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नर्सिंग घोटाले में बड़ा खुलासा, बर्खास्त रजिस्ट्रार ने CMHO के माथे फोड़ा ठीकरा, बताई यह वजह

मध्य प्रदेश में हुए नर्सिंग घोटाले में बर्खास्त पूर्व रजिस्ट्रार चंद्रकला दिवगैया ने एक बड़ा खुलासा किया है। इस खुलासे ने मध्यप्रदेश के सिस्टम में घुली भ्रष्टाचार की कलई खोल कर रख दी है। नर्सिंग कॉलेजों को दी गई मान्यता में पूर्व रजिस्ट्रार ने तमाम जिलों के CMHO को भी दोषी ठहराया है। फर्जी अस्पतालों का यदि CMHO रजिस्ट्रेशन ही नहीं करते तो नर्सिंग कॉलेज वाले उसे अपना दिखाकर मान्यता कैसे लेते? इस बड़े सवाल का साथ चंद्रकला ने नर्सिंग स्कैम में बड़ा खुलासा किया है।

यह है CMHO के लिप्त होने की वजह

चंद्रकला ने बताया कि यदि अस्पतालों का निरीक्षण ठीक से किया गया होगा और उसका नियमों से रजिस्ट्रेशन होता तो आज ये नौबत नहीं आती, उन्होंने कहा कि हमारे पास तो नर्सिंग कॉलेज संचालक 100 बीएड का अस्पताल का सर्टिफिकेट लेकर आया तो हमने मान्यता दे दी। चंद्रकला ने कहा कि कॉलेज को मान्यता देने के लिए कॉलेज का खुद का 100 बिस्तर का अस्पताल होना जरूरी होता है हमने जब 2020- 21 में मान्यता दी तो यही नियम था, जब कॉलेज संचालक CMHO के दस्तखत वाला 100 बिस्तर के अस्पताल का सर्टिफिकेट से रहे हैं तो फिर हमारा क्या दोष? यदि CMHO ही फर्जी अस्पतालों का रजिस्ट्रेशन नहीं करते तो आज ये हालात पैदा नहीं होते।

गटर की बदबू और नाले की गंदगी लबालब लेकर आया मानसून, जानिए क्यों?

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मानसून का नाम लेते ही चेहरे पर सुकुन और गर्मी से राहत मिलने का आभास होने लगता है लेकिन यह आभास बारिश होनेसे पहले तक ही सुहाना लगता है और जैसेही बारिश होने लगती है सुकून काआभास अचानक ही तमाम परेशानियों में बदल जाता है और एक आम नागरिक को अपने घर या ऑफिस से निकलते ही आभास होने लगता है कि मानसून जितना सुकून लेकर आया है उससे ज्यादा तो परेशानियां सामने आ गईहै। लेकिन यह परेशानियां मानसून निर्मित हैं या गैर जिम्मेदारों द्वारा थोपी गई है यह आप खुद निर्णय लें। 

रविवार शाम को चंद पाल की बारिश ने शहर की जनता को चांद तारे दिखा दिए और शहर में ऐसे कई क्षेत्र नजर आए जहां पर सड़क पानी से लबालब नजर आए। यह पानी आसपास के नालों और सीवर से तूफानलेकर सड़कों तक पहुंच रहा था। कई मुख्य मार्गों पर लोगों को अपनी गाड़ियां निकालने में परेशानी का सामना करना पड़ा गाड़ियों के पहिए पानी में डूबे हुए नजर आए। तो वही पैदल राहगीरभी गंदे पानी मैं होते हुए निकालने को मजबूर नजर आए। हालांकि नगरनिगम ने दावा किया था कि आगामीमानसून की तैयारी के लिए नल और चैंबर साफ कर दिए गए हैं लेकिन शहर में जो हकीकत नजर आई वह इसबात पर मोहर लगा रहे थे कि यह चैंबर और नाले केवल कागजों पर साफ किए गए हैं। 

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नगर निगम की इस मेहरबानी के चलते शहर के नागरिकों ने मानसून का स्वागत गंदे बदबूदार पानी को सहते हुए और गटर की गंदगी में चलते हुए किया। शहर के कई पॉश एरिया में भी सीवर ओवरफ्लो होते हुए नजर आए जो चीज सीख कर हकीकत बता रहे थे कि उनकी सफाई नहीं की गई है। कई गली मोहल्ले में नालियां जाम होने से उनका गंदा बदबूदार पानी सड़कों पर भरा हुआ नजर आया। इन सब हकीकत की वजह से शहर की जनता जी मानसून का इंतजार कर रही थी और जिस मानसून से वह सुकून चाह रही थी उसे मानसून की वजह से थोड़ी सी बारिश होते ही नागरिकों को मजबूरी बस मानसून का स्वागत गटर की बदबू और नाले के गंदे पानी से लबालब सड़कों को सह कर करना पड़ा। 

खता तो जनता की ही है जो सिंधिया कप आयोजकों की छवि धूमिल कर रहे हैं!

ग्वालियर के शंकरपुर क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित मध्य प्रदेश प्रीमियर लीग के फाइनल मैच के दौरान जो अफरा तफरी मची, उसने कई तरह की बहस की शुरुआत कर दी है। कुछ लोग इसे आयोजकों की अवस्था का कारण बता रहे हैं तो कुछ लोग इसे जनता का हुड़दंग बता रहे हैं। अब आप लोग पूरे घटनाक्रम से खुद ही अपना निर्णय लें कि मध्य प्रदेश प्रीमियर लीग के फाइनल मैच के दौरान हुई अव्यवस्था पत्थर बाजी लाठी चार्ज की वजह क्या रही।

हम आपको बता दें कि रविवार को ग्वालियर के शंकरपुर क्रिकेट स्टेडियम पर मध्य प्रदेश प्रीमियर लीग का फाइनल मैच भोपाल और जबलपुर ( टीम के साथ जानवरों के नाम नहीं लिख रहे हैं क्योंकि जानवरों जैसी प्रवृत्ति शायद नाम रखने से भी आती हो) के बीच खेला गया था। कोई भी मैच या इवेंट जनता की भीड़ के बिना सफल दिखाई नहीं देता और इस इवेंट को सफल बनाने के लिए भी पूरे शहर और आसपास के शहरों की जनता को फ्री एंट्री का प्रलोभन देकर बुलाया गया था। जितनी ज्यादा भीड़ होती उतना ही ज्यादा खेल के प्रायोजक खुश होते उतना ही ज्यादा खेल के आयोजकों को वाह वाही मिलती। इस क्रिकेट स्टेडियम की क्षमता 30000 दर्शकों की है और जानकारी के मुताबिक लगभग दुगने लोग स्टेडियम तक पहुंच गए थे। लेकिन एक जानकारी यह भी है की स्टेडियम के अंदर आधी सीट खाली पड़ी हुई थी। स्टेडियम के आठ गेट में से केवल एक गेट ही जनता की प्रवेश के लिए खोला गया था बाकी तीन गेट केवल वीआईपी के प्रवेश के लिए खोले गए थे। अब यह तो पढ़े-लिखे आयोजन ही बताएं कि एक गेट से 30000 दर्शकों का प्रवेश कैसे संभव है और यदि संभव है तो फिर इस स्टेडियम में आठ गेट बनाने की फिजूल खर्ची की ही क्यों गई है?

लेकिन खबरदार जो आयोजकों की व्यवस्था पर एक उंगली भी उठाई आयोजन मिलावटी दूध की तरह पाक साफ हैं असली दोष तो जनता का है। वह जनता जो कहीं भी भीड़ का हिस्सा बन जाती है। वह जनता जो फ्री एंट्री की लालच में कई किलोमीटर दूर भी पहुंच जाती है। वही जानता जो रविवार छुट्टी के दिन अपने बच्चों की खुशियों के लिए इतनी दूर पहुंची थी। वही जानता जिसमें अपने शहर में आयोजित इतने भव्य कार्यक्रम को लेकर हर्ष उल्लास था। वही जानता जो आयोजक राजा बाबू का दीदार करना चाहती थी। वही जनता जो स्वतंत्र भारत में भी अंग्रेजों वाली पुलिस की गुंडई झेलने के लिए पैदा होती है। वही जनता जो इस देश में सिस्टम की अवस्था का शिकार होने के लिए पैदा होती है। वही जनता जो व्यवस्था में लाठी खाने के बाद कुछ दिनों में ही सब कुछ भूल जाती है। वही जनता जो कल फिर एक भीड़ के रूप में निकलेगी और ऐसे ही आयोजकों के लिए ताली पीटेगी। दोष तो उन माताओं का है जो अपने मासूमोंको गोद मैं लेकरइस सपने के साथ वहां पहुंची कि उनके नोनीहाल भी ऐसे ही सफल खिलाड़ी बन पाएंगे!

