Saturday, April 18, 2026
30.1 C
Delhi
Saturday, April 18, 2026
Home Blog Page 167

पीएम मोदी का आह्वान एक वृक्ष माँ के नाम, शिवसेना ने भी किया वृक्षारोपण

देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर पूरे देश में एक वृक्ष माँ के नाम कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसी कार्यक्रम के तहत शिवसेना ग्वालियर इकाई ने भी ग्वालियर आईएसबीटी कैम्पस में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मध्यप्रदेश सरकार के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर और विशेष अतिथि के रूप में स्मार्ट सिटी की सीईओ नीतू माथुर उपस्थित रहीं।

बता दें कि एक वृक्ष मां के नाम आह्वान देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा एक विशेष पहल के रूप में किया गया है। इस आह्वान के अंतर्गत मध्यप्रदेश में है। साढे पांच करोड पेड़ लगाए जाने हैं और इसी उद्देश्य को पूरा करने के लिए प्रदेश के के विंध जिलों में अलग-अलग स्तर पर। वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित में किया गया है । इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी सामाजिक और राजनीतिक संगठन भी आगे आए हैं। सभी ने में प्रधानमंत्री मोदी के इस आह्वान को पूरा करने के लिए बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया है।

इस अवसर पर शिवसेना ( एकनाथ शिंदे) ग्वालियर इकाई के प्रमुख महेंद्र इंगले ने बताया कि है पर्यावरण की सुरक्षा हम सभी के लिए बहुत आवश्यक है। यदि हमें पर्यावरण में संतुलन बनाए रखना है है तो ज्यादा से ज्यादा वृक्षारोपण करना होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने यह एक बहुत आवश्यक आह्वान देश की जनता से किया है और मैं समझता हूँ कि देश के हर एक नागरिक को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए इस आह्वान में शामिल होकर अपनी आहुति देकर ज्यादा से ज्यादा वृक्षारोपण करने का प्रयास करना चाहिए।

कलेक्ट्रेट की पहाड़ी पर हुआ सामूहिक वृक्षारोपण, कलेक्टर ने अपनी माँ के साथ रोपा सप्तपर्णी का पौधा

शासकीय सेवकों ने अपने परिजनों के साथ रोपे विभिन्न प्रजातियों के पौधे। कलेक्टर ने संदेश दिया कि सप्तपर्णी का पौधाकहा पौधे रोपकर अपनी अगली पीढ़ी को स्वच्छ पर्यावरण सौंपें

कभी तेज तो कभी रिमझिम बारिश के बीच कलेक्ट्रेट की सुरम्य पहाड़ी पर शासकीय सेवकों ने अपने परिजनों के साथ सामूहिक रूप से विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे। शासकीय सेवकों ने उत्साहपूर्वक पौधे रोपकर संदेश दिया कि ग्वालियर को हरीतिमा की चादर ओढ़ाने में हम सब भी कंधे से कंधा मिलाकर सहभागी बनेंगे। “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत आयोजित हुए इस सामूहिक पौधरोपण कार्यक्रम का शुभारंभ कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने अपनी माताजी श्रीमती मीना चौहान के साथ सप्तपर्णी का पौधा रोपकर किया। कलेक्ट्रेट की तलहटी से लेकर कलेक्ट्रेट के मुख्य प्रवेश द्वार तक के मार्ग पर दोनों ओर पौधे रोपने का काम शुक्रवार को किया गया।


