Thursday, July 30, 2026
30.2 C
Delhi
Thursday, July 30, 2026
Home Blog Page 168

पीएम मोदी ने शिवराज को दी एक और बड़ी जिम्मेदारी

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जब से केंद्र में पहुंचे हैं उनका कद लगातार बढ़ता जा रहा है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उन पर विश्वास जताते हुए उन्हें लगातार बड़ी जिम्मेदारियां देते जा।रहे हैं। वर्तमान में मोदी कैबिनेट में दो अहम मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल रहे शिवराज सिंह चौहान का दिल्ली में एक बार फिर कद बढ़ा है। पीएम नरेन्द्र मोदी ने एक बार फिर शिवराज सिंह चौहान पर भरोसा जताते हुए उन्हें एक और बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। शिवराज सिंह चौहान को नीति आयोग में जगह दी गई है और उन्हें नीति आयोग का पदेन सदस्य बनाया गया है।


नीति आयोग का गठन


दरअसल मंगलवार को केन्द्र की मोदी सरकार ने नए नीति आयोग का गठन किया है। नए नीति आयोग में शिवराज सिंह चौहान को पदेन सदस्य बनाया गया है। नीति आयोग में शिवराज सिंह चौहान के अलावा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृहमंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण भी शामिल हैं। इसके अलावा नीति आयोग में 11 विशेष आमंत्रित सदस्य भी हैं। जिनमें भाजपा सेनितिन गडकरी और जेपी नड्डा तो वहीं एनडीए के एचडी कुमारस्वामी, जीतन राम मांजी, लल्लन सिंह, राजीव रंजन, वीरेंद्र कुमार, राम मोहन नायडू, जुअल ओरम, अन्नपूर्णा देवी, चिराग पासवान और राव इंद्रजीत सिंह शामिल हैं।


क्या होता है नीति आयोग


नीति आयोग का गठन साल 2015 में हुआ था। नीति आयोग एक प्रकार से केंद्र सरकार का थिंक टैंक होता है। जो सरकार के विभिन्न कार्यक्रमों नीतियों के बारे में ना केवल जानकारी प्रदान करता है बल्कि इसे मूर्त रूप लागू करने में केंद्र सरकार और राज्य सरकारों की मदद भी करता है। नीति आयोग केंद्र राज्य सरकारों के साथ-साथ केंद्र शासित प्रदेशों को भी समय-समय पर सलाह देता है। नीति आयोग की अध्यक्षता हमेशा प्रधानमंत्री करते हैं।

जिला रोजगार कार्यालय में विद्यार्थियों को मिलेगी कैरियर काउंसलिंग की सुविधा

0

ग्वालियर के जिला रोजगार कार्यालय द्वारा कैरियर काउंसलिंग योजना के तहत व्यवसायिक मार्गदर्शन के लिये विद्यार्थियों को कैरियर काउंसलिंग की सुविधा प्रदान की जाती है। काउंसलिंग के तहत स्कूली बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं, शिक्षण व प्रशिक्षण संस्थान, प्रोफेशनल कोर्स, रोजगार एवं स्वरोजगार की जानकारी दी जाती है। इस सिलसिले में विषय विशेषज्ञ एवं मनोवैज्ञानिक काउंसलर के लिये जिला रोजगार कार्यालय द्वारा 25 जुलाई तक आवेदन मांगे गए हैं।


उप संचालक रोजगार पवन कुमार भिमटे ने बताया कि मनोवैज्ञानिक के लिये एमए मनोविज्ञान, पीजी डिप्लोमा या इन कैरियर काउंसलिंग अथवा समकक्ष योग्यता होनी चाहिए। विषय विशेषज्ञ के लिये डिग्री डिप्लोमा के साथ एडमिशन, प्रतियोगी परीक्षाओं या स्वरोजगार के क्षेत्र में अनुभव आवश्यक है।
विस्तृत जानकारी के लिये कार्यालयीन समय में जिला रोजगार कार्यालय में संपर्क किया जा सकता है।

सीएम मोहन यादव ने की राजस्व महाअभियान, पीएम स्ट्रीट वेंडर योजना, युवाओं को रोजगार और गुरु पूर्णिमा के भव्य आयोजन जैसी तमाम घोषणाएं

