ग्वालियर चिड़ियाघर में भारतीय बाघों का कुनबा बढ़ता जा रहा है। आपको बता दें कि शनिवार आज के दिन यहां मादा बाघ दुर्गा ने तीन शावकों को जन्म दिया और अब इन तीन शावकों के जन्म के साथ कुल बाघों की संख्या नौ पर पहुंच गई है। चिड़िया घर प्रबन्धन के अनुसार तीनों शावक स्वस्थ हैं और अभी कुछ दिन उनको विशेष निगरानी में रखा जाएगा और लगभग बीस पच्चीस दिन हो जाने के बाद ही वह खुले में बाहर निकलेंगे।
दरअसल कुछ माह पूर्व मादा बाघ दुर्गा की मैटिंग नर बाघ सुल्तान से कराई गई थी। सुल्तान की उम्र 6 वर्ष और दुर्गा की उम्र 7 वर्ष है और दोनों की मीटिंग के उपरांत है। अब जाकर मादा बाग दुर्गा ने शावकों को जन्म दिया है। यदि हम ग्वालियर चिड़ियाघर की बात करें तो यहां। सन 2011 से लगातार मैटिंग के प्रयास किए गए हैं। है और अब तक अट्ठारह शावकों का जन्म इस ग्वालियर चिड़ियाघर में हो चुका है है इसमें सबसे खास बात यह है यहाँ इन शावकों का सर्वाइवल रेट पूरे देश में सबसे ज्यादा है।
चिड़ियाघर के चिकित्सक डा उपेन्द्र यादव के अनुसार मादा बाघ दुर्गा ने दूसरी बार शावकों को जन्म दिया है। तीन शावकों का जन्म हुआ है जिनमें दो पीले रंग के हैं और एक सफेद रंग का है। तीनों दूध पी रहे हैं और पूर्ण रूप से स्वस्थ हैं। उनकी देखभाल के लिए निर्धारित मापदण्डों का पालन पूरी तरह से किया जा रहा है। शावकों की सुरक्षा को देखते हुए ही अभी उन्हें खास देखभाल में रखा गया है और आज से लगभग बीस दिन बाद ही के लिए उन्हें पब्लिक के सामने बाहर चलाया जाएगा।पंद्रह से बीस जुलाई के बीच शहर की जनता इन अन्य साहो को देखने के लिए चिड़ियाघर जा सकती है।
देश मे अब एक जुलाई से नया आपराधिक कानून लागू होने जा रहा है. हत्या लूट बलात्कार जैसे कई गंभीर अपराधों पर घर बैठे ही E-FIR दर्ज कराई जा सकेंगी भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के नियम से लोगों को अब थानों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे जिले के सभी पुलिस के अधिकारियों और थाना प्रभारी चौकी प्रभारी की एक बैठक की गई और दिशा निर्देश भी दिए गए है कि किस तरह E-FIR पर कार्य करना है दरअसल ग्वालियर के पुलिस अधीक्षक कार्यालय में नए कानून को लेकर तैयारी शुरू कर दी है चौकी से लेकर थानों तक इस संबंध में सभी थाना और चौकी प्रभारीयों सहित पुलिस अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है की नए कानून की किस तरह व्यवस्था करनी हैं पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने बताया की भारत की जो न्याय प्रणाली है उसमें बहुत ही आधारभूत परिवर्तन नए कानून की तहत हुए हैं।
1 जुलाई से जो क्रिमिनल जस्टिस से संबंधित जो तीनों नए कानून है उनका क्रियांवान होने जा रहा है नए कानून में नागरिकों के अधिकारों पर आधारित है पीड़ित को न्याय दिलाने के लिए आधारित है इसकी अवधारणा विक्टिम ओरिएंटेड और न्याय ओरिएंटेड है समय वध तरीके से पूरी पारदर्शिता के साथ विवेचना हो और सही समय से ट्रायल कनक्लूड हो और पीड़ित को न्याय मिल सके इस अवधारणा पर यह न्याय प्रणाली आधारित होगी पिछले कई महीनो से हमारे