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एक समय था जब रोम जल रहा था और नीरो बांसुरी बजा रहा था आज देश के भी यही हालात हैं जनता बाहर पिट रही है और राजा बाबू अंदर ताली बजा रहे हैं। जनता केवल यह भीड़ का हिस्सा बनने की आदत छोड़ दे तो आप देखेंगे कि इन वीवीआईपी राजा बाबू को तारे जमी पर नजर आने लगेंगे।

सेक्स पॉवर बढ़ाने की ऑनलाइन विज्ञापन से सावधान। ऐसे होती है ठगी

यदि आप गूगल पर सेक्स पावर बढ़ाने की दावों का विज्ञापन देखकर उन्हें खरीदने का मूड बना रहे हैं तो सावधान हो जाइए । यह विज्ञापन ठाकुर द्वारा प्रसारित किए गए हो सकते हैं जो सेक्स पावर बढ़ाने की चाहत रखने वालों को जाल में फसाने के लिए गूगल पर डाले गए हो। गुरुग्राम पुलिस ने एक ऐसे ऑनलाइन कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है जो सेक्स पावर बढ़ाने की हर्बल दवाइयां बेचने के लिए नाम पर ठगी कर रहे थे। इस कॉल सेंटर का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने 4 लड़कियों सहित 11 साइबर ठगों को मौके से गिरफ्तार किया है।  पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 7 मोबाइल फोन, सिम कार्ड व 2 सीपीयू भी बरामद किए हैं। ऑनलाइन ठगी में हर्बल दवाइयां बेचने के नाम पर ठगी करने का यह अनोखा मामला है क्योंकि गूगल पर सेक्स पावर बढ़ाने की दवाइयां का विज्ञापन देखकर लोग तुरंत लालच में आ जाते हैं और आसानी से इन तो के चंगुल में फस जाते हैं जबकि यह ठग रुपया लेने के बाद कोई दवाई ग्राहक को नहीं भेजते हैं। 

ऐसे करते थे ठगी का कारोबार

गुरग्राम के सेक्टर 18 में स्थित एक मकान में छापेमारी करने पर पुलिस ने पाया कि आरोपी अवैध तरीके से हर्बल सेक्शुअल दवाइयां बेचने के लिए फोन पर बात कर रहे थे। वे हर्बल सेक्सुअल दवाइयां ऑनलाइन बेचने के नाम पर गूगल पर एड डालते थे।  जब लोग एड में दिए हुए नंबरों पर संपर्क करते थे तो ये ऑर्डर लेकर पैसे अलग-अलग बैंक खातों में डलवा लेते थे लेकिन सामान की डिलीवरी नहीं करते थे. इतना ही नहीं, यह ग्राहकों से जीएसटी चार्ज, पैकिंग चार्ज, कोरियर चार्ज के नाम पर क्यूआर कोड/यूपीआइ आईडी के माध्यम से पैसे लेते थे।

