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हेल्दी मध्यप्रदेश इनिशिएटिव की मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की शुरुआत

‘हेल्थ ऑफ इंदौर’ का किसी भी एक शहर में किया गया विश्व का सबसे बड़ा प्रीवेंटिव हेल्थ केयर सर्वे है। अब मध्यप्रदेश के युवाओं के प्रीवेंटिव हेल्थ केयर टेस्ट किए जाएंगे। हेल्दी मध्यप्रदेश इनिशिएटिव अभियान की शुरुआत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को की। इस अभियान के अंतर्गत प्रदेश भर के युवाओं को लाइफस्टाइल जनित बीमारियों से बचाने के लिए प्रीवेंटिव हेल्थ के टेस्ट किए जाएंगे। आवश्यक होने पर डॉक्टर कंसल्टेशन एवं लाइफस्टाइल बेहतर करने के लिए मार्गदर्शन दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अभियान की तारीफ करते हुए कहा स्वस्थ शरीर से ही आध्यात्मिक उन्नति संभव है। इससे पहले हेल्थ ऑफ इंदौर अभियान के तहत शहर के ढाई लाख लोगों के टेस्ट किए गए थे, जिसमें से करीब आधी आबादी गंभीर बीमारियों का शिकार हो सकती है। इस संदर्भ में जनवरी 2024 में तत्कालीन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडवीया की उपस्थिति में एक कार्यक्रम हुआ था और इंदौर के प्रीवेंटिव हेल्थ केयर मॉडल को देश भर में ले जाने की बात मंत्री जी ने कही थी। कार्यक्रम में उपस्थित नगरीय प्रशासन विकास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने इस अभियान की तारीफ की और स्वस्थ रहने पर बल दिया।
कार्यक्रम में सांसद श्री शंकर लालवानी ने कहा कि मध्यप्रदेश के युवाओं को स्वस्थ रखने के लिए प्रदेश भर में प्रीवेंटिव हेल्थ केयर टेस्ट किए जाएंगे और इस अभियान की शुरुआत इंदौर से हो रही है। डॉ. विनीता कोठारी ने कहा कि इंदौर में जो सर्वे हुआ है उसके नतीजे को देखते हुए खासकर युवाओं के हेल्थ पैरामीटर पर तुरंत एक्शन लेने की जरूरत है। इसलिए अब हेल्दी मध्यप्रदेश इनीशिएटिव लॉन्च किया गया है। इन ढाई लाख लोगों में सम्मिलित 30 हजार में हर चौथा युवा प्री डायबिटीज स्टेज पर पाया गया। साथ ही 7.34 प्रतिशत युवाओं में थायराइड की समस्या सामने आई। करीब दो फीसदी लोगों का क्रिएटिनिन का लेवल बढ़ा हुआ था। वही 10% से ज्यादा युवा लीवर की बीमारी का शिकार हो सकते हैं, उनका एसजीपीटी का लेवल बढ़ा हुआ आया। 39.50% लोगों का कोलेस्ट्रॉल बढ़ा हुआ आया है वहीं 34 फ़ीसदी में ब्लड प्रेशर की समस्या सामने आई। साथ ही बॉडी मास इंडेक्स यानी बीएमआई लेवल करीब साढे 33% युवाओं का ज़्यादा आया और करीब 18 प्रतिशत युवाओं में मोटापे की समस्या की पाई गई।
वरिष्ठ कैंसर सर्जन डॉ. अरुण अग्रवाल ने युवाओं में कैंसर के बढ़ते मामलों और उसका लाइफस्टाइल से संबंध बताया। हेल्थ ऑफ इंदौर का अभियान सांसद सेवा संकल्प, सेंट्रल लैब, रेड क्रॉस सोसाइटी एवं इंडियन मेडिकल एसोसिएशन द्वारा मिलकर चलाया गया था।
कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, इंदौर के विधायकगण, महापौर परिषद के सदस्य, पार्षदगण, अन्य वरिष्ठजन तथा इंदौर के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

वीरांगना लक्ष्मीबाई बलिदान मेला होगा ख़ास, यह रहेंगे मुख्य आकर्षण 

वीरांगना  रानी लक्ष्मीबाई के बलिदान मेले के रजत जयंती वर्ष में 250 कलाकारों द्वारा स्वतंत्रता संग्राम का सजीव चित्रण करने वाले महानाट्य का आयोजन होने जा रहा है, इस कार्यक्रम के आयोजक पूर्व मंत्री और कट्टर हिन्दू वादी नेता जयभान सिंह पवैया ने जानकारी देते हुए बताया कि इस बलिदान मेले में राष्ट्रीय कवियों द्वारा देशभक्ति‌ से ओतप्रोत काव्य पाठ किए जाएँगे।

वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई के बलिदान के समाधिस्थल के समक्ष हर वर्ष की भांति लगने वाले बलिदान मेले ने अपने 25 वर्ष पूर्ण कर लिए हैं इस बार रानी लक्ष्मीबाई के झांसी के किले से शहीद ज्योति ग्वालियर लाई जाएगी जो यहाँ रानी लक्ष्मीबाई की समाधि पर जिसे स्थापित किया जाएगा, जयभान सिंह पवैया ने बताया कि यह वर्ष वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई का 166 बलिदान वर्ष है 17 जून को विभिन्न संस्थाओं द्वारा राष्ट्रवाद को परिभाषित करती हुई झांकी और प्रदर्शनी लगाई जाएँगी, वहीं 18 जून को महानाट्य में घोड़े ऊँट समेत 250 पात्रों के‌ साथ राष्ट्रगौरव की झलक नजर आएगी, वहीं मुख्य अतिथि के रूप में मध्यप्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय मौजूद रहेंगे, भूमिपूजन के दौरान आयोजन स्थल पर तमाम साधु संतों ने शिरकत की भगवान की स्तुति और सम्पूर्ण विधि विधान के साथ वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई बलिदान मेला स्थल‌ का भूमिपूजन साधु संतों के सान्निध्य में कैबिनेट मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा पूर्व सांसद विवेक शेजवलकर, समेत सैंकड़ों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं मौजूदगी में किया गया।

