐसी बेटियां हैं जिनकी शादी भव्य करा पाने की क्षमता उनके पिता में नहीं होती इस वजह से उनको बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता है। हमारा समाज पहले ही शादी समारोह को लेकर दिखावे की दौड़ में करो। इस तरह दौड़ रहा है कि उसे खर्ची दिखाई ही नहीं देती। अब अंबानी परिवार के इस में महंगे शादी कार्यक्रम में है। लोगों के मन मस्तिष्क पर ऐसा प्रभाव डाला है है कि आगे एक फिजूलखर्ची की होड़ शुरू हो सकती है।

आगामी शादियों में हर दुल्हन और उसका परिवार राधिका मर्चेंट की तरह वेशभूषा है आभूषणों से सजने सँवरने के प्रयास में फिजूल खर्ची करो मैं पड़ सकती है । ऐसे ही हर दूल्हा भी अनंत की तरह महंगे कपड़े महंगी घड़ी और महंगे उपहारों की लिए जिद्दोजहद करता देखा जा सकता है। हमारे समाज में एक मध्यम वर्गीय है और निम्न मध्यम वर्गीय परिवार है। आमतौर पर शादी में अपनी हैसियत से कहीं ज्यादा खर्च करता है क्योंकि वह इन अति रईसों की चकाचौंध और सुनहरी शादियों का की मुकाबला करने का प्रयास करता है। और अब अंबानी परिवार की सुनहरी शादी का काला साया हमारे समाज के आर्थिक ताने बाने को बिगाड़ सकता है। अंबानी परिवार ने जो 5 हजार करोड इस शादी समारोह में खर्च किया है वह कमाना उसके लिए कुछ दिनों की बात है है और वह उसकी संपत्ति का एक छोटा सा हिस्सा है जबकि एक निम्न मध्यम वर्गीय परिवार अपनी पूरी पूंजी। एक शादी समारोह में लगा देता है। अपने जीवन भर की कमाई शादी में फिजूलखर्ची में लगा देता है।

माध्यम वर्गीय और निम्न मध्यम वर्गीय है। परिवारों को इस अंबानी परिवार के शादी समारोह को केवल एक फिल्म के मानकर भूल जाना चाहिए और यह हकीकत ध्यान रखना चाहिए कि किसी भी कीमत पर वह इस शादी समारोह की भव्यता के करीब भी नहीं पहुंच सकते तो फिर फिजूल में इस शादी समारोह की नकलकर करो। उस अंदाज में भव्यता का दिखावा कर खुद को कर्ज के समंदर में ढकेलने का कोई कोई फायदा नहीं है। समाज में ऐसे कई उदाहरण हैं जहाँ एक मध्यम वर्गीय परिवार किसी अन्य शादी समारोह का उदाहरण लेकर है उसकी तरह कर करता है उससे मुकाबला करता है और अब यदि इस दौड़ को और आगे बढाया जाता है और यह परिवार अंबानी परिवार करो की शादी समारोह को गंभीरता से लेकर उसकी तरह भव्यता के प्रयास में पढ़ते हैं तो कहीं न कहीं उनकी करो आर्थिक स्थिति की पूरी तरह से चरमरा सकती है। इसलिए अंबानी परिवार की शादी समारोह को एक कहानी के रूप में लें। इसे सुनें। इसे पढ़ें इस पर चर्चा करें और केवल यहीं पर इसे खत्म करें। इसे अपने जीवन है पर जबरदस्ती थोपने और अपने जीवन को बर्बाद करने और सामाजिक ढांचे को बिगाड़ने का प्रयास न करें।

मृत गाय को ट्रैक्टर से बांध निर्दयीता से घसीटा, सात कर्मचारी सस्पेंड

पिछले कुछ सालों से गऊ रक्षा और गऊ के सम्मान को लेकर बड़े बड़े दावे किए जाते रहे हैं। तमाम सारे गौरक्षक जगह जगह पर गऊ माता को लेकर सक्रिय दिखाई देते हैं। बात करें चुनी हुई सरकारों की तो वह भी गऊ रक्षा के लिए तमाम नियम कायदे बनाते हुए तमाम सख्ती बरतने का हवाला देती आई है। लेकिन इन सबके बावजूद मध्यप्रदेश के भिंड जिले में एक ऐसी घटना हो जाती है जो एक ओर तो सरकार के सभी दावों की पोल खोल देती है और दूसरी ओर यह भी साबित करती है। रक्षा की बातें करने वाले गौसेवक केवल कुछ निजी हित के मुद्दों पर ही सक्रिय होते हैं।

ये घटना भिंड जिले के मालनपुर नगर पंचायत की है। सफाई कर्मचारियों ने सड़क के किनारे एक गाय को मरा हुआ देखा, तो उसके शव को ट्रैक्टर से बांध दिया और लगभग एक किलोमीटर तक उसको जमीन पर घसीटते हुए लेकर गए. इसके बाद शव को इन कर्मचारियों ने दफनाने की जगह खुले में ही फेंक दिया। इस पूरी घटना की जानकारी ‘सब डिविजनल मजिस्ट्रेट पराग जैन’ ने दी। पराग जैन ने आगे कहा कि सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद चीफ म्युनिसिपल ऑफिसर यशवंत राठौर को भी एक नोटिस दिया गया।

आपको बता दें कि गाय को लेकर शासन और प्रशासन तमाम तरह के दावे करता है लेकिन इस घटना ने सभी दावों की पोल खोल दी है और यह कोई पहली घटना नहीं है। अमूमन इस तरह की लापरवाही देखने को मिलती है। अब भिंड जिले में गाय को इस तरह 1 km तक घसीटने की घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि। गाय के नाम पर अपनी रोटी सेंकने का काम जिम्मेदार कब तक करते रहेंगे?

रिश्ते को कलंकित कर बारह साल की रिश्तेदार को ही बना लिया हवस का शिकार

0

रिश्तों को कलंकित कर दुष्कर्म करने की घटना है लगातार बढ़ती ही जा।रही हैं के लिए ऐसी ही एकनामतदेश के ग्वालियर जिले के डबरा ब्लॉक में हुई जहां एक नजदीकी रिश्तेदार ने 12 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। इस कलयुगी नजदीकी रिश्तेदार ने 12 साल की नाबालिग लड़की को उस समय अपनी हवस का शिकार बना लिया । जब वह घर में अकेली थी। आरोपी सोम परिहार लड़की के घर के पास में ही रहता है। लड़की के घर वाले कहीं गए हुए थे। तभी उसने 8 जुलाई को इस घटना को अंजाम दे दिया। बच्ची ने अपने घर के लोगों के आने के बाद उन्हें पूरा वाकया बताया। इसके बाद लड़की को लेकर पीड़ित परिवार डबरा देहात थाने पहुंच गया। जहां उन्होंने आरोपी सोम परिहार के खिलाफ बलात्कार और पास्को एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया है। मामले की गंभीरता देखते हुए पुलिस ने आरोपी सोम परिहार को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी और फरियादी लड़की का मेडिकल भी कराया गया है। पुलिस का कहना है आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद उसे जेल भेजा जाएगा ।
निरंजन शर्मा,एएसपी,ग्वालियर ने इस घटना के बारे में क्या बताया सुनिए

राजस्व महा अभियान; क्या मुख्यमंत्री की मंशानुसार राजस्व अधिकारी होने देंगे इस अभियान को साकार?

0

भोपाल, मध्यप्रदेश: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों की सुविधा और लंबित राजस्व प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के लिये 18 जुलाई से 31 अगस्त तक राजस्व महा अभियान – 2.0 संचालित किया जा रहा है। किसानों और आमजन की सहुलियत के लिये पटवारी और मैदानी अमला मुख्यालय पर रह कर दायित्वों का निर्वहन करेंगे। अभियान्तर्गत डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षण भी किया जायेगा। उन्होंने कहा कि राजस्व प्रकरणों का गंभीरता के साथ समय-सीमा में निराकरण किया जाये।

राजस्व मंत्री श्री करण सिंह वर्मा ने बताया कि अभियान में अविवादित नामांतरण प्रकरणों का निराकरण 30 दिन में, विवादित नामांतरण प्रकरणों का निराकरण 150 दिन में किया जायेगा। बंटवारा प्रकरणों के निराकरण की समय-सीमा 90 दिन है और सीमांकन प्रकरणों को 45 दिन में निराकृत करने के निर्देश दिये गये हैं। इसके साथ ही नक्शे में तरमीम का कार्य सतत् जारी रहेगा। राजस्व मंत्री श्री वर्मा ने कहा है कि राजस्व महा अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी कर्मचारियों को सम्मानित किया जाएगा।