छोटे शहरों से भी हैं आरोपी 

जिन आरोपियों को इस कमरे से पकड़ा गया है उसमें कई ग्वालियर मुरैना जैसे छोटे शहरों से हैं जो नौकरी की तलाश में दिल्ली आए होंगे। ऐसा कई बार देखा जाता है कि कॉल सेंटर में नौकरी के नाम पर छोटे शहरों के योग युवा भी दिल्ली का रुख कर लेते हैं लेकिन कुछ लोगों की मजबूरी तो कुछ लोगों के शौक उन्हें इस तरह के ठगी के कॉल सेंटर हो के चंगुल में धकेल देते हैं। शिवम दुबे निवासी गांव जोडा जिला मुरैना, आदर्श कुमार सिंह निवासी अंबेडकर कॉलोनी वसंत विहार, दिल्ली, कुशल रोहिल्ला निवासी खेड़ला, गुरुग्राम, पियूष चौहान निवासी गांव बिजोरी जिला बदायूं यूपी, विवेक चोपड़ा निवासी एनआईटी फरीदाबाद, गुलशन कुमार निवासी गांव दहीबट्टा गोपालगंज, राजकुमार निवासी गांव डेरा महरौली दिल्ली, पूजा चौहान निवासी शिव कॉलोनी, झोटवाड़ा जयपुर, भावना निवासी भिवानी, अनामिका राजावत निवासी ग्वालियर, प्रिया शर्मा निवासी देव अपार्टमेंट महिपालपुर, दिल्ली कुछ ऐसे युवा हैं जिन्हें इस ठगी के धंधे में पकड़ा गया है।

पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 120-B के तहत मामला दर्ज किया है। इन आरोपियों से पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी पिछले करीब 1 साल से कॉल सेंटर के जरिये ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे. आरोपियों को 15 हजार रुपये की सैलरी तथा ठगी से मिली रकम का 5% हिस्सा भी इन्सेंटिव के रूम में दिया जाता था। यह गैंग अब तक करोड़ों की ठगी कर चुका है। सेक पॉवर की चाह में लोग आसानी से इनकी बातों में आ जाते थे। ज्यादातर ठगी का शिकार तो शर्म के मारे शिकायत तक नहीं करते थे। 

महिला कॉन्स्टेबल संग होटल में रंगरलियां मनाते पकड़ा डीएसपी, सीएम योगी ने DSP से बना दिया सिपाही

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने एक पुलिस अफसर को अनुशासनहीनता की कठोर सजा दी है। वर्ष 2021 में कानपुर के एक होटल में एक महिला सिपाही के साथ पकड़े जाने वाले एक पुलिस उपाधीक्षक (DSP) रैंक के अधिकारी को अब कॉन्स्टेबल बना दिया गया है। उसे कॉन्स्टेबल बनाकर नई पोस्टिंग भी दे दी गई है।

अपने पुलिस करियर में डिमोशन का का यह तमगा पाने वाले अधिकारी का नाम कृपा शंकर कनौजिया है। पुलिस महकमे ने कृपा शंकर कनौजिया के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए उन्हें उनके भर्ती वाले पद पर वापस भेजा है। कनौजिया उत्तर प्रदेश पुलिस में कॉन्स्टेबल के रूप में भर्ती हुए थे और उन्हें दोबारा वही तैनाती दे दी गई है।

अब आपको बताते हैं कि योगी सरकार को यह कार्रवाई करनी क्यों पड़ी हुआ यूं कि यह डीएसपी साथ थोड़े रंगीन मिजाज हैं और इनको अपने अधीन काम करने वाली महिला पुलिस कर्मी भी इनकी हवस के लिए नजर आती है। रंगरलिया बनाने के लिए यह सब एक महिला सिपाही को एक होटल में लेकर लेकिन इस बार उनको यह कारनामा भारी पड़ गया और उनको रंगे हाथों पकड़ लिया गया।

कृपा शंकर कनौजिया के विरुद्ध यह कार्रवाई शनिवार (22 जून, 2024) को की गई है। उनके खिलाफ 2021 से ही विभागीय जाँच प्रचलित थी। जिसके पूरे होने के बाद यह एक्शन लिया गया है। उनके खिलाफ की गई कार्रवाई के पीछे उनका 2021 का एक कारनामा है।

