ग्वालियर मध्य प्रदेश: मध्यप्रदेश के 30 हज़ार आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी पिछले दो दिनों से काली पट्टी बांधकर काम कर रहे हैं और अपनी मांगें पूरी न होने पर आगे बड़ी हड़ताल की तैयारी में हैं। ये आउटसोर्स स्वास्थ्यकर्मी प्रदेश व्यापी आंदोलन के तहत सभी जिलों में काली पट्टी बांधकर काम कर विरोध जता रहे हैं। लंबे समय से यह अपनी मांगों को लेकर सरकार से गुहार लगा रहे हैं।समय समय पर आंदोलन भी करते हैं लेकिन अभी तक इनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है और इस बार सरकार को जगाने के लिए स्वास्थ्यकर्मियों ने एक बड़े आंदोलन की तैयारी कर ली है। पूरे प्रदेश में तीस हजार से अधिक ऐसे स्वास्थ्यकर्मी हैं और यदि यह काम बंद हड़ताल पर चले जाते हैं तो प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं ठप हो सकती हैं!
आउटसोर्स कर्मचारियों का कहना है कि वो 10000 महीने की नौकरी कर रहे हैं कई कर्मचारी ऐसे हैं जो 20-20 साल से नौकरी करने के बावजूद नियमित नहीं हो पाए। हड़ताल से प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होंगीं। कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष कोमल सिंह की अगुआई में आज आंदोलन के तहत काली पट्टी बांधकर काम कर रहे है, हमारी मांगे नही मानी तो, आने वाले समय मे CM के नाम ज्ञापन देने के बाद आगे हड़ताल में आंदोलन बदलेगा। जिस तरह की तैयारी आउटसोर्स स्वास्थ्यकर्मियों ने कर रखी है यदि उनकी नौबत आती है तो अस्पतालों का कामकाज प्रभावित हो सकता है। और पूरे प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा सकती हैं।
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इन मांगों को लेकर हो रहा आंदोलन..
आउटसोर्स कर्मचारियों को बिना शर्त के संविदा में मर्ज किया जाए
आउटसोर्स कर्मचारी के लिए न्यूनतम 21000 वेतन निर्धारित किया जाए
रेगुलर कर्मचारियों की तरह शासकीय छुट्टियों की सुविधा दी जाए ।
6आउटसोर्स कर्मचारी को भी नियमित भर्ती में 50% आरक्षण दिया जाए ।
आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारियों का स्वास्थ्य बीमा कराया जावे।
ग्रेच्युटी का लाभ दिया जाए
आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष कोमल सिंह ने बताया कि 23 और 24 फरवरी को प्रदेशभर में सामूहिक हड़ताल की जाएगी। शासकीय मेडिकल कालेज जिला अस्पताल सिविल अस्पताल प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र शहरी स्वास्थ्य केन्द्र संजीवनी क्लिनिक पोषण पुनर्वास केन्द्र सहित जहां पर भी आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी हैं वे सभी इस हड़ताल में शामिल होंगे।संघ के अध्यक्ष का यह भी कहना है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत सेवाएं दे रहे आउटसोर्स।कर्मचारियों को बिना किसी शर्त विभाग में तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी में रिक्त पदों पर समायोजित कर नियमित किया जाए और उन्हें संविदा में मर्ज किया जाए। संघ की साफ चेतावनी है कि जब तक मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता है तब तक आंदोलन चरणबद्ध तरीके से ऐसे ही जारी रहेगा।
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