Friday, April 17, 2026
38.1 C
Delhi
Friday, April 17, 2026
HomeBig Newsग्वालियर बन गया नरक! 'इट इज एक्ट ऑफ गॉड"

ग्वालियर बन गया नरक! ‘इट इज एक्ट ऑफ गॉड”

आप यकीन मानिए कि इंसान दोषी हो ही नहीं सकता क्योंकि सब कुछ प्रभु इच्छा से ही तो होता है होए वही जो राम रच राखा... अब इसी वजह से तो माननीय ऊर्जा मंत्री प्रदुमन सिंह तोमर और जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट परेशान हैं क्योंकि

ग्वालियर की सड़कों पर निकलते समय सहसा कभी न कभी तो आपके मुंह से निकल ही जाता होगा “ओह माई गॉड”….. मुंह से निकला यह ओह माई गॉड याद दिलाता है परेश रावल अभिनेत्री फिल्म ओह माई गॉड की जिसमें उन्होंने एक नास्तिक कानी लाल जी मेहता का किरदार निभाया था। गुजरात के एक नाटक कांजीव कांजी से प्रेरित यह फिल्म शिक्षा पद्धति और व्यवस्था पर एक चोट थी। इस फिल्म की लम्बी बात नहीं करेंगे लेकिन बात करेंगे उसी व्यवस्था की जिससे ग्वालियर के रहवासी आज परेशान हैं। ग्वालियर में ऐसे सैकड़ों हजारों या कहीं लाखों कानीलालजी मेहता घूम रहे हैं। जिनके पास ओ माई गॉड कहने के अलावा कोई चारा नहीं।

मामला है ग्वालियर की ऊबड़ खाबड़ सत्यानाश सड़कों का जहां सड़क कम घटे ज्यादा हैं सड़क पर चलना दूभर है तमाम एक्सीडेंट हो रहे हैं लोगों की गाड़ियां खराब हो रही हैं और इन सब सड़कों के इस जर्जर हालात का दोषी कौन है यह खोज जब शहर में मीडिया ने भी की खूब खबरें चली तो कुछ समय तक ऐसा लगा कि कोई न कोई इंसान तो जिम्मेदार होगा जिसकी वजह से यह जर्जर सड़कों का दर्द जनता को भोगना पड़ रहा है। लेकिन यकीन मानिए महीनों बाद भी अभी तक यह पता नहीं चल सका है कि शहर के किस बदहाल हालत का दोषी कौन है? ऐसी कौन सी वजह के इस शहर की सारी व्यवस्थाएं चौपट हो चुकी हैं।

अभी हाल ही में कलेक्टेड कार्यालय में दिशा की बैठक थी जिसकी अध्यक्षता सांसद भारत सिंह कुशवाह ने की शहर के तमाम कार्यों पर चर्चा हुई। बैठक होती ही चर्चा के लिए है तो इस बात में कोई कौतूहल की बात नहीं कि बैठक हुई तो चर्चा हुई होगी। चर्चा के बाद जब पत्रकारों ने सांसद भारत सिंह कुशवाहा से प्रश्न किए और उन्होंने शहर की बदहाली के बारे में जानना चाहा। तो सांसद भारत सिंह कुशवाहा ने शहर की पूरी जर्जर सड़कों का ठीक रहा अति वर्षा के सर मड़ दिया अब बारिश किसने की बारिश तो भगवान ही कराएंगे। इंसान के बस की तो है नहीं तो भगवान ने ज्यादा बारिश करा दी।इसलिए सड़कों की हालत खराब हुई इसका मतलब है कि शहर के जर्जर खस्ताहाल सड़कों का दोषी भगवान है क्योंकि यह अति वर्षा के कारण हुआ है तो अति वर्षा एक्ट ऑफ गॉड है। 

आप यकीन मानिए कि इंसान दोषी हो ही नहीं सकता क्योंकि सब कुछ प्रभु इच्छा से ही तो होता है होए वही जो राम रच राखा… अब इसी वजह से तो माननीय ऊर्जा मंत्री प्रदुमन सिंह तोमर और जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट परेशान हैं क्योंकि उनके राम ने जो रच रखा था उन्होंने वही कर दिखाया। उन्होंने मुख्यमंत्री के सामने तक ग्वालियर की पीड़ा की लम्बी चौड़ी गाथा सुनाई और साहब कहा कि नरक जैसी हालत शहर की हो गई है और कलेक्टर नगर निगम आयुक्त जैसे बड़े अधिकारी तक उनकी सुनते नहीं हैं। तो फिर सवाल यह उठता है कि जब प्रभारी मंत्री की और ऊर्जा मंत्री की जिले के अधिकारी नहीं सुन रहे हैं तो अधिकारी सुनते किसकी हैं। क्या हमारे देश में ब्यूरोक्रेसी चल रही है। या डेमोक्रेसी है। यदि हमारे देश में डेमोक्रेसी है तो ऊर्जा मंत्री और प्रभारी मंत्री द्वारा अधिकारियों पर जो आरोप लगाए गए हैं वह हमारे लोकतंत्र के मुंह पर तमाचा है। कि जनता द्वारा चुने गए उन जनप्रतिनिधियों को जो सरकार में मंत्री भी हैं इतना भी अधिकार नहीं है कि वह अपने जिले के अधिकारियों से जनहित के कार्य करा सके।जिले की स्थिति को बेहतर बना सकें!!!

अब सवाल यह उठता है कि यदि बारिश की वजह से ही सड़कें जर्जर हैं तो फिर कुछ इक्का दुक्का वीआईपी रोड जिसमें उस रोड को भी ले लें जहां कलेक्टर एसपी के बंगले हैं। वह बारिश से प्रभावित क्यों नहीं हुई। और बाकी क्षेत्र में भी जो सड़कें बिल्कुल जर्जर बन चुकी हैं।क्या उनका निर्माण भी इन्हीं सड़कों के स्तर का नहीं किया जा सकता था। ऐसे तमाम सवाल हर एक आम नागरिक के मन में जब उठते हैं तो वह सड़कों से निकलते समय ही नहीं।इन सवालों के दिमाग में घूमते समय भी केवल ओह माई गॉड कहें और सारी जिम्मेदारी भगवान के ऊपर टालकर इतिश्री कर लें….

Gajendra Ingle
Gajendra Inglehttp://theinglespost.com
The author is founder Editor of this news portal. He has long experience of journalism. He has deep expertise on political and social issues.
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular