ग्वालियर मध्य प्रदेश: स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम के दौरान एक और जहां मंच से सरकार और प्रशासन अपनी बड़ी बड़ी उपलब्धियां गिनाता है और अपने कीर्तिमान।के झंडे गाड़ते नजर आता है। उसको आईना दिखाने के लिए एक युवक अचानक मैदान में पहुंच गया। युवक ने जिस तरह से अपने शरीर पर बैनर पोस्टर लगाए हुए थे और जिस तरह के संदेश उस पर लिखे हुए थे उस से शासन और प्रशासन की जमकर किरकिरी हुई। हालांकि प्रशासनिक अधिकारी तुरंत एक्शन मोड में आए और युवक को पकड़कर मैदान से ले गए।
युवक का कहना था कि स्मार्ट सिटी होने के बावजूद ग्वालियर में जरा सी बारिश में जलभराव हो जाता है सड़क पर गड्ढे हैं। आम जन परेशान हैं और उनकी सुनने वाला कोई नहीं है। कहने को तो ग्वालियर स्मार्ट सिटी बन चुका है। लेकिन यहां के आमजन जलभराव और गड्ढे वाली सड़कों से आजादी का इंतजार कर रहे हैं। यही वेदना लेकर आज स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम के दौरान परेड ग्राउंड पर एक युवक पहुंचा। जो अपने शरीर पर शहर की समस्याओं से संबंधित बैनर पहने हुआ था। अपनी कलई खुलते देख प्रशासनिक अधिकारी तुरंत एक्शन मोड में आए और उस युवक को बाहर किया।
स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में पहुंचे युवक विजय माहौर का उद्देश्य केवल जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों को आईना दिखाना था। युवक का कहना था कि पहले भी वह जन सुनवाई में कई बार इन जनसमस्याओं को लेकर शिकायत कर चुका है। लेकिन जिम्मेदार अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं करते। लोग परेशान हैं.. प्रशासनिक अधिकारियों से मिलना मुश्किल है.. इसलिए आज स्वतंत्रता दिवस पर यहां आकर समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित किया.. ताकि ग्वालियर शहर को इन जन समस्याओं से मुक्ति मिल सके।

हालांकि प्रशासनिक दृष्टि से देखें तो युवक का तरीका गलत हो सकता है क्योंकि बीच कार्यक्रम में आकर उसने कार्यक्रम को बाधित किया लेकिन जो मुद्दे उसने उठाए हैं वह कहीं न कहीं प्रशासनिक अधिकारियों के लचर रवैये और नाकामी को भी उजागर करते हैं क्योंकि युवक का साफ कहना था कि अपने कार्यालय में अधिकारी न तो मिलते हैं और न ही सुनवाई करते हैं। यही वजह रही के उसने यह तरीका अपनाया है और सार्वजनिक जगह पर आकर जन समस्याओं को रखा है। हालांकि युवक अपने किसी निजी समस्या या मांग को लेकर बीच कार्यक्रम में हंगामा करने नहीं पहुंचा था। उसने जो भी मुद्दे उठाए हैं वह जन।जन की समस्या है। लेकिन इसके बावजूद भी अब यदि इस युवक पर कोई कार्रवाई होती है वह उसे अकेले को ही भुगतना होगी।
