भिंड मध्यप्रदेश: लहार से भाजपा विधायक अम्बरीश शर्मा अपनी ही सरकार के विरोध में धरने पर बैठने को मजबूत है। इसको लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है और चर्चा में भाजपा सरकार पर आरोप लग रहे हैं, वह हैरान करने वाले हैं। लहार में पूर्व विधायक पूर्व मंत्री कांग्रेस के डॉ गोविंद सिंह का लंबे समय से दबदबा रहा है। अम्बरीश शर्मा ने यहां से डॉक्टर गोविंद सिंह को हराकर इतिहास रचा है। अम्बरीश शर्मा विधायक तो बन गए लेकिन क्षेत्र में डॉक्टर गोविंद सिंह की पकड़ और अकड़ बिल्कुल भी कम नहीं हुई, ऐसा यहां के राजनीतिक विशेषज्ञ बताते हैं। तमाम ऐसे मामले हैं जिसमें प्रदेश सरकार डॉक्टर गोविंद सिंह के विरोध में कार्रवाई करने से बचती नजर आ रही है। ऐसे आरोप भी लग रहे हैं कि भाजपा के ही कुछ कद्दावर क्षत्रिय नेताओं का डॉ॰ गोविंद सिंह को समर्थन है। और यही सब देखते हुए अब लाहार विधायक अंबरीश शर्मा ने अपनी ही सरकार के विरोध में मोर्चा खोल दिया है।
विधायक शर्मा का कहना है कि सरकारी नापतोल में यह स्पष्ट हो चुका है कि संबंधित कोठी आम रास्ते की भूमि पर बनी है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट और स्थानीय न्यायालयों में भी पक्ष रखा जा चुका है, लेकिन कहीं से भी कब्जे के पक्ष में फैसला नहीं आया है और हर स्तर पर रास्ता छोड़ने की बात कही गई है। विधायक ने कहा कि अनुसूचित जाति समाज पिछले दो वर्षों से इस मुद्दे को लेकर आंदोलनरत है और जनप्रतिनिधि होने के नाते उनकी आवाज उठाना उनका दायित्व है। उन्होंने कहा कि, “जनता की समस्याओं के समाधान के लिए धरना देना पड़े तो वह भी करेंगे।”
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धरने के दौरान विधायक शर्मा ने सिंध नदी की रेत खदानों को लेकर भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि जिले की खदानों को तीन हिस्सों में बांटा गया है, जिसमें भिंड और मेहगांव क्षेत्र की खदानें चालू हैं, लेकिन लहार की खदानें बंद होने से यहां रेत की भारी कमी बनी हुई है। इससे लोगों को मकान निर्माण में दिक्कतें आ रही हैं और रॉयल्टी के बावजूद रेत उपलब्ध नहीं हो पा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन इस क्षेत्र की लगातार अनदेखी कर रहा है, जिससे जनता अपने आपको ठगा हुआ महसूस कर रही है।
विधायक ने बिजली विभाग पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि लहार क्षेत्र में पदस्थ उप महाप्रबंधक द्वारा उपभोक्ताओं को परेशान किया जा रहा है और मनमाने बिल दिए जा रहे हैं। शिकायत लेकर जाने वाले लोगों से भी अधिकारियों का व्यवहार ठीक नहीं है। विधायक ने संबंधित महिला अधिकारी को हटाने की मांग उठाई है। विधायक शर्मा ने स्पष्ट किया कि उनका मकसद राजनीति नहीं, बल्कि क्षेत्र की जनता को न्याय दिलाना है। उन्होंने कहा कि, “विधायक रहना या न रहना अलग बात है, लेकिन जनता की समस्याओं को उठाना उनकी प्राथमिकता है।”
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