0

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारी संस्कृति में गुरु शिष्य परंपरा का महत्व आदिकाल से रहा है। इसी परंपरा के गौरव बनाये रखने के लिये- विश्वविद्यालयों में पदस्थ कुलपतियों को कुलगुरू का संबोधन प्रदान किया गया, 21 जुलाई को आने वाली गुरु पूर्णिमा प्रदेश में पूर्ण श्रद्धा के साथ मनाई जाएगी। इसके लिये स्कूल शिक्षा विभाग तथा उच्च शिक्षा विभाग द्वारा विशेष रूप से सर्कुलर जारी किया गया है। सभी मंत्री अपने-अपने क्षेत्र में होने वाले कार्यक्रमों में सम्मिलित हों।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले मंत्रियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने राजस्व महाअभियान 2.0 तथा पटवारी ई-डायरी का डिजिटल शुभारंभ भी किया। उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा, श्री राजेन्द्र शुक्ल, जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय तथा राजस्व मंत्री श्री करण सिंह वर्मा साथ थे। उल्लेखनीय है कि भू-स्वामियों के हित में त्वरित और आसान सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए आज 18 जुलाई से आरंभ हुआ अभियान 31 अगस्त तक जारी रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में वंदे मातरम के गान के साथ आरंभ हुई।

जीवन में पाँच गुरूओं का है विशेष महत्व

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरू पूर्णिमा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमारे जीवन में 5 गुरूओं का विशेष महत्व है। सबसे पहली गुरू माता, दूसरे पिता, तीसरे शिक्षक, चौथे क्रम पर वह गुरू जिनसे हम आध्यात्मिक शिक्षा प्राप्त करते हैं और पाँचवां गुरू आईना है। आईना हमारे स्व से प्रतिदिन हमारा परिचय कराता है और वास्तविक स्वरूप को हमारे सामने रखता है। आईने की हमसे दुश्मनी नहीं है, पर वह हमारा दोस्त भी नहीं है, जो यथार्थ है आईना हमें उससे अवगत कराता है और यही गुरू का भी दायित्व है। गुरू-शिष्य परम्परा के निर्वहन में यह प्रदेश का सौभाग्य है कि भगवान श्रीकृष्ण को उनके गुरू सांदीपनी का सानिध्य उज्जैन में ही प्राप्त हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद के सभी साथियों से कहा कि गुरू पूर्णिमा पूर्ण श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई जाए।

बटांकन के साथ ही होगा नामांतरण

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 18 जुलाई से 31 अगस्त तक प्रदेश में राजस्व महा अभियान 2.0 संचालित किया जाएगा। अभियान में राजस्व न्यायालय के लंबित प्रकरणों का त्वरित निराकरण, भू-अभिलेख का दुरूस्तीकरण और अभिलेख शुद्धिकरण जैसे कार्य किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बटांकन के साथ ही नामांतरण की व्यवस्था आरंभ की जा रही है। इस व्यवस्था को लागू करने में मध्यप्रदेश देश में अग्रणी है, केन्द्र सरकार ने भी राज्य शासन की इस पहल की सराहना की है।

स्थानीय युवाओं को मिलेगा रोजगार

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षण की प्रक्रिया भी आरंभ की जा रही है। इसमें 8वीं कक्षा उत्तीर्ण 18 से 40 वर्ष के स्थानीय युवाओं को ही मोबाइल के माध्यम से फसलों के सर्वेक्षण का कार्य सौंपा जाएगा। इसके लिए उन्हें आवश्यक प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाएगा। प्रति फसल, प्रति सर्वे नंबर 8 रूपए की दर से उन्हें भुगतान किया जाएगा। एक युवा को अधिकतम एक हजार सर्वे नंबर का आवंटन किया जा सकेगा। इन युवाओं को दोनों फसलों अर्थात खरीफ और रबी का सर्वे करना होगा। डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षण से फसल की सटीक पहचान, उपार्जन में बचत होने के साथ स्थानीय युवाओं को रोजगार भी उपलब्ध होगा। व्यवस्था का क्रियान्वयन जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित समिति करेगी।

पटवारी ई-डायरी से बढ़ेगी पारदर्शिता और जवाबदेही

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में पटवारी ई-डायरी की व्यवस्था आरंभ की जा रही है। इससे शुचिता के साथ राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण में मदद मिलेगी। इस व्यवस्था के तहत पटवारियों द्वारा डिजिटल फार्मेट में दैनिक डायरी का संधारण किया जाएगा। पटवारी को फोटो खींचनी होगी और बिना फोटो के पटवारी दैनिक गतिविधियों को अपलोड नहीं कर सकेंगे। इससे पटवारी की उपस्थिति के वास्तविक स्थान का भी पता लग सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पटवारी ई-डायरी से पटवारियों की कार्यस्थल पर उपस्थिति सुनिश्चित होने के साथ-साथ उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों की पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ेगी।

पीएम स्ट्रीट वेंडर योजना और स्व-सहायता समूहों को ऋण वितरण में मध्यप्रदेश देश में प्रथम

