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वह रे सिस्टम! हत्याकाण्ड संदेही कहे, आरोपी बख्शे नहीं जाएंगे!

वाह रे देश का सिस्टम.. तेरी जितनी तारीफ की जाए उतनी कम है। यहां एक गरीब यदि छोटी सी कोई गलती भी कर दे तो उसको उसकी इतनी सजा मिलती है कि वह महीनों जेल में पड़ा रहता है। उसके पास न तो कोई जमानतदार होता न ही अपना वकील करने के लिए पैसे और हमारे देश का सिस्टम उसको कितनी यातनाएं देता है, जैसे उसने ही दुनिया का सबसे बड़ा पाप कर दिया हो। और दूसरी ओर होते हैं हमारे यहाँ इन्हीं गरीबों का खून चूस कर अरबपति बने ये फर्जी पाखंडी बाबा जो राजनीतिक रसूख की आड में इतने दबंग हो जाते हैं है कि देश के कानून से चाहे जिस तरह से खिलवाड़ कर सकते हैं।

हाथरस हत्याकाण्ड में एक सौ इक्कीस लोगों की मौत हो जाने के बाद यहां पर सत्संग करा रहा फर्जी नारायण साकार हरि उर्फ भोले बाबा उर्फ सूरजपाल जाटव तुरंत भूमिगत हो जाता है और सबसे बड़े गौर की बात तो यह है की खुद को परमात्मा कहने वाला बाबा वहां पर अपने भक्तों की मदद के लिए न रुककर खुद की बचाने की सेटिंग में जुट जाता है। एक इतना प्रख्यात बाबा इतने दिनों तक भूमिगत रहता है और हमारा सिस्टम उसे खोज भी नहीं पाता और वह बाबा खुद ही वीडियो जारी करके अपना मन मुताबिक संदेश देता है। इसके पीछे भी सिस्टम के उन कारिंदों के कारनामों की बू आती है जो कहीं न कहीं इस बाबा के कारनामों में लिप्त हैं। कई दिनों तक भूमिगत रहना और फिर वीडियो संदेश जारी कर इस तरह की बातें करना यह सब दर्शाता है के पीछे से सिस्टम में बैठे जिम्मेदार लोग भी बाबा के साथ पूरी प्लैनिंग कर बाबा को बचाने में जुटे हुए हैं ।

नारायण शाकाहार हरि उर्फ भोले बाबा उर्फ सूरज पाल जाटव ने वीडियो संदेश जारी करते हुए कहा है कि घटना के बाद वह बहुत व्यथित है और की सरकार और प्रशासन पर भरोसा रखें। उपद्रवी बख्शे नहीं जाएंगे। यह वीडियो मैनपुरी के उसी आश्रम से जारी होना बताया जा रहा है जहाँ सत्संग के बाद भोले बाबा की अंतिम लोकेशन ट्रेस हुई थी और। लोकेशन ट्रेस होने के बाद भी पुलिस ने अंदर जाकर बाबा की खोजबीन नहीं की थी। पूरा घटनाक्रम साफ बता रहा है कि बल बाहुबल प्रशासनिक घुसपैठ और राजनीतिक रसूख की आड़ में यह बाबा देश के सिस्टम से खिलवाड कर रहा है या देश के सिस्टम को अपनी उंगलियों पर नचा रहा है।

इस घटनाक्रम के बाद पूरे देश की जनता यह देख। रही है कि एक सूखदार बाबा इस तरह देश के सिस्टम का मजाक उड़ा रहा है। 121 लोगों की हत्या के बाद भी प्रशासन प्रशासन पूरी तरह से बाबा बाबा को बचाने के प्रयास में जुटा है ऐसा प्रतीत। करता है क्योंकि जब पुलिस एक सामान्य अपराधी खो सैकड किलोमीटर दूर से भी पकड़कर ला सकती है तो फिर इस बाबा को ट्रेस करने में फेल होना बड़ी सांठगाँठ की तरफ इशारा करता है।

मैं भविष्यवक्ता तो नहीं लेकिन फिर भी बता दूं की कुछ महीनों बाद इस पूरे घटनाक्रम को भुला दिया जाएगा। हमारा सिस्टम इस बाबा को क्लीन चिट दे देगा। तमाम जांच रिपोर्ट में तमाम तरह की अलग अलग लोगों को जिम्मेदार बताकर या तमाम खामियां बताकर इस मामले को बंद कर दिया जाएगा। हो सकता है कि कुछ जांच में तो मरने वालों को ही दोषी ठहरा दिया जाए और आखिर में कुछ न मिले तो के भारत के सिस्टम के नियम अनुसार आखिरी में घटना को एक्ट ऑफ गॉड का नाम दे दिया जाए लेकिन यहां बड़ा सवाल यह है की ये? सत्संग कराने वाला बाबा तो खुद को ही परमात्मा बताता है। ऐसी स्थिति में यदि एक्ट ऑफ गॉड भी हुआ तो गॉड तो यही है मतलब दोषी भी यही है!

