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सीएम हैल्पलाइन हकीकत ए सुधार; प्रशासन पीटे अपना ढोल और शिकायतकर्ता पीटे अपना माथा

जिले की रैंकिंग में हुआ उल्लेखनीय सुधार , पिछले माह की 23 से इस माह 12 पर आई रैंकिंग। आइए करते हैं इन दावों का रियलिटी चेक ।

सीएम हैल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण में ग्वालियर जिले में उल्लेखनीय सुधार का दावा प्रशासन द्वारा किया जा रहा है। मई माह में जिले की रैंकिंग 12 रही है, जो पिछले माह से 11 अधिक है। अप्रैल माह में जिले की रैंकिंग 23 थी। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान द्वारा लगातार की जा रही सीएम हैल्पलाइन की समीक्षा एवं विभागीय अधिकारियों के प्रयासों की बदौलत जिले को यह सफलता मिली है। ऐसा प्रशासन ने जारी प्रेस रिलीज में दावा किया है।

डिस्ट्रिक्ट ई-गवर्नेंस मैनेजर आशीष जैन ने बताया कि मई महीने में सीएम हैल्पलाइन पोर्टल के माध्यम से जिले को 13 हजार 204 शिकायतें प्राप्त हुईं थीं। इन शिकायतों में से संतुष्टिपूर्वक निराकरण का वेटेज स्कोर 73.83 रहा है। अप्रैल महीने में 10 हजार 221 शिकायतें प्राप्त हुईं थीं, जिसमें संतुष्टिपूर्वक निराकरण का वेटेज स्कोर 65.89 रहा था।

जब डिस्ट्रिक्ट ई-गवर्नेंस मैनेजर आशीष जैन से पूछा की जो शिकायतें बंद की गई हैं उनका क्या स्टेट्स है। इनमें से कितनी शिकायतें फोर्स क्लोज्ड हैं और कितनी को शिकायतकर्ताओं को आश्वासन देकर ही बिना कार्यवाही के बंद किया गया है। इस संबंध में श्रीमान जैन पर कोई जानकारी या तो थी ही नहीं या वह देना नहीं चाहते थे। RTI कार्यकर्ता आशीष राय का कहना है कि उनका तो सीएम हेल्पलाइन से विश्वास ही उठ गया है। ज्यादातर शिकायतें पहले स्तर पर ही फोर्स क्लोज्ड कर दी जाती हैं। समाजसेवी राकेश कुशवाह का कहना है कि शिकायतकर्ता को संपर्क नहीं किया जाता। ऊपर ही ऊपर आंकड़े बना निराकरण होता है प्रशासन शासन को यह आंकड़े झूठे देता है। मनगढ़ंत तरीके से यह आंकड़े बनाए गए हैं शिकायतकर्ता आज भी परेशान हैं उसकी सुनने वाला कोई नहीं।

सुनिए समाज हित में सीएम हेल्पलाइन लगाने वालों का दर्द

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कागजी घोड़े दौडाने में माहिर प्रशासन ने सीएम हेल्पलाइन में भी कागजों पर रैंकिंग सुधार ली ही ऐसा प्रतीत होता है। क्यूंकि कई ऐसी शिकायतों को बंद किया गया है जिसमें अमला न तो स्पॉट पर पहुंचा न ही शिकायतकर्ता को पता चला और शिकायत बंद कर दी गई। जिस तरह से सीएम हेल्पलाइन के कार्यवाही से शिकायतकर्ता असंतुष्ठ हैं वह दिन दूर नहीं जब सीएम हेल्पलाइन अपना विश्वास पूरी तरह खो देगी। और लोग कहेंगे। एक थी सीएम हेल्पलाइन!

ऑस्ट्रेलिया को हरा अफगानिस्तान ने किया टी20 विश्वकप का सबसे बड़ा उलटफेर

टी20 वर्ल्ड कप 2024 के 48वें मैच में अफगानिस्तान और ऑस्ट्रेलिया के बीच हुए रोमांचक मुकाबले में अफगानिस्तान नेैं ऑस्ट्रेलिया को 27 रन से हरा दिया है। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी अफगानिस्तान ने बहुत बढ़िया शुरुआत की। पहले विकेट के लिए दोनों के बीच 118 रन की साझेदारी की। गुरबाज 60 रन और इब्राहिम जादरान 51 रन बनाकर आउट हुई। दोनों के बीच रिकॉर्ड तीसरी बार टी20 वर्ल्ड कप में शतकीय साझेदारी की। इसके बाद ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने वापसी की। और अफगानिस्तान को 148 के स्कोर पर ही रोकने में सफल हुए। इस समय ऐसा लग रहा था कि ऑस्ट्रेलिया का मजबूत बैटिंग ऑर्डर इस लक्ष्य को आसानी से हासिल कर लेगा।

ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज पैट कमिंस ने टी20 वर्ल्ड कप में इतिहास रच दिया। लगातार दो मैच में दो बार हैट्रिक लेने वाले पहले गेंदबाज बने। इस हैट्रिक की वजह से ऑस्ट्रेलिया ने वापसी की। जंपा ने एक ही ओवर में दो विकेट लेकर अफगानिस्तान को बैकफुट पर धकेल दिया। 20 ओवर में अफगानिस्तान 6 विकेट पर 148 रन ही बना सकी। ऑस्ट्रेलिया को जीत के लिए 149 रन बनाने थे। लेकिन अफगानिस्तान की कसी हुई बोलिंग के आगे ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज ताश के पत्तों की तरह बिखर गए।

AFG vs AUS प्लेइंग इलेवन

अफगानिस्तान: रहमानुल्लाह गुरबाज (विकेटकीपर), इब्राहिम जादरान, गुलबदीन नईब, अजमतुल्लाह उमरजई, मोहम्मद नबी, करीम जनत, नांगेयालिया खारोटे, राशिद खान (कप्तान), नूर अहमद, नवीन-उल-हक, फजलहक फारूकी

ऑस्ट्रेलिया: डेविड वॉर्नर, ट्रैविस हेड, मिशेल मार्श (कप्तान), ग्लेन मैक्सवेल, मार्कस स्टोइनिस, टिम डेविड, मैथ्यू वेड (विकेटकीपर), पैट कमिंस, एश्टन एगर, एडम जंपा, जोश हेजलवुड

ऑस्ट्रेलिया की तरफ से केवल मैक्सवेल संघर्ष करते नजर आए और उनके मैदान पर रहते लग रहा था कि ऑस्ट्रेलिया जीत जाएगा। लेकिन 59 के निजी स्कोर पर उनका विकेट गिरते ही ऑस्ट्रेलिया की आखिरी उम्मीद भी खत्म हो गई। यह मैच हारते ही ऑस्ट्रेलिया का फाइनल में पहुंचना मुश्किल नजर आ रहा है यदि कल भारत ऑस्ट्रेलिया को हरा देता है तो फिर भारत और बांग्लादेश ही सेमी फाइनल में पहुचेंगे। अफगानिस्तान ने ऑस्ट्रेलिया को हराकर इस टी20 विश्वकप का सबसे बड़ा उलटफेर किया है।

लुटेरी दुल्हन जब निकली एचआईवी पॉजिटिव, तो दूल्हों में मचा हड़कंप!

पश्चिमी यूपी की एक जेल में बंद लुटेरी दुल्हन ने खुद के एचआईवी संक्रमित होने की बात छिपाते हुए कई लोगों की जान जोखिम में डाल दी है। उसके संपर्क में आए तीन लोग भी संक्रमित पाए गए हैं। इस खबर का पता चलने पर जाने-अंजाने उसके संपर्क में आए लोग दहशत में है। स्वास्थ्य विभाग ऐसे लोगों से एहतियातन जांच कराने के लिए कह रहा है। साथ ही महिला के संपर्क में आए लोगों को ट्रेस करने में भी जुटा है। अब संपर्क में आए लोग गफलत में हैं उन्हें सूझ ही नहीं रहा करें तो क्या करें। 

