मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल अपने गंगा जमुनी तहसील भरी पहाड़ियों और झीलों की वजह से जानी जाती है और यही सब भोपाल को रहने के लिए सबसे खूबसूरत शहर बनाती है। लेकिन इन सभी अनुकूलता के बीच में कहीं न कहीं एक बहुत बड़ा खतरा पैर पसारता जा रहा है खामोशी से अंदर ही अंदर कुछ ऐसा बड़ा खतरा फैल रहा है जो न जाने कब विस्फोटित हो और पूरी राजधानी को तहस नहस कर दे। यह खतरा है आतंकवाद का यह खतरा है मादक पदार्थ का। पिछले कुछ समय में जिस तरह की वादक पदार्थ की और आतंकियों के पकड़े जाने की सूचनाएं और खबरें सामने आई हैं वह अब यह सोचने पर मजबूर करती हैं कि क्या आने वाले समय में भोपाल एक सुरक्षित शहर होगा?
यदि बात मादक पदार्थों की करें तो पिछले साल कुछ ऐसी बड़ी कार्रवाई हुई जो चौंकाने वाली थी और सबसे बड़ी हैरान करने वाली बात यह रही कि राजधानी भोपाल में आकर अन्य राज्यों की जांच एजेंसियों ने इन मादक पदार्थ की फैक्ट्रियों को पकड़ा जो भोपाल में पैर पसारे हुए थीं और बड़े स्तर पर मादक पदार्थों का निर्माण करके यह जहर हमारे युवा पीढ़ियों के बीच घोल रही थी। जिस तरह से मादक पदार्थ की फैक्ट्रियों के खुलासे हुए, जिस तरह कई मादक पदार्थ तस्करों की जानकारी सामने आई वह सा बताती है कि भोपाल मादक पदार्थों के लिए एक सुरक्षित पनाहगाह बन चुका है और जो कुछ अभी बाहर आया है इसके अलावा कितना कहां छुपा हुआ है यह भी एक ज्वलंत सवाल है!
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यदि हम भोपाल में पनपते आतंकियों की बात करें तो आंकड़े चौंकाने वाले हैं। पिछले 3 साल में भोपाल से ऐसे कई संदिग्ध आतंकवादियों को गिरफ्तार किया गया है जिनका संपर्क बांग्लादेश से लेकर सीरिया तक था जो देश को कमजोर करने के लिए विदेशी ताकतों को मदद पहुंचाने के लिए भोपाल में जमीन का प्रयोग कर रहे थे। भोपाल में बैठकर आतंकी साजिश रच रहे थे। जिस तरह से लगातार आतंकी पकड़े गए हैं वह सा बताता है। के कहीं न कहीं अंदरूनी स्तर पर भोपाल में आतंकवाद जड़ें जमा रहा है। एक समय था जब आतंकवादी संगठन सिमी के लिए भोपाल एक अनुकूल पनाहगाह थी हालांकि सिमी पर प्रतिबंध लगा है।
अब जिस तरह से अदनान खान उर्फ अबू मुहम्मद को भोपाल से पकड़ा है और खुलासा हुआ है कि दिल्ली की भीड़भाड़ वाले इलाके में बड़े आतंकी हमले की साजिश यह भोपाल में रहकर रच रहा था। वह चिंताजनक है और साथ ही खौफनाक भी। इस आतंकी अदनान ने सीरिया स्थित एक हैंडलर के माध्यम से वर्तमान आईएसआईएस खलीफा अबू हफ्ल हाशिमी अल कुरेसी से वफादारी की शपथ लेने की बात भी स्वीकार की है। एक वीडियो में वह आईएसआईएस की पोशाक पहने हुए भी नजर आ रहा है। यह मॉडल की हादी वीडियो प्रसारित कर युवाओं की भर्ती के लिए इंटरनेट मीडिया चैनल पर चलाया जा रहा था। दिल्ली में पकड़े गए आतंकी के जरिए पता चला कि वह भोपाल में अदनान के संपर्क में था और वह इस तरह की भेजे गए वीडियो को प्रसारित करने के लिए अदनान को निर्देशित करता था।
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ऐसी जानकारी भी निकलकर सामने आई है कि हिजब उत तहरीर जिसे तहरीक एक खिलाफत भी कहा जाता है एक कट्टरपंथी इस्लामिक संगठन है और इस संगठन ने गोपनीय रूप से भोपाल में अपने विस्तार की योजना बनाई।हालांकि पुलिस ने यह योजना कामयाब नहीं होने दी। मार्च 2022 में भी भोपाल के ऐशबाग इलाके में जेएमबी के आतंकियों की गिरफ्तारी हुई थी। इस घटना से भी यह सामने आया था कि भोपाल में कहीं न कहीं आतंकवादी शरण ले रहे हैं। भोपाल उनके लिए एक अनुकूल पनागह बनी हुई है। इतनी घनी आबादी में मध्य प्रदेश की राजधानी में आतंकियों का छुपना बड़े सवाल खड़े करता है।
इस मामले में हैरान करने वाली बात यह रही कि यह आतंकी एक साल से यहां रह रहे थे अपनी गतिविधियां संचालित कर रहे थे लेकिन मध्यप्रदेश फूफिया एजेंसी को कहीं से भी इनके बारे में जानकारी नहीं लगी। जब हिज़्ब तहरीर के सदस्यों की जानकारी सामने आई तो क्षेत्र से दस ऐसे संदिग्ध लोगों को गिरफ्तार किया गया था और अभी हाल ही में अदनान की जो गिरफ्तारी हुई है। उसके बाद पुलिस एक बड़ी घटना को रोकने में कामयाब तो हुई है लेकिन लगातार पकड़े गए आतंकवादियों की सभी घटनाओं को जोड़ें तो साफ नजर आ रहा है कि भोपाल में आतंकवाद और मादक पदार्थ माफिया पनप रहा है। खतरा बढ़ा है और कार्यवाही अब तक जो भी हुई है वह नाकाफी है।