देखिए यह वीडियो चीख चीख कर कह रहा है कि यह दुर्घटना नहीं सामूहिक हत्या है!

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सरकार की असफलता का नतीजा है फर्जी बाबाओं का बढता मायाजाल

नारायण साकार हरि उर्फ भोले बाबा उर्फ सूरज पाल जाटव के सत्संग के दौरान जब 123 लोगों की मौत हो गई तो एक बार फिर भारत में एक ऐसा बाबा सुर्खियों में आ गया जो लोगों को मूर्ख बनाकर उनकी भावनाओं से खेलकर और चमत्कारों का झूठा दिखावा कर अपनी चांदी काट रहा था। लेकिन बड़ा सवाल यह उठता है कि लाखों करोड़ों लोगों की ऐसी क्या मजबूरी होती है जो शिक्षित होते हुए समझदार होते हुए की इन बाबा के मायाजाल में फंस जाते हैं। हो सकता है कि आप में से कुछ पाठक इस बात से इत्तेफाक रखें लेकिन मेरा अनुभव है कि तमाम सारे ऐसे बाबाओं के तमाम ऐसे भक्त हैं जो शिक्षित होते हैं बडे बडे शासकीय पदों से रिटायर होते हैं और उसके बावजूद भी वह इन बाबाओं की चमत्कारिक ढोंग में फँस जाते हैं।

नारायण साकार हरि उर्फ भोले बाबा का जो हाथरस हत्याकांड का मामला इस समय मीडिया में गरमाया हुआ है वह बाबा और उसके आश्रम की तमाम खामियों के बारे में तो सब कुछ बता रहा है लेकिन अभी तक कहीं पर भी इस बात पर चर्चा नहीं हो रही है कि ऐसी क्या मजबूरी होती है की ये भोले भाले लोग? लाखों करोड़ की तादाद में किसी न किसी बाबा के मायाजाल में फंस जाते है। इतने व्यस्त समय में से दूर दूर से अपना सब कुछ छोड़कर और पैसा जेब से खर्च कर ये सब लोग है। क्यों इन बाबाओं के आश्रम में सत्संग में पहुंचते हैं। इन्हें ऐसा किस चीज़ की लालच होती है? यह इनको ऐसा क्या लाभ मिलने वाला होता ह? क्योंकि यह मानव प्रवृत्ति है कि मनुष्य किसन किसी लाभ के बिना शायहरी कही जाता हो।

इस सवाल का जवाब इन भक्तों की बातों में ही छुपा होता है। आप जब भी इन भक्तों से बातें करेंगे तो यह जानकारी मिलेगी के कहीं न कहीं यह तमाम लोग किसी न किसी परेशानी से ग्रसित होते हैं। किसी के घर में कोई बीमार होता है तो किसी के घर में। कोई नौकरी की तलाश में होता है तो कोई अपने बेटी या बेटे के शादी के लिए चिंतित होता है। किसी का कोई जमीन विवाद होता है तो किसी का कोई पारिवारिक विवाद होता है और तमाम सारी परेशानियों से जूझते हुए यह व्यक्ति उनका समाधान पाने के लिए जो उसे सबसे सुगम रास्ता मिलता है उसे अपना लेता है है और यह बाबा अपने फर्जी मायाजाल पहल। फैलाकर और प्रलोभन भरी बातें करके इन मजबूरी में फंसे लोगों को आसानी से को फ़ोन करो अपने मायाजाल मे फंसा लेते हैं।

