ग्वालियर मध्य प्रदेश: लगातार हो रही लापरवाही के बावजूद भी भारतीय रेलवे में सुधार की संभावनाएं नजर नहीं आ रही हैं। ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर एक बार फिर एक नहीं, एक साथ दो अलग अलग ट्रेनों में बड़ी लापरवाही देखने को मिली, जिसका खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ा और रेलवे ने अपनी फूल जल सफाई देकर पल्ला झाड़ दिया। इंदौर सूबेदारगंज ट्रेन क्रमांक, जीरो, 4170 टिकट और वेबसाइट पर दर्ज समय से 2 घंटे पहले आ गई जिसके चलते तमाम यात्रियों की ट्रेन छूट गई वहीं ट्रेन क्रमांक 20424 पातालकोट एक्सप्रेस में सेकेंड एसी का कोच ही नहीं लगाया, जिससे यात्रियों को परेशान होना पड़ा और वे आक्रोशित हो गए।
बुधवार को ट्रेन। क्रमांक 04170 इंदौर, सूबेदारगंज 11:10 पर ग्वालियर रेलवे स्टेशन पहुंची और वहां से चली गई लेकिन इस ट्रेन के यात्री 1 बजे के बाद स्टेशन पहुंचे क्योंकि उन्होंने जो टिकिट बुक किए थे, उन पर ट्रेन की टाइमिंग एक बचकर 25 मिनट दर्ज थी। आईआरसीटीसी की वेबसाइट और ऐप पर भी ट्रेन का यही टाइम दर्जा रहा था जिसको देखते हुए यात्री एक बचकर पच्चीस मिनट की ट्रेन को पकड़ने के लिए रेलवे स्टेशन पर पहुंचे थे, लेकिन उन्हें वहां जाकर पता चला कि उनकी ट्रेन तो दो घंटे पहले ही निकल चुकी है क्योंकि उसका समय बदला गया है। जिन यात्रियों को इस ट्रेन में सफर करना था, वे भीषण गर्मी में घंटों परेशान होते रहे और उन्होंने रेलवे स्टेशन पर हंगामा कर दिया। इस मामले में रेलवे के जिम्मेदारों का कहना था की आईआरसीटीसी और रेलवे के बीच समन्वय की कमी से यह चूक हुई है। जब यात्रियों ने घंटों हंगामा किया तब झांसी मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों ने चर्चा कर पीड़ित यात्रियों को टिकट कार रिफंड वापस कराया। लेकिन रेलवे की इस लापरवाही के चलते तमाम यात्री यात्रा नहीं कर सके।
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फिरोजपुर से सिवनी जा रही ट्रेन क्रमांक दो 20424 पातालकोट एक्सप्रेस में सेकेंड एसी कोच नहीं लगाया गया। जिन यात्रियों ने ऐसी सेकेंड में सीट रिजर्व कराई थी जब वे ट्रेन तक पहुंचे तो उन्हें यह कोच नजर ही नहीं आया और उन्हें बताया गया ही एसी का 3rd कोच आपके लिए लगाया गया है। ऐसी सेकेंड की जगह यात्रियों को एसी थर्ड में यात्रा करनी पड़ी, जिसे देखकर यात्री आक्रोशित हुए। यात्रियों ने टीटीई से इस बात की शिकायत की और सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर भी अपनी आपत्ति दर्ज की। रेलवे की लापरवाही के चलते यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
जहां एक ओर देश की सरकार और देश के रेल मंत्री रेलवे में सुविधाओं के बेहतरी की बात करते हैं, तकनीक के प्रयोग की बात करते हैं इन सब तकनीक का प्रयोग करने के बावजूद रेलवे द्वारा इस तरह के चूक होना कहीं न कहीं बड़ी लापरवाही दर्शाता है। कोच के बदले जाने के मामले में फिर भी यह समझा जा सकता है कि अंतिम समय में किसी कोच में खराबी आने से उसे बदल दिया गया हो और एसी सेकेंड की जगह एसी 3rd लगा दिया गया हो, लेकिन जिस तरह से इंदौर सूबेदारगंज ट्रेन का टाइम ही टिकट पर और आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर अपडेट नहीं किया गया। वह रेलवे की बड़ी चूक और लापरवाही को उजागर करता है। ऐसी ही लापरवाही जापान जैसे विकसित देश में हुई होती तो रेलवे को करोड़ों का हर्जाना देना होता।
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