ग्वालियर मध्य प्रदेश: ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर मंगलवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब गतिमान एक्सप्रेस से उतरे एक निजी कंपनी के इंजीनियर ने जीआरपी को सूचना दी कि उसका बैग गायब हो गया है और उस बैग में ₹1000000 कैश थे। इस इंजीनियर की बात सुनकर पुलिस तुरंत अलर्ट हो गई और जांच शुरू कर दी। रेलवे स्टेशन पर लगे हुए सीसीटीवी खंगाले गए, जिसमें साफ नजर आया कि यह इंजीनियर झूठ बोल रहा है।जब यह ट्रेन से उतरा और इधर उधर चला, तब इसके हाथ में ऐसा कोई बैग नजर नहीं आया। जब पुलिस ने फिर से पूछा तब इसका कहना था कि बैग ट्रेन में छूट गया है। इस पूरे मामले में सवाल यह खड़ा होता है कि क्या इतनी बड़ी कैश रकम लेकर भारतीय रेलवे में सफर किया जा सकता है और रेलवे स्टेशन पर लगी मशीनों में यह बात क्यों नहीं उजागर हुई।
निजी कंपनी के इंजीनियर राजीव खन्ना का कहना है कि वह इस कंपनी में इंजीनियर के रूप में उड़ीसा में काम करते हैं। हजरत निजामुद्दीन स्टेशन से गतिमान एक्सप्रेस की सीएट कोच के सीट नंबर 30 पर वे ग्वालियर के लिए यात्रा कर रहे थे। ट्रेन के ग्वालियर पहुंचने पर वे खुद तो ट्रेन से उतर गए लेकिन बैग उठाना भूल गए और जब ट्रेन आगे चल दी। तब उन्हें बैग की याद आई, और वे घबरा गए और तुरंत जीआरपी थाने पहुंचे और वह गायब होने की सूचना थाना पुलिस को दी। लेकिन उनके पास यह रकम क्यों थी और इतनी बड़ी रकम लेकर वह ट्रेन में यात्रा क्यों कर रहे थे, इस बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है।

इस मामले में जीआरपी थाना टीआई दीप शिखा तोमर का कहना है कि जब इंजीनियर ने बैग गायब होने की शिकायत दर्ज की तो तुरंत सीसीटीवी खंगाले, जिसमें इंजीनियर बैग के साथ नजर नहीं आए और जब इंजीनियर ने बताया कि बैग ट्रेन में ही छूट गया है तो उनकी बताए गए सीट पर जांच करने के लिए गतिमान एक्सप्रेस में चल रहे ऑन ड्यूटी पुलिस को कर्मियों से संपर्क किया गया। पुलिसकर्मियों को बैग उसी सीट पर मिल गया, जिसे वापस ग्वालियर भेजा गया और दस लाख रुपये से भरा यह बैग इंजीनियर को लौटा दिया गया।
इस पूरे मामले में रेलवे के नियमों की बड़ी लापरवाही भी सामने आ रही है। एक्सपर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार रेलवे में कैश लेकर यात्रा करने को लेकर कोई नियम नहीं है। कितनी भी मात्रा में कैश लेकर आप यात्रा कर सकते हैं हालांकि राज्य से संबंधित नियमों के आधार पर यदि जांच में किसी यात्री पर कैश पाया जाता है तो उससे उस कैश को लेकर यात्रा करने के संबंधित दस्तावेज मांगे जाते हैं और दस्तावेज नहीं होने पर राज्य के आयकर विभाग को सूचना दी जाती है। लेकिन यहां रेलवे की सुरक्षा में बड़ी लापरवाही सामने आ रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में कैश लेकर यात्रा करने पर भी कहीं कोई जांच नहीं होती। अब ऐसी स्थिति में यदि इतनी बड़ी रकम चोरी हो जाती है तो कैश लेकर यात्रा करने वाला रेलवे की सुरक्षा पर आरोप लगा सकता है।