अब आप सोचेंगे कि यदि यह सब परेशानियां हैं तो मैं इसके लिए सरकार को किस तरीके से दोषी मान रहा हूँ। इसमें हमारी सरकार किस तरीके से शामिल है या सरकार का क्या दोष है तो मैं आपको बता दूं कि देश के हर नागरिक को मूलभूत सुविधा प्रदान करना उसकी परेशानियों को दूर करना उसके साथ पूरे अन्याय। से उसको न्याय दिलाना यह सब हमारी सरकार का कर्तव्य ही होता है लेकिन यदि किसी व्यक्ति को या उसके परिवारजन को सही इलाज नहीं मिल रहा है तो मजबूरी बस वह बभूत ताबीज गंडा के चक्कर में इन बावाओं के चक्कर में फंस रहा है तो कहीं न कहीं यह हमारे सरकार की असफलता।है। जब एक पीड़ित व्यक्ति न्याय की गुहार जगह जगह लगाकर तंग आ जाता है उसे भी इन बाबा के मायाजाल का रास्ता ही सरल नजर आता है। कुछ भक्तों का भी यदि अनायास काम हो जाता है तो फिर इसे आग की तरह सभी क्षेत्रों में फैलाना।इन बाबाओं के से लगे हुए गुर्गे बखूबी निभाते हैं।

सरकार में हमारे चुने हुए नुमांदे जनप्रतिनिधि भी जब ऐसे ही तमाम बाबाओं की ढोक लगाते नजर आते हैं तो इससे जनता के बीच में यह संदेश जाता है कि जब इतने बड़े माननीय भी इन बाबाओं की शरण में है तो इन भावों में कोई न कोई चमत्कारिक शक्ति तो अवश्य होगी जबकि। पर्दे के पीछे देखें तो यहां धर्म की आरंभ पर। धन का गंधा धंधा संचालित होता है जिसमें ये बावा और सफेद पोश नेताओं का नेक्सस होता है। सरकार ही ऐसे तमाम बाबाओं को पोषित करती है इसीलिए ऐसे तमाम बाबाओं को देश के हर कोने में तमाम लंबी चौड़ी जमीन कौड़ी के भाव मिल जाती है बिना सरकार की मदद के यह बिल्कुल संभव नहीं है।

हमारी सरकार अपने नागरिकों को आने वाली पीढी को एक अच्छी शिक्षा देने में पूर्ण रूप से असफल रही है। ज्यादातर लोग किताबी ज्ञान तो ले लेते हैं लेकिन सही गलत का निर्णय नहीं ले पाते और शिक्षा के बाद जब उनको रोजगार नहीं मिलता है तो रोजगार की तलाश में तमाम तरह के चमत्कारों का सहारा भी यह लोग लेते हैं यदि हमारी शिक्षा नीति में। इस तरह का पाठ्यक्रम भी डाला जाए जो लोगों को अंधविश्वास से दूर रखने के तरीके सिखाए तो यह पाठ्यक्रम शायद कुछ हद तक कारगर साबित हो सकता है। बेरोजगारी हमारे देश में एक बहुत बड़ी समस्या है और जब कहीं पर भी प्रयास करने के बाद रोजगार नहीं मिलता है है तो तमाम जगह से ऐसे बेरोजगार युवकों और उनके माता पिता को यही सुझाव मिलता है कि फलां फलां बाबा के पास जाओ उनके अंदर चमत्कार है उनकी बहूति खाओ उनकी चरण रज। माथे पर लगाओ उनके इस तरह के। प्रचार प्रसार के हथकंडे में ऐसे भोले भाले लोग फंस जाते हैं और इनमें से कुछ लोगों को भी यदि रोजगार अनायास ही मिल जाए तो फिर इस तरह का प्रोपोगैंडा फैलाया जाता है। इससे ऐसे और लाखों लोग इन चमत्कार का ढोंग करने वाले बाबाओं के मायाजाल में फंस जाएं।

इस तरह के ढोंगी बाबाओं का फलना फूलना पूरी तरह से हमारी सरकार की असफलता दर्शाता है। सरकार अपने नागरिकों को अच्छी शिक्षा देने में असफल साबित हुई है। सरकार अपने नागरिकों को अच्छा इलाज देने में असफल साबित हुई है। सरकार अपने नागरिकों को त्वरित न्याय दिलाने में असफल साबित हुई है। सरकार अपने नागरिकों को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार दिलाने में असफल साबित हुई है। सरकार अपने नागरिकों को आनंदपूर्वक जीवन जीने देने के अधिकार को दिलाने में असफल साबित हुई है। और सरकार यदि इन तमाम मूलभूत सुविधाओं को अंतिम को फ़ोन करो पंक्ति के व्यक्ति तक पहुंचाने में कामयाब नहीं होती है तो इस तरह के ढोंगी बाबा यूं ही फलते फूलते रहेंगे।

