ग्वालियर मध्य प्रदेश: ग्वालियर के बेहट क्षेत्र में दो डंपर आमने सामने से टकरा गए। टक्कर इतनी भयावह है ही दम पर आग लग गई। दोनों डंपर जलकर खाक हो गए और यह आग पास के ही मकान था और वहां बंधे भेड़, बकरी भैंसें भी जल गईं। इस भीषण हादसे में दोनों डंपर के ड्राइवर सीट और स्टीयरिंग के बीच फंस गए। उन्होंने बचाने के लिए बहुत गुहार लगाई, लेकिन उसी जगह पर दोनों जिंदा जल गए। आग शांत होने पर दोनों के अवशेष ही उस जगह पर मिले। घटना मंगलवार बुधवार की दरमियानी रात बारह बजे की है। बचाव दल ने भी जो खौफनाक मंजर देखा उसको देखकर हैरान रह गए।
ग्वालियर के बेहट थाना क्षेत्र में रेत के डंपरों की आवाजाही आम बात है, उसी क्रम में एक डंपर रेत लेने के लिए दतिया की ओर जा रहा था जिसे चालक जितेंद्र गुर्जर चला रहा था। उसी समय, एक दूसरा डंपर रेत भरकर ग्वालियर की ओर आ रहा था, जिसे सुरेंद्र चला रहा था, रात का वक्त था। अचानक न जाने क्या हुआ ही दोनों डंपर आमने सामने आ गए सुरेंद्र का डंपर सामने से आ रहे जितेंद्र के डंपर में जा घुसा। दोनों डंपर के टकराते ही डीजल टैंक फट गया और दोनों में आग भड़क गई।आग ने हाल ही भयावह रूप ले लिया और दोनों डंपर धू धू करके जलने लगे। किसी को भी कुछ भी सोचने का मौका ही नहीं मिला।
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जिस जगह पर यह घटना हुई, वहां सड़क किनारे ही एक ग्रामीण धर्मबीर सिंह कुशवाह परिवार सहित रहते हैं। उनके परिवार में कुल पैंतीस सदस्य हैं। पूरा परिवार रात को सो रहा था। सभी लोग घर के अंदर थे। धर्मवीर के पिता बाल किशन और बुआ भगवती आंगन में सो रहे थीं, वहीं भैंसें और बकरी भी बंधी हुई थी और अठारह क्विंटल गेहूं भी रखा हुआ था। धर्मबीर सिंह का कहना है की रात लगभग 12 बजे तेज धमाके की आवाज़ आई। सड़क पर डंपर जल रहे थे और आग उनके आंगन तक फैल चुकी थी। उन्होंने खूंटे निकालकर भैंस बकरियों को खोला, उनके पिता और बुआ आग से घिरे हुए थे। उन्हें बचाया और साथ ही घर के पीछे की दीवार तोड़ी और सभी लोगों को पीछे खेत के रास्ते से सुरक्षित घटनास्थल से दूर भगाया। यदि समय रहते, वे सूझबूझ से सबको बाहर नहीं निकालते, तो और बड़ा हादसा हो सकता था।
इस भयावह अग्नि कांड में दोनों डंपर जलकर पूरी तरह खाक हो गए। सुबह जब बचाव दल ने मौके पर मुआयना किया तो दोनों ड्राइवर जितेंद्र और सुरेंद्र की हड्डियां और कुछ अवशेष ही घटनास्थल पर बरामद हुए। आगजनी के बाद के हालात देखकर हर कोई हैरान था। घटना स्थल ग्रामीण क्षेत्र में होने के कारण फायर ब्रिगेड भी काफी देरी से वहां पहुंची थी, लेकिन फायर ब्रिगेड पहुंचने से पहले ही दोनों ड्राइवर जलकर खाक हो गए थे। हालांकि पास में रहने वाला परिवार सुरक्षित दूर चला गया था। इस घटना के कारणों की जांच की जानी चाहिए।संभवतः डंपर ड्राइवर ओवर टाइम डंपर चलाने के चलते थके हुए होंगे।उनकी नींद पूरी नहीं हुई होगी, यह भी एक कारण इस घटना का हो सकता है।
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