कलेक्टर श्रीमती चौहान ने कहा कि ग्वालियर में अधिक गर्मी व कम वर्षा होने के पीछे पेड़ों की कमी एक प्रमुख वजह है। वर्तमान पर्यावरण में सुधार हो और आने वाली पीढ़ी को स्वच्छ पर्यावरण मिले, यह हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। इसलिए शासकीय सेवक भी अपने कार्यालय परिसर में ही नहीं घर के आस-पास व अन्य स्थानों पर भी पौधे रोपें और उनकी रक्षा करें। वृक्षारोपण का कार्य हर साल लगातार चलता रहना चाहिए। उन्होंने शासकीय सेवकों का आह्वान करते हुए कहा कि आप सब “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत वृहद स्तर पर वृक्षारोपण करें, जिससे समाज में पेड़ लगाने व उनकी रक्षा के प्रति सकारात्मक संदेश पहुँचे।
इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्रीमती अंजू अरुण कुमार व श्री टी एन सिंह व शहर के सभी एसडीएम सहित कलेक्ट्रेट में संचालित विभिन्न कार्यालयों में पदस्थ जिला स्तरीय अधिकारियों एवं अन्य शासकीय सेवकों ने अपने परिजनों के साथ विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे । इनमें पीपल, बरगद, आम, जामुन, सहजन, शीशम, कचनार व सप्तपर्णी सहित अन्य फलदार व छायादार प्रजातियों के पौधे शामिल हैं।

शासकीय सेवकों के लिये भी होगी जन-सुनवाई

शुक्रवार को कलेक्ट्रेट परिसर में “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत सामूहिक वृक्षारोपण के बाद कलेक्टर श्रीमती चौहान ने कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष में शासकीय सेवकों के साथ संवाद भी किया। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि आम आदमी की समस्याओं के निराकरण के लिए आयोजित हो रही जन-सुनवाई की तर्ज पर शासकीय सेवकों की समस्याओं के समाधान के लिये कलेक्ट्रेट में जल्द ही सुनवाई की जायेगी। इसमें शासकीय सेवकों की कार्यालयीन समस्याओं के निराकरण के साथ-साथ उनकी शासन-प्रशासन से संबंधित अन्य समस्याओं का समाधान करने के प्रयास किए जायेंगे। 

मध्य प्रदेश में पकड़ा गया दुर्दांत आतंकवादी, मुख्यमंत्री ने पकड़े जाने पर कही यह बात

मध्यप्रदेश में एक बार फिर बड़े आतंकवादी को पकड़ने में सफलता मिली है। एंटी टेररिसट स्क्वॉड ने इंडियन मुजाहिदीन के एक दुर्दांत अपराधी को खंडवा से गिरफ्तार किया है। आपको बता दें कि एटीएस काफी समय से कुछ गतिविधियों पर निगरानी रखी हुई थी जिसके के बाद खंडवा में इस आतंकवादी को गिरफ्तार किया गया है। यह आतंकवादी किसी बड़ी योजना की फिराक में था।मुख्यमंत्री ने आतंकवादी के पकडे जाने पर एटीएस की टीम को बधाई दी है।

ATS के अनुसार यह आतंकवादी लंबे समय से खंडवा। क्षेत्र में सक्रिय था और आने वाले समय में यह लॉन वुल्फ अटैक की तैयारी में था। इसके और साथियों के बारे में अभी कोई भी जानकारी नहीं मिली है लेकिन ऐसी आशंका जताई जा रही है। आतंकवादियों का एक गैंग मध्यप्रदेश के कुछ क्षेत्रों में ऐक्टिव है ।

सुनिए क्या कहना है मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव का इस आतंकवादी के बारे में

Play

मध्यप्रदेश बजट को लेकर सिंधिया ने कह दी यह बड़ी बात

मध्य प्रदेश में बजट पेश होने को लेकर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एक बड़ा बयान दिया है उन्होंने कहा है कि मध्य प्रदेश का बजट एक जनहित का बजट है, साथ ही उन्होंने इस बजट को विकासशील बजट है, प्रगतिशील बजट है, हमारे सभी क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है, चाहे शहरी क्षेत्र हों ग्रामीण क्षेत्र हो शिक्षा हो स्वास्थ्य हो, हरेक विभाग के बजट में बढ़ोत्तरी की गई है।

साथ ही ज्योतिरादित्य सिंधिया ने विश्वास व्यक्त किया है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव जी के नेतृत्व में प्रदेश का चौगुना विकास हम लोगो का संकल्प है। मैं उनको बधाई देना चाहता हूं, बहुत अच्छा बजट उन्होंने पेश किया है। प्रदेश की जनता का विकास सुनिश्चित होगा।

4 लाख नौकरियां देने के वादे पर केंद्रीय मंत्री सिंधिया बोले
औद्योगिकीकरण के आधार पर और नए निवेश के आधार पर नौकरियां भी उपलब्ध हो जाएंगी, और पूरे मध्य प्रदेश में एक नई क्रांति कृषि एवं औधोगिक क्षेत्र में भी जरूर आएगी,

औधोगिक निवेश की जिम्मेदारी मिलने पर सिंधिया ने कहा,
हर जिम्मेदारी को मैं महत्त्वपूर्णता से लेता हूं,
और पूरी तरह से निभाने की कोशिश करता हूं,

ज्योतिरादित्य सिंधिया केंद्रीय मंत्री को सुनिए कि क्या कहना है उनका मध्यप्रदेश बजट के बारे मे

Play

करोड़पति कचरा कपड़ा व्यापारी बन गया कचरा सेठ अनोखे शोक से घरवाले भी परेशान

आपने बॉलीवुड की मशहूर फिल्म हंगामा में एक किरदार देखा होगा कचरा सेठ। कचरा सेठ जो करोड़पति था लेकिन कचरा सेठ के नाम से फिल्म में उसका किरदार मशहूर थाश लेकिन यदि हम आपको कहें कि असल जिंदगी में भी एक करोड़पति सेठ है जो कचरा सेठ के नाम से पूरे शहर में जाना जाता है तो शायद आप चौंक जाएं। लेकिन चौकिंए नहीं यह हकीकत है। यह हकीकत है मध्यप्रदेश के मुरैना जिले के एक कपडा व्यापारी की, जो है तो करोडपति लेकिन उसे घर में कचरा इकट्ठा करने का शौक है और कचरा भी कोई एक दो बोरी नहीं तनों कचरा जिसको फेंकने के लिए जेसीबी का सहारा लेना पड़ता है ट्रोलियां भर कर कचरा उसके घर से निकलता है।

दरअसल मुरैना के कपड़ा व्यापारी योगेश गुप्ता के परिवारजनों और पड़ोसियों ने वार्ड 23 के पार्षद से शिकायत की थी कि योगेश गुप्ता के घर में काफी सारा कचरा जमा किया हुआ है जिससे बदबू फैल रही है और लोग बीमार हो रहे हैं। शिकायत पर जब नगर निगम अमला पहुंचा तो वह देखकर हैरान रह गया। उसे मशीनों का प्रयोग कर कचरा घर के बाहर फेंकना पड़ा। जब कचरा घर के बाहर फेंका तो गली में इतना कचरा इकट्ठी हो गया। के उसे उठाने के लिए जेसी भी बुलानी पड़ी और जब जेसीबी ने कचरा उठाकर ट्रॉलियों में भरा तो 4 ट्रोली कचरा नगर निगम को वहां से फेंकना पड़ा। इस कचरे में फटे पुराने कपड़े प्लास्टिक का सामान वो तमाम ऐसी चीजें थी जिनका कोई उपयोग नहीं है।

यह पहला मामला नहीं है जब इस व्यापारी के घर से ढेर सारा कचरा निकला हो। इससे पहले 2022 में भी योगेश गुप्ता के घर पर कचरा पर जमा होने की शिकायत थी जिसमें नींबू आम के छिलके और तमाम नारियल के छिलके और तमाम गंदगी घर में भरी हुई थी जिसकी बदबू से अडोसी पडोसी परे परेशान थे उस समय भी शिकायत करने पर जब नगर निगम अमला पहुंचा था तो इस व्यापारी के घर से लगभग 12 ट्रोली कचरा निकाला गया था। इस व्यापारी को कचरा इकट्ठा करने का ऐसा शौक है कि यदि यह कहीं बाहर भी व्यापार के लिए जाता है तो वहां से भी फटे पुराने कपड़े और कचरा अपने बैगों में भर लाता है। जब यह व्यापारी कामकाज के लिए दिल्ली जाता है तो वहाँ से भी कपड़ों का कचरा अपने बैगों मे भर लाता है।

मनोचिकित्सकों का मानें तो यह एक प्रकार का मनोरोग है जिसमें किसी व्यक्ति को होर्डिंग हैबिट डेवलप हो जाती है। बचपन से ही उसको हर चीज़ काम की ओर उपयोगी लगने लगती है जिसको वह इकट्ठा करने लगता है उसे उस वस्तु को फेंकने का मन नहीं होता है और कहीं न कहीं उस वस्तु के उपयोग की आस में वह धीरे धीरे। ढेर सार या कचरा इकट्ठा कर लेता है।

बजट में युवा, गरीब, महिला, किसान सहित सभी वर्गों का रखा गया है ध्यान – मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वर्ष 2024-25 के बजट के लिए प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रदेश में पहली बार 03 लाख 60 हजार करोड़ से अधिक की राशि का बजट प्रस्तुत किया गया है। बजट की यह विशेषता है कि इसमें किसी प्रकार का कोई टैक्स नहीं लगाया गया है। किसी भी विभाग की अपेक्षित राशि को कम नहीं किया गया, अपितु सभी विभागों के आवंटन में वृद्धि की गई है। “विकसित भारत-विकसित मध्यप्रदेश’’ की थीम पर प्रस्तुत बजट में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अपेक्षा अनुसार जीडीपी की ग्रोथ को सुनिश्चित करते हुए आगामी पाँच वर्षों में बजट का आकार दोगुना किया जाएगा। बजट में सभी वर्गों विशेषकर युवा, गरीब, महिला, किसान आदि का ध्यान रखा गया है। आईटी सहित नवीन तकनीक के क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देते हुए प्रशासनिक सेवाओं में प्रदेश के युवा अधिक से अधिक संख्या में आए, इस उद्देश्य से उन्हें प्रोत्साहन व प्रशिक्षण उपलब्ध कराने तथा प्रदेश में उनका योगदान बढ़ाने के लिए दीर्घगामी योजना पर कार्य होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव वर्ष 2024-25 के बजट के संबंध में विधानसभा स्थित मीडिया सेंटर में मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जो विद्यार्थी छात्रावासों में अध्ययनरत हैं, उनके लिए भी बजट में विशेष व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में दुग्ध उत्पादन के प्रोत्साहन के लिए बजट में पर्याप्त धन राशि की व्यवस्था की गई है। गौ-शालाओं के लिए भी पर्याप्त राशि का प्रावधान किया गया है। औद्योगिक विकास के लिए बजट प्रावधान में 40 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। भारी उद्योग, एमएसएमई और कुटीर उद्योग सहित स्व-सहायता समूह के लिए भी बड़ी राशि का प्रावधान किया गया है। स्थायी प्रकृति के निर्माण कार्य जैसे स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, सड़क, एक्सप्रेस-वे पर विशेष ध्यान होगा। महाकौशल, चंबल, विंध्य, मालवा, आदि की सीधी कनेक्टिविटी राजधानी से जुड़े, इस उद्देश्य से पर्याप्त व्यवस्था करते हुए वित्तीय तरलता का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सिंहस्थ का वृहद स्तर पर आयोजन होने वाला है। उज्जैन में होने वाला सिंहस्थ भव्य और दिव्य होता है। सिंहस्थ के लिए इंदौर एवं उज्जैन संभाग के 13 जिलों के देव-स्थानों पर पर्याप्त व्यवस्था के उद्देश्य से टोकन राशि के रूप में 500 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वरिष्ठ नागरिक प्रदेश की थाती हैं, उनके लिए विशेष योजना आरंभ की जा रही है। अन्य प्रदेशों या विदेशों में कार्यरत युवाओं के माता-पिता की देखरेख के लिए नगरीय क्षेत्र में ऐसी सोसायटियों को प्रोत्साहित किया जाएगा, जहाँ वरिष्ठ नागरिकों के लिए चिकित्सा सुविधा सहित सभी आवश्यक व्यवस्था हो। इस दिशा में आगे आने वाले प्रायवेट सेक्टर को राज्य शासन की ओर से सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में रिकार्ड संख्या में पर्यटक पधारे हैं। धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ हैरिटेज टूरिज्म, वन पर्यटन में पर्याप्त गतिविधियां हैं। इसके साथ-साथ एजुकेशन व हेल्थ टूरिज्म को प्रोत्साहित करने के लिए राशि का प्रावधान किया गया है। प्रदेश में “श्रीअन्न’’ उत्पादन क्षमता देश में सर्वाधिक है। इसे प्रोत्साहन देने के लिए भी व्यवस्था की गई है। डिण्डौरी में “श्रीअन्न अनुसंधान केन्द्र’’ खोला जा रहा है। इसी प्रकार दलहन अंतर्गत चना अनुसंधान केन्द्र मालवा में, सरसों अनुसंधान केन्द्र चंबल में खोला जाएगा। गौ-वंश संबंधी अपराधों को बढ़ावा नहीं मिले, इसके लिए कठोर कार्रवाई के साथ-साथ गौ-वंश को प्रोत्साहन देने के लिए राज्य शासन ने इस वर्ष को गौ-वंश रक्षा वर्ष घोषित किया है। राज्य सरकार की जन-कल्याणकारी योजनाओं के परिणामस्वरूप दो करोड़ 30 लाख से अधिक लोग गरीबी रेखा के बाहर आए हैं। प्रदेश में रोजगारपरक योजनाओं को लागू करते हुए सामान्यजन के बेहतर जीवन के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्यरत रहेगी।

भ्रष्ट महिला इंजीनियर निधि मिश्रा को लोकायुक्त ने 60 हजार की रिश्पद लेते पकड़ा

भ्रष्ट महिला इंजीनियर निधि मिश्रा 1000000 का बिल पास कराने के एवज में मांग रही थी। ठेकेदार से साठ हजार , जिसकी शिकायत शिकायतकर्ता ठेकेदार ने लोकायुक्त से सबूत के साथ की और लोकायुक्त की टीम ने भी भ्रष्ट महिला इंजीनियर निधि मिश्रा को रंगे हाथों पकड़ लिया। ठेकेदार ने 2020 में जल जीवन मिशन योजना के तहत घट्टिया तहसील के गांवों में दो टंकी और नल-जल योजना का काम किया था। इसका बिल पिछले चार सालों से अटका हुआ था। ठेकेदार ने बताया कि कोविड-19 महामारी के कारण काम में चार महीने की देरी हो गई थी, जिसके चलते पीएचई विभाग ने बिल रोक दिया था। ठेकेदार ने कई बार विभाग के गऊघाट ऑफिस में संपर्क किया, जहां सहायक यंत्री निधि मिश्रा ने 60,000 रुपये की रिश्वत की मांग की। 1 जुलाई को ठेकेदार ने लोकायुक्त से इसकी शिकायत की। लोकायुक्त एसपी ने शिकायत की जांच कराई और महिला अधिकारी को रंगे हाथ पकड़ने का प्लान बनाया। 

वीडियो में देखिए कि किस तरह रंगे हाथों पकड़ा गई बेस्ट महिला इंजीनियर और को फ़ोन कर क्या है शिकायतकर्ता का कहना

Play

एयरटेल ठेकेदारों को नगर निगम की खुली छूट, ‘ग्वालियर’ को बना दो ‘गड्ढापुर’

बरसात के मौसम में ग्वालियर की जनता वैसे ही परेशान है क्योंकि यहां पर किसी भी और निकल। आइए हर सडक पर गड्ढई दिखाई देते हैं और जब जलभराव हो जाता है तो गड्ढे कहां होते हैं को कहा नहीं। वाहन चालकों को वाहन निकलना मुश्किल हो जाता है और पैदल चलने वालों को पैदल निकलना इस तरह के हालात होने के बावजूद भी। नगर निगम की लापरवाही का आलम यह है के कंपनी के ठेकेदारों को नियम विरुद्ध सड़कों पर गड्ढा खोदने की छूट दे रखी है।

मामला इंद्रमणि नगर मेला ग्राउंड के पीछे का है जहाँ के लिए एयरटेल के द्वारा सी की लाइन बिछाने के लिए गड्ढे खोदे गए हैं। इन गड्ढे खोदने में टेल कंपनी के ठेकेदारों द्वारा नगर निगम द्वारा दी गई शर्तों का पूरी तरह उल्लंघन किया जा रहा है हैऔर इसके बावजूद भी नगर निगम के जिम्मेदार आंख मूंदे बैठे हैं। मंजूरी की शर्तों के अनुसार यह गड्ढे खोदने का काम रात को किया जाना था लेकिन दिन में ही यह काम चल। रहा है।मंजूरी की एक और शर्त के अनुसार गड्ढे खोदने के बाद लाइन डलने के बाद गड्ढों को तुरंत भरकर जगह को रोलर से समतल किया जाना था जो नहीं किया गया हैै। काम किए जाने वाली साइट पर कोई बैरिकेट या नोटिस बोर्ड भी नहीं लगाए गए हैं जिससे वहां के राहगीरों को गड्ढों के बारे में जानकारी हो। अब यह गड्ढे रात के समय किसी बड़ी घटना का कारण बन सकते हैं। 

नीचे दी गयी शर्तों पर मिली है मंजूरी जो तीस जून को खत्म हो चुकी है

इस मामले में सबसे बड़ा गड़बड़ झाला तो यह है के जिन शर्तों पर नगर निगम ने एअर टेल के ठेकेदारों को मंजूरी दी है। वह आदेश निकले दो माह हो चुके हैं। और मंजूरी की शर्त में साफ कहा गया है कि दो माह के भीतर आपको यह काम करना है और यह दो माह 30 जून को ही खत्म हो चुके हैं। और समय सीमा निकल जाने के बाद भी नगर निगम के जिम्मेदारों के संरक्षण में दो जुलाई को भी यह काम खुले आम चल रहा है। किसी मोहल्ले में केवल छज्जा या छोटी सी दीवार बनाने पर भी का हवाला देकर काम रुकवा देने वाला नगर निगम यहाँ अपनी आँखें मूंदकर कैसे बैठा है? इतना बडा काम भी सडक पर दिनदहाडे कैसे हो रहा है? यह सवाल खडे करता है कि नगर निगम की संलिप्तता भी इस कार्य में कहीं न कहीं है या फिर यह काम किसी सत्ताधारी नेता के संरक्षण में हो रहा है। इस वजह से नगर निगम के अधिकारी हाथ पर हाथ धरे।खामोश बैठे हैं। कारण कुछ भी हो लेकिन कल को इन गड्ढों की वजह से कोई हादसा होता है तो उसकी गाज नगर निगम के छोटे कर्मचारियों पर ही गिरेगी। बडे मगरमच्छ बचकर निकल जाएंगे और जिन माननीयों का संरक्षण है उनका तो नाम भी जनता के सामने नहीं आएगा। कुल मिलाकर नगर निगम के जिम्मेदार करो अधिकारियों और इनको संरक्षण देने वाले के माननियों और इनको आर्थिक रूप से पोषित करने वाले ठेकेदारों के संरक्षण में ग्वालियर गड्ढापुर बनता जा रहा है। 

गड्ढों की हकीकत देखने के लिए नीचे वीडियो लिंक को क्लिक करे

Play

शिविर में स्वयं रक्तदान कर कलेक्टर ने दिया जीवन बचाने का संदेश

रक्तदान कर हम दूसरों को नया जीवन देने में सहभागी बनते हैं। इसलिए सभी को रक्तदान करना चाहिए। कोई भी स्वस्थ व्यक्ति हर तीन माह में रक्तदान कर सकता है। रक्तदान के बाद मानव शरीर में ताजा और शुद्ध रक्त का निर्माण होता है। यह बात कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने शहर की रोटरी क्लब ग्वालियर की विभिन्न शाखाओं के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुए रक्तदान शिविर में कही।