प्रिंसिपल की कुर्सी को लेकर इस क्रिश्चियन स्कूल में हुआ हंगामा धमाकेदार

प्रयागराज उत्तर प्रदेश के बिशप जॉनसन इंटर कॉलेज में प्रिंसिपल पद पर कब्जे को लेकर जमकर हंगामा हुआ। कुछ लोगों प्राचार्य रूम में जबरदस्त को फ़ोन घुस आए और पूर्व प्रधानाचार्य से जबरदस्ती और अभद्रता करने लगे। इस दौरान जमकर हंगामा हुआ। स्कूल की पूर्व प्रधानाचार्य ने बिशप मॉरिस एडगर दान समेत अन्य पर लूट, धमकी, बदसलूकी का आरोप लगाते हुए कर्नलगंज थाने में शिकायती आवेदन दिया है।

इस स्कूल में अभी तक पूर्व बिशप पीटर बलदेव की बेटी पारुल सोलोमन प्रधानाचार्य रहीं। पारुल का कहना है कि विद्यालय के मैनेजमेंट को लेकर मामला कोर्ट में लंबित है। उनका आरोप है कि मंगलवार सुबह वह स्कूल के अपने कक्ष में बैठकर कार्य कर रही थीं। तभी गेट पर हंगामा शुरू हो गया। सीसीटीवी कैमरे में देखा कि एलन दान, मॉरिस दान और उनके साथ विनीता इसुबियस, संजीत पाल, विशाल नॉवेल सिंह, आर.के. सिंह, अरुण मोजेज, तनु व्यास, अभिषेक व्यास और अन्य अज्ञात लोग थे। जिस पर पारुल ने डरवश अपने चैंबर का ताला अंदर से बंदकर चपरासी से बाहर से भी ताला बंद करा दिया।

देखिए हंगामे का वायरल वीडियो

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मोदी का आह्वान एक वृक्ष माँ के नाम और वृक्षारोपण की अलख जगाने निकली सैकड़ों माताएं दे गईं अनूठा संदेश

पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण जागरूकता के आज तक आपने तमाम कार्यक्रम देखे होंगे। कार्यक्रमों में कुछ पौधे तो लग जाते थे लेकिन ज्यादा से ज्यादा लोगों को जागरूक करने के लिए संदेश पहुंचाने में यह कार्यक्रम उतने सफल साबित नहीं होते थे इसी को देखते में हुए जब देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक वृक्ष मां के नाम आह्वान किया है तो सैकड़ों की तादाद में माताएं बहनें वृक्षारोपण कार्यक्रम करने के लिए निकल पड़ी।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में स्मार्ट सिटी सीईओ श्रीमती नीथू माथुर उपस्थित रहीं। मुख्य अतिथि नीतु माथुर ने कहा है कि आईएसबीटी यात्रीगण को आधुनिक सुविधा के साथ साथ ग्रीनरी भी सुनिश्चित करेगा। इस उद्देश्य से स्मार्ट सिटी भी कैंपस में 5000 से अधिक वृक्ष लगाएगा। लेकिन जनसहयोग जनकल्याण समिति ने आज एक वृक्ष माँ के नाम में जिस तरह से। माता बहनों के सहयोग से वृक्षारोपण किया है वह अपने आप में एक अनुकरणीय उदाहरण है।

दरअसल जनसहयोग जनकल्याण समिति चार शहर का नाका ग्वालियर द्वारा पाँच जुलाई को एक वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम के लिए प्रशासन द्वारा चिह्नित आईएसबीटी कैंपस को पौधे लगाने के लिए निर्धारित किया गया। समिति के आयोजकों को विचार आया है कि एक ऐसा वृक्षारोपण कार्यक्रम किया जाए जो पूरे देश में एक अनूठी मिसाल बने और सभी को एक अच्छा संदेश दे। जन जागरण जनकल्याण समिति की ओर से उमेश राजावत ने इस कार्यक्रम की रूपरेखा के बारे में जानकारी दी।

इसी विचार से समिति ने सैकड़ों महिलाओं को एकत्रित कर उनके द्वारा वृक्षारोपण कराया वृक्षारोपण से पहले ये महिलाएं चार शहर का नाका पर एकत्रित हुई और वहां से एक रैली के रूप में वृक्षारोपण जागरूकता के नारे लगाते हुए आईएसबीटी कैंपस तक पहुंची। रैली के दौरान महिलाएं इतने मनभावन भजन गा रही थीं कि वहां के राहगीरों को भी वृक्षारोपण के लिए प्रेरित कर रही थीं।

