भोपाल मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश मे वर्तमान में 25,68,321 बेरोजगार हैं। इनमें से सर्वाधिक संख्या ओबीसी वर्ग के बेरोजगारों की 10 लाख 46 हजार है। यह वह आंकड़े हैं जिन पर अविश्वास नहीं कर सकते क्योंकि यह आंकड़े प्रदेश सरकार के मंत्री ने ही विधानसभा। में एक प्रश्न के दौरान दिए हैं तो यह आंकड़े शाह बताते हैं कि प्रदेश सरकार रोजगार बढ़ाने के लिए जितनी बातें कर रही है वह शायद धरातल पर नहीं उतर रहे हैं और यही कारण है। कि सरकार के पोर्टल पर ही एक बड़ी संख्या बेरोजगारों की है और जमीनी हकीकत में यह संख्या और ज्यादा हो इस बात की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
मध्यप्रदेश में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए डॉ मोहन यादव सरकार लगातार निवेश को प्रोत्साहन कर रही है जिससे निजी क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ सके। विभिन्न सरकारी विभागों में रिक्त पदों पर भर्तियां की जा रही हैं। इसके बावजूद भी मध्य प्रदेश में बेरोजगारों का आंकड़ा चौंकाने वाला है। 30 जून, 2025 की स्थिति की बात करें। तो प्रदेश में 2568321 बेरोजगार हैं जबकि इस अवधि में पिछले वर्ष यह संख्या 25,82,759 थी मतलब साफ है की रोजगार पोर्टल पर दर्ज बेरोजगार युवाओं की संख्या में 14 हजार चार सौ 38 की कमी आई है। लेकिन यह मामूली कमी उस समय नाकाफी लगता है जब सरकार निवेश के तमाम प्रयास और दावे कर रही हों।

आपको बता दें कि विधानसभा सत्र के दौरान कांग्रेस विधायक बाला बच्चन ने एक लिखित प्रश्न किया जिसमें उन्होंने बेरोजगार युवाओं की जानकारी मांगी तब। कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री गौतम टेबल ने बाला बच्चन के प्रश्न के जवाब में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 2023 24 में रोजगार पोर्टल पर दक्ष आकांक्षी युवाओं की संख्या 35, 73,694 थी। 2024-25 में यह संख्या घटकर 25 लाख 82 हजार सात सौ उनसठ रह गई हैं और वर्तमान दो हजार पच्चीस में जून तक यह संख्या पच्चीस लाख अड़सठ हज़ार तीन सौ इक्कीस है। हालाँकि बेरोजगार युवाओं की संख्या घट रही है, लेकिन जिस तरह से पिछले कुछ सालों से मध्य प्रदेश सरकार निवेश रोजगार बढ़ाने के प्रयास और दावे कर रही है उसको देखते हुए बेरोजगारों की संख्या एक बड़ा आंकड़ा है। यहाँ पर अब सरकार को यह देखना होगा कि निवेश के इतने सारे प्रयास क्या युवाओं को रोजगार दिला पा रहे हैं?
