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पीड़िता से बोला आशिक़ मिजाज टीआई पति को छोड़ मेरे साथ रह, एमपी पुलिस थानेदार का हैरान करने वाला मामला उजागर

खंडवा मध्य प्रदेश: मध्यप्रदेश पुलिस के महिला सुरक्षा के दावे उस समय खोखले साबित हो गए जब मदद की गुहार लगाने पहुंची एक एक पीड़ित महिला थानेदार ने डोरे डालना शुरू कर दिए और महिला को अपने पति से अलग रह टीआई साहब खुद के साथ रहने के लिए दबाव डालने लगे। अपने पति से विवाद और झगड़ा होने के चलते पीड़िता थाने पहुंची थी और थाने में अपनी व्यथा। टीआई को सुनाई थी। टीआई ने व्यथा सुनते सुनते महिला का मोबाइल नंबर ले लिया और महिला को मदद करने के साथ ही महिला को अपने जाल में फंसाना शुरू कर दिया। टी आई साहब पीड़ित महिला को लगातार मैसज और कॉल करने लगे। जब पानी सर से ऊपर गुज़रा और टीआई की हरकतों की अति। हो गई तब महिला को मजबूरन पुलिस कप्तान साहब के पास जाकर उनके पुलिस विभाग के टीआई के कारनामे सुनाने पड़े। आशिकी के मद में यह टीआई साहब इतना चूर थे कि यह अपने पद की प्रतिष्ठा भी भूल गए और इन्होंने मध्य प्रदेश पुलिस की छवि भी दांव पर लगा दी।

मामला मामला जिला खंडवा के हरसूद थाना का है जहां के थाना प्रभारी अमित कोरी हैं। पीड़िता का आरोप है कि टीआई उसके मोबाइल पर बार-बार मैसेज कर उनके साथ रहने का दबाव बनाकर परेशान करने लगे। विरोध करने पर धमकाया गया। टीआई की करतूतों से परेशान होकर महिला ने बुधवार देर शाम स्वजनों के साथ खंडवा पहुंचकर पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार राय को शिकायत की। एसपी से मिलने पहुंची पीड़िता ने आवेदन के साथ ही मोबाइल में दर्ज चैटिंग और वाइस रिकॉर्डिंग से भी पुलिस अधीक्षक को अवगत करवाया गया। मामला महिला प्रताड़ना का होने से पुलिस अधीक्षक द्वारा तत्काल संज्ञान लेते हुए हरसूद टीआई कोरी को लाइन अटैच कर मामले की जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण राजेश रघुवंशी को सौंपी गई है।

महिला का आरोप है कि टीआई कोरी सोशल मीडिया पर बार-बार मैसेज करते थे। फेसबुक पर ब्लॉक किया तो इंस्टाग्राम पर मैसेज और वीडियो कॉल करने लगे। दोनों प्लेटफॉर्म पर ब्लॉक किया तो वे घर के चक्कर लगाने लगे। एक दिन तो उन्होंने मेरा हाथ पकड़कर जबरदस्ती करने का प्रयास किया। दांतों से काटने के बाद हाथ छोड़ा। मैंने भागकर अपनी लाज बचाई। पीड़िता की मां का कहना है कि बेटी की शादी के बाद पति-पत्नी के बीच विवाद होने पर दोनों थाने गए थे। तब टीआई ने मेरी बेटी का मोबाइल नंबर ले लिया था, उस पर मैसेज कर ब्लैकमेल करने लगे। टीआई ने उसे पति को छोड़ उनके साथ रहने के लिए प्रलोभन भी दिए। घटना करीब पांच से छह माह पुरानी बताई जा रही है। बाद में पति-पत्नी के बीच समझौता हो जाने पर साथ रहने लगे। इसके बाद भी टीआई लगातार परेशान कर धमकाने लगे। मोबाइल पर अकाउंट ब्लॉक करने पर एक बार घर आकर भी छेड़छाड़ की कोशिश की। एक टीआई द्वारा की गई यह हर क़द एक अति। गंभीर मामला है जो यह साफ उजागर कर रहा है कि सुरक्षा के लिए पुलिस से गुहार लगाने वाली महिला अब पुलिस अधिकारियों के बीच भी सुरक्षित नहीं है। हालांकि इस मामले की जांच एएसपी स्तर के अधिकारी कर रहे हैं और आशा की जा सकती है जो सबूत पीड़ित महिला ने एसपी साहब को दिए हैं उनको संज्ञान में लेते हुए इस मामले में सख्त कार्यवाही कर मध्य प्रदेश पुलिस की नाक बचा ली जाएगी।

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