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि पीएम स्ट्रीट वेंडर योजना के अंतर्गत केन्द्र सरकार द्वारा प्रदेश को प्रथम पुरस्कार प्रदान किया जा रहा है। इसके अंतर्गत 11 लाख 95 हजार ऋण प्रकरणों में एक हजार 736 करोड़ रूपए वितरित कर मध्यप्रदेश ने देश में प्रथम स्थान बनाया है। एनयूएलएन योजना में 60 हजार से अधिक स्व-सहायता समूहों का गठन कर 32 हजार से अधिक स्व-सहायता समूहों को 320 करोड़ रूपए से अधिक की आवर्ती निधि उपलब्ध कराई गई है और 20 हजार स्व-सहायता समूहों को कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया गया है। इस योजना में भी मध्यप्रदेश देश में प्रथम है। मंत्रि-परिषद के सभी सदस्यों ने मेज थपथपाकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अभिवादन किया।

राजस्व महाअभियान 2.0 पर हुआ प्रेजेंटेशन

मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले हुए राजस्व महाअभियान 2.0 की प्रस्तुतिकरण में नामांकन, बंटवारा, सीमांकन, अभिलेख दुरूस्ती, नक्शे पर खसरे की बटान को उठाना, स्वामित्व योजना सैचुरेशन, समग्र के आधार से ई-केवायसी आदि के संबंध में जानकारी दी गई।

महाप्रभु का महाखजाना; जानिए कहां से आया इतना बड़ा खजाना, क्या है इसकी हकीकत

0

पुरी जगन्नाथ धाम में मौजूद जगन्नाथ महाप्रभु के आंतरिक खजाने को लेकर लम्बे समय से काफी तरह की चर्चाएं की जा रही थीं। यहां पर के लिए अथाह सोने चांदी का भंडार होने की बात तो कही ही जाती थी।साथ में यह भी कहा जाता था कि सर उसकी रक्षा करते हैं अंदर बडा तहखाना भी है और इसमें कोई प्रवेश नहीं कर सकता। लेकिन इस रविवार को महाप्रभु के इस माह खजाने को जब खोला गया तो इसकी हकीकत सामने आई हालांकि यह अरबों रुपए का खजाना बाहर निकला है लेकिन यहां पर बाकी जिस भी तरह की को फ़ोन करो साफ होने की बातें थी वह सब भ्रामक निकली।

कहाँ से आया इतना बड़ा खजाना

प्राचीन काल में विभिन्न राज्यों पर विजय प्राप्त करने के पश्चात महाप्रभु को कीमती रत्न, हीरा, जेवरात, मुकुट आदि दान किया जाता था, इसे आंतरिक खजाने में रखा गया है। 1978 के बाद आज महाप्रभु जगन्नाथ का रत्न भंडार खोला गया। अब धीरे-धीरे खजानों के कई रहस्य सामने आएंगे।माना जाता है कि रत्न भंडार में अलग-अलग धातुओं की महंगी मूर्तियां रखी गई हैं। ऐसे में करोड़ों जगन्नाथ भक्तों के साथ देश दुनिया की नजर महाप्रभु के रत्न भंडार के खजाने के रहस्य पर टिकी हैं। पुरी जगन्नाथ मंदिर का अंदरूनी रत्न भंडार खोल दिया गया है। पहले 1805 में चार्ल्स ग्रोम की ओर से खजाने का डॉक्यूमेंटेंशन किया गया था, उस दौरान 64 सोने चांदी के आभूषण, 128 सोने के सिक्के, 1,297 चांदी के सिक्के, 106 तांबे के सिक्के और 1,333 प्रकार के कपड़े थे। जानकारी के लिए बता दें कि इस मंदिर को 12 वीं सदीं में बनावाया गया था। उनके बाद सन 1197 में उड़िया शासक अनंत भीम देव ने मंदिर को वर्तमान रूप दिया।


शुभ मुहूर्त में खजाने की शिफ्टिंग

रत्न भंडार के अंदरूनी भाग की निगरानी के साथ उसमें रखे आभूषणों को स्थानांतरित करने की प्रकिया शुरू हो गई है। रत्न भंडार खोलने की शुभ घड़ी गुरुवार सुबह 2:15 बजे तक है। इस समय इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि महाप्रभु की नीति बाधित ना हो। सभी कार्य संपन्न होने के बाद वहां उपस्थित एएसआई एक्सपर्ट रत्न भंडार का अनुध्यान करेंगे। इसके बाद पुन: ताला सील कर दिया जाएगा। 46 साल बाद पहली बार रत्न भंडार का तहखाना खोला गया है. 11 सदस्यों की टीम ने सुबह रत्न भंडार में प्रवेश किया. रत्न भंडार खोलने के लिए एक शुभ मुहूर्त तय किया गया था, जिसका पालन करते हुए एक विशेष समय पर मंदिर में टीम दाखिल हुई.

उल्लेखनीय है कि पिछले रविवार को जगन्नाथ मंदिर के बाहरी रत्न भंडार को खोला जा चुका है। बाहरी रत्न भंडार में रहने वाले रत्न एवं आभूषणों को संदूक में रखकर मंदिर के अंदर ही बनाए गए स्ट्रॉन्ग रूम में रखा गया है। उस दिन आंतरिक रत्न भंडार को भी खोलने का प्रयास किया गया था। हालांकि, ताला नहीं खुल पाया था। जिसके बाद रत्न भंडार कमेटी ने ताला काटकर आंतरिक रत्न भंडार में प्रवेश किया था। कमेटी आंतरिक रत्न भंडार का निरीक्षण करने के बाद वापस लौट आई और रत्न भंडार में नया ताला लगाकर सील कर दिया गया। अब आज आंतरिक रत्न भंडार को खोला गया है और उसमें रखे आभूषण व रत्नों को स्थानांतरित किया जाएगा। इसके बाद रत्न भंडार की मरम्मत की जाएगी।

जब पहली बार खुला था यह खजाना

1978 में जब यहां पर आधिकारिक रूप से रत्न भंडार खोला गया तो उसमें मौजूद चीजों की गणना की गई थी। इस पूरे काम को करने में दो महीने का वक्त लग गया था। उस वक्त बताया गया था रत्न भंडार में रखे गए सोने के आभूषण करीब 250 किलो थे। हजारों किलों के चांदी के आभूषण थे और इनके अलावा तमाम तरह के हीरे जवाहरात और मणिक यहां मौजूद थे। हालांकि, इसके बाद भी मंदिर में दान दिया जाता रहा है। और उम्मीद की जा सकती है कि पिछले छियालीस सालों में यह खजाना को फ़ोन करो बढ़कर इससे कहीं ज्यादा हो गया होगा।

एमपी में माफिया राज; नायब तहसीलदार अमले को बनाया बंधक, मारपीट की, दस्तावेज फाड़ दिए

मध्यप्रदेश में माफिया राज किस तरह हावी है इसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि तमाम ऐसी खबरें आती हैं जब यह दबंग माफिया अधिकारियों की पिटाई भी कर देते हैं, ऐसा ही एक मामला मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले के पोहरी से सामने आ रहा है। पोहरी थाना सीमा में आने वाले गांव पिपरघार में बुधवार की शाम अवैध मुरम उत्खनन रोकने गए पोहरी नायब तहसीलदार की टीम पर सरपंच पुत्र और उसके साथियों ने हमला करते हुए मारपीट कर दी। राजस्व की टीम मौके से अपनी जान बचाते हुए भागना पडा। इस मामले में बुधवार की देर शाम राजस्व की टीम पोहरी थाने पहुंची ओर मामला दर्ज कराया।

एकाएक हुए हमले से सहमा राजस्व अमला वहां से किसी तरह जान बचाकर भागा और देर शाम पोहरी थाने में पहुंचकर शिकायती आवेदन दिया। पोहरी पुलिस ने राजस्व अमले की रिपोर्ट पर आनंद धाकड़, मनोज धाकड़, मुकेश, आनंद व भरत धाकड़ व अन्य चार के खिलाफ मारपीट की धाराओं में प्रकरण दर्ज कर लिया। पिपरधार सरपंच की पोहरी के पूर्व विधायक सुरेश राठखेड़ा से रिश्तेदारी बताई जा रही है। शायद इसी राजनीतिक रसूख के चलते खनन माफिया इतना हावी हैं कि उन्होंने न केवल प्रशासनिक टीम को बंधक बनाया बल्कि उनकी जमकर पिटाई भी कर दी। इस घटना ने मप्र शासन के खनन माफिया पर सख्ती के सारे दावों की पोल खोल दी है। 

