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मोदी की मेट्रो इस शहर में साइकिल से स्लो, धमाल से ज्यादा मजेदार कॉमेडी

भोपाल मेट्रो की फुल स्पीड 90Km प्रतिघंटा तक है। जब ट्रायल हुए, तब इसी रफ्तार से मेट्रो ट्रैक पर दौड़ाई गई थी, लेकिन वर्तमान में यह 20 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से ही चल रही है। इसकी मुख्य वजह कम दूरी पर मेट्रो स्टेशन बनाए जाना है।

भोपाल मध्य प्रदेश: भोपाल में अभी हाल ही में शुरू की गई मेट्रो साइकल से भी स्लो चलती है।जी हां साइकिल से भी स्लो और इतनी स्लो की थोड़ा बहुत नहीं दुगने और तिगुने समय का अंतर है। और यह हम कह रहे हैं दैनिक भास्कर डिजिटल की उस खबर के अनुसार जिसमें उन्होंने रियलिटी चेक किया है। उनके एक रिपोर्टर ने मेट्रो में बैठकर और दूसरे ने साइकिल पर बैठकर दो किलोमीटर की दूरी मेट्रो से तय की तो उसमें सात मिनट लगे जबकि साइकिल से वही दूरी तीन मिनट में पूरी कर ली गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अभी हाल ही में इसी साल बीस दिसंबर को वर्चुअली भोपाल मेट्रो के पहले चरण (ऑरेंज लाइन के सुभाष नगर से AIIMS तक के खंड) का उद्घाटन किया, जिसके बाद 21 दिसंबर 2025 से यात्रियों के लिए वाणिज्यिक सेवाएं शुरू हुईं। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भी इस मौके पर मौजूद रहकर मेट्रो को हरी झंडी दिखाई थी। 

भोपाल मेट्रो की फुल स्पीड 90Km प्रतिघंटा तक है। जब ट्रायल हुए, तब इसी रफ्तार से मेट्रो ट्रैक पर दौड़ाई गई थी, लेकिन वर्तमान में यह 20 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से ही चल रही है। इसकी मुख्य वजह कम दूरी पर मेट्रो स्टेशन बनाए जाना है। ऑरेंज लाइन के प्रायोरिटी कॉरिडोर सुभाषनगर से एम्स तक कुल 8 में से एक भी स्टेशन ऐसा नहीं है, जिसकी दूरी 1 किमी भी हो। ऐसे में मेट्रो की स्पीड ही नहीं बढ़ पाती। अब सवाल यह उठता है कि यदि स्टेशन के बीच की दूरी ही इसका कारण है तो फिर इसका समाधान क्या है और यदि यही तकनीकी कारण है तो फिर मेट्रो बनाये जाने से पहले इस पर समाधान क्यों नहीं किया गया और यदि इसका समाधान हो ही नहीं सकता तो फिर मेट्रो का शहर के नागरिकों को फायदा ही क्या? 

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सुबह 10.50 बजे सुभाषनगर स्टेशन से सुबह 10.55 बजे मेट्रो की शुरुआत का शेड्यूल है, जो 11.02 बजे डीबी मॉल स्टेशन पहुंचती है। इसलिए भास्कर की एक टीम सुबह 10.50 बजे डीबी मॉल स्टेशन पर पहुंच गई। टिकट काउंटर पर पहुंचे और 2 टिकट लिए। फिर उस हिस्से में पहुंचे, जहां से मेट्रो में सफर शुरू होता है। ठीक 11.02 बजे मेट्रो स्टेशन पर पहुंच गई। मेट्रो चली और अगला स्टेशन एमपी नगर आया, जिसे 1 किमी की दूरी तय करने में 4 मिनट लगे। इसके बाद अगला स्टेशन रानी कमलापति आया। जहां ठीक 11.09 बजे मेट्रो रुकी। 2 किमी का सफर 7 मिनट में पूरा हुआ, जबकि टिकट लेने से लेकर सफर तक में 19 मिनट बीत चुके थे। अब रानी कमलापति स्टेशन से बाहर निकलने की बारी थी। चूंकि, ज्यादा भीड़ नहीं थी। इसलिए 3 मिनट में बाहर निकल गए। इस तरह मेट्रो में सफर, स्टेशन आने-जाने में कुल 22 मिनट का वक्त लग गया।

दैनिक भास्कर ने टाइमलाइन के साथ पूरा मेट्रो और साइकिल द्वारा तय की गई पूरी यात्रा का वर्णन किया और बाकायदा इसकी वीडियोग्राफी भी की है। दिल्ली मेट्रो इस बात के लिए जानी जाती है कि वह कम समय में और किफायती दामों पर आपको यात्रा सुविधा उपलब्ध कराती है। यही वजह है कि दिल्ली के आम और खास इस समय मेट्रो का उपयोग करते हैं। लेकिन इसके विपरीत आप भोपाल मेट्रो में आइए स्लो गति से घूमने का आनंद लीजिए।यदि घूमने के लिए आए हैं तो ही इसमें बैठिए।लेकिन यदि आपको कम समय में कहीं पहुंचना है तो बेहतर है कि साइकिल ले लीजिए और कम समय में अपनी मंजिल पर पहुँचिए। 

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Gajendra Ingle
Gajendra Inglehttp://theinglespost.com
The author is founder Editor of this news portal. He has long experience of journalism. He has deep expertise on political and social issues.
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