कुमाऊं के ऊधमसिंह नगर जिले की एक महिला शादी के नाम पर धोखाधड़ी और चोर के गिरोह में शामिल थी। यह महिला अपने रिश्तेदारों के साथ मिलकर पहले शादी करती थी और फिर ससुराल से जेवर सहित कीमती सामान लेकर चंपत हो जाती थी। पश्चिम यूपी के एक जिले में हुई वारदात के बाद पुलिस ने एक महीने पहले महिला सहित सात लोगों को गिरफ्तार किया था। फिलहाल यह महिला और इसकी गैंग जेल में बंद है। 

कुछ समय पहले भारत सरकार के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने इंडेक्स टेस्टिंग अभियान चलाया था। पूर्व में संक्रमित होकर दवा नहीं लेने वालों की भी जानकारी जुटाई गई थी। इस सूची लुटेरी दुल्हन बनकर अपराध करने वाली महिला भी शामिल थी। दिसंबर में एक एनजीओ के जरिये स्वास्थ्य विभाग के पास महिला आई थी और जांच में संक्रमित पाई गई थी। तमाम कोशिशों के बाद भी उसने दवा खाने से इंकार कर दिया था और मोबाइल बंद कर गायब हो गई थी। कई दिन की पड़ताल में उसके जेल में होने का पता चला। मामला एचआईवी से जुड़ा होने की वजह से विभाग कुछ भी बताने से बच रहा है। 

एबीवीपी की मोदी सरकार से मांग; एनटीए हो या केंद्रीय मंत्री, दोषी पर हो करवाई

नीट परीक्षा कांड की आग थमने का नाम नहीं ले रही है। पूरे देश में जगह जगह नीट परीक्षा में हुई गड़बड़ी के विरोध में छात्र सड़कों पर हैं। ग्वालियर में भी शनिवार को छात्र संगठन एबीवीपी  सड़कों पर उतरा और नीट रद्द करने और दोषियों पर कार्यवाही की मांग की। हालांकि एबीवीपी RSS का अनुश्रंगिक संगठन है लेकिन छात्रहित में भाजपा सरकार के विरोध में मुखर होकर नीट में हुए भ्रष्टाचार k विरोध में खुल कर सामने आया है।

देशभर के मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस में दाखिला लेने के लिए आयोजित होने वाली नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस एग्जामिनेशन  नीट का आयोजन हर साल नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा कराया जाता है लेकिन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने इस बार आयोजित नीट में ऐसी लीपापोती की है कि इसमें हुई खामियां परीक्षा देने वाले छात्र तो क्या आम लोगों के भी गले नहीं उतर रही। इस परीक्षा की विरोध में सबसे पहले बिहार में छात्रों ने प्रदर्शन शुरू किया लेकिन उसे समय तक एनडीए इस परीक्षा को पाक साफ बताता रहा लेकिन धीरे-धीरे छात्रों का यह विरोध देश भर में फैल गया और अब ग्वालियर में भी लगातार इस परीक्षा में हुए गड़बड़ को लेकर छात्र संगठन मैदान में हैं।

आरएसएस के अनुषांगिक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्रों में भी आक्रोश है और वह भी इस परीक्षा में सीबीआई जांच के साथ दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। हिमांशु श्रोती, महामंत्री एवीबीपी ने अपनी ही सरकार को घेरते हुए यह तक कहा कि छात्र डिप्रेशन में रहेगा तो विकसित भारत का संकल्प कैसे पूरा होगा। उनका साफ कहना है कि इसकी स्तंत्रत जांच तो हो ही साथ ही चाहे केंद्रीय मंत्री हो या NTA का कोई व्यक्ति यदि दोषी हो तो उस पर कार्यवाही हो। 

सुने क्या कुछ कहा एबीवीपी के पदाधिकारी छात्रों ने

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बिना नम्बर प्लेट और नाबालिग द्वारा चलाए जा रहे ई रिक्शा जब्त

नियमों का उल्लंघन कर शहर के यातायात में बाधा बन रहे ई-रिक्शा के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इस कड़ी में शनिवार को बिना नम्बर प्लेट के 44 ई-रिक्शा जब्त किए गए। साथ ही एक नाबालिग द्वारा संचालित ई-रिक्शा भी जब्त किया गया है। यातायात पुलिस द्वारा शनिवार को 27 हजार रूपए के चालान भी काटे गए।
स्मार्ट सिटी के कंट्रोल एवं कमाण्ड सेंटर से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के विभिन्न पुलिस थानों एवं यातायात पुलिस द्वारा शहर में नियम विरूद्ध चल रहे ई-रिक्शा व नाबालिगों द्वारा चलाए जा रहे ई-रिक्शों को जब्त करने की कार्रवाई की जा रही है। कम्पू थाना की पुलिस द्वारा बिना नम्बर प्लेट के 17 व एक नाबालिग द्वारा संचालित ई-रिक्शा पकड़े गए हैं। इसी तरह झांसी रोड़ पुलिस थाना द्वारा 22 ई-रिक्शा बगैर नम्बर प्लेट के जब्त किए गए हैं। इसके अलावा मेला पुलिस थाना द्वारा 5 ई-रिक्शा जब्त करने की कार्रवाई की गई है।
ज्ञात हो ई-रिक्शा का पंजीयन कराने के लिये एक हफ्ते का अंतिम मौका दिया गया है। शहर में नाके लगाकर आधा दर्जन स्थानों पर ई-रिक्शा का पंजीयन किया जायेगा। इन नाकों पर 23 से 29 जून तक ई-रिक्शा पंजीयन की कार्यवाही की जायेगी। बगैर पंजीयन के रिक्शा चलाने की अनुमति नहीं होगी।

शहर में इन स्थानों पर नाके लगाकर किया जायेगा ई-रिक्शा का पंजीयन

ग्वालियर शहर में 6 विभिन्न स्थानों पर 23 से 29 जून तक ई-रिक्शा का पंजीयन किया जायेगा। इन स्थानों में हजीरा, गोले का मंदिर, फूलबाग चौराहा, महाराज बाड़ा व आमखो शामिल हैं। ई-रिक्शा पंजीयन की मॉनीटरिंग का काम स्मार्ट सिटी के कंट्रोल एवं कमाण्ड सेंटर के माध्यम से होगा।

पंजीयन के लिये आईटीएमएस से 31 स्थानों पर एनाउंसमेंट

कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने पंजीयन स्थलों एवं तिथियों के बारे में स्मार्ट सिटी के आईटीएमएस पब्लिक एनाउंसमेंट सिस्टम से व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए हैं। इस परिपालन में ग्वालियर शहर में विभिन्न तिराहों-चौराहों सहित कुल 31 स्थानों पर स्मार्ट सिटी के पब्लिक एनाउंसमेंट सिस्टम से पंजीयन के संबंध में एनाउंसमेंट शुरू कर दिया गया है।

नर्सिंग कांड में नेता प्रतिपक्ष के बड़े आरोप, एसीएस और तत्कालीन मंत्री को बताया बड़ा मगरमच्छ

मध्य प्रदेश में नर्सिंग कॉलेजों को मान्यता देने में गड़बड़ी और अनियमितता का मामला लगातार बढ़ता जा रहा है। मामले में सरकार ने तत्कालीन नर्सिंग रजिस्ट्रार सुनीता शिजू को बर्खास्त कर दिया है। लेकिन नरसिंह घोटाले की आज ठीक उसी तरह फैलती जा रही है जिस तरह जंगल में लगी आग और इस आग में की जग में अब कुछ मंत्री भी आने वाले हैं। मध्य प्रदेश मेंपहले भी व्यापम घोटाले में बड़े-बड़े मंत्रियों के नाम आ चुके हैं और अब नर्सिंग घोटाला भी कुछ इस दिशा में आगे बढ़ रहा है। 

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया है। सोशल मीडिया पर जारी इस वीडियो में उमंग सिंगार ने भाजपा सरकार के तत्कालीन मंत्री और प्रदेश के कुछ आल्हा दर्जे के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने लिखा- मोहन सरकार ने तत्कालीन नर्सिंग काउंसिल की रजिस्ट्रार सुनीता शिजू को बर्खास्त कर दिया, यह एक अच्छा कदम है। लेकिन, मैं मुख्यमंत्री मोहन यादव से पूछना चाहता हूं कि वह बड़े मगरमच्छ को क्यों छोड़ना चाहते हैं।

उमंग सिंगार ने अपने वीडियो में चिन्ह बड़े मगरमच्छों पर आरोप लगाए हैं उन्होंने उनका नाम भी उजागर किया है उन्होंने अपने वीडियो में खुलेआम आरोप लगाते हुए तत्कालीन विभाग के प्रमुख रहे एसीएस मोहम्मद सुलेमान का नाम लेकर कहा कि वह कोरोना काल से घोटाले करते आ रहे हैं। क्या वह इसके भागीदार नहीं हैं। सिंघार ने तत्कालीन चिकित्सा शिक्षा विभाग के मंत्री विश्वास सारंग का नाम लेकर पूछा कि क्या वह इसके भागीदार नहीं हैं। तत्कालीन चिकित्सा शिक्षा विभाग के आयुक्त निशांत वरबड़े क्या इस मामले के भागीदार नहीं हैं? 

मध्य प्रदेश में नर्सिंग कॉलेजों को मान्यता देने में बड़ी अनियमितता सामने आई। यह अनियमितता पिछली सरकार के कार्यकाल में हुई है। इस दौरान चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग थे। वहीं, विभाग के प्रमुख मोहम्मद सुलेमान और चिकित्सा शिक्षा विभाग के आयुक्त निशांत वरबड़े थे। इसलिए इनकी भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।

 

आपको बता दें कि मध्य प्रदेश नर्सिंग घोटाले ने पूरे देश में मध्य प्रदेश की छवि धूमिल की है। मध्य प्रदेश एक समय जुगाड़ से नर्सिंग करने के लिए पूरे देश में को ख्यात हो चुका था और जब इसमें गड़बड़ झाला सामने आया तो इसकी जांचसीबीआई को दी गई लेकिन शायद यह एकमात्र ऐसा गड़बड़ झाला होगा जिसमें सीबीआई भी लिफ्ट हो गई और सीबीआई ने पैसा लेकर कॉलेज को क्लीन चिट दे दी। अब यहकैसे संभव हैकी इतना बड़ा घोटाला एक प्रदेश में नर्सिंग कॉलेज को मान्यता देने के नाम पर चला रहा और उसे प्रदेश की सरकार सोती रही। 

अब ई-रिक्शा का पंजीकरण कराना आवश्यक नहीं तो होगी कार्रवाई

शहर में ई-रिक्शा को व्यवस्थित कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस ने कसावट की है। जनमित्र केंद्रों पर पंजीयन फेल होने के बाद अब शहर में 6 जगहों पर नाके लगाकर ई​-रिक्शा के पंजीयन होंगे। रविवार से इसकी शुरुआत होगी। शुक्रवार को कलेक्टर रुचिका चौहान और एसपी धर्मवीर सिंह की मौजूदगी में हुई बैठक में इस पर रूपरेखा तैयार हुई।
पंजीयन 23 से 29 जून तक होंगे। प्रत्येक नाके पर प्रशासन और पुलिस का हमला मौजूद रहेगा। वहीं शाम को पुलिस कंट्रोल रूम में हुई बैठक में ई-रिक्शा यूनियन को प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि यह आखिरी मौका दिया जा रहा है। इस बार पंजीयन न कराने वाले चालक पर कार्रवाई होगी और ई-रिक्शा जब्त किया जाएगा। पहले पंजीयन कराने वाले चालकों को रूट चयन में प्राथमिकता मिलेगी। यह व्यवस्था बनाने में परेशानी खड़ी करने वालों को चिन्हित किया जा रहा है।

पुलिस और प्रशासन की हुई संयुक्त बैठक

{छह जगह बनेंगे नाके… ई-रिक्शा पंजीयन के लिए शहर में 6 जगहों पर नाके लगाए जाएंगे। इनमें गोला का मंदिर, फूलबाग, हजीरा, महाराज बाड़ा, मुरार बारादरी और आमखो शामिल है। इसकी मॉनीटरिंग स्मार्ट सिटी का कंट्रोल एंड कमांड सेंटर करेगा। प्रचार-प्रसार के लिए स्मार्ट सिटी के 31 स्थानों पर पब्लिक एनाउंसमेंट सिस्टम से होगा।