पोहरी के पिपरघार ग्राम पंचायत के सरपंच बृजमोहन धाकड़ है। सरपंच पुत्र आनंद धाकड़, मनोज धाकड़, मुकेश, आनंद व भरत धाकड़ सहित अन्य चार लोग गांव के नजदीक राजस्व की भूमि पर जेसीबी से मुरम का अवैध उत्खनन कर रहे थे। साथ ही नजदीक की जमीन पर जुताई करके खेती की भी तैयारी की जा रही थी। राजस्व भूमि पर अवैध उत्खनन व खेती की तैयारी की सूचना मिलते ही नायब तहसीलदार प्रमोद तोमर अपने साथ पटवारी मुकेश बघेल, बंटी गोलिया, ड्राइवर हेमंत के साथ मौके पर पहुंचे। वहां उन्होंने जेसीबी से मुरम का अवैध उत्खनन देखा तो उसे रोकने को कहा। इसी बात पर आनंद की नायब तहसीलदार से कहासुनी हो गई तथा आनंद, मनोज धाकड़, मुकेश, आनंद व भरत धाकड़ व अन्य चार ने राजस्व अमले की लात-घूंसों से मारपीट शुरू कर दी।

उत्तर प्रदेश में भीषण रेल हादसा; डब्बे उतरे पटरी टूटी, सीएम ने दिया यह आदेश

उत्तर प्रदेश के गोंडा के पास को फ़ोन कर एक भीषण रेल हादसा हो गया जिसमें चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस के 14 डिब्बे पटरी से उतर जाने के कारण कम से कम दो लोगों की मौत हो गई जबकि 31 घायल हैं। दो गंभीर रूप से घायल यात्रियों को लखनऊ रेफर किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लेकर स्थानीय प्रशासन को प्रभावित यात्रियों की हरसंभव मदद का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि घायलों को सही चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो।

उत्तरी सीमांत रेलवे (एनएफआर) के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सब्यसाची डे ने बताया, ट्रेन नंबर 15904 चंडीगढ़ से बुधवार रात 11.59 बजे डिब्रूगढ़ के लिए रवाना हुई थी। बृहस्पतिवार को ट्रेन गोंडा रेलवे स्टेशन पर दोपहर 2.25 बजे पहुंची और 2.28 बजे यहां से निकली। गोंडा मुख्यालय से करीब 18 किलोमीटर दूर मोतीगंज-झिलाही बाजार के बीच 2.41 बजे ट्रेन बेपटरी होकर पलट गई। एक-एक करके 14 कोच पटरी से उतरकर पलटते गए।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, हादसे के बाद करीब 500 मीटर तक पटरी उखड़ गई। इलेक्ट्रिक लाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे की प्रारंभिक वजह बारिश के कारण पटरी के दोनों तरफ जलभराव होने से ट्रैक का बैठना बताया जा रहा है। हालांकि कुछ मीडिया समूहों ने ट्रेन के ड्राइवर के हवाले से बताया है कि उसने दुर्घटना से पहले धमाके की आवाज सुनी थी। हालांकि इसकी रेलवे ने पुष्टि नहीं की है। 24 कोच वाली ट्रेन के इंजन के बाद एसी के छह कोच लगे थे, जिनमें दो कोच पटरी से उतरकर पलट गए। इसके बाद एसी के चार अन्य कोच भी पलट गए। विभागीय सूत्रों के अनुसार हादसे के समय ट्रेन की रफ्तार करीब सौ किमी प्रतिघंटे से अधिक थी। राजधानी लखनऊ से करीब 150 किलोमीटर दूर यह दुर्घटना हुई है। दुर्घटना के तुरंत बाद आसपास के ग्रामीणों ने पलटे एसी कोच के शीशे तोड़कर अंदर फंसे यात्रियों को बाहर निकाला। कुछ ही देर में एसडीआरएफ, पुलिस व आरपीएफ के जवानों ने भी मोर्चा संभाल लिया।

पूर्वोत्तर रेलवे की महाप्रबंधक सौम्या माथुर ने घटनास्थल का जायजा लिया। उन्होंने दो रेल यात्रियों की मौत की पुष्टि करते हुए बताया कि मृतकों की शिनाख्त की जा रही है। हादसे में 31 रेल यात्री घायल हुए हैं, जिनमें दो की हालत गंभीर है। 26 घायलों को मनकापुर सीएचसी व तीन अन्य को सीएचसी काजीदेवर में भर्ती कराया गया है। नौ घायलों को गोंडा मेडिकल कॉलेज भेजा गया।

पूर्वोत्तर रेलवे ने जानकारी दी है कि पटरी से उतरी ट्रेन में फंसे यात्रियों को बस से गोंडा के पास मनकापुर स्टेशन लाया जा रहा है। उनके लिए मनकापुर से डिब्रूगढ़ तक रास्ते में स्टॉपेज के साथ एक विशेष ट्रेन की व्यवस्था की गई है। अभी तक हादसे की मूल वजह सामने नहीं आई है। ट्रेन के ड्राइवर के धमाके वाली बात और बाकी तथ्यों की जांच के बाद ही हता चलेगा कि यह ट्रेन बेपटरी क्यों हुई।

