ग्वालियर मध्य प्रदेश: श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती के पूरे देश की निगाहें ग्वालियर पर होंगी। उसकी वजह यह तो है ही कि अटल जी भारत रत्न हैं देश के पूर्व प्रधानमंत्री हैं लेकिन साथ इस बार उनके जयंती पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का ग्वालियर दौरा है। अमित शाह चौबीस दिसंबर को ग्वालियर आ जाएंगे।रात्रि विश्राम ग्वालियर में करेंगे और पच्चीस दिसंबर को विभिन्न कार्यक्रमों में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल रहेंगे। अमित शाह के बारे में जो लोग जानते हैं उन्हें भली भांति पता है कि वह किसी भी कार्यक्रम में कहीं कोई लापरवाही या कमी बर्दाश्त नहीं करते हैं। और थोड़ी सी भी चूक दिखाई देने पर उनका सख्त अंदाज लापरवाहों के होश फाख्ता कर देता है।
शहर में जिम्मेदार अधिकारियों के हालात खराब क्यों हैं?उसकी वजह है पिछले काफी लंबे समय से शहर पूरी तरह अव्यवस्थित था। ग्वालियर की सड़कें ग्वालियर का ट्रैफिक पूरे देश में चर्चित हो चुका है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का ग्वालियर दौरा तय होने के बाद से ही ग्वालियर में जिम्मेदार अधिकारियों ने कमर कसी और युद्ध गति से तैयारियों में जुटे हुए हैं। ग्वालियर में तमाम कार्यक्रमों में सबसे मुख्य कार्यक्रम है एमपी ग्रोथ समिट जो मेला ग्राउंड में होना है वहां तो तैयारियां चाक चौबंद कर ही ली गई लेकिन अमित शाह के दौरे में कुछ अन्य कार्यक्रम भी जुड़ते जा रहे हैं और उन क्षेत्रों में व्यवस्था को सुधारना अब ग्वालियर के जिम्मेदार अधिकारियों के लिए एक बड़ी चुनौती है।
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ग्वालियर महाराजवाड़ा स्थित अटल म्यूजियम 3 साल से तैयार है और उद्घाटन का इंतजार कर रहा है। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि अमित शाह पच्चीस दिसंबर को इस अटल म्यूजियम का शुभारंभ भी कर सकते हैं और वह व्यक्तिगत रूप से इस स्थल पर आकर ही इसका उद्घाटन करेंगे और इसका अवलोकन करेंगे। साथ ही ग्वालियर शासकीय प्रेस बिल्डिंग में तैयार किए गए औद्योगिक म्यूजियम का भी लोकार्पण होने की संभावना है। लेकिन महाराज बाड़ी तक जाने का पहुंच मार्ग और वहां के हालात किसी से छुपे नहीं हैं। अभी कुछ ही दिन पहले मध्य प्रदेश चैंबर ऑफ़ कॉमर्स ग्वालियर के अध्यक्ष प्रवीण अग्रवाल ने भी सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया था। यह पोस्ट ग्वालियर के जिम्मेदारों को आईना दिखाने के लिए था और तंज भरा था कि अमित शाह महाराज बाड़ा तक भी जाए और उस मार्ग के बीच में आने वाले ऊंट पुल और दौलतगंज का जिक्र भी उन्होंने किया था।
हालांकि अब उनकी यह इच्छा पूरी होती नजर आ रही है और ऐसा बताया जा रहा है कि अटल म्यूजियम का उद्घाटन अमित शाह के दौरे के कार्यक्रम में जुड़ चुका है लेकिन अब महाराज बाड़ी तक पहुंच मार्ग पर व्यवस्थाओं को चाक चौबंद करना अधिकारियों के लिए एक बड़ी चुनौती है और अधिकारी युद्ध गति से इन तैयारियों में जुटे हुए हैं लेकिन कहीं ना कहीं अधिकारियों के बीच में घबराहट भी है क्योंकि किसी भी तरह की कोई भी लापरवाही या कमी रह जाती है तो उसका दंड भी जिम्मेदार को भुगतना ही पड़ेगा। लगातार मीटिंग का दौर जारी है। ग्वालियर जिले के प्रभारी मंत्री तुलसी सिलावट भी ग्वालियर में डेरा जमाए हुए हैं और हर तैयारी पर व्यक्तिगत रूप से नजर रखे हुए हैं। ग्वालियर संभाग आयुक्त मनोज खत्री और ग्वालियर।आईजी अरविंद सक्सेना लगातार बैठकें ले रहे हैं। तैयारियों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी के ग्वालियर में कमल सिंह का बाग शिंदे की छावनी स्थित पैतृक निवास पर भी केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का भ्रमण प्रस्तावित है। इसे ध्यान में रखकर कलेक्टर रुचिका चौहान एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने सोमवार को कमल सिंह का बाग स्थित अटल जी के निवास का अवलोकन किया। उन्होंने शिंदे की छावनी से उनके निवास तक के पहुँच मार्ग व पार्किंग व्यवस्था का जायजा लिया। साथ ही संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि अतिविशिष्ट अतिथियों की सुरक्षा व स्थानीय निवासियों की सुविधा को ध्यान में रखकर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दें।
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शिंदे की छावनी स्थित अटल जी के पैतृक निवास और महाराज बाड़े तक पहुंच मार्ग की व्यवस्थाएं दुरुस्त करने में प्रशासन पूरी तरह जुटा हुआ है और हर संभव प्रयास कर रहा है कि इन क्षेत्रों में व्यवस्थाओं में किसी तरह की कमी न रह जाए। हर स्पॉट पर तैयारियों का जायजा वरिष्ठ अधिकारी कलेक्टर एसएसपी स्वयं ले रहे हैं और अपने अधीनस्थों को थोड़ी सी भी कमी दिखने पर निर्देशित भी कर रहे हैं। तैयारियां किस हद तक त्रुटिहीन और पूर्ण होंगी?और क्या कोई कमी तो नहीं रह जाएगी?यह तो पच्चीस दिसंबर को ही पता चलेगा…