ग्वालियर जिले में हम लोग प्रशिक्षण शिविर चला रहे हैं हमने सभी अधिकारियों को तीन-तीन दिन के सत्रों में प्रशिक्षण दिलवाई है पुलिस मुख्यालय के द्वारा बहुत ही अच्छा मटेरियल ट्रेनिंग के रूप में प्रदान किया गया है तो ग्वालियर जिले की आरक्षक से लेकर सभी रैंक के अधिकारी नए कानून की प्रक्रिया के बारे में बहुत ही ट्रेंड हुए हैं आज भी हमने थाना प्रभारी की और चौकी प्रभारी की बैठक बुलाई है और उनके साथ चर्चा भी की है किस प्रकार से एक जुलाई से हम लोग अपना कार्य करना प्रारंभ करेंगे कोई दिक्कत तो उसमें नहीं आने वाली है और पूरी टीम हमारी मोटिवेटेड है और नए कानून का 1 तारीख से हम लोग स्वागत करने के लिए तैयार हैं यह जो न्याय प्रणाली और जो कानून लागू होंगे वह विक्टिम सेंट्रिक है और जस्टिस सेंट्रिक है इसमें कोई भी पीड़ित व्यक्ति अपने घर पर बैठकर भी E-FIR के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज कर सकता है अब क्षेत्राधिकार का विषय नहीं है भारत की किसी भी राज्य में किसी भी जगह आप रहते हैं। आप अपने अपराध की सूचना FIR कहीं भी (0) FIR के रूप में करा सकते हैं यह जो नए कानून है इसमें समयबद्धता भी है आपको समय अवधि के अंदर काम करना पड़ेगा।
इसमें टेक्नोलॉजी का उपयोग किया गया है कई चीजों की वीडियोग्राफी होगी और डिजिटल एविडेंस होगा अकाउंटेबिलिटी भी है की कितने समय में विवेचना पूरी होगी तो कई सारे ऐसे परिवर्तन ले गए हैं जो महिलाओं और बच्चों और आम नागरिकों के लिए उनके अधिकार की सुरक्षा के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है और बहुत ही फायदा आम नागरिक को मिलने वाला है और जब आप किसी FIR का इन्वेस्टिगेशन करते हैं पीड़ित व्यक्ति को या जो फरियादी है उसके संज्ञान में रहना चाहिए कि केस में आखिर क्या हुआ और नए कानून में स्पष्ट प्रावधान बताया गया है कि 90 दिन के अंदर विवेचक आपको अवगत कराएंगे कि आपका केस की प्रोग्रेस क्या है।
सुनिए नए कानून के बारे में क्या कहना है ग्वालियर एसपी धर्मवीर सिंह का
शहर की बदतर होती जा रही ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर शहर के तमाम चौराहों पर आईटीएमएस जिसे इंटेलीजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम कहा जाता है, का में प्रयोग किया गया था। लेकिन यह सिस्टम इतना इंटेलीजेंट निकला के इसकी इंटेलीजेंसी के कसीदे सुनकर आप अपना माथा पीटने लगेंगे। बात ग्वालियर कीकरें तो आईटीएमएस लगने के बाद न तो जनता को कोई राहत मिली है ना ही ट्रैफिक पुलिस का सर दर्द कम हुआ। ट्रैफ़िक व्यवस्था सुधारने के लिए लागू की गई यह महत्वाकांक्षी व्यवस्था उल्टा जनता के लिए फजीहत और ट्रैफिक पुलिस के लिए आफत बन गई है।
शहर के मुख्य पड़ाव चौराहों पर शुक्रवार 28 जून 2024 को पांच बजे बंद आईटीएमएस
आपको बता दें कि इंटेलीजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम का कंट्रोल कमांड सेन्टर स्मार्ट सिटी के मुख्यालय में है। और इस व्यवस्था को स्मार्ट सिटी के अंतर्गत ही लागू किया गया है लेकिन लगता है ही स्मार्ट सिटी करो के अधिकारियों का इस व्यवस्था पर कोई कंट्रोल नहीं है। इस बारे में स्मार्ट सिटी के एक जिम्मेदार अधिकारी ने बढ़ा बेतुका बयान देते हुए बताया की आईटी एमएस करो स्मार्ट सिटी करो कंट्रोल नहीं करता। यह एक निजी कंपनी को दिया हुआ है। निजी कंपनी ही इसको कंट्रोल करती है। इस बेतुके बयान में और बेतुकापन जोड़ते हुए उन्होंने आईटीएमएस में हो रही गड़बड़ का ठीकरा ट्रैफिक पुलिस के सर फोड़ दिया और बताया के ट्रैफिक पुलिस आईटीएमएस की को रेगुलेट करती है। स्मार्ट सिटी के तमाम प्रोजेक्ट के बारे में तो आप जानते ही हैं कि वह किस तरह से धराशाई हुए हैं करोड़ रुपए बहा देने के बाद भी जनता को उन प्रोजेक्ट्स की सुविधाएं नहीं मिली है और आईटीएम भी उन्हीं में से के प्रोजेक्ट है जो स्मार्ट सिटी की मानें तो एक निजी कंपनी के भरोसे या एक निजी कंपनी की तानाशाही या एक निजी कंपनी की लापरवाही में चल रहा है।
जनता ऐसे है परेशान
आईटीएम के तहत विभिन्न चौराहे पर लगाए गए ट्रैफिक सिग्नल राम भरोसे चलते हैं। कब कितने समय पर किधर का ट्रैफिक अचानक खुल जाए और बंद हो जाए करो इस गफलत में कई बार आम वाहन चालक परेशान होते हैं। आईटीएम में इतनी तकनीकी खामी है कि करो जब यह अचानक बंद हो जाते हैं तो वाहन चालक समझ नहीं पाते कि उन्हें रुकना है या निकलना है और इस वजह से कई चौराहों पर ट्रैफिक जाम की समस्या भी पैदा हो जाती है करो करो और कई बार इस गफलत में ही वाहन चालक चौराहे से क्रॉस कर जाते हैं। और आईटीएम का संचालन कर रही निजी कंपनी केवल एक ही काम बड़ी शिद्दत से करती है। वह है इन वाहन चालकों के वाहनों के नंबर प्लेट की फोटो खींच इनके संबंधित पते पर ई चालान पहुंचाना। वाहन चालकों की मानें है। यह आईटीएमएस ट्रैफिक सुधारने की बजाय एक फजीहत करो बन गई है।
ट्रैफ़िक पुलिस ऐसे हैं परेशान
आई टी एम एस इतनी ज्यादा इंटेलिजेंट व्यवस्था है ही ट्रैफिक पुलिस का सरदर्द भी बढ़ा रही है। तकनीकी खामी के कारण कहीं भी कभी भी आईटीएमएस फेल हो जाता है तो चौराहों पर वाहन चालक जब बेतरतीब तरीके से निकलने लगते हैं है तो वहां जाम की स्थिति पैदा हो जाती है और चौराहों से इन जाम को हटाने के लिए ट्रैफिक पुलिस को और दुगनी मशक्कत करनी पड़ती है। ट्रैफिक पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया के गुरुवार को भी तकनीकी खामी की वजह से आईटीएमएस कई चौराहों जैसे राजमाता चौराहा विवेकानंद चौराहा चेतकपुरी चौराहा पर अचानक बंद हो गए थे जिस वजह से इन चौराहों पर करो भीषण ट्रैफिक जाम हो गया था। ट्रैफिक पुलिस के अधिकारी ने आईटीएमएस संचालक निजी कंपनी पर यह भी आरोप लगाया यह कंपनी अपने मर्जी से जाए जब ट्रैफिक सिग्नल ऑटो पर या लिंक पर करके छोड़ देती है जिसका खामियाजा ट्रैफिक पुलिस को भी भुगतना पडता है। जबकि ट्रैफ़िक पुलिस ने आईटीएमएस संचालकों को बार बार समझाइश दी है कि वह अपनी मर्जी से यह सब न किया करें। यहाँ बड़ा सवाल यह उठता है कि जब ट्रैफिक पुलिस को ही मैदान में उतरकर यातायात व्यवस्था सुधारनी है, तो करोड़ों रुपए खर्च कर जिस आइटीएमएस का संचालन हो रहा है और जो निजी कंपनी चांदी काट रही है उसकी क्या जवाबदेही बनती है?
