महाराष्ट्र की राजनीति डिजिटल डेस्क: महाराष्ट्र की राजनीतिक उठापटक और गठबंधन पिछले लंबे समय से पूरे देश को चौंका रहे हैं और अब नगरीय निकाय चुनाव में दो गजब के ही उलटफेर देखने को मिल रहे हैं। महाराष्ट्र के स्थानीय नगर निगम चुनाव लगातार दिलचस्प मोड़ ले रहे हैं। पूरे देश में कांग्रेस के खिलाफ बिगुल फूंकने वाली बीजेपी ने ठाणे में उसी से हाथ मिला लिया है। हैरानी की बात तो ये है कि कांग्रेस और बीजेपी का गठबंधन एकनाथ शिंदे की शिवसेना के खिलाफ किया गया है। मुंबई से महज 70 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ठाणे की अंबरनाथ नगर परिषद में कांग्रेस और बीजेपी एक-साथ आ गए हैं। इसके बाद राज्य का सियासी पारा भी आसमान छूने लगा है।
आपको बता दें कि यह गठबंधन कोई आम गठबंधन नहीं है क्योंकि कांग्रेस और भाजपा एक दूसरे के चिर प्रतिद्वंद्वी रहे हैं और देश की बड़ी पार्टी होने के नाते आज तक इतिहास में कभी ऐसा नहीं हुआ कि दोनों ने किसी चुनाव को जीतने के लिए एक दूसरे के साथ गठबंधन किया हो। यहां हैरानी की बात यह भी है कि कांग्रेस की और यह गठबंधन का हाथ भाजपा ने बढ़ाया है। यह देश की राजनीति है और पार्टियों का कुर्सी का प्रेम है जो न जाने क्या क्या करा ले और उसी का परिणाम यहां देखने को मिल रहा है कि कांग्रेस और भाजपा ने अपने तमाम खींचतान को दरकिनार करते हुए एक दूसरे के साथ हाथ मिलाने का फैसला किया है ताकि वे अंबरनाथ में चुनाव जीत सके।
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अंबरनाथ नगर परिषद को शिंदे की शिवसेना का गढ़ माना जाता है। डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के बेटे श्रीकांत शिंदे यहीं से ही सांसद हैं। अंबरनाथ सीट पर एक बार फिर शिवसेना सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, लेकिन बहुतम से चूक गई। ऐसे में शिवसेना ने बीजेपी के साथ गठबंधन की योजना बनाई, मगर बीजेपी ने शिवसेना की बजाए कांग्रेस का हाथ थाम लिया। कांग्रेस और बीजेपी ने मिलकर यहां सरकार बनाई और बीजेपी पार्षद यहां से नगर अध्यक्ष चुने गए।
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