देखिए हादसे की दर्दनाक तस्वीरें

Play

मंत्री जी ने क्यों कहा सुरखी मेरा परिवार, मैं सुरखी के लिए समर्पित

मध्यप्रदेश लोकसभा चुनाव में सुरखी विधानसभा क्षेत्र से मिली 85 हजार से अधिक की प्रचंड जीत के लिए खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने सुरखी विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं का सम्मान समारोह आयोजित किया। इस सम्मान समारोह में सुरखी विधानसभा क्षेत्र के समस्त कार्यकर्ता, पदाधिकारी हजारों की संख्या में शामिल हुए। इस अवसर मंत्री श्री राजपूत द्वारा सभी कार्यकर्ताओं पर पुष्प वर्षा कर उनका सम्मान एवं स्वागत किया गया। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने कहा कि हमें आपकी मेहनत पर गर्व है आपकी मेहनत के कारण सुरखी विधानसभा क्षेत्र का नाम प्रदेश में रोशन हुआ है। सागर लोकसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी को मिली प्रचंड जीत का श्रेय मुख्य रूप से सुरखी विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं की मेहनत को जाता है जिन्होंने दिन-रात मेहनत करके सुरखी विधानसभा क्षेत्र से सर्वाधिक मत भाजपा प्रत्याशी डॉ लता वानखेड़े के लिए दिलाए हैं। इतना ही नहीं इंदौर के बाद सबसे अधिक मतों से सुरखी विधानसभा क्षेत्र प्रदेश में नंबर वन पर रहा है इंदौर में कांग्रेस प्रत्याशी मैदान में नहीं था जबकि सागर में कांग्रेस प्रत्याशी मैदान में था उसके बाद भी सुरखी विधानसभा क्षेत्रवासियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा भाजपा की जनकल्याणकारी योजनाओं को वोट देकर यह दिखा दिया कि सुरखी विधानसभा भाजपा के साथ है

साथ ही मंत्री जी ने कहा कि आप सभी हमारी असली ताकत हैं और हमें इस बात पर गर्व है कि आप जैसे मेहनती कार्यकर्ता हमारे साथ है हम सब आपके साथ क्षेत्र के विकास में दिन-रात मेहनत करेंगे यह मेरा संकल्प ही नहीं आप सबके लिए वचन भी है। सुरखी मेरा परिवार है, मैं सुरखी के लिए समर्पित हूं, सुरखी विधानसभा क्षेत्र का जितना आभार व्यक्त किया जाये उतना कम है, सुरखी विधानसभा की जनता जनार्दन का कोटि कोटि आभार व्यक्त करते हुए मंत्री श्री राजपूत ने सभी कार्यकर्ताओं का गर्मजोशी के साथ स्वागत एवं सम्मान किया। इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष गौरव सारोठिया ने सभी कार्यकर्ताओं का अभिनंदन करते हुए कहा कि कार्यकर्ता पार्टी की रीड की हड्डी है जिसके बल पर पार्टी चलती है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद लता वानखेड़े ने कहा कि मैं सुरखी विधानसभा क्षेत्रवासियों की हमेशा ऋणी रहूंगी जो उन्होंने इतनी बड़ी जीत दिला कर मुझे सांसद बनाया। आप सभी की सेवा के लिए मैं हमेशा तत्पर रहूंगी।


इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष हीरा सिंह राजपूत ने कहा कि सुरखी विधानसभा क्षेत्र हमारा परिवार है आप सभी के आशीर्वाद और मेहनत के कारण ही हम लोग आज यहां हैं हम सब आपकी सेवा में हमेशा तत्पर रहेंगे और क्षेत्र का विकास मिलकर करेंगे। इस अवसर पर मंत्री श्री राजपूत तथा सांसद डॉ. लता वानखेड़े ने सभी कार्यकर्ताओं पर पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत एवं सम्मान किया सभी कार्यकर्ताओं के साथ बैठकर भोजन किया। मंच का संचालन डॉ. सुखदेव मिश्रा ने किया एवं डॉ. वीरेन्द्र पाठक ने आभार व्यक्त किया। सभागार में स्थान कम होने के कारण सभागार के बाहर एलईडी लगाकर कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम देखा तथा कार्यक्रम के अंत में सभी लोग ने सामुहिक रूप से भोजन किये। कार्यक्रम में मुख्य रूप से वरिष्ठ भाजपा नेता हरिराम सिंह, संध्या भार्गव, रामेश्वर नामदेव, शैलेन्द्र श्रीवास्तव, जनपद अध्यक्ष जैसीनगर रामबाबू सिंह, रमेश चढ़ार, सुरखी नगर परिषद अध्यक्ष सीता ओमकार सिंह, अंत्योदय समिति सदस्य साहब सिंह, गोविंद सिंह बटयावदा, किसान मोर्चा अध्यक्ष धीरज सिंह, देवेन्द्र पप्पू फुस्केले, बिलहरा मंडल अध्यक्ष संतोष पटैल, सुरखी मंडल अध्यक्ष जगदीश लोधी, जैसीनगर मंडल अध्यक्ष हरनाम सिंह, राहतगढ़ मंडल अध्यक्ष अमित राय, सीहोरा मंडल अध्यक्ष कमल पटैल, महिला मोर्चा अध्यक्ष सपना दुबे, क्रांति पटैल, उर्मिला राजपूत, किसान मोर्चा उपाध्यक्ष अरविंद सिंह टिंकू राजा, मनीष गुरू, अनिल श्रीवास्तव, अंकू चौरसिया, गौरव गर्ग, सनिल सिंह, चन्द्रेश सिंह टीला सहित सुरखी विधानसभा क्षेत्र के हजारों कार्यकर्ता एवं पार्टी के पदाधिकारी शामिल हुए।