यहां बैठकर होता है ट्रैफिक व्यवस्था से खिलवाड़ यह है कंट्रोल कमांड सेंटर
गैर जिम्मेदार निजी कंपनी की मौज
ट्रैफिक पुलिस के आरोप से अब समझ सकते हैं। की निजी कंपनी आईटीएमएस के संचालन में किस? तरीके से मनमानी करती है। कभी भी ट्रैफिक सिंगल को अपने हिसाब से बंद या चालू कर देती है। ट्रैफिक को सुचारू रखने के लिए आईटीएमएस में तमाम तकनीकी खामियां होती है जिन्हें समय पर नहीं सुधारा जाता है। यही कारण है कि आईटीएमएस लगने के बाद भी करो शहर की ट्रैफिक जेम की समस्या में कोई सुधार नहीं हुआ है और तमाम चौराहों पर ट्रैफिक की हालत बद से बदतर हो गई है। निजी कंपनी अपनी मनमर्जी से आईटीएमएस का संचालन कर रही है। ट्रैफिक पुलिस से कोऑर्डिनेट नहीं कर रही है। जनता की परेशानी का कारण बन रही है। स्मार्ट सिटी के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट इसमें करोड़ों रुपया खर्च हुआ है उस करोड़ों रुपये के बारे न्यारे कर रही है।
स्मार्ट सिटी का तो रोल ही नहीं पता
इंटेलीजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम्स के कारनामों के बारे में सबसे रोचक बात यह है के स्मार्ट सिटी के द्वारा लागू किया गया व स्मार्ट सिटी के मुख्यालय से ही संचालित आईटीएमएस संचालक निजी कंपनी पर स्मार्ट सिटी का कोई कंट्रोल ही नहीं है। स्मार्ट सिटी के जिम्मेदार साहब यह नहीं बता सके ही इस निजी कंपनी द्वारा करो गड़बड़ होने पर या काम में खामियां पाए जाने पर या इसकी शिकायत मिलने पर इस पर कब और कितनी कार्रवाई की गई है? स्मार्ट सिटी जब भी अपने किसी प्रोजेक्ट को ठेके पर देता है तो वह प्रोजेक्ट केवल जनता की परेशानी और लूट का साधन बन जाता है। सावकर सरोवर भी जब स्मार्ट सिटी ने एक निजी कंपनी को दिया था तो वह प्रवेश शुल्क के रूप में दुगुनी राशि वसूल रहा था। अपनी मर्जी से चलने वाला आईटीएमएस भी अब वाहन चालकों से वसूली मात्र का साधन बन गया है और ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने में पूरी तरह नाकाम साबित हुआ है। इन सबके बावजूद स्मार्ट सिटी के जिम्मेदारों का खामोश बैठना कई सवाल खड़े करता है।
आईटीएमएस और भिखारियों का रोचक रिश्ता
समाजसेवी व राजनीतिक विश्लेषक विनय अग्रवाल ने आईटीएमएस से संबंधित तमाम खामियों का खुलासा किया। उनका साफ कहना था की आईटीएमएस के लागू होने के बाद से शहर की ट्रैफिक व्यवस्था और ज्यादा बिगड़ गई है। करो। यह ट्रैफिक सिग्नल कितने इंटेलिजेंट हैं की यह कुछ चुने हुए वाहन चालकों को ही बार बार ई चालान भेजते हैं। इस सिस्टम की जद में कभी भी किसी वीआईपी की गाडी आई हो इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। जबकि मैंने कई चौराहों पर एसडीएम तहसीलदार और पुलिस की गाड़ियों को ट्रैफिक सैंडल तोड़कर निकलते देखा है। कई चौराहे पर ट्रैफिक सिग्नल दौडऩे पर पहुंचने वाले ई चालान पर विनय अग्रवाल ने बड़ा ही ने अजीबो गरीब खुलासा किया है। उनका कहना है की चौराहे पर जो भिखारी के खड़े रहते हैं कई बार उनसे दूरी बनाने के लिए भी वाहन चालक अपने वाहन 2 या 4 मीटर आगे पीछे कर लेते हैं। जिसकी वजह से उनका ई चालान आ जाता है ऐसा लगता है कि इस आईटीएमएस संचालक कंपनी का इन भिखारियों के साथ भी कुछ गठबंधन है ये भिखारी ट्रैफिक सिंगल के समय ही वाहन चालकों को परेशान करते हैं और इसका लाभ आईटीएमएस संचालक कंपनी को पहुंचता है। विनय अग्रवाल ने मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव से अपील की है कि उन्हें संज्ञान लेकर स्मार्ट सिटी के अधीन संचालित एन आईटीएमएस की कार्यप्रणाली को सुधारने की ओर ध्यान देना चाहिए।
ऐसा हो सकता है ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार
आईटीएमएस (इंटेलीजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम) केवल इंटेलीजेंट ही नहीं ओवर इंटेलिजेंट है। उसका कारण है इसके पीछे काम कर रहे है अयोग्य लोग। यह ओवर इंटेलीजेंट लोग ओवर इंटेलीजेंट तो बहुत है लेकिन इतने योग्य नहीं कि यहां हम इनके नाम का खुलासा करें। करोड़ रुपए खर्च कर संचालित आईटीएमएस निजी कम्पनी के हाथो में होने कारण ट्रैफ़िक व्यवस्था सुधारने में फेल है और केवल जनता की परेशानी का कारण बन गया है। यदि शहर की ट्रैफिक व्यवस्था सुधारनी है तो इस व्यवस्था को पूरी तरह ट्रैफ़िक पुलिस के करो कंट्रोल में देना चाहिए। ट्रैफ़िक पुलिस के पास योग्यता भी है और अमला भी है और ट्रैफ़िक सुधारने का अनुभव भी। जबकि स्मार्ट सिटी एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी है और यह नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की तरह है जिनके पास खुद के संसाधन नहीं हैं लेकिन बड़ी बड़ी परीक्षाएं आयोजित कराने में जिस तरह से तमाम गड़बड़ झाला हुए वह आपके सामने हैं। और इस गबड़झाला का कारण था निजी कंपनियों द्वारा आउटसोर्सिंग कराना और वही हालात आईटीएमएस के हैं। यह भी करोड़ों रुपये का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट निजी कंपनी के हवाले राम भरोसे चल रहा है। इस व्यवस्था में सुधार न केवल शहर के ट्रैफ़िक व्यवस्था को बेहतर बनाएगा बल्कि जनता की बढ़ी हुई परेशानियों को भी कम करेगा और ट्रैफिक पुलिस के सरदर्द को भी कम करेगा।
शहर के मुख्य चौराहे पड़ाव पर घंटों बंद पड़ा आईटीएमएस, देखिए गाडीया भिड़ते निकल रही है
भारत के इंग्लैंड से सेमीफाइनल जीतते ही बयानों का माहौल गर्म हो गया है। एक और भारत की जीत पर जहां भारत के क्रिकेट विशेषज्ञ व क्रिकेट फैन खुश हैं तो वहीं इंग्लैंड के क्रिकेट प्रेमी और पूर्व क्रिकेटर तरह तरह की बयानबाजी कर रहे हैं। मैच की बात करें तो भारत ने पहले बल्लेबाजी की थी और 171 रन 20 ओवर में बनाए थे, भारत की ओर से रोहित शर्मा ने शानदार अर्धशतीय पारी खेली और 57 रन बनाकर आउट हुए. वहीं, सूर्या ने मैच में 47 रन बनाए. दोनों की पारी के दम पर ही भारतीय टीम 171 रन बना पाने में सफल रही। इंग्लैंड के बल्लेबाज स्पिन गेंदबाजों के सामने एक के बाद एक पवेलियन लौटते चले गए। भारत की ओर से अक्षर पटेल ने 3 और कुलदीप यादव ने 3 विकेट लिए, दो विकेट जसप्रीत बुमराह लेने में सफल रहे इंगैलैंड के दो खिलाड़ी रन आउट हुए.
दूसरे सेमीफाइनल मे भारत ने इंग्लैंड को 68 रनों से हरा दिया. भारत जीत के साथ तीसरी बार टी-20 वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंचने में सफल रहा है. सेमीफाइनल में इंग्लिश बल्लेबाज स्पिन गेंदबाजों के सामने घुटने टेकने पर मजबूर हो गए . बता दें कि मैच में भारत ने 171 रन बनाए तो वहीं इंग्लैंड की टीम केवल 103 रन ही बना सकी. भारत की जीत को इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन बर्दाश्त नहीं कर पाए हैं. वॉन ने पोस्ट शेयर कर आईसीसी पर भारत के साथ पक्षपात का आरोप एक तरह से लगाया है. वॉन ने अपने पोस्ट में लिखा, “यदि इंग्लैंड ने दक्षिण अफ्रीका को हरा दिया होता तो उन्हें त्रिनिदाद सेमीफाइनल में जगह मिल जाती और मेरा मानना है कि वे वह मैच जीत जाते. इसलिए कोई शिकायत नहीं कि वे काफी अच्छे नहीं रहे.. लेकिन गुयाना भारत के लिए एक शानदार जगह रही है.”
हरभजन सिंह ने वॉन की इस पोस्ट पर कमेंट कर मुंहतोड़ जवाब दिया है. भज्जी ने पोस्ट में लिखा, “आपको क्या लगता है कि गुयाना भारत के लिए एक अच्छा स्थान था? दोनों टीमें एक ही स्थान पर खेली थीं। इंग्लैंड ने टॉस जीता जो एक फायदा था. मूर्खता बंद करो. इंग्लैंड को भारत ने सभी विभागों में मात दी.तथ्य को स्वीकार करो और आगे बढ़ो और अपनी बकवास अपने पास रखो। तर्क की बात करो, बकवास की नहीं..”
