भिंड मध्यप्रदेश: इस समय पूरे देश में चैत्र नवरात्र चल रहे हैं। यह भी हकीकत है कि चाहे नवरात्र हो लेकिन कन्या भ्रूण हत्या एक कलंक की तरह इन दिनों में भी चलता है। यदि मध्यप्रदेश में लिंगानुपात की बात करें तो भिंड की हालत बहुत बदतर है और यहां पर कन्या भ्रूण हत्या के मामले बहुत अधिक हैं। भिंड पर लगे इस कलंक को मिटाने के लिए भिंड जिला पंचायत अध्यक्ष कामना सिंह भदौरिया ने एक अनूठी पहल शुरू की है। नवरात्र में नौ दिन उन्होंने कक्षा 7 से 11वीं तक की छात्राओं का चयन किया है और हर दिन एक बेटी को अपनी जिला पंचायत की कुर्सी संभालने का मौका दिया है। उनका मानना है कि उनकी इस अनूठी पहल से भिंड के लिंगानुपात का जो बड़ा अंतर है, उसमें कमी आएगी।
भिंड में लिंगानुपात का अंतर बहुत ज्यादा है। और शासन के तमाम प्रयास अभी तक बहुत ज्यादा अंतर नहीं ला पाए हैं। वर्तमान में कामना सिंह भदौरिया भिंड जिला पंचायत की अध्यक्षता हैं। उन्होंने यूके से एमबीए किया है और यह बात साबित कर दी है कि एक महिला चाहे तो सफलता की कहानियाँ लिख सकती हैं, कामना सिंह भदौरिया ने नवरात्र के 9 दिन अपनी कुर्सी क्षेत्र की बेटियों को सौंप दी है। उनका कहना है कि प्रशासनिक और राजनीतिक क्षेत्र में लड़कियों की सक्रिय भागीदारी का रुझान बढ़ा है। और उनके इस प्रयास से पूरे क्षेत्र में यह संदेश जाएगा और एक सकारात्मक बदलाव की दिशा में उनका यह प्रयास एक मिसाल बनेगा।
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उनके इस अनूठे प्रयास के अंतर्गत नवरात्र के पहले दिन कक्षा 7वीं की छात्रा मानवी गुर्जर को जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठने का मौका मिला। दूसरे 9वीं की छात्रा अयाति शर्मा ने यह पद संभाला और तीसरे दिन कक्षा 10वीं की छात्रा विधि भधौरिया ने जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी संभालकर प्रशासनिक कार्यों की जानकारी ली। पूरा कार्य बिलकुल विधिवत तरीके से हुआ। यह छात्राएं। जब कार्यालय पहुंची तो उनका स्वागत किया गया। विधि को जल गंगा संवर्धन अभियान की जानकारी दी गई।विधि ने बिजली कंपनी के इंजीनियर नितिन डोंगरे के साथ विभागीय कार्यों की समीक्षा भी की। इस दौरान स्थानीय विधायक बन्नाबीन एवं नवीनीकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने वीडियो कॉल के माध्यम से विधि से बातचीत कर उन्हें बधाई भी दी।
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आपको बता दें कि कामना सिंह भदौरिया जिला पंचायत भिंड में वर्तमान में अध्यक्ष हैं। उन्होंने इंग्लैंड के लैंकेस्टर यूनिवर्सिटी से एमबीए किया है और वापस अपने शहर में आकर हमेशा महिलाओं के उत्थान के लिए प्रयासरत रही। उनका कहना है कि नवरात्र के अवसर पर कुछ अलग और प्रेरणादायी करने के उद्देश्य से उन्होंने यह पहल शुरू की है। इसका उद्देश्य बेटियों में नेतृत्व क्षमता विकसित करना आत्मविश्वास बढ़ाना, राजनीतिक समझ पैदा करना और प्रशासन में शिक्षित महिलाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करना है। नौ दिन अलग अलग कक्षा की छात्राओं को बुलाने का उद्देश्य अलग अलग आयु वर्ग की बेटियों में प्रशासनिक कार्यप्रणाली की समझ बढ़ाना है। कामना सिंह भदौरिया का यह प्रयास इस समय पूरे प्रदेश में चर्चाओं में है। राकेश शुक्ला के साथ ही भिंड के प्रभारी मंत्री प्रह्लाद पटेल ने भी आयाती शर्मा से वीडियो कॉल पर बात कर उनका उत्साह बढ़ाया है। अब देखना होगा कि कामनस ने भदौरिया का यह प्रयास भिंड में लिंग अनुपात को कम करने में कितना सफल होता है?