दरअसल, वर्ष 2021 में कनौजिया उन्नाव जिले के बीघापुर थाने में तैनात थे। यहाँ वह DSP रैंक पर थे। वह इस थाने से पारिवारिक काम का कारण बता कर छुट्टी लेकर निकले थे। इसके बाद उनका फोन बंद आने लगा था। उनकी पत्नी ने उनके थाने में फोन करके जानकारी दी थी कि वह घर पर नहीं पहुँचे। कनौजिया की पत्नी ने इसके बाद उन्नाव के एसपी से इस मामले की शिकायत की थी। कनौजिया की तलाश के लिए उनके नम्बर को सर्विलांस पर लगाया गया था। इससे मिले जानकारी के अनुसार पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उन्हें कानपुर में एक होटल में पाया था। यहाँ वह एक महिला कॉन्स्टेबल के साथ मौजूद थे। उनकी पत्नी ने जब अपने आशिक मिजाज पतिदेव डीएसपी साहब को रंगे हाथों रंगरलिया मनाते हुए पकड़ा तो काफी हंगामा काटा था। महिला कॉन्स्टेबल के साथ पाए जाने के बाद कनौजिया के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई चालू कर दी गई थी। उनके खिलाफ हुई जाँच के बाद उनके खिलाफ प्रतिकूल कार्रवाई की गई और उन्हें उनके कॉन्स्टेबल पर भेज दिया गया।

कुल मिलाकर डीएसपी साहब को रंगरलिया मनाना बहुत महंगा पड़ गया एक तो अपनी पत्नी की आंखों में ही वह गिर गए और अपना परिवार ही बर्बाद कर लिया और दूसरा अपने सारे स्टार होकर अब वह एक आम सिपाही बनकर रह गए हैं अब उन्हें वेतन और सुविधाएं एक आम सिपाही के तरह ही मिलेंगे लेकिन जहां पर भी वह रहेंगे उनके साथी सिपाही अब उनको सैल्यूट करने के बजाय कुछ अलग ही निगाह से देखेंगे।

सीएम हैल्पलाइन हकीकत ए सुधार; प्रशासन पीटे अपना ढोल और शिकायतकर्ता पीटे अपना माथा

जिले की रैंकिंग में हुआ उल्लेखनीय सुधार , पिछले माह की 23 से इस माह 12 पर आई रैंकिंग। आइए करते हैं इन दावों का रियलिटी चेक ।

सीएम हैल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण में ग्वालियर जिले में उल्लेखनीय सुधार का दावा प्रशासन द्वारा किया जा रहा है। मई माह में जिले की रैंकिंग 12 रही है, जो पिछले माह से 11 अधिक है। अप्रैल माह में जिले की रैंकिंग 23 थी। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान द्वारा लगातार की जा रही सीएम हैल्पलाइन की समीक्षा एवं विभागीय अधिकारियों के प्रयासों की बदौलत जिले को यह सफलता मिली है। ऐसा प्रशासन ने जारी प्रेस रिलीज में दावा किया है।

डिस्ट्रिक्ट ई-गवर्नेंस मैनेजर आशीष जैन ने बताया कि मई महीने में सीएम हैल्पलाइन पोर्टल के माध्यम से जिले को 13 हजार 204 शिकायतें प्राप्त हुईं थीं। इन शिकायतों में से संतुष्टिपूर्वक निराकरण का वेटेज स्कोर 73.83 रहा है। अप्रैल महीने में 10 हजार 221 शिकायतें प्राप्त हुईं थीं, जिसमें संतुष्टिपूर्वक निराकरण का वेटेज स्कोर 65.89 रहा था।

जब डिस्ट्रिक्ट ई-गवर्नेंस मैनेजर आशीष जैन से पूछा की जो शिकायतें बंद की गई हैं उनका क्या स्टेट्स है। इनमें से कितनी शिकायतें फोर्स क्लोज्ड हैं और कितनी को शिकायतकर्ताओं को आश्वासन देकर ही बिना कार्यवाही के बंद किया गया है। इस संबंध में श्रीमान जैन पर कोई जानकारी या तो थी ही नहीं या वह देना नहीं चाहते थे। RTI कार्यकर्ता आशीष राय का कहना है कि उनका तो सीएम हेल्पलाइन से विश्वास ही उठ गया है। ज्यादातर शिकायतें पहले स्तर पर ही फोर्स क्लोज्ड कर दी जाती हैं। समाजसेवी राकेश कुशवाह का कहना है कि शिकायतकर्ता को संपर्क नहीं किया जाता। ऊपर ही ऊपर आंकड़े बना निराकरण होता है प्रशासन शासन को यह आंकड़े झूठे देता है। मनगढ़ंत तरीके से यह आंकड़े बनाए गए हैं शिकायतकर्ता आज भी परेशान हैं उसकी सुनने वाला कोई नहीं।