मप्र शासन की नई संविदा नीति का लाभ अब ऊर्जा विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को भी मिलेगा, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ऊर्जा विभाग की सभी कम्पनियों में इसे लागू करने की स्वीकृति प्रदान कर दी।ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि पिछले दिनों मैंने आपसे एक लाइव के दौरान वादा किया था कि जल्दी ही संविदा नीति सभी कम्पनियों में लागू की जाएगी और उन्होंने कहा कि हमारी ये प्राथमिकता है कि हमारे विभाग के संविदा कमर्चारियों को भी इस नई नीति का लाभ मिले क्योंकि ये नीति आपके हितों का संरक्षण करने वाली है।
नियमित कर्मचारी के समकक्ष मिलेगा वेतन, भर्ती में 50 आरक्षण
ऊर्जा मंत्री ने बताया कि नई नीति में अब हमारे संविदा अधिकारियों कर्मचारियों का वेतन नियमित पद के समकक्ष मूल वेतन के 100 प्रतिशत होगा जो पहले 90 प्रतिशत था। पूर्व में नियमित पद के लिए जो भर्ती की जाती थी उसके लिए जो विज्ञापन दिए जाते थे उसमें 25 से 40 प्रतिशत संविदा के लिए आरक्षण का प्रावधान था अब वो 50 प्रतिशत हो गया है।
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि नियमित कर्मचारियों की तरह पहले रिटायर्मेंट पर संविदा कर्मचारी को ग्रेच्युटी नहीं मिलती थी लेकिन अब मिलेगी, इतना ही नहीं नियमित कर्मचारियों की तरह ही अब संविदा कर्मचारी को राष्ट्रीय पेंशन योजना का लाभ मिलेगा यानि हमारी सरकार सेवानिवृति के बाद भी आपका ध्यान रखेगी। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि संविदा कर्मचारियों को पहले हर तीन वर्ष में अनुबंध करना होता था लेकिन नई नीति लागू होने के बाद एक बार अनुबंध के बाद अब समान संविदा शर्तों पर अब नए सिरे से अनुबंध की आवश्यकता नहीं होगी, उन्होंने कहा कि पहले नियमित कर्मचारियों की तरह सेवाकाल के दौरान मृत्यु हो जाने पर अनुकंपा नियुक्ति का प्रावधान नहीं था लेकिन नई नीति के तहत संविदा अधिकारी कर्मचारी के परिजन को अनुकंपा नियुक्त मिलेगी।
अनंत अंबानी-राधिका मर्चेंट की शादी का कार्ड स्मृति राकेश ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर किया था। अनंत-राधिका के वेडिंग कार्ड में मेहमानों के लिए एक खास तोहफा भी था. लाल रंग के बॉक्स में एक चांदी का मंदिर था जिसमें भगवान गणपति, राधा-कृष्ण और देवी दुर्गा की सोने की मूर्तियां थां. इस कार्ड के साथ एक चांदी का बॉक्स भी था। यह कार्ड इस समय सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है और इस कार्ड को देखकर लोग तरह तरह के कमेंट कर रहे हैं।कोई लोग इसकी तारीफ कर रहे हैं तो कुछ इसे फिजूल खर्ची बता रहे हैं।
अनंत अंबानी और राधिका मर्चेंट का वेडिंग कार्ड भक्ति और ट्रेडिशन से भरपूर है।. शेयर किए गए वीडियो में बॉक्स खोलते ही हिंदी मंत्र बज रहे हैं और कार्ड में अलग-अलग फंक्शन की जानकारी भी मौजूद है। इसके अलावा शादी के कार्ड में एक रुमाल भी दिखाई दिए जिसपर अनंत-राधिका के नाम के पहले अक्षय ‘अ’ और ‘र’ लिखे थे। अनंत अंबानी और राधिका मर्चेंट ने पिछले साल सगाई की थी। वहीं मार्च महीने में गुजरात के जामनगर में उनका ग्रैंड प्री-वेडिंग फंक्शन होस्ट किया गया था। इसके बाद 29 मई-2 जून तक क्रूज पर कपल का सेकेंड प्री-वेडिंग हुआ था। दोनों प्री-वेडिंग फंक्शन में फिल्मी दुनिया के अलावा विदेशों से भी दिग्गज हस्तियों ने शिरकत की थी. अब अनंत-राधिका 12 जुलाई को शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं।
