ग्वालियर मध्य प्रदेश: जहां एक प्रदेश के ज्यादातर शहरों में लगातार झमाझम बारिश हो रही है तो कहीं रुक रुककर बारिश हो रही है लेकिन एक भी दिन बिना बारिश के नहीं जाता। वहीं ग्वालियर में मौसम विभाग की बारिश की चेतावनी के बावजूद भी ग्वालियर में पिछले कुछ दिनों से कहीं भी बारिश नहीं हुई है। शुक्रवार शुक्रव की रात को केवल 20। मिलीमीटर बारिश हुई थी। उसके बाद से मौसम विभाग के सारे दावे फेल नजर आए और सूर्य देवता अपनी पूरी चमक के साथ मानसून को अपने तेवर दिखाते नजर आये।
जिस तरह से मौसम में बदलाव हुआ है तापमान ऊपर चढ़ा है। लोग अचानक गर्मी से परेशान हो रहे हैं सभी को लग रहा है कि अब बारिश नहीं होगी। कई लोगों के मन में यह सवाल उठ रहे हैं कि क्या मॉनसून खत्म हो गया है यह क्या आने वाले समय में एक बार फिर बारिश का आनंद लेने को मिलेगा? ग्वालियर के रहवासियों के इन सब सवालों को लेकर एक बार फिर मौसम विभाग ने अपने आंकड़े जारी किये हैं। अब आगे कोई सिस्टम सक्रिय होने वाला है। वो क्या ग्वालियर शहर में ऐसा सिस्टम बनेगा जिससे अच्छी बारिश फिर से देखने को मिले इस बारे में मौसम विज्ञानियों का क्या कहना है आइए समझते हैं।

ग्वालियर में थोटीपोर डिस्पेंसरी के पास ही मौसम विज्ञान केंद्र बना हुआ है। अंचल में मौसम से संबंधित सभी अपडेट्स के लिए यहां पर वैज्ञानिक पूरे सिस्टम का अध्ययन करते हैं। अभी जो बारिश की संभावना व्यक्त की गई थी वह भी ऐक्टिव सिस्टम के आधार पर की गई थी। मौसम विभाग का अब कहना है की अभी कोई सिस्टम ऐक्टिव नहीं है लेकिन 13 से 15 के बीच थोड़ा बहुत बारिश की संभावना है। और शहर के कुछ क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। मॉनसून द्रव ग्वालियर अंचल से दूर खिसक गई है और अब उत्तर प्रदेश से गुजर रही है। एक चक्रवातीय प्रसार आंध्र प्रदेश के ऊपर बन रहा है और साथ ही राजस्थान में बना डिप्रेशन का क्षेत्र बढ़कर पाकिस्तान पहुंच गया है। यही सब कारण है कि अंचल में वर्तमान में कोई सिस्टम नहीं बन रहा है।