सुनिए समाज हित में सीएम हेल्पलाइन लगाने वालों का दर्द

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कागजी घोड़े दौडाने में माहिर प्रशासन ने सीएम हेल्पलाइन में भी कागजों पर रैंकिंग सुधार ली ही ऐसा प्रतीत होता है। क्यूंकि कई ऐसी शिकायतों को बंद किया गया है जिसमें अमला न तो स्पॉट पर पहुंचा न ही शिकायतकर्ता को पता चला और शिकायत बंद कर दी गई। जिस तरह से सीएम हेल्पलाइन के कार्यवाही से शिकायतकर्ता असंतुष्ठ हैं वह दिन दूर नहीं जब सीएम हेल्पलाइन अपना विश्वास पूरी तरह खो देगी। और लोग कहेंगे। एक थी सीएम हेल्पलाइन!

ऑस्ट्रेलिया को हरा अफगानिस्तान ने किया टी20 विश्वकप का सबसे बड़ा उलटफेर

टी20 वर्ल्ड कप 2024 के 48वें मैच में अफगानिस्तान और ऑस्ट्रेलिया के बीच हुए रोमांचक मुकाबले में अफगानिस्तान नेैं ऑस्ट्रेलिया को 27 रन से हरा दिया है। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी अफगानिस्तान ने बहुत बढ़िया शुरुआत की। पहले विकेट के लिए दोनों के बीच 118 रन की साझेदारी की। गुरबाज 60 रन और इब्राहिम जादरान 51 रन बनाकर आउट हुई। दोनों के बीच रिकॉर्ड तीसरी बार टी20 वर्ल्ड कप में शतकीय साझेदारी की। इसके बाद ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने वापसी की। और अफगानिस्तान को 148 के स्कोर पर ही रोकने में सफल हुए। इस समय ऐसा लग रहा था कि ऑस्ट्रेलिया का मजबूत बैटिंग ऑर्डर इस लक्ष्य को आसानी से हासिल कर लेगा।

ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज पैट कमिंस ने टी20 वर्ल्ड कप में इतिहास रच दिया। लगातार दो मैच में दो बार हैट्रिक लेने वाले पहले गेंदबाज बने। इस हैट्रिक की वजह से ऑस्ट्रेलिया ने वापसी की। जंपा ने एक ही ओवर में दो विकेट लेकर अफगानिस्तान को बैकफुट पर धकेल दिया। 20 ओवर में अफगानिस्तान 6 विकेट पर 148 रन ही बना सकी। ऑस्ट्रेलिया को जीत के लिए 149 रन बनाने थे। लेकिन अफगानिस्तान की कसी हुई बोलिंग के आगे ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज ताश के पत्तों की तरह बिखर गए।

AFG vs AUS प्लेइंग इलेवन

अफगानिस्तान: रहमानुल्लाह गुरबाज (विकेटकीपर), इब्राहिम जादरान, गुलबदीन नईब, अजमतुल्लाह उमरजई, मोहम्मद नबी, करीम जनत, नांगेयालिया खारोटे, राशिद खान (कप्तान), नूर अहमद, नवीन-उल-हक, फजलहक फारूकी

ऑस्ट्रेलिया: डेविड वॉर्नर, ट्रैविस हेड, मिशेल मार्श (कप्तान), ग्लेन मैक्सवेल, मार्कस स्टोइनिस, टिम डेविड, मैथ्यू वेड (विकेटकीपर), पैट कमिंस, एश्टन एगर, एडम जंपा, जोश हेजलवुड

ऑस्ट्रेलिया की तरफ से केवल मैक्सवेल संघर्ष करते नजर आए और उनके मैदान पर रहते लग रहा था कि ऑस्ट्रेलिया जीत जाएगा। लेकिन 59 के निजी स्कोर पर उनका विकेट गिरते ही ऑस्ट्रेलिया की आखिरी उम्मीद भी खत्म हो गई। यह मैच हारते ही ऑस्ट्रेलिया का फाइनल में पहुंचना मुश्किल नजर आ रहा है यदि कल भारत ऑस्ट्रेलिया को हरा देता है तो फिर भारत और बांग्लादेश ही सेमी फाइनल में पहुचेंगे। अफगानिस्तान ने ऑस्ट्रेलिया को हराकर इस टी20 विश्वकप का सबसे बड़ा उलटफेर किया है।

लुटेरी दुल्हन जब निकली एचआईवी पॉजिटिव, तो दूल्हों में मचा हड़कंप!

पश्चिमी यूपी की एक जेल में बंद लुटेरी दुल्हन ने खुद के एचआईवी संक्रमित होने की बात छिपाते हुए कई लोगों की जान जोखिम में डाल दी है। उसके संपर्क में आए तीन लोग भी संक्रमित पाए गए हैं। इस खबर का पता चलने पर जाने-अंजाने उसके संपर्क में आए लोग दहशत में है। स्वास्थ्य विभाग ऐसे लोगों से एहतियातन जांच कराने के लिए कह रहा है। साथ ही महिला के संपर्क में आए लोगों को ट्रेस करने में भी जुटा है। अब संपर्क में आए लोग गफलत में हैं उन्हें सूझ ही नहीं रहा करें तो क्या करें। 

कुमाऊं के ऊधमसिंह नगर जिले की एक महिला शादी के नाम पर धोखाधड़ी और चोर के गिरोह में शामिल थी। यह महिला अपने रिश्तेदारों के साथ मिलकर पहले शादी करती थी और फिर ससुराल से जेवर सहित कीमती सामान लेकर चंपत हो जाती थी। पश्चिम यूपी के एक जिले में हुई वारदात के बाद पुलिस ने एक महीने पहले महिला सहित सात लोगों को गिरफ्तार किया था। फिलहाल यह महिला और इसकी गैंग जेल में बंद है। 

कुछ समय पहले भारत सरकार के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने इंडेक्स टेस्टिंग अभियान चलाया था। पूर्व में संक्रमित होकर दवा नहीं लेने वालों की भी जानकारी जुटाई गई थी। इस सूची लुटेरी दुल्हन बनकर अपराध करने वाली महिला भी शामिल थी। दिसंबर में एक एनजीओ के जरिये स्वास्थ्य विभाग के पास महिला आई थी और जांच में संक्रमित पाई गई थी। तमाम कोशिशों के बाद भी उसने दवा खाने से इंकार कर दिया था और मोबाइल बंद कर गायब हो गई थी। कई दिन की पड़ताल में उसके जेल में होने का पता चला। मामला एचआईवी से जुड़ा होने की वजह से विभाग कुछ भी बताने से बच रहा है। 

एबीवीपी की मोदी सरकार से मांग; एनटीए हो या केंद्रीय मंत्री, दोषी पर हो करवाई

नीट परीक्षा कांड की आग थमने का नाम नहीं ले रही है। पूरे देश में जगह जगह नीट परीक्षा में हुई गड़बड़ी के विरोध में छात्र सड़कों पर हैं। ग्वालियर में भी शनिवार को छात्र संगठन एबीवीपी  सड़कों पर उतरा और नीट रद्द करने और दोषियों पर कार्यवाही की मांग की। हालांकि एबीवीपी RSS का अनुश्रंगिक संगठन है लेकिन छात्रहित में भाजपा सरकार के विरोध में मुखर होकर नीट में हुए भ्रष्टाचार k विरोध में खुल कर सामने आया है।

देशभर के मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस में दाखिला लेने के लिए आयोजित होने वाली नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस एग्जामिनेशन  नीट का आयोजन हर साल नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा कराया जाता है लेकिन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने इस बार आयोजित नीट में ऐसी लीपापोती की है कि इसमें हुई खामियां परीक्षा देने वाले छात्र तो क्या आम लोगों के भी गले नहीं उतर रही। इस परीक्षा की विरोध में सबसे पहले बिहार में छात्रों ने प्रदर्शन शुरू किया लेकिन उसे समय तक एनडीए इस परीक्षा को पाक साफ बताता रहा लेकिन धीरे-धीरे छात्रों का यह विरोध देश भर में फैल गया और अब ग्वालियर में भी लगातार इस परीक्षा में हुए गड़बड़ को लेकर छात्र संगठन मैदान में हैं।

आरएसएस के अनुषांगिक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्रों में भी आक्रोश है और वह भी इस परीक्षा में सीबीआई जांच के साथ दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। हिमांशु श्रोती, महामंत्री एवीबीपी ने अपनी ही सरकार को घेरते हुए यह तक कहा कि छात्र डिप्रेशन में रहेगा तो विकसित भारत का संकल्प कैसे पूरा होगा। उनका साफ कहना है कि इसकी स्तंत्रत जांच तो हो ही साथ ही चाहे केंद्रीय मंत्री हो या NTA का कोई व्यक्ति यदि दोषी हो तो उस पर कार्यवाही हो। 

सुने क्या कुछ कहा एबीवीपी के पदाधिकारी छात्रों ने

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बिना नम्बर प्लेट और नाबालिग द्वारा चलाए जा रहे ई रिक्शा जब्त

नियमों का उल्लंघन कर शहर के यातायात में बाधा बन रहे ई-रिक्शा के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इस कड़ी में शनिवार को बिना नम्बर प्लेट के 44 ई-रिक्शा जब्त किए गए। साथ ही एक नाबालिग द्वारा संचालित ई-रिक्शा भी जब्त किया गया है। यातायात पुलिस द्वारा शनिवार को 27 हजार रूपए के चालान भी काटे गए।
स्मार्ट सिटी के कंट्रोल एवं कमाण्ड सेंटर से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के विभिन्न पुलिस थानों एवं यातायात पुलिस द्वारा शहर में नियम विरूद्ध चल रहे ई-रिक्शा व नाबालिगों द्वारा चलाए जा रहे ई-रिक्शों को जब्त करने की कार्रवाई की जा रही है। कम्पू थाना की पुलिस द्वारा बिना नम्बर प्लेट के 17 व एक नाबालिग द्वारा संचालित ई-रिक्शा पकड़े गए हैं। इसी तरह झांसी रोड़ पुलिस थाना द्वारा 22 ई-रिक्शा बगैर नम्बर प्लेट के जब्त किए गए हैं। इसके अलावा मेला पुलिस थाना द्वारा 5 ई-रिक्शा जब्त करने की कार्रवाई की गई है।
ज्ञात हो ई-रिक्शा का पंजीयन कराने के लिये एक हफ्ते का अंतिम मौका दिया गया है। शहर में नाके लगाकर आधा दर्जन स्थानों पर ई-रिक्शा का पंजीयन किया जायेगा। इन नाकों पर 23 से 29 जून तक ई-रिक्शा पंजीयन की कार्यवाही की जायेगी। बगैर पंजीयन के रिक्शा चलाने की अनुमति नहीं होगी।

शहर में इन स्थानों पर नाके लगाकर किया जायेगा ई-रिक्शा का पंजीयन

ग्वालियर शहर में 6 विभिन्न स्थानों पर 23 से 29 जून तक ई-रिक्शा का पंजीयन किया जायेगा। इन स्थानों में हजीरा, गोले का मंदिर, फूलबाग चौराहा, महाराज बाड़ा व आमखो शामिल हैं। ई-रिक्शा पंजीयन की मॉनीटरिंग का काम स्मार्ट सिटी के कंट्रोल एवं कमाण्ड सेंटर के माध्यम से होगा।

पंजीयन के लिये आईटीएमएस से 31 स्थानों पर एनाउंसमेंट

कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने पंजीयन स्थलों एवं तिथियों के बारे में स्मार्ट सिटी के आईटीएमएस पब्लिक एनाउंसमेंट सिस्टम से व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए हैं। इस परिपालन में ग्वालियर शहर में विभिन्न तिराहों-चौराहों सहित कुल 31 स्थानों पर स्मार्ट सिटी के पब्लिक एनाउंसमेंट सिस्टम से पंजीयन के संबंध में एनाउंसमेंट शुरू कर दिया गया है।