Tuesday, April 21, 2026
38.1 C
Delhi
Tuesday, April 21, 2026
HomeExclusiveनेशनल परमिट बस ऑपरेटरों के लिए बना सरदर्द; सीएम हेल्पलाइन पर पहुंच...

नेशनल परमिट बस ऑपरेटरों के लिए बना सरदर्द; सीएम हेल्पलाइन पर पहुंच रही शिकायतें

बस ऑपरेटर्स कुछ विसंगतियों की शिकायत सीएम हेल्पलाइन पर करने तक को मजबूर हैं।बस ऑपरेटर्स का कहना है कि बीमा और फिटनेस होने के बाद भी उनसे नेशनल परमिट देने के लिए आगे एक साल की अवधि का बीमा मांगा जा रहा है।

ग्वालियर मध्य प्रदेश: मध्यप्रदेश के बस ऑपरेटर्स नेशनल परमिट को लेकर परेशान हैं। अन्य शहरों की तरह ग्वालियर में भी हालात यही हैं कि बस ऑपरेटर्स नेशनल परमिट को रिन्यू कराने पहुंच रहे हैं तो विभाग के द्वारा तमाम नए नियमों का हवाला देकर उन्हें परेशान किया जा रहा है। आपको बता दें कि बसों के ऑल इंडिया परमिट अलग-अलग अवधि के लिए जारी किए जाते हैं। पहले ऐसी व्यवस्था थी कि बसों के नेशनल परमिट की फीस भरने के बाद आगे ऑटो अप्रूवल मिल जाता था और बस ऑपरेटर को दफ्तर के चक्कर नहीं काटने पड़ते थे। अब जो व्यवस्था बदली है उसमें कुछ कमियों के चलते बस ऑपरेटर परेशान हो रहे हैं।

हालांकि नेशनल परमिट दिए जाने की जो व्यवस्था बदली गई थी वह आम जनों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बदली गई क्योंकि भोपाल में हुए बस हादसे के बाद मध्यप्रदेश का परिवहन विभाग कुंभकरणीय नींद से जागा था और अब परमिट देने के लिए प्रदेश में सख्ती की गई थी। अब परमिट की फीस की रसीद दिखाए जाने के बाद भी परमिट को लेकर वेरिफिकेशन की पूरी प्रक्रिया शुरू की गई है। और पूरी तरह से फिजिकल वेरिफिकेशन होने के बाद ही परमिट दिए जा रहे हैं हालांकि इस मामले में कोई लिखित आदेश न होने के कारण बस ऑपरेटर्स के बीच में खासी नाराजगी है।

बस ऑपरेटर्स कुछ विसंगतियों की शिकायत सीएम हेल्पलाइन पर करने तक को मजबूर हैं।बस ऑपरेटर्स का कहना है कि बीमा और फिटनेस होने के बाद भी उनसे नेशनल परमिट देने के लिए आगे एक साल की अवधि का बीमा मांगा जा रहा है।जब उनकी बस का बीमा कुछ दिन पहले और फिटनिस भी कुछ दिन पहले हो चुकी हो तो फिर आगे का बीमा वह कैसे भर सकते हैं। परिवहन विभाग के इस गड़बड़ी की शिकायत भी सीएम हेल्पलाइन पर की जा रही है कि विभाग का स्टाफ उन्हें बेवजह परेशान कर रहा है और पैसों की मांग कर रहा है। हालांकि इस तरह के आरोप तो परिवहन विभाग पर हमेशा ही लगते रहे हैं।

यह भी पढ़ें यह है ग्राहक शक्ति; ₹8 के लिए 3 साल कानूनी लड़ाई और ऐसे मिला न्याय

परिवहन विभाग के अधिकारियों की मानें तो बसों के परमिट मोटर व्हीकल एक्ट में दिए गए दिशा निर्देशों के अनुसार ही किए जा रहे हैं। बिना बीमा और फिटनेस की गाड़ियों को आगे परमिट नहीं दिया जा सकता क्योंकि ऐसी स्थिति में हादसे की जवाबदेही तय नहीं हो पाती। उन्होंने यह स्वीकार किया कि पहले बसों के परमिट को लेकर ऑटो अप्रूवल सिस्टम था लेकिन उनका यह भी कहना कि सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते ही ऑटो अप्रूवल को बंद किया गया है और वेरिफिकेशन और पूरी तरह पुष्टि होने के बाद ही बसों को नेशनल परमिट जारी किए जा रहे हैं। 

यह भी पढ़ें कलेक्टर पर दो लाख जुर्माना, छोटी सी भूल से युवक को एक साल काटना पड़ी थी जेल

Gajendra Ingle
Gajendra Inglehttp://theinglespost.com
The author is founder Editor of this news portal. He has long experience of journalism. He has deep expertise on political and social issues.
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular