ग्वालियर मध्य प्रदेश: ग्वालियर में सदर बाज़ार फायरिंग कांड का ग्वालियर पुलिस ने 48 घंटे में पूरी तरह पर्दाफाश कर दिया है। शहर के थाना मुरार क्षेत्र में 24 नवंबर को उदय ज्वैलर्स और विवाह साड़ी की दुकान पर चार हथियारबंद नकाबपोश बदमाशों ने जानलेवा फायरिंग की थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने तुरंत मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कराई और बदमाशों के खिलाफ मामला पंजीबद्ध किया।फॉरेंसिक टीम ने मौके से अहम साक्ष्य जुटाए और पुलिस ने तकनीकी सहायता तथा मुखबिर तंत्र के आधार पर 24 घंटे के भीतर सभी आरोपियों की पहचान कर ली।
व्यापारी पर दिनदहाड़े हुई गोलीबारी की घटना से पूरा व्यापारी वर्ग आक्रोशित था।चेंबर ऑफ कॉमर्स और तमाम अन्य व्यापारी संगठनों ने पुलिस को चौबीस घंटे का अल्टीमेटम दिया था। व्यापारियों ने साफ शब्दों में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए थे।इन सबके चलते अपनी किरकिरी होते देख पुलिस एक्शन मोड में आई और तमाम दवाओं के बाद पुलिस ने अपना पूरा सामर्थ्य। इन गोलीबारी कांड के आरोपियों को पकड़ने में लगा दिया। उसका नतीजा यह हुआ कि अल्टीमेटम के समय सीमा के भीतर ही पुलिस ने तीन आरोपियों को पकड़ लिया।
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एसएसपी ने सभी पर दस-दस हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया। उनकी निर्देशिका में एएसपी विदिता डागर, एएसपी अनु बेनीवाल, एएसपी सुमन गुर्जर और एएसपी ग्रामीण जयराज कुबेर के मार्गदर्शन में कुल 8 विशेष टीमें गठित की गईं। सीसीटीवी फुटेज, चश्मदीदों के बयान और मुखबिरों की सूचना के आधार पर आरोपियों की धरपकड़ शुरू की गई।ग्वालियर पुलिस ने तेजी दिखाते हुए 24 घंटे से भी कम समय में घटना के षड्यंत्रकारी अरविंद यादव और मुख्य शूटर हिमांशु यादव उर्फ छोटू को जौरासी के जंगलों से गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने 48 घंटे के भीतर कुल 5 आरोपियों को हिरासत में ले लिया। इनमें पहले से पकड़े गए कपिल यादव और अमन यादव भी शामिल हैं।
कपिल यादव को 24 नवंबर को बंधौली जंगलों में दबिश के दौरान पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई कर घायल अवस्था में पकड़ा था, जबकि अमन यादव को 23 नवंबर को मेला ग्राउंड रोड से हथियार सहित गिरफ्तार किया गया था। इसके अलावा, अपहरण और फायरिंग से जुड़े मामले में फरार चल रहे आरोपी अमित यादव को भी 26 नवंबर को बड़ागांव से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने सभी आरोपियों से फायरिंग में प्रयुक्त हथियार, कारतूस और लाठी जब्त की हैं।गिरफ्तार आरोपियों पर हत्या का प्रयास, आर्म्स एक्ट, रंगदारी, मारपीट समेत कई गंभीर अपराध पहले से दर्ज हैं। कपिल यादव पर कुल 12 प्रकरण हैं और वर्ष 2024 में उस पर एनएसए के तहत कार्रवाई भी की जा चुकी है। अरविंद यादव पर 4, हिमांशु यादव पर 3 और अमन यादव पर 6 प्रकरण पंजीबद्ध हैं।
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