कलेक्टर श्रीमती चौहान ने रक्तदान कर इस शिविर का शुभारंभ किया। साथ ही शहरवासियों को लोगों की जिंदगी बचाने के लिये बढ़चढ़कर रक्तदान करने का संदेश दिया। जीवाजी क्लब ग्वालियर में आयोजित हुए इस रक्तदान शिविर में रोटरी क्लब की विभिन्न शाखाओं से जुड़े सेवाभावी नागरिकों ने 129 यूनिट रक्तदान किया। इसमें से 103 यूनिट जयारोग्य समूह के ब्लड बैंक और 26 यूनिट जिला चिकित्सालय मुरार को सौंपी गई।

इस अवसर पर श्रीमती चौहान ने रोटेरियन के साथ पौधरोपण भी किया। साथ ही आह्वान किया कि शहर के पर्यावरण को बेहतर बनाने के लिये शहरवासी वृक्षारोपण के लिये आगे आएँ। जिला प्रशासन से वृक्षारोपण में हर संभव सहयोग मिलेगा। इस अवसर पर रोटरी क्लब के पदाधिकारी एवं सेवाभावी नागरिक मौजूद थे।

सड़क से सदन तक नर्सिंग घोटाले की गूंज, घोटाले के विरोध में कांग्रेस के तेवर सख्त

मध्यप्रदेश में जिस तरह से मानसून का धमाकेदार आगाज हुआ है ठीक उसी तरह विधानसभा का मानसून सत्र भी धमाकेदार तरीके से ही शुरू हुआ। सत्र के पहले ही कांग्रेस हंगामा के मूड में दिखाई  दी। कांग्रेस विधायकों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि इस बार की विधानसभा आसान  होने वाली नहीं है। सदन की कार्रवाई शुरु होने से पहले ही कांग्रेस के सभी विधायक विधानसभा परिसर स्थित गांधी की प्रतिमा के पास नर्सिंग एप्रिन पहन कर पहुंचे। सभी विधायक एप्रिन पहनने के साथ ही गले में नर्सिंग घोटाले की चिट लगाकर सदन में दाखिल हुए। इस मामले में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि प्रदेश में बड़ा नर्सिंग घोटाला हुआ है और पूर्व चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग की देख रेख में पूरा घोटाला किया गया है लिहाजा इतने बड़े घोटाले की जांच चल रही है तो नैतिकता के आधार पर भाजपा सरकार को विश्वास सारंग का इस्तीफा लेना चाहिए।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने साफ कर दिया है कि जब तक विश्वास सारंग का इस्तीफा नहीं हो जाता है, तब कांग्रेस की तरफ से विरोध प्रदर्शन का दौर जारी रहेगा। वहीं कांग्रेस के जवाब में राज्य मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने कहा कि कांग्रेस विधायकों को कुछ नहीं आता। उन्हें अभी बहुत सीखने की जरुरत है। जब मामला सीबीआई के पास है और उसमें जांच चल रही है तो इंतजार करें कुछ दिनों में सब दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। लेकिन कांग्रेस नेताओं ने इस दौरान कहा कि सीबीआई भी तरीके से जांच नहीं कर रही है। सीबीआई के ही कई अफसर इसी मामले में जेल में है। सरकार को इस मामले को लेकर पूर्व जजों की एक कमेटी बनाने चाहिए जिसमें शिकायतकर्ता को भी शामिल करना चाहिए।

कांग्रेस ने मप्रदेश के सभी जिलों में भी जिला स्तर पर कलेक्ट्रेट का घेराव और प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम  ज्ञापन दिया जिसमें उन्होंने नर्सिंग घोटाले की जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की और साथ में विश्वास सारंग के इस्तीफे की भी मांग की। सड़क से सदन तक इस समय मध्यप्रदेश में माहौल गरमाया हुआ है और नर्सिंग घोटाला और नीट घोटाले को लेकर एक ओर जहां कांग्रेस सड़कों पर प्रदर्शन कर रही है तो वहीं सदन में भी घमासान मचाने की पूरी तैयारी में है।

देखिए कांग्रेस ने सड़कों पर किस?तरह किया प्रदर्शन

Play