Sunday, April 12, 2026
24.1 C
Delhi
Sunday, April 12, 2026
HomeBig Newsप्रदेश का पहला कैनेडी सिंड्रोम मरीज ग्वालियर में, इलाज के लिए लगेंगे...

प्रदेश का पहला कैनेडी सिंड्रोम मरीज ग्वालियर में, इलाज के लिए लगेंगे 16 करोड़ के इंजेक्शन

कैनेडी सिंड्रोम, जिसे कैनेडी रोग या स्पाइनल और बल्बर मस्कुलर एट्रोफी (SBMA) भी कहा जाता है, एक दुर्लभ आनुवंशिक तंत्रिका-पेशी की बीमारी है जो मुख्य रूप से बीस से पचास वर्ष के पुरुषों को प्रभावित करता है।

ग्वालियर मध्य प्रदेश: मध्यप्रदेश के गजरा राजा मेडिकल कालेज ग्वालियर के नीरोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ दिनेश उदैनिया ने एक बहुत ही दुर्लभ बीमारी मरीज में खोजने में सफलता हासिल की। यह बीमारी इतनी दुर्लभ है कि डॉक्टर उदयनियां इसे प्रदेश का पहला ऐसा केस बता रहे हैं। बीमारी का नाम है कैनेडी सेंड्रोम और यह एक ऐसी बीमारी है जो आनुवांशिक होती है।सबसे बड़ी हैरान करने वाली बात है कि इस मरीज के परिवार में किसी को इस बीमारी के लक्षण नहीं हैं। जितनी दुर्लभ यह बीमारी है उतना ही दुर्लभ है इसका इलाज जो केवल जीन थेरेपी से संभव है जिसका खर्च करोड़ों में होता है।

ग्वालियर में रहने वाले 48 वर्षीय पुलिसकर्मी को कमजोरी के साथ बोलने और खाने में परेशानी की शिकायत हो रही थी और जब यह मरीज डॉक्टर दिनेश व धनिया के पास एक महीने पहले पहुंचे तो उन्होंने तमाम तरह की संभावनाएं देखकर इलाज शुरू किया। लेकिन जब उन्होंने इस मरीज के सिमटम को गंभीरता से लिया और उन्हें पता चला कि 6 महीने से ही इस मरीज को कमजोरी महसूस हो रही थी। और जीव और एक हाथ में भी पतलापन आने लगा था और सामान्य डॉक्टरों को दिखाकर भी आराम नहीं मिल रहा था।तब डॉक्टर उधेनिया ने गहन विश्लेषण शुरू किया। मरीज के एमआरआई सहित तमाम दसों संबंधित जांच कराई गई लेकिन किसी भी जांच में यह बीमारी पकड़ में नहीं आई तब डॉ॰ उदयनियां ने संदेह के आधार पर कैनेडी सिंड्रोम की जांच के लिए सैंपल दिल्ली एम्स में भेजे और इस मरीज को कैनेडी सिंड्रोम होने की पुष्टि हुई। 

इस मरीज में कैनेडी सिंड्रोम के लक्षण हैं लेकिन परिवार में किसी भी सदस्य को कभी ऐसी कोई दिक्कत नहीं रही इसलिए डॉ॰ उदयनियाँ भी अचरज में हैं। डॉ॰ ओदेनिया ने ही मरीज के जांच सैंपल कैनेडी सेंटरों की पुष्टि के लिए दिल्ली एम्स भेजे थे। सोमवार को जब जांच आई तो उन्हें भी थोड़ी हैरानी हुई। अब उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती इस मरीज का इलाज करने की है। क्योंकि सामान्य दवाइयां इस बीमारी पर कारगर नहीं होती हैं। इस बीमारी का इलाज केवल जीन थेरेपी से ही संभव हो सकता है।उसमें भी पूरी तरह सफलता मिले।इसकी संभावना कम ही रहती है।इस बीमारी में लगने वाले इंजेक्शन की कीमत सोलह करोड़ रुपए बताई गई है। 

यह भी पढ़ें आनलाइन गेम का साइड इफेक्ट; दोस्त के घर से ही चुरा लिए 5.6 लाख रूपये

कैनेडी सिंड्रोम, जिसे कैनेडी रोग या स्पाइनल और बल्बर मस्कुलर एट्रोफी (SBMA) भी कहा जाता है, एक दुर्लभ आनुवंशिक तंत्रिका-पेशी की बीमारी है जो मुख्य रूप से बीस से पचास वर्ष के पुरुषों को प्रभावित करता है। यह मांसपेशियों को धीरे-धीरे कमजोर और क्षीण करता है, जिससे ऐंठन, बोलने और निगलने में कठिनाई जैसी समस्याएं होती हैं। यह रोग धीरे-धीरे बढ़ता है, लेकिन इसका कोई इलाज नहीं है, हालांकि उपचार से लक्षणों में आराम मिल सकता है। 

मुख्य लक्षण

  • मांसपेशियों में कमजोरी और क्षय (atrophy), खासकर बाहों और पैरों में
  • मांसपेशियों में ऐंठन
  • जीभ और चेहरे की मांसपेशियों का फड़कना
  • बोलने में कठिनाई (dysarthria)
  • निगलने में कठिनाई (dysphagia)
  • कुछ पुरुषों में स्तनों का बढ़ना

यह भी पढ़ें RGPV का महाघोटाला; फर्जीवाड़े से ले ली NAAC A++ ग्रेड, ऐसे हुआ खुलासा

अभी हाल ही में आपने सोशल मीडिया पर एक वीडियो देखा होगा जिसमें एक कंप्यूटर इंजीनियर माता पिता नौकरी छोड़कर अपने बच्चों को  महंगे इलाज के इंजेक्शन लगवाने के लिए पैसा इकट्ठा कर रहे हैं।उनको लगने वाले इंजेक्शन भी करोड़ों रुपए के बताए जा रहे हैं। उनमें भी मांसपेशियों संबंधित बीमारी का जिक्र किया जा रहा है। हालांकि उस मामले की हकीकत क्या है इसकी हम पुष्टि नहीं करते लेकिन ग्वालियर में जिस पुलिसकर्मी को कैनेडी सिंड्रोम बीमारी की पुष्टि हुई है वह हकीकत है और डॉक्टर दिनेश उदेनिया के अनुभव और सूझबूझ के चलते ही मरीज के इस बीमारी का खुलासा हुआ है। इस मामले में डॉ दिनेश उदैनिया आश्वस्त नजर आ रहे हैं कि यदि महंगे इंजेक्शन की व्यवस्था नहीं भी हुई तो कुछ अन्य वैकल्पिक दवाओं से मरीज की स्थिति को सुधारने का प्रयास करेंगे। 

यह खबर डॉ दिनेश उदैनिया विभागाध्यक्ष न्यूरोलॉजी विभाग जीआरएमसी से फोन पर की गई चर्चा पर आधारित है। 

Gajendra Ingle
Gajendra Inglehttp://theinglespost.com
The author is founder Editor of this news portal. He has long experience of journalism. He has deep expertise on political and social issues.
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular