ग्वालियर मध्य प्रदेश: ग्वालियर में बांग्लादेशियों के पकड़े जाने का सिलसिला जारी है।अभी हाल ही में सिटी सेंटर के क्षेत्र में एक बांग्लादेशी महिला को उसके पुरुष साथी के साथ हिरासत में लिया गया था।यह दोनों एक फ्लैट में रह रहे थे। महिला बांग्लादेशी मूल की है। और अब पुलिस ने एक महिला सहित 3 लोग पकड़ा गया है। सूत्रों के मुताबिक पकड़े गए संदेही बांग्लादेश के रहने वाले हैं और वे चोरी छिपे बॉर्डर पार कर दिल्ली के रास्ते ग्वालियर तक पहुँचे हैं। ग्वालियर में बांग्लादेशियों के पकड़े जाने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। हालांकि किसी बड़ी घटना से बांग्लादेशियों के जुड़े होने की कोई जानकारी अभी तक सामने नहीं आई है फिर भी बांग्लादेशियों का इस तरह शहर में रहना कहीं न कहीं शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करता है।
जो जानकारी निकल के आ रही है उसके अनुसार पकड़े गए ये बांग्लादेशी किराए के मकान में रह रहे थे। पुलिस और सुरक्षा विभाग ने अब इनसे पूछताछ शुरू कर दी है।हालांकि अधिकारियों ने आधिकारिक तौर पर इनके नागरिकता की पुष्टि नहीं की है लेकिन इनकी नागरिकता को लेकर संदेह भी जाहिर किया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने ही इनके बांग्लादेशी होने की बात कही है। पकड़े गए ये संदिग्ध किस देश के हैं? इनकी नागरिकता कहाँ की है? इसके सम्बन्ध में सही जानकारी पूरी जांच के बाद ही निकलकर आएगी।
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आपको बता दें कि दिल्ली में हुए बम धमाके के बाद ग्वालियर पुलिस हाई अलर्ट मोड़ पर जिला पुलिस मिलकर शहर में अवैध रूप से हो रहे बांग्लादेशियों की पड़ताल में जुटी हुई है। इसी हेतु एक सघन जांच अभियान भी चलाया जा रहा है जिसके चलते यह संदिग्ध बांग्लादेशी पकड़े जा रहे हैं। इससे पहले भी ग्वालियर में बांग्लादेशी पकड़े गए हैं और उनके बांग्लादेशी होने की पुष्टि भी हुई है। महाराजपुरा क्षेत्र में 12 बांग्लादेशी पकड़े गए थे जिनको जांच के बाद डिपोर्ट कर दिया गया था। सिटी सेंटर क्षेत्र में मिली महिला भी प्रारंभिक जांच में बांग्लादेशजी नागरिक होने के प्रमाण मिले थे। फिलहाल जांच पड़ताल का सघन अभियान जारी है और अधिकारी भी मान रहे हैं कि अभी शेयर में और बांग्लादेशियों के मिलने की संभावना है।
आपको बता दें कि बांग्लादेश से बॉर्डर पारकर तमाम घुसपैठिए भारत में आ जाते हैं और भारत के संसाधनों का उपयोग कर भारत के मूलभूत नागरिकों के अधिकारों का हनन करते हैं जो सुविधाएं भारत के नागरिकों को मिलनी चाहिए। उनका बंटवारा इनके साथ हो जाता है। कई ऐसे बांग्लादेशी नागरिक भी मिले हैं जिन्होंने भारतीय दस्तावेज बनाकर भारत सरकार के द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं का उपयोग भी किया है।इस पूरे मामले में चौंकाने वाली बात यह है कि भारत सरकार के पास इस बात का कोई सही आंकड़ा नहीं है कि भारत में कहां कितने बांग्लादेशी घुसपैठिए रह रहे हैं।
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