राजस्व महा अभियान 2.0 में 30 जून 2024 की स्थिति में लंबित नामांतरण, बँटवारा, अभिलेख दुरूस्ती और सीमांकन के प्रकरणों में निराकरण का लक्ष्य रखा गया है। इनमें नामांतरण के 75 हजार 964, बंटवारा के 9 हजार 897, अभिलेख दुरूस्ती के 9 हजार 889 और सीमांकन के 25 हजार 423 प्रकरण शामिल हैं। इसके साथ ही 30 जून 2024 की स्थिति में एक करोड़ 95 लाख 45 हजार नक्शे पर तरमीम के लंबित मामलों को भी दर्ज किया जाएगा।

अभियान में होगा डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षण

राजस्व महा अभियान में एक अगस्त से 15 सितंबर 2024 तक फसलों का डिजिटल (क्रॉप) सर्वेक्षण किया जायेगा। किसानों के खेत पर जाकर फसल का फोटो खीचकर जानकारी अद्यतन करने के लिये युवाओं का चयन किया जाएगा। चयनित युवाओं को 25 जुलाई तक प्रशिक्षित किया जायेगा।

राजस्व महा अभियान में आरसीएमएस पोर्टल पर प्रकरण दर्ज करने और पूर्व आदेशों के अनुसार खसरों और नक्शे में अमल सुनिश्चित किया जाएगा। राजस्व महा अभियान में नि:शुल्क समग्र ई-केवायसी और समग्र से खसरे की लिंकेज की सुविधा दी जा रही है। इसके साथ ही स्वामित्व योजना में आबादी भूमि के सर्वेक्षण की कार्रवाई पूर्ण करने की समय-सीमा निर्धारित की गई है।

वरिष्ठ राजस्व अधिकारी करेंगे मैदानी क्षेत्र का दौरा

राजस्व महा अभियान में संभागायुक्त, कलेक्टर, अपर कलेक्टर, एसडीएम और तहसीलदार मैदानी क्षेत्र का भ्रमण करेंगे और राजस्व महा अभियान में की जा रही कार्रवाई की मॉनीटरिंग करेंगे।

एमपी के इस क्रिकेट खिलाड़ी के नाम यूपी में यहां बनेगा शानदार क्रिकेट स्टेडियम

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर शहर में विश्व स्तरीय क्रिकेट स्टेडियम बनाये जाने की कवायद तेज हो गई है। वर्ष 1988 में क्रिकेटर ऑफ द ईयर रह चुके गोरखपुर के नरेंद्र हिरवानी के नाम पर बनने वाले इस स्टेडियम में गोरखपुर समेत पूर्वांचल ही नहीं बल्कि बिहार के युवा क्रिकेट खिलाड़ियों को भी अपनी प्रतिभा निखारने का मौका मिलेगा। इसके निर्माण के साथ ही गोरखपुर, क्रिकेट स्टेडियम वाला यूपी का पांचवां शहर बन जायेगा। 6 जुलाई को गोरखपुर पहुंचे यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ भी इस बाबत घोषणा कर चुके हैं। हिरवाणी क्रिकेट तो मध्यप्रदेश की ओर से खेलते थे लेकिन उनका जन्म उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में ही हुआ था।

जानकारी के अनुसार, करीब 100 एकड़ में बनने वाले इस स्टेडियम की जमीन के लिए सड़क, हवाई यातायात की कनेक्टिविटी को ध्यान में रखा जाएगा। एक अधिकारी ने बताया कि कानपुर, लखनऊ, नोएडा और वाराणसी के बाद उत्तर प्रदेश का यह पांचवां अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम होगा। इसका लाभ न केवल गोरखपुर, बल्कि पूर्वांचल, यूपी की सीमा से लगे हुए बिहार और मित्र राष्ट्र नेपाल की खेल प्रतिभाओं को भी मिलेगा। बेहतर प्रशिक्षण के जरिए क्रिकेट खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पूर्वांचल का नाम रोशन करेंगे।

गोरखपुर में इस स्टेडियम के बनने से स्पोर्ट्स कारोबार में भी उछाल आएगा। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के मैच शुरू होने पर स्पोर्ट्स टूरिज्म और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को भी फायदा होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का खेलों से खास लगाव है। समय-समय पर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों से वह मिलते हैं और उन्हें सम्मानित करते हैं। कुछ दिनों पहले ही वे टी-20 विश्व विजेता टीम के हिस्सा रहे उत्तर प्रदेश के क्रिकेटर कुलदीप यादव से भी अपने आवास पर मिले थे। को फ़ोन करो इस स्टेडियम के बनने से उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश दोनों के ही क्रिकेट प्रेमियों में खुशी की लहर है ।

14 साल की बच्ची को छेड़खानी का विरोध पड़ा महंगा, दबंगों ने तोड़ दिए हाथ पैर

ग्वालियर में एक नाबालिक के साथ एक महिला और उसके तीन साथियों ने फावड़े के डंडे से बेरहमी से मारपीट की है। नाबालिग का कसूर सिर्फ इतना था कि उसने अपने साथ हुई छेड़खानी का विरोध किया था। इसी बात पर महिला और उसके साथियों आगबबूला हो गए पीड़ित बच्ची सातवीं कक्षा की छात्रा है। उसके साथ बेरहमी और बर्बरता की सारी हदें पार की गई हैं। मासूम दर्द से कराहती हुई, पैर पर प्लास्टर बंधे हुए, पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची यहां उसने पुलिस से आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई किए जाने की गुहार लगाई है।

दरअसल ग्वालियर शहर के मुरार थाना क्षेत्र के सुरैया पुरा इलाके में रहने वाली 7वीं कक्षा में पढ़ने वाली नाबालिग छात्रा को उसके पड़ोस में दुकान चलाने वाली अपराधिक प्रवृत्ति की महिला भागवती कुशवाहा के दुकान पर खाने पीने का सामान खरीदने गई हुई थी तभी महिला ने अपने पुरुष साथियों के सामने नाबालिग के कपड़े उतार दिए, सार्वजनिक तौर पर उसके साथ हुई इस बदसलूकी और छेड़खानी की घटना की शिकायत पीड़ित ने अपनी बड़ी बहन से की थी। बड़ी बहन को जब इस बात की जानकारी लगी तो उसने महिला को खरी खोटी सुनाई। इस बात से महिला और उसका साथी जीतू कुशवाह बुरी तरह भनक गया। उसने नाबालिग और उसकी बहन को जान से मारने की धमकी दी थी। तभी दो दिन पहले महिला भागवती कुशवाहा और उसके साथी जीतू कुशवाह संतोष और राहुल ने एक राय होकर नाबालिक के स्कूल से वापस घर लौटते वक्त उसे पर प्राण घातक हमला कर दिया फावड़े के डंडे से बुरी तरह जमीन पर पटक कर पीटा और नाबालिग की बड़ी बहन का आरोप है कि उसकी बहन के गुप्तांग में फावड़े का डंडा डालने की कोशिश की गई इस घटना में बच्ची की स्कूल ड्रेस बुरी तरह फट गई वह लहूलुहान हालत में जमीन पर पड़ी हुई थी बच्ची की बहन और मां उसे घायल हालत में अस्पताल लेकर पहुंची जब उसका एक्सरे कराया गया तो उसके पैर की हड्डी बुरी तरह टूट गई है हाथों में भी कई फैक्चर आए हैं घटना से बच्ची भयभीत है और सदमे में चली गई है। बच्ची की बहन का आरोप है कि आरोपी गण सभी सांसद भरत सिंह कुशवाहा के करीबी हैं इसलिए उनके विरुद्ध अब तक पुलिस ने कोई कड़ी कार्रवाई नहीं की इसलिए मजबूर होकर आज घायल अवस्था में ही पुलिस अधीक्षक की जनसुनवाई में आकर मदद की गुहार लगाई है ताकि बदमाशों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जा सके। बच्ची की बहन का आरोप है कि घायल अवस्था में भी बदमाशों ने उनका पीछा नहीं छोड़ा जब बच्ची को इलाज के लिए सरकारी अस्पताल ले जाया गया तब भी बदमाश पीछे आ गए और जान से मारने की धमकी देकर पुलिस शिकायत वापस लेने की बात कह कर गए हैं।

बच्ची की बहन का पूरे मामले में क्या है कहना सुनिए

वीओ- इस मामले में पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की बात कही है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक निरंजन शर्मा ने मुरार थाना प्रभारी को जांच कर उचित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर अतिरिक्त धाराएं बढ़ाने की बात कही है। कुल मिलाकर नाबालिक बच्ची के साथ हुई इस तरह की जगन्य वारदात से शहर की कानून व्यवस्था पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। बच्ची और उसके परिवार वाले महिला भागवती कुशवाहा और उसके साथियों से बुरी तरह भयभीत है, उन्होंने मांग की है कि आरोपियों के मकान तोड़े जाने की मांग उठाई है।

निरंजन शर्मा, ASP, ग्वालियर ने क्या दिया आश्वासन सुनिए

टेटू एक जानलेवा शौक; हो सकती हैं यह बीमारियाँ

यदि आपको टैटू बनवाने का शौक है, तो सावधान रहें, टैटू बनवाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली स्याही और सुई से हेपेटाइटिस बी, सी, एचआईवी और यहां तक ​​कि लीवर और रक्त के कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। स्वीडन में लुंड विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं द्वारा 11,905 व्यक्तियों पर किए गए अध्ययन में पाया गया कि टैटू वाले व्यक्तियों में लिम्फोमा का जोखिम अधिक होता है. लिम्फोमा का जोखिम उन व्यक्तियों में सबसे अधिक था, जिन्होंने अपने पहले टैटू को दो साल से कम समय में बनवाया था. टैटू एक्सपोजर से जुड़ा जोखिम बड़े बी-सेल लिम्फोमा और फॉलिक्युलर लिम्फोमा के लिए सबसे अधिक प्रतीत होता है।

ऐसा इसलिए है क्योंकि टैटू की स्याही, जिसमें पॉलीसाइक्लिक एरोमैटिक हाइड्रोकार्बन (पीएएच) हो सकता है – एक ज्ञात कार्सिनोजेन, त्वचा में इंजेक्ट किया जाता है। शरीर इसे एक विदेशी वस्तु के रूप में मानता है जो वहां नहीं होनी चाहिए, और प्रतिरक्षा प्रणाली सक्रिय हो जाती है। स्याही का एक बड़ा हिस्सा त्वचा से दूर लिम्फ नोड्स में ले जाया जाता है, जहां यह जमा हो जाता है।

कुछ युवक युवती धार्मिक चिह्नों के प्रतीक भी अपने शरीर पर टैटू के रूप में गुदवा लेते हैं और फिर किसी भी काम करते समय शुद्धता का ध्यान नहीं रखते हैं। इस तरह से यह टैटू कहीं न कहीं आस्था और धार्मिक भावना के भी विरुद्ध हैं लेकिन आज कल टैटू बनाने का प्रचलन लगातार बढ़ता जा रहा है। और कई युवक युवती धार्मिक चिह्नों के टैटू शरीर की ऐसी जगह पर बनवा लेते हैं को फ़ोन जो अनुचित हे।

ऑस्ट्रेलिया के स्वास्थ्य विभाग ने भी टैटू स्याही की संरचना का सर्वेक्षण किया और लेबलिंग और सामग्री के बीच बेमेल पाया. उन्होंने परीक्षण किए गए नमूनों में से 20 प्रतिशत और काली स्याही में से 83 प्रतिशत में पीएएच पाया. स्याही में पाए गए अन्य खतरनाक घटकों में पारा, बेरियम, तांबा, अमीन और विभिन्न रंग जैसे भारी धातुएं शामिल थीं। ये खतरनाक रसायन त्वचा संबंधी समस्याओं से लेकर अधिक खतरनाक त्वचा कैंसर जैसी साधारण बीमारियों का कारण बन सकते हैं। स्याही डर्मिस (त्वचा की बाहरी परत) से शरीर के लसीका तंत्र में अवशोषित हो सकती है और यकृत, मूत्राशय जैसे कुछ अन्य कैंसर के साथ-साथ लिम्फोमा और ल्यूकेमिया जैसे रक्त कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकती है।


टैटू स्याही में मौजूद खतरनाक रसायन मुख्य रूप से इन खतरनाक बीमारियों के लिए जिम्मेदार हैं और जब तक स्वास्थ्य देखभाल अधिकारी ऐसी स्याही की सामग्री को सख्ती से नियंत्रित नहीं करते, तब तक यह जोखिम हमेशा बना रहेगा। हालांकि सभी टैटू स्याही में ये कैंसर पैदा करने वाले रसायन नहीं होते हैं, लेकिन हमें टैटू बनवाते समय सावधानी बरतने की जरूरत है क्योंकि भारत में इसे नियंत्रित करने वाला कोई नियामक ढांचा नहीं है।