ग्वालियर मध्य प्रदेश: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) विजयादशमी के अवसर पर नागपुर में अपने शताब्दी वर्ष समारोह का शुभारंभ करेगा। यह समारोह डॉ. के.बी. हेडगेवार द्वारा 1925 में संगठन की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में मनाया जा रहा है। इस विजयादशमी से शुरू होकर अगली विजयादशमी तक जारी रहने वाला संघ ‘शताब्दी वर्ष’ मनाएगा, जो डॉ. हेडगेवार के आवास पर 17 सहयोगियों के साथ एक छोटी सी सभा से लेकर आज 83,000 से अधिक शाखाओं वाले एक राष्ट्रव्यापी संगठन के रूप में इसकी यात्रा को चिह्नित करेगा।
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ग्वालियर प्रवास पर पहुंचे केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 साल पूरे होने पर देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि आरएसएस ऐसा संगठन है जिसने राष्ट्र हित विकास और समरसता को अपना ध्येय वाक्य बनाकर हमेशा आगे बढ़ने का प्रयास किया है। आरएसएस के देश के विकास में योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। संघ ने राष्ट्र प्रेम को सर्वोपरि रखा है और हमेशा विकास की सोच विकसित की है। यही कारण है कि भारत आज विकास के नए आयाम तय कर रहा है।

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्य को अभी सौ वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। इस सौ वर्ष की यात्रा में कई लोग सहयोगी और सहभागी रहे हैं। यह यात्रा परिश्रम पूर्ण और कुछ संकटों से अवश्य घिरी रही, परंतु सामान्य जनों का समर्थन उसका सुखद पक्ष रहा। आज जब शताब्दी वर्ष में सोचते हैं तो ऐसे कई प्रसंग और लोगों का स्मरण आता है, जिन्होंने इस यात्रा की सफलता के लिए स्वयं सब कुछ समर्पित कर दिया।