जनसहयोग जनकल्याण समिति की यह अनूठी पहल रंग लाई और रास्ते में कई लोग इस वृक्षारोपण के संदेश से प्रेरित हुए। वे भी इस रैली में शामिल हो गए। इस तरह है जो की लगभग 200 महिला पुरुषों की रैली प्रारंभ हुई थी वह के स्थल तक पहुंचते पहुंचते 300 से अधिक संख्या पर जा पहुंची। रैली के दौरान वृक्षारोपण के लिए संदेश दे रही माता बहनों का जोश देखते ही बनता था। माता बहनों का उत्साह बढ़ाने के लिए भी राहगीर कई जगह पर फूल बरसाकर उनका स्वागत कर रहे थे।

कार्यक्रम के समापन के समय आए हुए सभी पर्यावरण प्रेमियों को एक तुलसी का पौधा भी उपहार स्वरूप दिया गया। महिलाओं द्वारा सक्रिय रूप से की निभाए जाने के चलते यह कार्यक्रम एक वृक्ष मां के नाम कुछ इस तरह चरितार्थ हुआ की माताओं ने ही एक वृक्ष अपने आने वाली पीढ़ियों के खुशहाल भविष्य के लिए लगा दिया और इस तरह इन माताओं ने पर्यावरण संरक्षण का। एक अनुपम उदाहरण पेश किया। इस पूरे कार्यक्रम के दौरान इंद्र देव भी हल्की हल्की फुहारों के रूप में अपना आशीर्वाद बरसा। रहे थे जब यह रैली अपने पौधारोपण स्थल आईएसबीटी पहुंची। उस समय भी हल्की हल्की फहारें पड रही थी। इन्हीं फुहारों के बीच आए हुए सभी अतिथियों और पर्यावरण प्रेमियों ने वृक्षारोपण किया।

इस पूरे कार्यक्रम के दौरान इंद्र देव भी हल्की हल्की फुहारों के रूप में अपना आशीर्वाद बरसा। रहे थे जब यह रैली अपने पौधारोपण स्थल आईएसबीटी पहुंची। उस समय भी हल्की हल्की फहारें पड रही थी। इन्हीं फुहारों के बीच आए हुए सभी अतिथियों और पर्यावरण प्रेमियों ने वृक्षारोपण किया।इस कार्यक्रम में प्रकाशवति, उषा तोमर, नीरू तोमर, कल्पना देवी, शशि सिंह ज्योति सिंह, उमेश राजावत रमेश तोमर महेश तोमर टीएन सिंह सहित लगभग 300 गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

लालू की भविष्यवाणी इस समय तक गिर जाएगी मोदी सरकार

बिहार के कद्दावर नेता लालू प्रसाद यादव ने मोदी सरकार को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने हाल ही में दिए बयान में मोदी सरकार कितने समय तक रहेगी को लेकर भविष्यवाणी की है । लालू प्रसाद ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व वाली सरकार बहुत कमजोर है। ऐसा कहते हुए उन्होंने सरकार चलने की समय सीमा भी अपने कार्यकर्ताओं को बता दी और अपने कार्यकर्ताओं को सरकार बनाने के लिए तैयार रहने के लिए भी कहा उनके इस बयान से राजनीतिक खड़ियारों में हलचल मची हुई है ।

आज राष्ट्रीय जनता दल का 28वां स्थापना दिवस है। इस अवसर पर राजद कार्यालय में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। कार्यक्रम में पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और उनके बेटे तेजस्वी यादव समेत कई वरीय नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यकर्ताओं ने लालू और तेजस्वी यादव का भव्य स्वागत किया। दोनों को चांदी का मुकुट पहनाया गया। 28वें स्थापना दिवस कार्यक्रम में पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए लालू प्रसाद यादव कि हमलोगों ने’पिछले 27 सालों में काफी उतार चढ़ाव देखे हैं। उतार-चढ़ाव के कारण राजद मजबूत हुआ है। तेजस्वी के नेतृत्व में आगे की लड़ाई को लड़ेंगे।

