गुना मध्य प्रदेश: मध्यप्रदेश में अराजकता और कानून से खेलने का टशन इस तरह हावी है कि अब लोग आम जन तो क्या पुलिसकर्मियों के साथ भी बर्बरता और मारपीट करने पर उतारू हैं। लगता है कि उनमें कानून का डर पूरी तरह खत्म हो चुका है। ताजा मामला गुना से सामने आया है जहाँ पुलिसकर्मियों को आँख में मिर्ची डाल कर हाईवे तक दौड़ा दौड़ा कर पीटा गया। पुलिसकर्मियों की गलती सिर्फ इतनी थी कि उन्होंने घर से भागकर शादी करने वाले प्रेमी युगल को संरक्षण दिया था जो कानूनन सही भी था लेकिन लड़की के परिजन पुलिस पर आक्रोशित हो गए और कानून से खिलवाड़ करते हुए पुलिसवालों के साथ जमकर मारपीट की।
जिले के बीनागंज क्षेत्र के ग्राम पैंची में सोमवार को कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ गईं। प्रेम विवाह के एक मामले में उपजे विवाद ने इतना हिंसक रूप ले लिया कि उग्र भीड़ ने पुलिस टीम पर ही जानलेवा हमला कर दिया। उपद्रवियों ने न केवल एक आरक्षक को बंधक बनाकर उसके साथ मारपीट की, बल्कि उसे बचाने पहुंची पुलिस और एसएएफ की टीम को नेशनल हाईवे-46 पर दौड़ा-दौड़ा कर लाठी-डंडों और पत्थरों से पीटा। इस दुस्साहसिक हमले में पुलिसकर्मियों की आंखों में मिर्ची तक झोंक दी गई, जिससे कई जवान गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घटना के बाद दो घायल पुलिसकर्मियों को जिला अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है।वहीं बीनागंज हाईवे पर भारी मात्रा में जिलेभर का पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
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पूरा मामला एक प्रेमी युगल को सुरक्षा देने से जुड़ा हुआ है। मोहम्मदपुर निवासी लोधा समाज की एक युवती मीना समाज के युवक के साथ गायब हो गई थी। उन्होंने 1 जनवरी को भागकर प्रेम विवाह कर लिया था। सोमवार को युवती के परिजन और समाज के लोग बीनागंज चौकी पहुंचे और युवती को सौंपने की मांग करने लगे। चूंकि युवती बालिग थी और उसने अपनी मर्जी से शादी की बात कहते हुए सुरक्षा की मांग की थी, इसलिए पुलिस ने उसके बयान दर्ज कर उसे वन स्टॉप सेंटर भेज दिया। इसी बात से नाराज होकर लोधा समाज के करीब आधा सैकड़ा लोग वापस लौटते समय उग्र हो गए।
उग्र भीड़ ने पैंची के पास नेशनल हाईवे-46 पर चक्काजाम करने का प्रयास किया और लडक़े के घर में आग लगाने की धमकी देने लगे। जब एक आरक्षक ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो ग्रामीणों ने उसे पकड़कर बंधक बना लिया और मारपीट शुरू कर दी। सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी के साथ एसएएफ के आधा दर्जन जवान मौके पर पहुंचे, लेकिन वहां पहले से तैयार भीड़ ने उन पर धावा बोल दिया। एसएएफ जवान नवाब सिंह ने बताया कि हमलावरों ने अचानक आंखों में मिर्ची पाउडर झोंक दिया, जिससे जवानों को कुछ दिखाई नहीं दिया। इसी का फायदा उठाकर भीड़ ने लाठी, डंडों और पत्थरों से जवानों को लहूलुहान कर दिया। हमला इतना भीषण था कि पुलिसकर्मियों को अपनी जान बचाने के लिए हाईवे पर भागना पड़ा।
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पुलिस पर हुए इस सीधे हमले के बाद प्रशासन सख्त रुख अपना रहा है। घटना की जानकारी मिलते ही जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस अब वीडियो फुटेज और साक्ष्यों के आधार पर हमलावरों की पहचान कर रही है। कानून को हाथ में लेने वाले और वर्दी पर हाथ उठाने वाले आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। लेकिन यह घटना एक बार फिर यह सवाल छोड़ गई है कि मध्य प्रदेश में जब कानून की रक्षा करने वाले पुलिसकर्मी ही सुरक्षित नहीं हैं तो आमजन अपने सुरक्षा की कल्पना कैसे करें? और मध्य प्रदेश में कानून का खौफ लोगों के मन से खत्म क्यों होता जा रहा है?