सुनिए क्या कहना है जयभान सिंह पवैया, आयोजक, वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई बलिदान मेला 

दिल्ली एयरपोर्ट की बिजली गुल, मुसाफिरो को करना पड़ा मुसीबतों का सामना

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दिल्ली एयरपोर्ट पर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब अचानक बिजली गुल हो गई. बिजली गुल होने का भयंकर असर पड़ा और सारा काम ठप हो गया. बताया गया कि बिजली जाने से सभी सिस्टम फेल हो गए. इसका असर डोमेस्टिक और इंटरनेशनल फ्लाइट्स पर पड़ रहा है. दिल्ली एयरपोर्ट पर मौजूद सभी यात्री इससे परेशान हो रहे हैं.

सूत्रों का कहना है कि डोमेस्टिक और इंटरनेशनल फ्लाइट पर असर पड़ रहा है. दिल्ली की इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पिछले 10 मिनटों से बिजली गायब है. इसकी वजह से एयरपोर्ट का सारा काम ठप्प पड़ा हुआ है. न केवल यात्री, बल्कि एयरलाइन्स के कर्मचारी भी परेशान हैं. यात्री न चेकइन कर पा रहे हैं और सुरक्षा चेकिंग करवा पा रहे हैं.

अचानक बिजली जाने की वजह से एयरलाइंस चेक इन सिस्‍टम, सुरक्षा जांच के लिए इस्‍तेमाल होने वाले डोर फ्रेम मेटल डिटेक्‍टर (डीएफएमडी), इमीग्रेशन ब्‍यूरो के सिस्‍टम सहित एयरोब्रिज का ऑपरेशन ठप्‍प हो गया. नतीजतन, कुछ एयरपोर्ट के लिए दिल्‍ली एयरपोर्ट का ऑपरेशन पूरी तरह ठप्‍प हो गया.

कोल्ड ड्रिंक की हकीकत जानकर उड़ जाएंगे होश, 5 गुना ज्यादा चीनी और भी खतरनाक तत्व!

देश में बिक रही कोल्ड ड्रिंक में आईसीएमआर के मापदंड से 5 गुना ज्यादा तक चीनी डाली जा रही है इन कोल्ड ड्रिंक को बनाने में जिन सामग्री का प्रयोग होता है उनके नाम भी आपको बोतल पर दिखाई नहीं देते हैं साथ ही कैलोरी की मात्रा भी छुपाई जाती है आप देखेंगे कि अमेरिका में अमेरिकन कैबिनेट ड्रिंक में साफ लिखा होता है कि वह कोई पोषण नहीं देते हैं वह कोई हेल्थ ड्रिंक नहीं है जबकि भारत में कोल्ड ड्रिंक के पैकिंग पर ऐसी कोई जानकारी नहीं मिलती है। अमेरिका में कोल्ड ड्रिंक की पैकिंग पर साफ लिखा रहता है कि इसमें कैरेमल कलर्स डाले गए हैं और साथ ही इसमें फास्फोरिक एसिड और कैफीन मिलाया गया है जबकि भारत में कोल्ड ड्रिंक बनाने वाली कंपनी अपने पैकिंग पर ऐसी कोई जानकारी न देते हुए यह आवश्यक जानकारी छुपा लेती हैं।आज के जमाने में सर्दी हो या गर्मी, हर मौसम में लोग कोल्ड ड्रिंक्स, सोडा, स्पोर्ट्स ड्रिंक और एनर्जी ड्रिंक्स का जमकर सेवन करते हैं। शहरी क्षेत्र हो या सद्गुरु ग्रामीण क्षेत्र कोल्ड ड्रिंक्स पीने का चलन लगातार बढ़ता जा रहा है। अधिकतर सॉफ्ट ड्रिंक्स में शुगर की मात्रा काफी होती है और इनका ज्यादा सेवन करने से सेहत को गंभीर नुकसान हो सकते हैं. हार्वर्ड स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ की रिपोर्ट की मानें तो अधिकतर सॉफ्ट ड्रिंक्स की एक केन में करीब 7 से 10 चम्मच के बराबर एडेड शुगर होती है। अब आप अंदाजा लगाइए कि एक गिलास पानी में 10 चम्मच चीनी डाल दी जाए, तो पानी कितना मीठा हो जाएगा। शायद चाशनी बन जाएगी. आमतौर पर लोग इतना मीठा पानी नहीं पी सकते हैं, लेकिन इतनी ही मीठी कोल्ड ड्रिंक्स को स्वाद के साथ पी जाते हैं।

 नियम अनुसार जो भी खाद्य पदार्थ होते हैं उनके पैकेजिंग पर उनमें शामिल किए गए तत्व इंग्रेडिएंट्स की जानकारी देना आवश्यक होता है ज्यादातर खाद्य पदार्थों पर यह दिया भी जाता है लेकिन भारत में बिकने वाली कोल्ड ड्रिंक निर्माता कंपनियां खुले आम इस नियम की धज्जियां उड़ा रही हैं। इन कोल्ड ड्रिंक की पैकिंग पर किसी भी तरह की जानकारी नहीं है जिससे ग्राहक को यह समझ में आ सके कि इसके अंदर हानिकारक तत्व है या ऐसे तत्व हैं जो उन्हें किसी तरह से फायदा नहीं पहुंचा रहे हैं।