लालू प्रसाद यादव ने मोदी सरकार के डेडलाइन बताते हुए कहा कि इस साल अगस्त तक ही यह सरकार चलेगी। मैं पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं से तैयार रहने की अपील करता हूं, क्योंकि चुनाव कभी भी हो सकते हैं। दिल्ली में मोदी सरकार बहुत कमजोर है और यह अगस्त तक गिर सकती है। लालू प्रसाद यादव के बाद जब उनके पुत्र तेजस्वी यादव भी भाषण देने खड़े हुए तो उन्होंने अपने पिता की बात से सहमति जताते हुए कहा की केंद्र की मोदी सरकार बहुत कर है और वह पांच साल पूरे नहीं कर पाएगी ।

पीएम मोदी का आह्वान एक वृक्ष माँ के नाम, शिवसेना ने भी किया वृक्षारोपण

देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर पूरे देश में एक वृक्ष माँ के नाम कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसी कार्यक्रम के तहत शिवसेना ग्वालियर इकाई ने भी ग्वालियर आईएसबीटी कैम्पस में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मध्यप्रदेश सरकार के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर और विशेष अतिथि के रूप में स्मार्ट सिटी की सीईओ नीतू माथुर उपस्थित रहीं।

बता दें कि एक वृक्ष मां के नाम आह्वान देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा एक विशेष पहल के रूप में किया गया है। इस आह्वान के अंतर्गत मध्यप्रदेश में है। साढे पांच करोड पेड़ लगाए जाने हैं और इसी उद्देश्य को पूरा करने के लिए प्रदेश के के विंध जिलों में अलग-अलग स्तर पर। वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित में किया गया है । इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी सामाजिक और राजनीतिक संगठन भी आगे आए हैं। सभी ने में प्रधानमंत्री मोदी के इस आह्वान को पूरा करने के लिए बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया है।

इस अवसर पर शिवसेना ( एकनाथ शिंदे) ग्वालियर इकाई के प्रमुख महेंद्र इंगले ने बताया कि है पर्यावरण की सुरक्षा हम सभी के लिए बहुत आवश्यक है। यदि हमें पर्यावरण में संतुलन बनाए रखना है है तो ज्यादा से ज्यादा वृक्षारोपण करना होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने यह एक बहुत आवश्यक आह्वान देश की जनता से किया है और मैं समझता हूँ कि देश के हर एक नागरिक को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए इस आह्वान में शामिल होकर अपनी आहुति देकर ज्यादा से ज्यादा वृक्षारोपण करने का प्रयास करना चाहिए।

कलेक्ट्रेट की पहाड़ी पर हुआ सामूहिक वृक्षारोपण, कलेक्टर ने अपनी माँ के साथ रोपा सप्तपर्णी का पौधा

शासकीय सेवकों ने अपने परिजनों के साथ रोपे विभिन्न प्रजातियों के पौधे। कलेक्टर ने संदेश दिया कि सप्तपर्णी का पौधाकहा पौधे रोपकर अपनी अगली पीढ़ी को स्वच्छ पर्यावरण सौंपें

कभी तेज तो कभी रिमझिम बारिश के बीच कलेक्ट्रेट की सुरम्य पहाड़ी पर शासकीय सेवकों ने अपने परिजनों के साथ सामूहिक रूप से विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे। शासकीय सेवकों ने उत्साहपूर्वक पौधे रोपकर संदेश दिया कि ग्वालियर को हरीतिमा की चादर ओढ़ाने में हम सब भी कंधे से कंधा मिलाकर सहभागी बनेंगे। “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत आयोजित हुए इस सामूहिक पौधरोपण कार्यक्रम का शुभारंभ कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने अपनी माताजी श्रीमती मीना चौहान के साथ सप्तपर्णी का पौधा रोपकर किया। कलेक्ट्रेट की तलहटी से लेकर कलेक्ट्रेट के मुख्य प्रवेश द्वार तक के मार्ग पर दोनों ओर पौधे रोपने का काम शुक्रवार को किया गया।


