Friday, April 17, 2026
38.1 C
Delhi
Friday, April 17, 2026
HomeBig Newsटूरिज्म कॉन्क्लेव में मिले 3500 करोड़ के निवेश प्रस्ताव, सीएम ने प्रमुख...

टूरिज्म कॉन्क्लेव में मिले 3500 करोड़ के निवेश प्रस्ताव, सीएम ने प्रमुख निवेशकों व हितधारकों से किया संवाद

ग्वालियर के राजमाता विजया राजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित दो दिवसीय रीजनल टूरिज्म कान्क्लेव को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहरें विश्व स्तर पर आकर्षण का केंद्र हैं

ग्वालियर मध्य प्रदेश: पर्यटन किसी भी देश की अर्थव्यवस्था की मजबूती में बड़ी अहम भूमिका निभाता है। पर्यटन से राष्ट्रीय आय तो बढ़ती ही है, साथ ही बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी सृजित होते हैं। पर्यटन और तीर्थाटन, ये हमारे देश और विशेषकर मध्यप्रदेश की समृद्धि के प्रमुख प्रवेश द्वार हैं। मध्यप्रदेश, देश का दिल है। प्रदेश की वैश्विक पहचान को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए ही पर्यटन विकास को विशेष महत्व दिया जा रहा है। राज्य सरकार समावेशी प्रयासों के जरिए समाज के सभी वर्गों को जोड़कर पर्यटन क्षेत्र के विस्तार और संवर्धन के लिए लगातार कार्य कर रही है। यह बात मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में इनवेस्टर्स को संबोधित करते हुए कही। ग्वालियर पर्यटन कॉन्क्लेव में साढ़े तीन हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। पर्यटन क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिए 6 निवेशकों को लैटर ऑफ अलॉटमेंट प्रदाय किये गये, इससे 60 करोड़ से अधिक का निवेश और बड़ी संख्या में रोजगार सृजन होगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को ग्वालियर के राजमाता विजया राजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित दो दिवसीय रीजनल टूरिज्म कान्क्लेव को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहरें विश्व स्तर पर आकर्षण का केंद्र हैं। इनके संरक्षण और प्रचार-प्रसार से प्रदेश न केवल आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनेगा, बल्कि ‘आत्मनिर्भर, विकसित और समृद्ध भारत’ के लक्ष्य को भी मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में आज राष्ट्रीय लघु उद्योग दिवस मनाया जा रहा है।

इस शुभ अवसर पर ग्वालियर में पहली बार रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव हो रहा है। ग्वालियर देश की राजधानी के करीब का क्षेत्र है। यहां राजा मानसिंह तोमर के काल में बना ऐतिहासिक किला दुनिया में पहचान रखता है। इसकी स्थापत्य कला अद्भुत है। बड़े-बड़े सत्ताधीशों को बुरे समय में इसी किले में बंदी बनाकर रखा गया। इस कठिन दौर में ग्वालियर में एक आध्यात्मिक आत्मा का प्रकटीकरण हुआ। मुरैना के मितावली के चौंसठ योगिनी मंदिर के डिजाइन के आधार पर वर्ष 1912 में दिल्ली में संसद भवन का निर्माण हुआ। यह दुनिया भर में लोकतंत्र का सबसे आकर्षक भवन है। अब नए संसद भवन को विदिशा के मंदिर के डिजाइन पर बनाकर तैयार किया गया है। इसमें बना डोम सांची स्तूप की कॉपी है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जो पहली बार चीता देखते हैं, वो आश्चर्यचकित हो जाते हैं। चीता गांवों में घूमते नजर आते हैं। प्रदेश में मनुष्य और वन्य प्राणियों के बीच सह अस्तित्व और साहचर्य भाव नजर आता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्वालियर संगीत सम्राट तानसेन और बैजू बावरा की विरासत है। राजा मानसिंह तोमर संगीत विश्वविद्यालय, ग्वालियर के भवन निर्माण के लिए 50 करोड़ की धनराशि आवंटित की गई है। जीवाजी विश्वविद्यालय में पीएम उषा योजना के तहत विकास कार्यों के लिए भी बड़ी धनराशि दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रीवा के बाद अब पर्यटन विकास के लिए ग्वालियर अंचल को भी कई सौगातें मिल रही हैं। ग्वालियर के राजा मानसिंह किले में विभिन्न विकास कार्यों के लिए इंडिगो कंपनी द्वारा अपने कॉर्पोरेट सोशल रेस्पांसिबिलिटी फंड (सीएसआर कोष) से 100 करोड़ रुपए दिए जा रहे हैं।

Gajendra Ingle
Gajendra Inglehttp://theinglespost.com
The author is founder Editor of this news portal. He has long experience of journalism. He has deep expertise on political and social issues.
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular