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कलयुगी पुत्र की दरिंदगी: जिस माँ ने जन्म दिया, उसी के गले में कस दी मौत की डोरी

“लास्ट सीन” थ्योरी, आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच और चश्मदीद गवाहों के बयान इस मामले की कड़ी दर कड़ी जोड़ते चले गए। पुलिस को जल्द ही शक घर के ही सदस्य, बेटे संजय रजक पर गया, जो घटना के समय आसपास मौजूद था और शराब के नशे में पाया गया। और

डबरा: मध्यप्रदेश: पिछोर की यह घटना इंसानियत को अंदर तक झकझोर देने वाली है, जहां एक बेटे ने ही अपनी मां के जीवन की डोर को बेरहमी से तोड़ दिया। जिस मां ने अपने बच्चे को जन्म दिया, उसे पाल-पोसकर बड़ा किया, उसी मां की जिंदगी उसके ही बेटे के हाथों इस कदर खत्म हो जाएगी, शायद किसी ने सोचा भी नहीं होगा। यह सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि रिश्तों, संस्कारों और मानवता की एक साथ हुई निर्मम हत्या है।

20 मार्च की रात पिछोर कस्बे के बड़ा बाजार, हिंगलाज माता मंदिर के पास रहने वाली वृद्ध महिला लक्ष्मी रजक अपने ही घर में मृत अवस्था में मिलीं। शुरुआत में यह एक सामान्य संदिग्ध मौत लग रही थी, लेकिन जैसे-जैसे परतें खुलती गईं, एक भयावह सच्चाई सामने आती गई। घर के अंदर दुकान में फर्श पर पड़ी मां के गले में कसकर बंधा स्टोल इस बात की गवाही दे रहा था कि यह मौत सामान्य नहीं थी।

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सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, घटनास्थल को सुरक्षित किया गया और हर पहलू से जांच शुरू की गई। “लास्ट सीन” थ्योरी, आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच और चश्मदीद गवाहों के बयान इस मामले की कड़ी दर कड़ी जोड़ते चले गए। पुलिस को जल्द ही शक घर के ही सदस्य, बेटे संजय रजक पर गया, जो घटना के समय आसपास मौजूद था और शराब के नशे में पाया गया।
जांच में सामने आया कि संजय रजक लंबे समय से शराब का आदी था और आए दिन अपनी मां से झगड़ा करता था। संपत्ति को लेकर विवाद, घर के अंदर तनाव और पारिवारिक कलह ने धीरे-धीरे इस रिश्ते को जहर से भर दिया था। घटना वाली रात भी विवाद ने उग्र रूप ले लिया। गुस्से में अंधा होकर बेटे ने पहले अपनी मां को जोर से जमीन पर पटक दिया, जिससे वह घायल हो गईं। इसके बाद भी उसका गुस्सा शांत नहीं हुआ और उसने अपनी ही मां के गले में उनके पहने हुए स्टोल को कस दिया, जब तक कि उनकी सांसें थम नहीं गईं।

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इस दौरान मौजूद चश्मदीद गवाह ने जब बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो आरोपी ने उसे भी जान से मारने की धमकी दी। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी ने मामले को छिपाने और पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन सच ज्यादा देर तक छिप नहीं सका।
पुलिस ने जब वैज्ञानिक साक्ष्यों, गवाहों के बयान और परिस्थितियों के आधार पर आरोपी से सख्ती से पूछताछ की, तो वह टूट गया और अपना गुनाह कबूल कर लिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी यह साफ हो गया कि महिला की मौत गला घोंटने से हुई है, जिससे हत्या की पुष्टि हो गई।
इस पूरे मामले के खुलासे में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (देहात) जयराज कुबेर की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिन्होंने शुरुआत से ही इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए। वहीं पिछोर थाना प्रभारी शिवम राजावत की सक्रियता, सतर्कता और लगातार मेहनत के चलते पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर इस अंधे कत्ल का पर्दाफाश कर दिया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

यह घटना सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं है, बल्कि पूरे समाज के लिए एक चेतावनी है कि जब रिश्तों में संवाद खत्म हो जाता है और नशा, क्रोध व स्वार्थ हावी हो जाते हैं, तो परिणाम कितने भयावह हो सकते हैं। आज हर व्यक्ति के मन में यही सवाल उठ रहा है कि आखिर एक बेटा इतना निर्दयी कैसे हो सकता है।
ईश्वर से यही प्रार्थना है कि दिवंगत मां की आत्मा को शांति प्रदान करें और समाज को ऐसे कृत्यों से दूर रहने की सद्बुद्धि दें। साथ ही यह भी आवश्यक है कि ऐसे अपराध करने वालों को कठोरतम सजा मिले, ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह रिश्तों को कलंकित करने की हिम्मत न कर सके।

भरत रावत, संवाददाता, डबरा का विशेष आलेख

Gajendra Ingle
Gajendra Inglehttp://theinglespost.com
The author is founder Editor of this news portal. He has long experience of journalism. He has deep expertise on political and social issues.
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