ग्वालियर मध्य प्रदेश: ग्वालियर सेंट्रल जेल मैं राखी बांधने पहुंची बहनों के बीच में एक बहन की अपने भाई के प्रति प्रेम की एक अजब ही कहानी देखने को मिली। भाई सात साल से एक हत्या के मामले में पीछाराधीन कैदी के रूप में जेल में बंद है। बहन हर साल राखी बांधने आ रही है। और बहन का कहना है कि उसका भाई हत्यारा नहीं है उसके भाई ने एक राक्षस का वध किया है। ऐसा करते हुए इस बहन के चेहरे पर न कोई शिकन है, न कोई डर और जो कुछ इसके चेहरे पर दिखाई दे रहा है। इसके शब्दों में नजर आ रहा है वह है इसका अपने भाई के प्रति प्रेम।
हां मेरे भाई ने कत्ल किया है लेकिन जिस व्यक्ति को उसने मारा है वह किसी रावण से कम नहीं था। इसीलिए इसे मर्डर न कहकर वध कहा जाए। क्योंकि मरने वाला भी राक्षसी प्रवृत्ति का था। यह बात उमा कटारे ने मीडिया कर्मियों से शनिवार को सेंट्रल जेल में अपने भाई हत्या के आरोप में विचाराधीन कैदी शंकर कुशवाहा को राखी बांधने के बाद कही। जब उससे पूछा गया कि वह जेल में क्यों आई है। उसने बताया कि वह हर साल रक्षाबंधन पर अपने भाई को राखी बांधने यहां आती है लेकिन उसका भाई निर्दोष है।उसने एक दुष्ट प्रवृत्ति के व्यक्ति का कत्ल किया है। उसे उम्मीद है कि उसका भाई जल्द ही न्यायालय से रिहा होने के बाद घर लौटेगा।
ग्वालियर की सेंट्रल जेल में आज रक्षाबंधन पर बंदी भाइयों से मुलाकात और बहनों से राखी बंधवाने के लिए खास बंदोबस्त किए गए थे.. बहनों के उमड़ते सैलाब के बीच एक ऐसी बहन भी अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर बाहर निकली , जिसके चेहरे पर एक अलग ही तेज था ,सेंट्रल जेल के बाहर खड़ी बहन उमा कटारे ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि पिछले करीब 7 साल से उसका भाई शंकर बलराम कुशवाहा एक मर्डर के मामले में बंदी है।
भाई ने भिंड जिले के देहात थाना अंतर्गत मुकेश कुशवाहा नाम के राक्षस का वध कर दिया था, मुकेश ने एक लड़की के साथ गलत काम किया था और वह विरोध करने पर उल्टे उसके भाई से बदला लेने के लिए और उसे मारने के लिए आ रहा था। लेकिन भाई शंकर ने मुकेश कुशवाहा का मर्डर कर दिया। जिस व्यक्ति मुकेश कुशवाहा का मर्डर किया , वो राक्षस प्रवृत्ति का व्यक्ति था , वो करीब 6 से 7 लड़कियों का जीवन ऐसे ही बर्बाद कर चुका है। लेकिन अपने भाई पर बहन उमा कटारे को गर्व था कि उसके भाई ने जो कुछ किया सही किया और एक राक्षस मर गया, जो मासूम लड़कियों , बहनों का जीवनकाल बर्बाद करने वाला था।
सेंट्रल जेल ग्वालियर में पिछले 7 साल से विचाराधीन बंदी के रूप में बंद भाई शंकर कुशवाहा जेल के सीखचों के पीछे है ..उसका केस गवाही और ट्रायल के लिए हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ में चल रहा है। लेकिन रक्षाबंधन के दिन एक बहन का डर उसके चेहरे पर बिल्कुल दिखाई नहीं दे रहा था , बल्कि उसे गर्व है कि भाई ने एक राक्षस का मर्डर कर दिया ,जो आगे न जाने कितनी मासूम लड़कियों का जीवन बर्बाद करता।