कलेक्टर श्रीमती चौहान ने कहा कि ग्वालियर में अधिक गर्मी व कम वर्षा होने के पीछे पेड़ों की कमी एक प्रमुख वजह है। वर्तमान पर्यावरण में सुधार हो और आने वाली पीढ़ी को स्वच्छ पर्यावरण मिले, यह हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। इसलिए शासकीय सेवक भी अपने कार्यालय परिसर में ही नहीं घर के आस-पास व अन्य स्थानों पर भी पौधे रोपें और उनकी रक्षा करें। वृक्षारोपण का कार्य हर साल लगातार चलता रहना चाहिए। उन्होंने शासकीय सेवकों का आह्वान करते हुए कहा कि आप सब “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत वृहद स्तर पर वृक्षारोपण करें, जिससे समाज में पेड़ लगाने व उनकी रक्षा के प्रति सकारात्मक संदेश पहुँचे।
इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्रीमती अंजू अरुण कुमार व श्री टी एन सिंह व शहर के सभी एसडीएम सहित कलेक्ट्रेट में संचालित विभिन्न कार्यालयों में पदस्थ जिला स्तरीय अधिकारियों एवं अन्य शासकीय सेवकों ने अपने परिजनों के साथ विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे । इनमें पीपल, बरगद, आम, जामुन, सहजन, शीशम, कचनार व सप्तपर्णी सहित अन्य फलदार व छायादार प्रजातियों के पौधे शामिल हैं।

शासकीय सेवकों के लिये भी होगी जन-सुनवाई

शुक्रवार को कलेक्ट्रेट परिसर में “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत सामूहिक वृक्षारोपण के बाद कलेक्टर श्रीमती चौहान ने कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष में शासकीय सेवकों के साथ संवाद भी किया। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि आम आदमी की समस्याओं के निराकरण के लिए आयोजित हो रही जन-सुनवाई की तर्ज पर शासकीय सेवकों की समस्याओं के समाधान के लिये कलेक्ट्रेट में जल्द ही सुनवाई की जायेगी। इसमें शासकीय सेवकों की कार्यालयीन समस्याओं के निराकरण के साथ-साथ उनकी शासन-प्रशासन से संबंधित अन्य समस्याओं का समाधान करने के प्रयास किए जायेंगे। 

मध्य प्रदेश में पकड़ा गया दुर्दांत आतंकवादी, मुख्यमंत्री ने पकड़े जाने पर कही यह बात

मध्यप्रदेश में एक बार फिर बड़े आतंकवादी को पकड़ने में सफलता मिली है। एंटी टेररिसट स्क्वॉड ने इंडियन मुजाहिदीन के एक दुर्दांत अपराधी को खंडवा से गिरफ्तार किया है। आपको बता दें कि एटीएस काफी समय से कुछ गतिविधियों पर निगरानी रखी हुई थी जिसके के बाद खंडवा में इस आतंकवादी को गिरफ्तार किया गया है। यह आतंकवादी किसी बड़ी योजना की फिराक में था।मुख्यमंत्री ने आतंकवादी के पकडे जाने पर एटीएस की टीम को बधाई दी है।

ATS के अनुसार यह आतंकवादी लंबे समय से खंडवा। क्षेत्र में सक्रिय था और आने वाले समय में यह लॉन वुल्फ अटैक की तैयारी में था। इसके और साथियों के बारे में अभी कोई भी जानकारी नहीं मिली है लेकिन ऐसी आशंका जताई जा रही है। आतंकवादियों का एक गैंग मध्यप्रदेश के कुछ क्षेत्रों में ऐक्टिव है ।

सुनिए क्या कहना है मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव का इस आतंकवादी के बारे में

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मध्यप्रदेश बजट को लेकर सिंधिया ने कह दी यह बड़ी बात

मध्य प्रदेश में बजट पेश होने को लेकर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एक बड़ा बयान दिया है उन्होंने कहा है कि मध्य प्रदेश का बजट एक जनहित का बजट है, साथ ही उन्होंने इस बजट को विकासशील बजट है, प्रगतिशील बजट है, हमारे सभी क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है, चाहे शहरी क्षेत्र हों ग्रामीण क्षेत्र हो शिक्षा हो स्वास्थ्य हो, हरेक विभाग के बजट में बढ़ोत्तरी की गई है।

साथ ही ज्योतिरादित्य सिंधिया ने विश्वास व्यक्त किया है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव जी के नेतृत्व में प्रदेश का चौगुना विकास हम लोगो का संकल्प है। मैं उनको बधाई देना चाहता हूं, बहुत अच्छा बजट उन्होंने पेश किया है। प्रदेश की जनता का विकास सुनिश्चित होगा।

4 लाख नौकरियां देने के वादे पर केंद्रीय मंत्री सिंधिया बोले
औद्योगिकीकरण के आधार पर और नए निवेश के आधार पर नौकरियां भी उपलब्ध हो जाएंगी, और पूरे मध्य प्रदेश में एक नई क्रांति कृषि एवं औधोगिक क्षेत्र में भी जरूर आएगी,

औधोगिक निवेश की जिम्मेदारी मिलने पर सिंधिया ने कहा,
हर जिम्मेदारी को मैं महत्त्वपूर्णता से लेता हूं,
और पूरी तरह से निभाने की कोशिश करता हूं,

ज्योतिरादित्य सिंधिया केंद्रीय मंत्री को सुनिए कि क्या कहना है उनका मध्यप्रदेश बजट के बारे मे

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करोड़पति कचरा कपड़ा व्यापारी बन गया कचरा सेठ अनोखे शोक से घरवाले भी परेशान

आपने बॉलीवुड की मशहूर फिल्म हंगामा में एक किरदार देखा होगा कचरा सेठ। कचरा सेठ जो करोड़पति था लेकिन कचरा सेठ के नाम से फिल्म में उसका किरदार मशहूर थाश लेकिन यदि हम आपको कहें कि असल जिंदगी में भी एक करोड़पति सेठ है जो कचरा सेठ के नाम से पूरे शहर में जाना जाता है तो शायद आप चौंक जाएं। लेकिन चौकिंए नहीं यह हकीकत है। यह हकीकत है मध्यप्रदेश के मुरैना जिले के एक कपडा व्यापारी की, जो है तो करोडपति लेकिन उसे घर में कचरा इकट्ठा करने का शौक है और कचरा भी कोई एक दो बोरी नहीं तनों कचरा जिसको फेंकने के लिए जेसीबी का सहारा लेना पड़ता है ट्रोलियां भर कर कचरा उसके घर से निकलता है।

दरअसल मुरैना के कपड़ा व्यापारी योगेश गुप्ता के परिवारजनों और पड़ोसियों ने वार्ड 23 के पार्षद से शिकायत की थी कि योगेश गुप्ता के घर में काफी सारा कचरा जमा किया हुआ है जिससे बदबू फैल रही है और लोग बीमार हो रहे हैं। शिकायत पर जब नगर निगम अमला पहुंचा तो वह देखकर हैरान रह गया। उसे मशीनों का प्रयोग कर कचरा घर के बाहर फेंकना पड़ा। जब कचरा घर के बाहर फेंका तो गली में इतना कचरा इकट्ठी हो गया। के उसे उठाने के लिए जेसी भी बुलानी पड़ी और जब जेसीबी ने कचरा उठाकर ट्रॉलियों में भरा तो 4 ट्रोली कचरा नगर निगम को वहां से फेंकना पड़ा। इस कचरे में फटे पुराने कपड़े प्लास्टिक का सामान वो तमाम ऐसी चीजें थी जिनका कोई उपयोग नहीं है।

यह पहला मामला नहीं है जब इस व्यापारी के घर से ढेर सारा कचरा निकला हो। इससे पहले 2022 में भी योगेश गुप्ता के घर पर कचरा पर जमा होने की शिकायत थी जिसमें नींबू आम के छिलके और तमाम नारियल के छिलके और तमाम गंदगी घर में भरी हुई थी जिसकी बदबू से अडोसी पडोसी परे परेशान थे उस समय भी शिकायत करने पर जब नगर निगम अमला पहुंचा था तो इस व्यापारी के घर से लगभग 12 ट्रोली कचरा निकाला गया था। इस व्यापारी को कचरा इकट्ठा करने का ऐसा शौक है कि यदि यह कहीं बाहर भी व्यापार के लिए जाता है तो वहां से भी फटे पुराने कपड़े और कचरा अपने बैगों में भर लाता है। जब यह व्यापारी कामकाज के लिए दिल्ली जाता है तो वहाँ से भी कपड़ों का कचरा अपने बैगों मे भर लाता है।

मनोचिकित्सकों का मानें तो यह एक प्रकार का मनोरोग है जिसमें किसी व्यक्ति को होर्डिंग हैबिट डेवलप हो जाती है। बचपन से ही उसको हर चीज़ काम की ओर उपयोगी लगने लगती है जिसको वह इकट्ठा करने लगता है उसे उस वस्तु को फेंकने का मन नहीं होता है और कहीं न कहीं उस वस्तु के उपयोग की आस में वह धीरे धीरे। ढेर सार या कचरा इकट्ठा कर लेता है।