{जनमित्र केंद्रों पर सिर्फ 250 पंजीयन… ई-रिक्शा पंजीयन के लिए शहर के 5 जनमित्र केंद्रों में 10 दिनों में सिर्फ 250 पंजीयन हो सके हैं। इसकी 3 प्रमुख वजह बताई हैं। पहला शहर में चलने वाले ई-रिक्शा बाहरी हैं। कई ई-रिक्शा नाबालिग चला रहे हैं और तीसरा कुछ के पंजीयन-फिटनेस नहीं है।

{तैयार होगा डेटा बेस परिवहन विभाग शहर में करीब 11 हजार ई-रिक्शा बता रहा है। इसमें शहरी और बाहरी का पता नहीं है। इन पंजीयन से यह स्पष्ट होगा। दूसरा पुलिस के पास डेटा बेस तैयार होगा। इससे इन ई-रिक्शा चालकों की का क्रिमिनल रिकॉर्ड खंगाला जा सकेगा।

{लगाए जाएंगे स्टीकर… जिन ई-रिक्शा के पंजीयन होंगे, उन पर एक स्टीकर लगाया जाएगा। इससे पंजीयन कराने वे वालों की पहचान रहेगी। शनिवार को स्टीकर बनकर आ जाएंगे।

14 वर्षीय छात्र की आठवीं मंजिल से गिरने से मौत। हत्या याआत्महत्या!

ग्वालियर में एक 14 वर्षीय छात्रा की एक अपार्टमेंट की आठवीं मंजिल से गिरने के कारण मौतहो गई यह छात्र अपनी सहेली से मिलने उसके घर गई थी।

14 वर्षीय छात्रा ने सुमेर गैलेक्सी अपार्टमेंट की आठवीं मंजिल से गिरी छात्रा वर्षा शर्मा की हुई मौके पर मौत, छात्रा अपनी सहेली से मिलने गई थी समीर गैलेक्सी अपार्टमेंट, पुलिस ने छात्रा के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है, सुमेर गैलेक्सी भिंड रोड की घटना है । गोला का मंदिर थाना क्षेत्र का मामला है। छात्र की मौत हत्या है या आत्महत्या पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुटी हुई है। जांच के बाद ही सामने आएगा की छात्रा कीमौत का क्या कारण रहा

किसान पुत्र कृषि मंत्री शिवराज सिंह का किसान कल्याण में बड़ा फैसला


किसानों के खातों में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि अंतरित करने के बाद अब केंद्र सरकार ने खरीफ फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसमें अरहर का न्यूनतम समर्थन मूल्य सात हजार रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर सात हजार 550 रुपये प्रति क्विंटल किया है यानी 550 रुपये की वृद्धि की गई है। इसी तरह प्रति क्विंटल सामान्य धान का समर्थन मूल्य 2,183 के स्थान पर 2,300 रुपये मिलेगा। इस निर्णय से किसानों को उपज के न्यूनतम मूल्य की गारंटी मिलेगी। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इस निर्णय से किसानों को उपज का लाभकारी मूल्य मिलेगा। शिवराज सिंह चौहान के कृष मंत्री बनने के बाद किसानों के बीच में जिस तरह की चर्चा थी शिवराज सिंह चौहान उसे हकीकत में बदलते दिखाई दे रहे हैं।

वहीं, मुख्यमंत्री डा.मोहन यादव ने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि से किसानों की आय में बढ़ोतरी होगी। प्रदेश में खरीफ फसलों में सोयाबीन, धान, अरहर, मक्का, मूंग और कपास की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है। बोवनी की तैयारियां चल रही है। केंद्र सरकार द्वारा 14 खरीफ की फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि का निर्णय लिया गया है। इससे प्रदेश के किसानों को लाभ होगा।

इन फसलों की एमएसपी बढ़ी
मालवा निमाड़ अंचल में कपास की खेती अधिक होती है। इसका समर्थन मूल्य 501 रुपये बढ़ाया है। सोयाबीन का समर्थन मूल्य 4,600 की जगह 4,892 रुपये हाेगा यानी प्रति क्विंटल कम से कम 292 रुपये अधिक मिलेंगे। मूंगफली पर 406, सूरजमुखी का बीज 520, राई 983, तिल 632, उड़द 450, मूंग 124, मक्का 135, रागी 444, ज्वार पर 191 से 196 रुपये समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी की है।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने खरीफ सीजन 2024-25 के लिए 14 खरीफ फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में बढ़ोतरी का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। सबसे महत्वपूर्ण वृद्धि तिलहन और दालों के लिए की गई है। इस निर्णय। से किसानों को उपज का लाभकारी मूल्य मिल सकेगा।

Yoga Day 2024: MP में बारिश के बीच भी योग दिवस की धूम, CM मोहन यादव ने भी किया योग्याभास,

मध्य प्रदेश में आज 10वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर प्रदेश भर में योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किए गए. प्रदेश के कई शहरों में बारिश के बीच योग किया गया. सीएम डॉक्टर मोहन यादव को राजधानी भोपाल के लाल परेड मैदान पर आयोजित होने वाले योग के मुख्य समारोह में शामिल होना था, लेकिन बारिश ज्यादा होने की वजह से सीएम हाऊस में ही सीएम ने योग किया.
वहीं एक दिन पहले गुरुवार को दिल्ली के प्रदेश भवन में सीएम डॉक्टर मोहन यादव ने योगाभ्यास किया. योग दिवस के मौके पर मुख्य समारोह लाल परेड के स्थान पर सीएम हाऊस में हुआ, जहां सीएम यादव राज्य स्तरीय योगाभ्यास कार्यक्रम और्र श्री अन्न संवर्धन अभियान का उद्घाटन किया.
सीएम ने कहा कि योग का मतलब मन और आत्मा का जुड़ाव है. जुड़ाव आत्मा के चेतना से, सार्वभौमिकता से है. योग के माध्यम से निरोग रहने के लिए शारीरिक दक्षता की आवश्यकता है. इस दक्षता के साथ आहार भी उतना ही महत्व है. इस अन्न यानी मोटे अन्न के माध्यम से हमें यही दक्षता मिलती है.
बारिश की वजह से भोपाल के नजदीकी जिले रायसेन में भी कार्यक्रम स्थल बदल दिया गया. पहले योग दिवस का कार्यक्रम केन्द्रीय विद्यालय परिसर में होना था, लेकिन बाद में वन परिसर के हॉल में योगाभ्यास किया गया. मुख्य कार्यक्रम में राज्यमंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल शामिल हुए.
प्रदेश के उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा मंदसौर, उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल रीवा, मंत्री कुंवर विजय शाह खंडवा, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय इंदौर, मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल नरसिंहपुर, मंत्री राकेश सिंह जबलपुर, मंत्री करण सिंह वर्मा सीहोर, मंत्री उदय प्रताप सिंह नर्मदापुरम, मंत्री सम्पतिया उइके मंडला, मंत्री तुलसीराम सिलावट देवास, मंत्री एदल सिंह कंषाना श्योपुर, मंत्री निर्मला भूरिया झाबुआ में योग किया.
वहीं मंत्री गोविंद सिंह राजपूत सागर, मंत्री विश्वास सारंग विदिशा, मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ग्वालियर, मंत्री नागर सिंह चौहान अलीराजपुर, मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर गुना, मंत्री राकेश शुक्ला भिंड, मंत्री चेतन काश्य रतलाम, मंत्री इंदर सिंह परमार शाजापुर एवं राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार कृष्णा गौर हरदा, राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी छिंदवाड़ा, राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार दिलीप जायसवाल अनूपपुर पहुंचे.
जबकि राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार गौतम टेटवाल राजगढ़, राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार लखन सिंह पटैल दमोह, राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार नारायण सिंह पंवार बैतूल, राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल रायसेन, राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी सतना, राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार छतरपुर और राज्य मंत्री राधा सिंह सिंगरौली के योगाभ्यास कार्यक्रम में सम्मिलित हुए.