सम्भवतः अभी तक हिन्दुस्तान में हुई सभी शादियों में यह सबसे ज्यादा विलासता दिखाने वाला सबसे महंगा कार्ड माना जा। रहा है।इस कार्ड में सोने चांदी के प्रयोग के साथ साथ तकनीक का प्रयोग भी किया गया है। कार्ड इतना भव्यता से और विलासता से भरा हुआ है कि लोग इसे कह रहे हैं कि जब जरूरत से ज्यादा पैसा हो तो इसी तरीके से फिजूलखर्ची की जाती है और कुछ लोग इस कार्ड की तारीफ भी कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर यह कार्ड जमकर वायरल हो रहा है।
यदि हम इस कार्ड के कीमत की बात करें तो इस बारे में कोई भी अधिकृत जानकारी तो प्राप्त नहीं हुई है लेकिन ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि इस कार्ड की कीमत लाखों में होगी। आपको बता दें कि कुछ वर्ष पूर्व अंबानी परिवार की ही पुत्री ईशा अंबानी की जब शादी हुई थी तो उनके शादी के कार्ड। की कीमत ₹300000 थी अब यदि हम। उस कार्ड को आधार मान लें तो यह कार्ड तो उस कार्ड से भी काफी ज्यादा भव्य है और उस समय है तुलना में अब सोना चांदी की कीमत भी काफी बढ़ चुकी है तो ऐसा माना जा सकता है कि इस कार्ड की कीमत पांच से दस लाख रुपये के बीच हो सकती है।
आप भी नीचे लिंक में क्लिक करके देखिए कि क्या है कार्ड, कैसा है यह कार्ड और अपना कमेंट भी कीजिए।
आधुनिक भारत वर्ष के इतिहास की सबसे महान वीरांगना महारानी बायजाबाई शिंदे की पुण्यतिथि पर आज मराठी समाज के लोगो ने उनकी छतरी पर जाकर पुष्प अर्पित कर उनको याद किया…. इस अवसर पर अमर कुटे ने कहा को श्रीमंत बैजाबाई साहब के पति ग्वालियर( शिंदे राज्य) के महराजा दौलत राव शिंदे जी की आशाअनुरूप उन्होंने बहुत श्रेष्ठ प्रशासनिक दायित्वों का निर्वाहन किया। वीरांगना के बराबर प्रशासक, योद्धा, कुशलता, ज्ञान, शिक्षा, व्यवसायिक योग्यता, श्रेष्ठ बैंकर योग्यता किसी के पास नही थी…ग्वालियर फूलबाग के पास उनके नाम से बैजाताल भी जाना जाता है… इस अवसर पर जयंत जपे, अमर कुटे सुरेश शिंदे, अरुणाश गोस्वाबी,प्रशांत इंगले ,भूषण नारले, संजय शिंदे, संदीप कदम, दुर्गाजी राव कदम, महेंद्र घोरपड़े उपस्थित रहे।
कई शहरों के तापमान में इस बार अप्रत्याशित वृद्धि देखी गई ग्वालियर में भी गर्मी ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। तापमान बढ़ने की वजह है पेड़ों की अनाधुन कटाई और पर्यावरण को नुकसान और यदि आगे मौसम चक्र को सही रखना है और आने वाली पीढ़ी को कुछ अच्छा देखे जाना है बढ़ते तापमान को रोकना है तो शहर में जिन स्पोर्ट पर भी कहीं। ग्रीन पैचेस हैं हरी भरी पहाड़ हो छोटी छोटी इन क्षेत्रों उन्हें बचाया जाना बहुत जरूरी है। ऐसा ही एक क्षेत्र है ग्वालियर में मोती झील
मोती झील जहां से पूरे शहर को पानी सप्लाई होता है वहीं की पहाड़ी एक छोटे से जंगल के रूप में दिखाई देती है। लोग बताते हैं के पहले यह पहाड़ी काफी हरी भिरी और आकर्षक होती थी लेकिन अब इस पर भू माफियाओं की। नजर पड़ चुकी है और चारों तरफ से यह पहाड़ी है धीरे धीरे नष्ट हो रही है जिस तरफ से मुरम पत्थर मिट्टी लोगों को जो मिल रहा है वह खोदते जा रहे और खोदने के बाद समतल हुई। जमीन पर लॉटिंग करके कॉलोनी बसा रहे है। आप देखेंगे कि चारों तरफ से। इस पहाड़ी को फ्लॉटिंग टिड्डी दल की तरह घेरती जा रही है लेकिन अभी भी यह बहुत बड़ी पहाड़ी ऐसी स्थिति में है कि इसे बचाया जा सकता है। यदि इस पहाड़ी को सिटी फॉरेस्ट के रूप में डेवलप किया जाता है तो आने वाली पीढ़ी को ये बढ़ती गर्मी से सुकून मिलने की संभावना है।
