भोपाल मध्य प्रदेश: एक वक्त था जब ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस के एक बड़े नेता माने जाते थे लेकिन 10 मार्च दो हजार बीस को कांग्रेस छोड़कर उन्होंने सभी को चौंका दिया। तब से लेकर आज तक यह बहस चल रही है कि ऐसी क्या वजह रही होंगी जिसके चलते ज्योतिरादित्य सिंधिया? को यह कदम उठाना पड़ा। कई बार आरोप कमलनाथ पर लगे। तो कई बार दिग्विजय सिंह पर है और यह आरोप सिंधिया समर्थकों द्वारा लगाए गए कई बार पत्रकारों के लेख में भी। इस तरह का उल्लेख नजर आया और जब। सिंधिया ने बाद में भाजपा का दामन थामा तो उसके बाद भाजपा के नेता भी दिग्विजय सिंह और कमलनाथ पर आरोप लगाने लगे।
अब सिंधिया के कांग्रेस छोड़ने के 5 साल बाद कांग्रेस में एक नई बहस शुरू हो गई है और यह बहस कांग्रेस की अंदरूनी फूट को उजागर कर रही है। इसमें कांग्रेस के मध्यप्रदेश के दो दिग्गज नेता आमने सामने आ गए हैं। एक और दिग्विजय सिंह हैं जो मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री रहे हैं। जिनकी हाई कमान तक अच्छी पकड़ मानी जाती है तो दूसरी तरफ कमलनाथ हैं जिनकी मुख्यमंत्री की कुर्सी सिंधिया के कांग्रेस छोड़ने की वजह से गई थी।कमलनाथ गांधी परिवार के बहुत करीबी माने जाते हैं। इन दोनों नेताओं में हमेशा से अच्छा समन्वय रहा है। कहा तो यह भी जाता है कि जब कमलनाथ मुख्यमंत्री थे तो पीछे से मुख्यमंत्री का काम दिग्विजय सिंह संभाल रहे थे। इसके बावजूद भी अब दोनों में जबरदस्त खींचतान नजर आ रही है।
अब सवाल यह उठता है कि ऐसा क्या हुआ कि कदम से कदम मिलाकर चलने वाले कांग्रेस?के मध्यप्रदेश के यह दो दिग्गज नेता एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगा रहे हैं और आरोप प्रत्यारोप भी कांग्रेस की बैठक में या बंद कमरे में नहीं बल्कि खुले मंच पर लगाए जा रहे हैं। और यही कारण है कि इन आरोप प्रत्यारोप। के चलते ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस छोड़ने के मामले ने तूल पकड़ लिया है क्योंकि दोनों नेता दिग्विजय सिंह और कमलनाथ अपने अपने दावे सार्वजनिक कर रहे हैं और एक-दूसरे पर आरोप भी लगा रहे हैं और आरोप इतने गंभीर हैं जो साहब बता रहे हैं की कमलनाथ और दिग्विजय सिंह के बीच में तकरार बढ़ गई है।

अभी हाल ही में दिग्विजय सिंह ने बयान दिया था जिसमें उन्होंने ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस छोड़ने का ठीक रहा कमलनाथ के मत्थे फोड़ दिया था। इस बात का दुख है कि हमें जिन पर पूरा भरोसा था, उन लोगों ने धोखा दे दिया। आइडियोलॉजिकल क्लैश नहीं था. ये क्लैश ऑफ पर्सनालिटी था। दिग्विजय ने बताया कि अगर कमल नाथ ग्वालियर-चंबल संभाग से जुड़ी मांगें मान लेते तो शायद यह नौबत नहीं आती। कमलनाथ ने ज्योतिरादित्य सिंधिया की वो मांग नहीं मानी, जिस पर डिनर के दौरान सहमति बनी थी। इसी कारण सरकार गिर गई।
दिग्विजय सिंह के इस आरोप के बाद कमलनाथ ने भी अपने ट्विटर हैंडल (अब X) पर ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस छोड़ने की वजह बताई है। उन्होंने लिखा है कि मध्यप्रदेश में 2020 में मेरे नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार गिरने को लेकर हाल ही में जो। कुछ बयानबाजी हुई है उन्होंने कहा की पुरानी बातें उखाड़ने से कोई फायदे नहीं। लेकिन यह सच है कि व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा के अलावा ज्योतिराय सिंधिया को यह लगता था। कि सरकार दिग्विजय सिंह चला रहे हैं इसी नाराजगी से उन्होंने कांग्रेस के विधायकों को तोड़ा और हमारी सरकार गिराई। कमलनाथ ने यह पोस्ट करते हुए सीधे सीधे दिग्विजय सी पर आरोप लगाया है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस छोड़ने की वजह दिग्विजय सिंह खुद हैं।
दोनों की इस बहस से एक बात तो साफ़ हो गई है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस इसलिए छोड़ी थी क्योंकि ग्वालियर चंबल अंचल के कार्य अटके हुए थे और सिंधिया ग्वालियर अंचल क्षेत्र के विकास से समझौता करना नहीं चाहते थे। ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस छोड़ने को लेकर अब कांग्रेस में ही एक नई बहस शुरू हो गई है और इस बहस में कांग्रेस के दो दिग्गज नेता दो फाड़ नजर आ रहे हैं। वैसे ही मध्यप्रदेश में कांग्रेस बहुत कमजोर स्थिति में पहुंच चुकी है अब यदि इन दिनों दिग्गज नेताओं की खींचतान इस तरह से जारी रहती है तो इसका खामियाजा कहीं ना कहीं। आगामी चुनाव में कांग्रेस को भुगतना पड़ सकता है।

