ग्वालियर मध्य प्रदेश: अपनी भविष्यवाणियों को लेकर सुर्खियों में बने रहने वाले ओरछा रामलला सरकार मंदिर के आचार्य पुरुषोत्तम दास जी महाराज अभी हाल ही में ग्वालियर आये हुए थे उन्होंने गाय को राष्ट्रमाता बनाने, मन्दिरों की जमीनों पर भू माफियाओं द्वारा कब्जा करने, साधु संतों द्वारा अनर्गल टिप्पणी करने जैसे तमाम मुद्दों पर राय दी। उन्होंने यह भविष्यवाणी भी कर दी के। दो हजार तीस तक गाय को राष्ट्रमाता घोषित कर दिया जाएगा।
आचार्य पुरुषोत्तम दास ने कई मुद्दे पर खुलकर अपनी बात रखी। आजकल जिस तरह से मंदिरों में वीआईपी कल्चर बढ़ता जा रहा है उन्होंने उसका विरोध किया। उन्होंने साफ कहा कि मंदिरों में वीआईपी कल्चर नहीं होना चाहिए मंदिरों में सभी लोग बराबर होने चाहिए। इसी के साथ जिस तरीके से मध्यप्रदेश में मंदिरों की जगह पर भू। माफिया कब्जा कर रहे हैं इस बारे में उन्होंने साफ कहा कि यदि देश के मुख्यमंत्री इस ओर ध्यान नहीं देंगे। तो इसका खामियाजा उनको भुगतना पड़ेगा। क्योंकि मंदिरों पुजारियों का विरोध सनातन का विरोध है और सनातन की शक्ति से ही वह इतने बड़ी पद पर बैठे हैं अब यदि वह सनातन का विरोध करते हैं तो निश्चित ही वह अगली बार सीएम नहीं बन पाएंगे।
ओरछा रामलला सरकार मंदिर के आचार्य पुरुषोत्तम दास जी ने कहा यदि मंदिर की जमीन छीनी जाएगी तो मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का दुर्भाग्य भी साथ में खड़ा हो जाएगा। सनातन ने ही उन्हें इतना बड़ा पद दिलाया है। यदि वह मंदिर के पुजारियों को कष्ट देते हैं सनातन के विरोध में खड़े होते हैं, तो वह अपने दुर्भाग्य को निमंत्रण देंगे और फिर कभी जीवन में सीएम नहीं बन पाएंगे। साथ ही प्रेमानन्दजी महाराज द्वारा टिप्पणी पर जब उनसे पूछा गया तो उन्होंने कहा वह एक महान संत हैं लेकिन फिर भी संतों को सही शब्दों का चयन करना चाहिए। उन्होंने सनातन धर्म का विरोध किए जाने पर भाजपा सरकार को भी आड़े हाथों लिया।