इस पहाड़ी पर फॉरेस्ट बनाना उतना मुश्किल भी नहीं क्योंकि ज्यादातर पहाड़ी एरिया अभी भी मूल प्राकृतिक जंगल के स्वरूप में ही है। इस क्षेत्र में नील गाय खरगोश और कई जीव जंतु पक्षी देखे जाते हैं। यहाँ पौधरोपण कर इस पूरे पहाड़ी को हरा भरा बनाने का प्रयास हमारे प्रशासन और पर्यावरण प्रेमियों को करना ही चाहिए। यदि इस पहाड़ी को नहीं बचाया गया तो भू माफिया इस पूरी पहाड़ी को समतल करके पर्यावरण को बहुत नुकसान पहुंचाएंगे। जिसका खामियाजा हमारी आने वाली पीढ़ियों को भुगतना पड़ेगा। यहां से प्रतिदिन कई ट्रॉली डंपर मुरम और सफ़ेद पत्थर खोदकर निकाला जा रहा है। प्रशासन को इस अवैध खनन को तुरंत रोकना चाहिए।
सुनिए क्या कहते हैं पर्यावरण प्रेमी इस खूबसूरत पहाड़ी को बचाने के लिए
मध्य प्रदेश में कांग्रेस लगातार फसलों के समर्थन मूल्य का मुद्दा उठा रही है, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इसे लेकर मोर्चा संभाला हुआ है वे लगातार सरकार को याद दिला रहे हैं कि आपने गेहूं और धान के लिए कितना समर्थन मूल्य घोषित करने का वादा किया था लेकिन वो अब तक पूरा नहीं हुआ, आज एक बार फिर जीतू पटवारी ने सीएम डॉ मोहन यादव को पत्र लिखकर भाजपा का वादा याद दिलाया है और मुख्यमंत्री जी से कहा की गेहूं और धान के लिए घोषित समर्थन मूल्य का आदेश तत्काल लागू करें और इसी बजट में यह भी सुनिश्चित करें कि किसानों को इसके लिए बकाया राशि बोनस के रूप में दी जाए, मध्यप्रदेश के किसानों की यह जरूरत भी है और अधिकार भी। इसके साथ ही जीतू पटवारी ने लिखा – मैं याद दिलाना चाहता हूँ कि प्रधानमंत्री मोदी ने किसानों की आय दो गुनी करने का बार बार वादा किया लेकिन आय तो दो गुनी नहीं हुई खर्च चार गुना बढ़ गया, याद रखिये सदन में कांग्रेस के विधायक और सड़क पर गेहूं और धान पैदा करने वाले किसान आपसे ये सवाल करेंगे कि वादा पूरा क्यों नहीं हुआ?
गिरफ्तारी से बचने पुलिस पर छोड़ देता था रोटविलर कुत्ते
गिरफ्तारी से बचने के लिए बदमाश ने घर में खतरनाक प्रजाति के रॉटविलर कुत्ते पाल रखे थे। पुलिस जब उसके घर आती थी तो रॉटविलर उसका रास्ता रोक लेते थे। इस बार पुलिस ने आरोपी रौनक बाथम को पकड़ने कहा लिए नगर निगम के दस्ते को भी साथ में लिया ताकि दरवाजे पर खड़े रॉटविलर को काबू किया जा सके।पुलिस जब आरोपी रौनक बाथम के घर पहुंची तो कुत्तों को आगे कर वो भाग निकला लेकिन उसके रॉटविलर और एक देसी नस्ल के कुत्ते को पुलिस ने निगम के अमले की मदद से पकड़ लिया। बाद में आरोपी रौनक बाथम को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
रौनक बाथम ने 30 अप्रैल को अचलेश्वर महादेव मंदिर के नजदीक अपने साथियों के साथ ट्रैफिक पुलिस जवान पर हमला किया था ।इसका मोबाइल पर रिकॉर्ड हुआ वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। तब से ही पुलिस रौनक के पीछे लगी हुई थी। हालांकि इस मामले में दो आरोपी पहले ही गिरफ्तार किये जा चुके हैं । लेकिन रौनक बाथम फरार था।
रौनक बाथम कंपू के गड्ढे वाले मोहल्ले में रहता है ।वह सट्टे के कारोबार से भी जुड़ा है और उसे पर कई अपराध दर्ज है ।30 अप्रैल को उसने बिना नंबर की बुलेट मोटरसाइकिल से अपने साथियों के साथ ट्रैफिक पुलिस जवान पर उस समय हमला कर दिया था जब उन्हें रोकने की कोशिश की गई थी ।यह घटना तेजी से वायरल हुई थी। इसके बाद से ही पुलिस रौनक बाथम के पीछे लगी हुई थी। लेकिन शातिर दिमाग रौनक ने घर पर दरवाजे पर ही रोटविलर नस्ल के कुत्ते पाल रखे थे ।एक रॉटविलर कुत्ता निगम ने जप्त कर लिया है। जबकि दूसरा भाग निकला ।पुलिस का कहना है कि आरोपी के खिलाफ इस बार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। सुनिए क्या कहना है एसपी धर्मवीर सिंह का इस शातिर अपराधी के बारे में