Play

यूपी में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस एक साथ मिलकर लड़ेंगे उपचुनाव,

0

उत्तर प्रदेश में 10 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने वाले हैं। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस और समाजवादी पार्टी एक साथ मिलकर उपचुनाव लड़ेगी। सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस समाजवादी पार्टी से चार सीटें मांग रही है। जो सींटे कांग्रेस मांग रही है उनमें मझवां, फूलपुर, मीरापुर और कुंदरकी सीट शामिल हैं। बताया जा रहा है कि जल्द समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच बैठक होगी, उसी बैठक के बाद तय हो जाएगा कि समाजवादी और कांग्रेस किन-किन सीटों पर उपचुनाव लड़ेगी ।
बता दे कि अखिलेश यादव से जब पूछा गया कि 

उपचुनाव में कांग्रेस को कितनी सीटें देंगे, उनका जवाब था कि इन सीटों से सरकार तो बनने नहीं जा रही हैं। उन्होने कहा कि कांग्रेस पार्टी जितनी सीटें मांगेउतनी दे दी जाएंगी।

बता दें कि यूपी उत्तर प्रदेश की जिन विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने वाले हैं उनमें से ज्यादातर सीटें विधायकों के सांसद बनने की वजह से खाली हुई है।वहीं, भरतीय जनता पार्टी के सामने यहां बेहतर प्रदर्शन कर संगठन को लोकसभा इलेक्शन में हुए नुकसान की हताशा से उबारने की बड़ी चुनौती है। हालांकि, समाजवादी पार्टी और कांग्रेस भी भारतीय जनता पार्टी को उपचुनाव में कड़ी टक्कर देनें की तैयारी में जुटे हुए हैं।

विधानसभा की किन-किन सीटों पर हो सकता है उपचुनाव 

बता दे कि जिन-जिन सीटों पर उपचुनाव होने हैं उनमें यूपी की फूलपुर, खैर, गाजियाबाद, मझवां, मीरापुर, मिल्कीपुर, करहल, कटेहरी और कुंदरकी के विधायक इस बार लोकसभा चुनाव जीतकर सांसद बन गए। यह 9 सीटें इस तरह खाली हुईं और दसवीं सीट सीसामऊ सपा विधायक इरफान सोलंकी की आपराधिक मुकदमे में सदस्यता रद्द होने की वजह से खाली है। इन सीटों पर उपचुनाव का ऐलान अभी नहीं हुआ है, लेकिन इनके लिए तैयारी मुख्य विपक्षी समाजवादी पार्टी के साथ ही सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ने भी शुरू कर दी है। 

टीम इंडिया के टी20 कप्तानी के लिए हार्दिक-सूर्या में छिड़ी जंग । कौन हो सकता है बेहतर कप्तान है

0

भारतीय क्रिकेट टीम के टी20 वर्ल्ड कप के चैंपियन कप्तान रोहित शर्मा अब कभी इस फॉर्मेट में कप्तानी करते नजर नहीं आएंगे। हिटमैन रोहित शर्मा ने टीम इंडियाको वर्ल्ड कप का ताज दिलाने के बाद ही टी20 इंटरनेशनल से संन्यास ले लिया है। जिसके बाद अब टीम इंडिया को नए टी20 कप्तान की तलाश है। भारतीय टीम का अगला टी20 कप्तान की तलाश है। भारतीय टीम का अगला टी20 कप्तान बनने के लिए रेस में 2 स्टार खिलाड़ी हार्दिक पंड्या और सूर्यकुमार यादव शामिल हैं।

