ग्वालियर मध्य प्रदेश: ग्वालियर। जिला पंजीयन विभाग अपने भ्रष्ट रवैये और लापरवाही के चलते हमेशा सुर्खियों में रहता है और तमाम गड़बड़े पाए जाने के बावजूद भी यहां दोषियों पर कोई कार्रवाई नहीं होती। ऐसा ही एक मामला फिर से सामने आया है जहां कुर्ग जमीन।की रजिस्ट्री करने के मामले के खुलासे के बावजूद भी दोषियों पर मेहरबानी।की जा रही है। मामला जिला प्रशासन को भी पता है। भोपाल में वरिष्ठ जनों को भी जानकारी है। इसके बावजूद भी दोषियों पर कार्रवाई की वजह उन्हें फिर से उसी पद पर नवाजा जा रहा है।
ग्वालियर में उप पंजीयक मानवेंद्र सिंह भदौरिया। के द्वारा की गई गड़बड़दाले के मामले में प्रशासन किस तरीके से लापरवाही कर रहा है? वह साह बताता है कि उप पंजीयन विभाग में होने वाली गड़बड़ों को सबकी तरफ से छूट मिली हुई है। यह सभी की मिलीभगत है मानवेन्द्र सिंह भदौरिया ने चिटफंड। कंपनी परिवार डेयरी एग्रो बिज़नेस प्राइवेट लिमिटेड किखेरिया मोदी की। कुर्क हुई संपत्ति की ही रजिस्ट्री कर दी थी जिसे खुद कलेक्टर रुचिका चौहान ने पकड़ा और दस महीने पहले मानवेन्द्र सिँह भदौरिया को निलंबित किया था। लेकिन अब लगता है इस मामले को सब भूल चुके हैं और मानवेन्द्र सिंह भदौरिया को दस महीने बाद फिर से ग्वालियर में ही पंजीयन कार्यालय में ही पोस्टिंग कराकर वापस लाया गया है।

इस पूरे मामले में हैरान करने वाली बात यह है।जिले के मुखिया ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान ने ही इस मामले में गड़बड़ी पकड़ी थी और कार्रवाई की थी और उस समय कहा था कि यह रजिस्ट्रियां शून्य कराई जाएंगी और साथ में कानूनी कार्यवाही भी दोषियों पर की जाएगी। जिले का कलेक्टर जिसके पास जिले में होने वाली हर अनियमितता के ऊपर कार्रवाई करने की था शक्ति होती है उसके बावजूद भी किस तरह से जिला पंजीयक विभाग के उप पंजीयन एक कलेक्टर से ज्यादा पावरफुल नजर आ रहे हैं। कलेक्टर की उस कार्रवाई को ठेंगा दिखाते हुए वापस अपने पद पर आ रहे हैं। यह सिस्टम में फैले भ्रष्टाचार को तो उजागर करता ही है साथ ही गड़बड़ झाले में किस तरह से सभी की संलिप्तता है इस बात का संदेह भी पैदा करता है।
आपको बता दें खेरिया मोदी में परिवार डेयरी एग्रो बिज़नेस प्राइवेट लिमिटेड की जमीन को 2019। में डायवर्जन राशि जमा न होने से कुर्क किया गया था जिसकी प्रविष्टि जमीन के खसरा नंबर 12 में भी अंकित है। परिवार के ग्रुप के डायरेक्टर राकेश सिंह नरवरिया एवं बसंतलाल शर्मा द्वारा अतुल कुमार तिवारी। अवतार सिंह यादव नितिन शुक्ला, गगन यादव, वीरेंद्र यादव धर्मेन्द्र सिंह नेपाल सिंह राम लखन सिंह को यह जमीन बेच दी गई थी जिसकी रजिस्ट्री मानवेन्द्र सिंह भदौरिया उप पंजीय ग्वालियर ने संपादित की थी और खसरे के कॉलम नंबर 12 में दी गई टीप को दरकिनार कर दिया था जबकि नियमानुसार खतरे की 12 नंबर टी के अनुसार रजिस्ट्री नहीं होनी चाहिए थी।
इस पूरे मामले में ग्वालियर। कलेक्टर रुचिका चौहान का कहना है कि एफआईआर के लिए तहसीलदार ने आवेदन दिया था। एफआईआर क्यों नहीं हुई इसकी जानकारी लेंगे। पंजीयन विभाग ने इस मामले में रजिस्ट्रू ने करने की कार्रवाई क्यों नहीं की इस? मामले में भी नोटिस देकर जवाब लिया जाएगा।इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे मामले में सबसे बड़ी लापरवाही यह है इतने।गंभीर गड़बड़ झाले को पकड़ में आने के बावजूद जिला प्रशासन दस महीने तक सोता रहा और दस महीने तक भी जो।कार्रवाई आदेश की गई थी उस पर अमल नहीं हुआ। देखना होगा।यह सिस्टम इसी तरह उप।पंजीयक मानवेंद्र सिंह भदौरिया और जिला पंजीयन कार्यालय के अन्य गड़बड़ झाला पर मेहरबान होता है। क्या अब कोई सख्त कार्रवाई होगी…