हार्दिक पंड्या और सूर्यकुमार यादव के बीच कप्तानी के लिए छिड़ी जंग

टीम इंडिया के नए टी20 कप्तानी के लिए हार्दिक पंड्या और सूर्यकुमार यादव के बीच रेस बहुत ही रोचक हो गई है। इसमें हार्दिक पंड्या को टी20 कप्तानी का जबरदस्त माना जा रहा था, लेकिन अब सूर्यकुमार यादव से उन्हें कप्तानी के लिए कड़ी टक्कर मिलने लगी है। ऐसे में कप्तानी के लिए तो इन दोनों भारतीय खिलाड़ियोके बीच जंग छिड़ गई है। अब किसी कप्तानी मिलेगी, ये फैसला तो बोर्ड को लेना है, लेकिन चलिए हम आपको बताते हैं दोनों की कप्तानी के आंकड़ें… कौन है बेहतर

हार्दिक पंड्या ने जब आईपीएल में गुजरात टाइटंस को अपनी कप्तानी में 2022 में खिताब दिलाया तो इसके बाद उनको टीम इंडिया की कप्तानी भी सौंपी गई। उन्होंने रोहित शर्मा की गैरहाजिरी में कईं सीरीज में कप्तानी की है, जिसमें वो अब तक कुल 16 टी20 मैच में कप्तानी कर चुके हैं। हार्दिक की कप्तानी में भारत को 10 मैच में जीत हासिल हुई है, तो वहीं टीम इंडिया को 5 मैच में हार का सामना करना पड़ा। 1 मैच में नतीजा नहीं निकल सका।

वही सूर्यकुमार यादवको कप्तानी करने का मौका मिला है। उन्होंने पिछले साल वनडे वर्ल्ड कप के बाद टीम इंडिया के सीनियर खिलाड़ियों के आराम करने की वजह से टीम की कमान संभाली थीऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 2 टी20 सीरीज में कप्तानी करने का मौका मिला है। जिसमें सूर्या ने कुल 7 मैच में कप्तानी करते हुए टीम इंडिया को 5मैच में जीत दिलायी है, तो वहीं उनके नेतृत्व में 2 मैच में हार मिली है। भारत ने सूर्या के अंडर ऑस्ट्रेलिया को 4-1 से सीरीज में हराया था, तो वहीं दक्षिणअफ्रीका के साथ 1-1 से बराबरी की थी।

यूपी में नहीं होगा नेतृत्व बदलाव, योगी बने रहेंगे मुख्यमंत्री लेकिन होंगे कुछ बदलाव

0

यूपी का सियासी पारा चढ़ गया है. पिछले 24 घंटे में लखनऊ से लेकर दिल्ली तक बीजेपी नेताओं के बीच बैठक की गई है. यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य दिल्ली पहुंचे और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा से शाम को 1 घंटे तक मुलाकात की. जैसे ही बैठक खत्म हुई, जेपी नड्डा ने यूपी बीजेपी अध्यक्ष भूपेंद् ।

इधर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लखनऊ में अपने आवास पर मंत्रिमंडल के सहयोगियों के साथ बैठक की जिसमें आगामी विधानसभा उपचुनाव और राज्य के कई हिस्सों में आई बाढ़ जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई. सूत्रों के अनुसार, बैठक में प्रदेश के सभी कैबिनेट मंत्री और राज्य मंत्री मौजूद थे. बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने बताया, ‘बाढ़, विकास कार्यों और आगामी चुनावों पर चर्चा हुई.’ पिछले एक पखवाड़े में राज्य के 17 जिलों के 700 से अधिक गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं. वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा, ‘बैठक विशेष रूप से आगामी चुनावों पर चर्चा करने के लिए आयोजित की गई थी और हम उन सभी 10 विधानसभा सीटों पर जीत हासिल करेंगे जहां उपचुनाव होने हैं.’

योगी ने बनाई 30 मंत्रियों की अपनी टीम, दोनों डिप्टी सीएम के नाम नहीं।

सीएम योगी ने उपचुनाव के लिए 30 मंत्रियों की अपनी टीम बनाई है. सूत्रों के मुताबिक इस टीम में दोनों डिप्टी सीएम के नाम नहीं हैं. सीएम योगी की बैठक में समाजवादी पार्टी के PDA फॉर्मूला पर भी चर्चा हुई. पिछले लोकसभा चुनाव में जिस तरीके से समाजवादी पार्टी और इंडिया गठबंधन ने भ्रम फैलाया उसे भ्रम को भी तोड़ने पर बात की गई. सभी वर्ग के लोगों तक नेता और कार्यकर्ता के पहुंचने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्रियों को आदेश दिया.